(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
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अधिसूचना
3 अगस्त 2012
सं0 निग/सारा-6 (पु0नि0नि0) मुक0-40/10-8642 (एस)—श्री सुरेश राम, तत्कालीन कनीय अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल, गया के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के लिए श्री शिवेन्द्र पासी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, केन्द्रीय पथ अंचल, पटना के संचालन में विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के उपरांत द्वितीय कारण पृच्छा प्राप्त कर का0आ0सं0 173-सह-पठित ज्ञापांक 2098 (एस), दिनांक 03.06.10 द्वारा दंडादेश निर्गत किया गया। श्री राम द्वारा उक्त दंडादेश के विरूद्ध माननीय न्यायालय में याचिका दायर की गयी जिसमें माननीय न्यायालय ने दिनांक 25.11.01 को पारित न्यायादेश में उक्त निर्गत दंड को समाप्त कर इनसे वसूली गयी राशि वापस करने का निदेश दिया गया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि श्री राम के विरूद्ध नये सिरे से विभागीय कार्यवाही चलायी जा सकती है, परन्तु इस कार्यवाही में कोई भी आदेश निर्गत करने के पूर्व श्री राम के विरूद्ध चलाये गये विभागीय कार्यवाही के संचालन में हुए त्रुटियों के लिए संचालन पदाधिकारी/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के विरूद्ध उचित कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
2. तद्आलोक में श्री शिवेन्द्र पासी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता-सह-संचालन पदाधिकारी से विभागीय पत्रांक 2862 (एस), दिनांक 14.03.12 से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री पासी ने अपने स्पष्टीकरण पत्रांक-शून्य, दिनांक 03.04.12 में अंकित किया कि संचालन पदाधिकारी की भूमिका अर्द्धन्यायिक होती है तथा उन्हें प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 21 अगःत 2012 पदाधिकारी के द्वारा प्रस्तुत किये गये बचाव पक्ष की गुणत्मक समीक्षा कर निर्णय लेना है। श्री पासी के द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान ऐसा नहीं किया गया और न ही इसका कोई उल्लेख उनके विभागीय कार्यवाही के प्रतिवेदन में किया गया। स्पष्टतः श्री पासी के द्वारा उपलब्ध कागजातों की समीक्षात्मक/गुणात्मक व्याख्या नहीं की गई जो कि संचालन पदाधिकारी के रूप में उनका दायित्व था।
3. उपर्युक्त के आलोक में श्री शिवेन्द्र पासी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, केन्द्रीय पथ अंचल, पटना सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, पथ अंचल डेहरी ओन सोन, पथ निर्माण विभाग, डेहरी ओन सोन से प्राप्त स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए उन्हें निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0) अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
————— अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 408-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in