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अधिसूचना
30 जुलाई 2012
सं0 स्था॰-03-07/2005-1470—वित्त विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या 4685, दिनांक 25.06.2003 तथा 1802, दिनांक 23.03.2006 एवं स्क्रीनिंग समिति की अनुषंसा के आलोक में गन्ना उद्योग विभाग के ईख सम्वर्ग के
| क्र॰ सं॰ | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | प्रथम सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन के लाभ की स्वीकृति की तिथि |
| 01. | श्री उमेष सिंह, ईख पदाधिकारी, रामनगर अंचल, बेतिया | 28.09.2007 |
| 02. | श्री जय प्रकाष नारायण सिंह, ईख पदाधिकारी, गोपालगंज | 28.09.2007 |
| 03 | श्री कुमार अविनाष चन्द्र, ईख पदाधिकारी, पूर्णिया | 10.10.2007 |
पदाधिकारियों के सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन योजनान्तर्गत उच्चतर वेतनमान प्राप्त होने के आधार पर वरीय पदाधिकारी को अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन/वेतन संरक्षण देय नहीं होगा।
4. भविष्य में सम्बद्ध पदाधिकारी/कर्मी के सम्वर्ग से संबंधित वित्त विभाग, बिहार, पटना अथवा सक्षम प्राधिकार द्वारा उनके वेतनमान से संबंधित यदि कोई निर्णय लिये जाते है तो यह वित्तीय उन्नयन तद्नुसार प्रभावित होते हुए रूपभेदित किया जा सकेगा।
5. वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या 1802, दिनांक 23.03.2006 में निहित प्रावधान के आलोक में वेतन का निर्धारण मौलिक नियमावली के नियम 22 (I) में निहित प्रावधान के अनुसार निर्धारण किया जायेगा।
6. उपर्युक्त पदाधिकारी के संंबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या पार्थक्य पाये जाने अथवा यदि वित्त विभाग/ सक्षम प्राधिकार के द्वारा इस वित्तीय उन्नयन के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति उठायी जायेगी या मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग द्वारा इस संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है तो संंबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन योजना के लाभ से संबंधित आदेष नियमानुसार अवक्रमित/संषोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गई राषि की वसूली/प्रतिपूर्त्ति कर ली जायेगी।