िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 5555 भाभाभाभािििि 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 444427272727) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 22227777 अगःतअगःतअगःतअगःत 2012201220122012 समाहरणालय, पूर्णियाँ
(जिला पंचायत शाखा)
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आदेश
12 जून 2012
सं0 380/जि0पं0—वर्ष-2008-09 के अंकेक्षण प्रतिवेदन में इन्दिरा आवास योजनान्तर्गत उठाई गई आपत्ति निराकरण हेतु धमदाहा प्रखण्ड में उपलब्ध कराये गये इन्दिरा आवास की जाँच निदेशक, रा॰ नि॰ कार्य॰ से कराये जाने के बाद यह मामला उजागर हुआ कि धमदाहा प्रखण्ड के राजघाट गरैल पंचायत में श्री खुशीलाल मंडल पंचायत सचिव, द्वारा इन्दिरा आवास के प्रस्तावित लाभुको की ऐसी सूची बनाई गई, जिनमें कई नाम ऐसे लाभुक के थे, जिन्हें पूर्व में इन्दिरा आवास का लाभ मिल चुका था। फलतः श्री खुशीलाल मंडल, पंचायत सचिव के विरूद्ध प्रपत्र-'क' एवं पूरक प्रपत्र-'क' में आरोप का गठन किया गया था। दोनों ही आरोपों के तहत् विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी श्री अहमद महमूद, वरीय उपसमाहर्त्ता, पूर्णियाँ थे और उपस्थापन पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा थे। प्रपत्र-'क' में विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन पूर्व में प्राप्त हुआ था और पूरक प्रपत्र-'क' में संचालन पदाधिकारी, का जाँच प्रतिवेदन दिनांक 11.05.12 को प्राप्त हुआ। दोनों ही प्रपत्रों (प्रपत्र-'क' एवं पूरक प्रपत्र-'क') में आरोपी के विरूद्ध गठित आरोप, आरोपी का स्पष्टीकरण, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन टेबुलर फॉर्म में एक-एक कर नीचे दर्शाया जा रहा है।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 27 अगःत 2012
| आरोपों की संख्या | गठित आरोपी का विवरण | आरोपित सरकारी कर्मी का स्पष्टीकरण | संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन |
| प्रपत्र-'क' आ॰सं॰-1 | आप वर्ष 2008-2009 में राजघाट गरैल पंचायत के पंचायत सचिव के प्रभार में थे। आपके द्वारा राजघाट गरैल पंचायत में इंदिरा आवास योजनान्तर्गत दिनांक 14.10.2008 को लाभुकों की जो सूची पर्यवेक्षक को उपलब्ध करायी गई थी, उसमें एक लाभुक ऐसे थे जिसे पूर्व में दिनांक 07.07.2001 को आवास का लाभ प्राप्त था। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-19 पर आरोप लगाया गया है कि मंजू मुर्मू, पति-नेयकू मुर्मू, ग्राम-संझाघाट एवं सलोनी मुर्मू पति- नेकू मुर्मू, ग्राम-संझाघाट एक ही लाभुक है। स्पष्ट करना है कि मंजू मुर्मू एवं सलोनो मुर्मू दोनों भाई हैं। दोनों भाईयों का बी॰ पी॰ एल॰ सूची में नाम दर्ज है, मंजू मुर्मू की जगह पिता होना चाहिए। मंजू मुर्मू, पिता-नेयकू मुर्मू का बी॰ पी॰ एल॰ सची के क्रमांक-173 एवं प्रतिक्षा सूची-979 है जबकि सलोनो मुर्मू, पिता-नेकू मुर्मू का बी॰ पी॰ एल॰ सूची का क्रमांक-605 एवं प्रतिक्षा सूची क्रमांक-234 है। दोनों आपस में भाई है। दोनों दो व्यक्ति है। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-19 पर यह प्रतिवेदित है कि पहली सूची में मंजू मुर्मू, ग्राम-संझाघाट दिनांक 07.07.2001 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया तथा दूसरी बार इंदिरा आवास हेतु समर्पित सूची में सलोनो मुर्मू, पति-नेकू मुर्मू, ग्राम-संझाघाट पत्रांक-1109 दिनांक 14.10.2008 क्रम संख्या-25 का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा -सह- उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा उनके पत्रांक-140 दिनांक 12.01.2012 के द्वारा सरकारी पक्ष (साक्ष्यों के प्रति के साथ) रखा गया। उनके द्वारा संचालन के क्रम में स्पष्ट किया गया कि राजघाट गरैल पंचायत में इंदिरा आवास योजनान्तर्गत दिनांक 14.10.2008 को लाभुकों की जो सूची पर्यवेक्षक को उपलब्ध करायी गई थी, जिसमें एक लाभुक ऐसे थे जिनका नाम बदलकर दोबारा इंदिरा आवास का लाभ आरोपी द्वारा दिया गया। आरोपी श्री मंडल के विरूद्ध आरोप संख्या-01 में लगाए गये आरोप प्रमाणित पाये गये। |
| आरोप संख्या-2 | दूसरी सूची दिनांक 24.10.2008 को उपलब्ध करायी गयी उसमें तीन लाभक ऐसे थे जिसे पूर्व में दिनांक 28.08.09, 16. 05.08 एवं 24.10.08 को प्राप्त सूची के क्रमांक-116, 55 एवं 65 के द्वारा आवास का लाभ प्राप्त था। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-13 पर रीता देवी, पति- गांगो महतो, पिता- रामजी महतो, ग्राम- संझाघाट का वी॰ पी॰ एल॰ क्रमांक-05 (वर्ष 1997-02 है) जिसे 28.08.2004 को आवास का लाभ प्राप्त कराया गया था। दिनांक- 24.10.08 को उपलब्ध कराये गये सूची के क्रमांक-116 पर राधा देवी, पति-गांगो महतो, पिता-श्री महतो, ग्राम-संझाघाट का बी॰ पी॰एल॰ क्रमांक-229 एवं प्रतिक्षा सूची क्रमांक-89 है। दोनों दो व्यक्ति हैं। निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰, पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक -17 पर नूनूवती देवी, पति-रामदेव महतो पिता- | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-13 पर रीता देवी, पति-गांगो महतो, ग्राम-संझाघाट दिनांक 28.08.04 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया तथा राधा देवी, पति-गांगो महतो, ग्राम-संझाघाट पत्रांक-1236 दिनांक 24.10.08 क्रम संख्या-116 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक है, नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास दिया गया। क्रमांक-17 पर नूनवती देवी, पति-रामदेव महतो, ग्राम-संझाघाट को दिनांक 16.05.05 को पहली बार इंदिरा आवास दिया गया तथा लीला देवी, पति-रामदेव महतो, ग्राम-संझाघाट पत्रांक-1236 दिनांक 20.10.08 क्रम संख्या-85 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया |
| चुरामन महतो है जिसे 16.05.05 को आवास का लाभ दिया गया है। दिनांक 24.10.08 को उपलब्ध कराये गये सूची के क्रमांक-55 पर लीला देवी, पति-रामदेव महतो, पिता-रामधारी महतो, ग्राम-संझाघाट है, जिसका बी॰पी॰एल॰ क्रमांक-148 एवं प्रतिक्षा सूची क्रमांक-327 है। इस प्रकार दोनों दो व्यक्ति हैं। क्रमांक-216 पर श्रीमती दुलारी देवी, पति-पप्पू पासवान, पिता- अनन्दी पासवान, ग्राम- राजघाट गरैल, जिसका बी॰पी॰एल॰ क्रमांक- 296 एवं प्रतिक्षा सूची क्रमांक- 146 है जो कार्यालय के द्वारा निर्गत पत्रांक- 1234 दिनांक 24.10.08 के क्रमांक- 35 पर अंकित है। पुनः वही सूची दिनांक- 24.10.08 को निर्गत है के क्रमांक-65 पर बबीता देवी, पति-पप्पू कुमार पासवान, पिता- धनेश्वर पासवान, राजघाट गरैल का बी॰ पी॰ एल॰ क्रमांक- 897 एवं प्रतीक्षा सूची क्रमांक-305 है। इस प्रकार दोनों दो व्यक्ति हैं। | गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास दिया गया। क्रमांक-21 पर दुलारी देवी, पति-पप्पू पासवान, ग्राम-राजघाट गरैल को पत्रांक-1234 दिनांक 24.10. 08 क्रम संख्या-35 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। बबीता देवी, पति-पप्पू पासवान, ग्राम-राजघाट गरैल, पत्रांक-1234 दिनांक 24.10.08 क्रम संख्या-65 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा-सह-उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा उनके पत्रांक-140 दिनांक 12.01.12 के द्वारा सरकारी पक्ष (साक्ष्यों की प्रति के साथ) रखा गया। उनके द्वारा संचालन के क्रम में स्पष्ट किया गया कि राजघाट गरैल पंचायत में इंदिरा आवास योजनान्तर्गत दिनांक 24.10.08 को लाभुकों की जो सूची पर्यवेक्षक को उपलब्ध कराई गई थी उनमें से तीन लाभुक ऐसे थे जिसे नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ आरोपी द्वारा दिया गया। आरोपी श्री मंडल के विरूद्ध आरोप संख्या-2 में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए। | ||
| आरोप संख्या-3 | तीसरी सूची, आपके द्वारा दिनांक 20.02.09 को उपलब्ध कराई गई जिसमें छः लाभुक ऐसे थे जो दिनांक 28.08.04, 16.05.05, 15.05.05, 28.08.04 एवं 29.03.08 को आवास का लाभ प्राप्त कर चुके थे। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-14 पर श्रीमती मुशहरनी देवी, पति - बिन्देश्वरी ऋषि, पिता - पुसाय ऋषि, ग्राम- संझाघाट का बी॰ पी॰ एल॰ क्रमांक-270 जिसे दिनांक 28.08.04 को आवास का लाभ प्राप्त कराया गया। कार्यालय पत्रांक-76 दिनांक 20. 02.09 के क्रमांक- 15 पर श्रीमती झरिया देवी, पति-बिन्देश्वरी ऋषि, पिता-सैनी ऋषि, ग्राम-संझाघाट, जिसका प्रतिक्षा सूची क्रमांक- 106 है इस प्रकार दोनों दो व्यक्ति हैं। निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-15 पर श्रीमती अनिता देवी, पति- राजेश महतो, पिता- बिन्देश्वरी महतो है जिसे 16.05.05 को आवास का लाभ दिया गया है। कार्यालय पत्रांक- 18 (मु॰) दिनांक 20.02.09 के द्वारा निर्गत | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-14 पर श्रीमती मुशहरनी देवी, पति-बिन्देश्वरी ऋषि, ग्राम-संझाघाट को दिनांक 28.08.04 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। जरिया देवी, पति- बिन्देश्वरी ऋषि, ग्राम- संझाघाट, पत्रांक- 76 दिनांक 20.02.09 क्रम संख्या- 15 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। क्रमांक-15 पर अनिता देवी, पति - राजेश महतो, ग्राम-संझाघाट को दिनांक 16.05.05 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। मिनी देवी, पति - राजेश महतो, ग्राम-संझाघाट, पत्रांक-18 मु॰ दिनांक 20.02.09 क्रम संख्या- 86 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। क्रमांक- 16 पर लीला देवी, पति- बैद्यनाथ राम, ग्राम-संझाघाट को दिनांक- 16.05.05 को पहली बार |
| सूची के क्रमांक-86 पर श्रीमती मिन्नी देवी, पति-राजेश महतो, पिता- सकलदेव महतो, पुरानी गरैल का प्रतिक्षा सूची क्रमांक- 252 है। इस प्रकार दोनों दो व्यक्ति है। निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-16 पर श्रीमती सीता देवी, पति-बैद्यनाथ राम, पिता-देवनारायण राम, ग्राम-संझाघाट है। जिसका बी. पी. एल. क्रमांक- 830 (1997-02) है। जिसे 16.05.05 को आवास का लाभ प्राप्त कराया गया था। कार्यालय पत्रांक-18 (मु॰) दिनांक 20.02.09 के क्रमांक- 256 पर श्रीमती कारी देवी, पति - वैद्यनाथ राम, पिता- रामोतार राम जिसका बी. पी. एल. क्रमांक- 596 है। दोनों लाभुक दो हैं एक नहीं। निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ ं पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-18 पर श्रीमती लालपरी देवी, पति- उमेश राम, पिता- सुरेन्द्र राम, ग्राम- संझाघाट जिसका बी. पी. एल. क्रमांक- 329 एवं प्रतिक्षा सूची क्रमांक- 317 (1997-02) है। जिसे दिनांक 28.08.04 को प्रथम बार आवास का लाभ मिला था। कार्यालय पत्रांक-18 मु॰ दिनांक 20.02.09 को निर्गत सूची क्रमांक - 08 पर श्रीमती सीता देवी, पति- उमेश राय, पिता - बिसो राय का प्रतिक्षा सूची क्रमांक- 21 है ये जाति के कुर्मी हैं। इस प्रकार दोनों दो जाति के अलग-अलग लाभुक हैं। निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-20 पर श्रीमती मनिया देवी, पति- नारायण साह, पिता- टहलू साह, साकिन- पुरानी गरैल है जिसका बी. पी. एल. क्रमांक- 118 है एवं प्रतीक्षा सूची क्रमांक- 258 है जिसे कार्यालय पत्रांक- 1236 दिनांक 24.10.08 को निर्गत सूची के क्रमांक- 30 पर अंकित है, को प्रथमबार आवास का लाभ मिला। कार्यालय पत्रांक- 18 मु॰ | इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। कारी देवी, पति- बैद्यनाथ राम, ग्राम-संझाघाट, पत्रांक- 18 मु॰ दिनांक 20.02.09 क्रम संख्या- 256 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। क्रमांक- 18 पर लालपरी देवी, पति- उमेश राय, ग्राम- संझाघाट को दिनांक 28.08.04 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। सीता देवी, पति - उमेश राय, ग्राम- संझाघाट पत्रांक-18 मु॰ दिनांक 20. 02.09 क्रम संख्या- 08 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। क्रमांक- 20 पर मसो॰ मनिया देवी, पति- स्व॰ नारायण साह, सा.- पुरानी गरैल, संझाघाट को पत्रांक-1236 दिनांक 24.10.08, क्रम संख्या- 30 को पहली बार इंदिरा आवास लाभ दिया गया। मनरानी देवी, पति- नारायण साह, ग्राम-संझाघाट, पत्रांक- 18 मु॰ दिनांक 20.02.09 क्रम संख्या- 58 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक है। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। क्रमांक- 22 पर सीता देवी, पति- बहादुर महतो, ग्राम-संझाघाट को पत्रांक- 63 मु॰ दिनांक 29.03.08 क्रम संख्या- 32 को पहली बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। मना देवी, पति- बहादुर महतो, ग्राम- संझाघाट, पत्रांक- 18 मु॰ दिनांक 20. 02.09 क्रम संख्या- 202 को दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। दोनों एक ही लाभुक हैं। नाम बदलकर दो बार इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा - सह - उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा उनके पत्रांक- 140 दिनांक 12.01.12 के द्वारा सरकारी पक्ष (साक्ष्यों की प्रति के साथ) रखा गया। उनके द्वारा संचालन के क्रम में स्पष्ट किया गया कि राजघाट गरैल पंचायत में इंदिरा आवास योजनान्तर्गत दिनांक 24.10.08 को लाभुकों की जो सूची पर्यवेक्षक को उपलब्ध करायी गई थी उनमें से 06 लाभुक ऐसे थे जिसे नाम बदलकर | ||
| दिनांक 20.02.09 को निर्गत सूची क्रमांक- 58 पर श्रीमती मनरानी देवी, पति- स्व॰ नारायण साह, पिता- गांगो साह है जिसका प्रतीक्षा सूची - 165 है जो अलग-अलग गाँव के दो अलग-अलग लाभुक हैं। निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-23 पर श्रीमती सीता देवी, पति- बहादुर महतो, पिता- स्व॰ हनसु महतो, साकिन- संझाघाट है। जिसका बी.पी.एल. क्रमांक- 151 एवं प्रतिक्षा सूची - 141 है। जिसे कार्यालय पत्रांक- 63 मु॰ दिनांक 29.03.08 के द्वारा निर्गत सूची के क्रमांक - 32 पर अंकित है, को प्रथम बार आवास का लाभ प्राप्त हुआ। कार्यालय पत्रांक- 18 मु॰ दिनांक 20.02.09 के द्वारा निर्गत सूची के क्रमांक- 202 पर श्रीमती मुना देवी, पति- बहादुर महतो, पिता- स्व॰ रामटहल महतो, ग्राम- संझाघाट जिसका प्रतीक्षा सूची - 497 है। इस प्रकार दोनों अलग-अलग लाभुक है। | दोबारा इंदिरा आवास का लाभ आरोपी द्वारा दिया गया। आरोपी श्री मंडल के विरूद्ध आरोप संख्या- 03 में लगाये गये आरोप प्रमाणित पाये गये। | ||
| पूरक आरोप संख्या - 01 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰, पूर्णिया के जाँच प्रतिवन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण मधु देवी आनंदी महतो, संझाघाट को दुबारा दिनांक 24.10.08 को क॰ सं॰- 99 अंतर्गत इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक- 1538 दिनांक 13.07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक- 1 पर लिखा गया है कि क्रमांक - 1 पर मंजु देवी, पति- आनंदी महतो, संझाघाट दिनांक 16.05. 2005 को इंदिरा आवास का लाभ प्राप्त किया है एवं पुनः मजु देवी पति - आनन्दी महतो पत्रांक- 1236 दिनांक 24.10.08 क्रमांक- 99 पर दूसरी बार इंदिरा आवास का लाभ प्राप्त किया है कि मजु देवी, पति - आनंदी महतो का दिनांक 16.05.05 को आवास की सूची तैयार की गई थी लेकिन किसी कारणों से रूपये का उठाव उनके द्वारा नहीं किया गया था। पुनः पत्रांक- 1236 दिनांक 24. 10.08 के क्रमांक- 99 पर प्राप्त सूची में आवास का लाभ प्राप्त किया है। अतः इस आरोप से मुक्त करने की कृपा की जाय। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक- 1538 दिनांक 13. 07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-1 पर मंजु देवी, पति- आनंदी महतो, संझाघाट को पहली बार दिनांक 16.05.05 को इंदिरा आवास का भुगतान किया गया है। मंजू देवी, पति- आनंदी महतो को पत्रांक- 1236 दिनांक 24.10.08 क्रम संख्या- 99 के द्वारा दुबारा इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। एक ही नाम से दो बार इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। इस संबंध में आरोपी खुशीलाल मंडल के द्वारा लाभुक मंजु देवी, पति- आनंदी महतो, साकिन- संझाघाट को विभागीय कार्यवाही के सुनवाई के समय उपस्थापित कराया गया। मंजू देवी से पूछने पर उसके द्वारा बताया गया है कि उन्हें 2004-05 में इंदिरा आवास का मो॰- 25000/- रूपये का भुगतान किया गया है। इनका एडवाइस पत्रांक-1236 दिनांक 24.10.08 के द्वारा भेजा गया है। प्रधान सहायक एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा के कथनानुसार इन्हें दो बार |
| इंदिरा आवास का भुगतान नहीं किया गया है। मंजू देवी, पति- अनंदी महतो, साकिन- संझाघाट को साक्ष्य हेतु आरोपी द्वारा उपस्थित कराया गया। इनके द्वारा बताया गया है कि इन्हें इंदिरा आवास एक ही बार दिया गया है। अतः यह दोबारा भुगतान का मामला नहीं बनता है। | |||
| पूरक आरोप संख्या- 02 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण शेभा देवी, दिनेश पासवान, संझाघाट को दुबारा दिनांक 24.10.08 को क्र॰ सं॰- 49 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 28.12.05 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | क्रमांक-2 पर अपने स्तर से स्थलीय जाँच कर रहा हूँ। ये सभी लाभुक के पति घर पर नहीं हैं। पत्नी को आवास का दुबारा लाभ प्राप्त करने के संबंध में पूछने पर अनभिज्ञता जाहीर की। लेकिन पति के नहीं होने से कुछ भी बताने से इन्कार किया। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक- 1538 दिनांक 13. 07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक-2 पर शोभा देवी, पति, दिनेश पासवान, संझाघाट को पहली बार दिनांक 28.12.05 को इंदिरा आवास का मो॰ - 10000/- रू॰ भुगतान किया गया है। पुनः उसी लाभुक शोभा देवी, पति- दिनेश पासवान, संझाघाट को एडवाईस पत्रांक- 1234 दिनांक 24.10.08 क्रम संख्या- 49 के द्वारा दुबारा इंदिरा आवास का मो॰- 24000/- रू॰ भुगतान किया गया। एक ही नाम से एक ही लाभुक को दोबारा इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। आरोपी श्री मंडल के द्वारा लाभुक को जाँच में उपस्थित नहीं कराया गया । ऐसा प्रतीत होता है कि एक ही व्यक्ति को दोबारा इंदिरा आवास देने के कारण किसी को उपस्थापित नहीं किया गया। दो अलग-अलग व्यक्ति होते तो उक्त दोनों व्यक्तियों की उपस्थिति आरोपी द्वारा सुनिश्चित करायी जा सकती थी। |
| पूरक आरोप संख्या- 03 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण जानकी देवी, टुनटुन पासवान, संझाघाट को दुबारा दिनांक 20.02.09 को क्रम संख्या- 98 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 28.12.08 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | क्रमांक 3 पर लगाये गये आरोप के संबंध में कहना है कि दिनांक 28.12.2008 को जानकी देवी पति टुनटुन पासवान को आवास का लाभ मिला लेकिन कार्यालय पत्रांक-14 (मु॰) दिनांक 20.02. 2009 के क्रम संख्या- 98 पर दुबारा आवास का लाभ प्राप्त करने संबंधी सूची पर मेरा हस्ताक्षर नहीं है बल्कि श्री संतोष कुमार पाण्डेय, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी के द्वारा हस्ताक्षरित सूची है। साक्ष्य संलग्न। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक-1538 दिनांक 13. 07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक- 03 जानकी देवी पति- टुनटुन पासवान, साकिन- संझाघाट को दिनांक 28.12.08 को पहली बार इंदिरा आवास का मो॰- 24000/- रू॰ तक भुगतान किया गया है। पुनः उसी लाभुक जानकी देवी, पति- टुनटुन पासवान, साकिन- संझाघाट को एडवाईस पत्रांक- 14 (मु॰) दिनांक 20.02.09 के क्रम संख्या- 98 के द्वारा दुबारा इंदिरा आवास का मो॰- 24000/- रू॰ भुगतान किया गया। एक ही नाम से दो बार इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। अभिलेख के अवलोकन तथा प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रधान सहायक ने बताया कि उक्त सूची में आरोपी श्री मंडल का हस्ताक्षर नहीं है। |
| पूरक आरोप संख्या- 04 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णियाँ के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण तालामय देवी, कारू मुर्मू, संझाघाट को दुबारा दिनांक 29. 03.08 को क्रम संख्या- 32 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 28.08.04 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | क्रमांक 4 पर अपने स्तर से स्थलीय जाँच कर रहा हूँ। ये सभी लाभुक के पति घर पर नहीं है। पत्नी को आवास का दुबारा लाभ प्राप्त करने के संबंध में पूछने पर अनभिज्ञता जाहीर की। लेकिन पति के नहीं होने से कुछ भी बताने से इन्कार किया। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णियाँ का पत्रांक - 1538 दिनांक 13.07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक - 4 पर तालामय देवी, पति- कारू मुर्मू, साकिन- संझाघाट को दिनांक 28.08.04 को पहली बार इंदिरा आवास का मो॰- 5000/- रू॰ भुगतान किया गया है। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा प्रधान सहायक, धमदाहा के कथनानुसार लाभुकों को दुबारा इंदिरा आवास का भुगतान नहीं किया गया। आरोपी श्री मंडल के द्वारा लाभुक को उपस्थापित नहीं कराया गया। |
| पूरक आरोप संख्या- 05 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णियाँ के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण रेखा देवी, फेकन मंडल, राजघाट गरैल को दुबारा दिनांक 20.02.09 को क्रम संख्या- 108 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 24.10.08 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | क्रमांक 5 पर अपने स्तर से स्थलीय जाँच कर रहा हूँ। ये सभी लाभुक के पति घर पर नहीं है। पत्नी को आवास का दुबारा लाभ प्राप्त करने के संबंध में पूछने पर अनभिज्ञता जाहीर की। लेकिन पति के नहीं होने से कुछ भी बताने से इन्कार किया। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक - 1538 दिनांक 13.07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक - 5 पर रेखा देवी, पति- फेकन मंडल, राजघाट गरैल को दिनांक 24.10.08 के क्रम संख्या 77 को पहली बार इंदिरा आवास का मो॰ - 24000/- रू॰ भुगतान किया गया है। पुनः उसी लाभुक रेखा देवी, पति- फेकन मंडल, राजघाट गरैल को एडवाईस पत्रांक- 18 (मु॰) दिनांक 20.02.09 के क्रम संख्या- 108 के द्वारा दोबारा इंदिरा आवास का मो॰- 24000/- रू॰ भुगतान किया गया। एक ही नाम से दो बार इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। आरोपी श्री मंडल के द्वारा किसी लाभुकों को उपस्थापित नहीं कराया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि एक ही व्यक्ति को दोबारा इंदिरा आवास देने के कारण किसी को उपस्थापित नहीं कराया गया। दो अलग-अलग व्यक्ति होते तो उक्त दोनों व्यक्तियों की उपस्थिति आरोपी द्वारा सुनिश्चित करायी जा सकती थी। |
| पूरक आरोप संख्या- 06 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण तेतरी देवी, पति- सकलदेव मुनी, राजघाट गरैल को दुबारा दिनांक- 20. | क्रमांक 6 पर अपने स्तर से स्थलीय जाँच कर रहा हूँ। ये सभी लाभुक के पति घर पर नहीं है। पत्नी को आवास का दुबारा लाभ प्राप्त करने के संबंध में पूछने पर अनभिज्ञता जाहीर की। लेकिन पति के नहीं होने से कुछ भी बताने से इन्कार किया। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक - 1538 दिनांक 13.07.2011 के जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक - 6 पर तेतरी देवी, पति- सकलदेव मुनी, राजघाट गरैल को दिनांक 24.10.08 के क्रम संख्या 97 को पहली बार इंदिरा आवास का मो॰ - 24000/- रू॰ भुगतान किया गया है। पुनः उसी लाभुक तेतरी देवी, पति- सकलदेव मुनी, राजघाट गरैल को एडवाईस पत्रांक- 18 (मु॰) दिनांक |
| 02.09 को क्रम संख्या- 121 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 24.10.08 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | 20.02.09 के क्रम संख्या- 121 के द्वारा दोबारा इंदिरा आवास का मो॰- 24000/- रू॰ भुगतान किया गया। एक ही नाम से एक ही लाभुक को दोबारा इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। आरोपी श्री मंडल के द्वारा किसी लाभुकों को उपस्थापित नहीं कराया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि एक ही व्यक्ति को दोबारा इंदिरा आवास देने के कारण किसी को उपस्थापित नहीं कराया गया। दो अलग-अलग व्यक्ति होते तो उक्त दोनों व्यक्तियों की उपस्थिति आरोपी द्वारा सुनिश्चित करायी जा सकती थी। | ||
| पूरक आरोप संख्या- 07 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण तालामय देवी, पति- एतबारी मुर्मू, पुरानी गरैल को दुबारा दिनांक 20.02. 09 को क्रम संख्या- 108 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 24.10.08 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | क्रमांक 7 पर तालामय देवी, पति- एतबारी मुर्मू, पुरानी गरैल से पूछने पर बताया कि कार्यालय पत्रांक- 1234 दिनांक 24.10.08 को निर्गत सूची जो पंचायत समिति सदस्य गगन पासवान के द्वारा तैयार की गई थी उसमें आवास का लाभ प्राप्त नहीं किया गया था। पुनः दिनांक 20.02.09 के द्वारा निर्गत सूची में क्रमांक 108 जो पंचायत सचिव के द्वारा तैयार की गई थी उस सूची से आवास का लाभ प्राप्त किया गया था। इससे स्पष्ट है कि तालामय देवी, पति- एतबारी मुर्मू को आवास का एक बार ही लाभ प्राप्त हुआ है। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक - 1538 दिनांक 13.07.2011 के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक - 7 पर तालामय देवी, पति- एतबारी मुर्मू, पुरानी गरैल को पहली बार एडवाई पत्रांक- 1234 दिनांक 24.10.08 क्रम संख्या- 54 के द्वारा इंदिरा आवास का मो॰ - 24000/- रू॰ भुगतान किया गया है। आरोपी श्री मंडल के द्वारा लाभुक तालामय देवी, पति- एतबारी मुर्मू, पुरानी गरैल को विभागीय कार्यवाही के सुनवाई के समय उपस्थित किया गया। प्रधान सहायक एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा के कथनानुसार इन्हें दो बार इंदिरा आवास का भुगतान नहीं किया गया है। |
| पूरक आरोप संख्या- 08 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण मसो॰ चाँदी देवी, स्व॰ महेश राम, संझाघाट को दुबारा दिनांक 20.02.09 को क्रम संख्या- 16 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 29.03.08 को इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका था। | क्रमांक - 8 पर दिये गये लाभुकों से मुलाकात नहीं हो पाई है ये घर पर नहीं रहते हैैं। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक - 1538 दिनांक 13.07.2011 के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक - 8 पर चाँदी देवी, पति- स्व॰ महेष राम, साकिन - संझाघाट को एडवाईस पत्रांक- 63 मु॰ दिनांक 29.03.09 को क्रम संख्या 28 पहली बार इंदिरा आवास का मो॰ - 24000/- रू॰ भुगतान किया गया है। पुनः उसी लाभुक चाँदी देवी, पति- स्व॰ महेश राम, साकिन- संझाघाट को एडवाईस पत्रांक- 26 (मु॰) दिनांक 20.02.09 के क्रम संख्या- 16 के द्वारा दोबारा इंदिरा आवास का मो॰- 24000/- रू॰ भुगतान किया गया। एक ही नाम से एक ही लाभुक को दो बार इंदिरा आवास का भुगतान किया गया। आरोपी श्री मंडल के द्वारा किसी लाभुकों को उपस्थापित नहीं कराया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि |
| एक ही व्यक्ति को दोबारा इंदिरा आवास देने के कारण किसी को उपस्थापित नहीं कराया गया। दो अलग-अलग व्यक्ति होते तो उक्त दोनों व्यक्तियों की उपस्थिति आरोपी द्वारा सुनिश्चित करायी जा सकती थी। | |||
| पूरक आरोप संख्या- 09 | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपकी लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण रमेश यादव, पिता- स्व॰ कृतनारायण यादव, संझाघाट को दुबारा दिनांक 20.02.09 को क्रम संख्या- 108 अंतर्गत इंदिरा आवास की एक इकाई आवंटित हुआ जबकि उन्हें पूर्व में दिनांक 20.02.09 क्रम संख्या 21 अंतर्गत इंदिरा आवास का लाभ मिला है। | क्रमांक - 9 पर रमेश यादव, पिता- स्व॰ कृतनारायण यादव से स्थलीय जाँच के क्रम में पाया गया कि कार्यालय के द्वारा निर्गत पत्रांक- 26 दिनांक 20.02.09 की सूची में मुझे अप्राप्त है। लेकिन कार्यालय के द्वारा निर्गत पत्रांक- 76 दिनांक 20.02.09 की सूची में दिये गये क्रमांक पूर्णतः गलत है। कार्यालय के द्वारा निर्गत सूची के क्रम 21 पर लाभुक श्री रमेश यादव, पिता- स्व॰ कृतनारायण यादव है। जिसे आवास का लाभ मिला है। ये सूची मेरे द्वारा तैयार नहीं की गई है बल्कि संतोष कुमार पांडेय, प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी के द्वारा हस्ताक्षरित सूची है। इससे स्पष्ट है कि श्री रमेश यादव द्वारा एक बार ही आवास का लाभ प्राप्त किया है। इसमें मेरी कहीं से भी संलिप्तता नहीं है। इस सूची में मेरा हस्ताक्षर नहीं है। अतः मुझे पूरक प्रपत्र-क के गठन से मुक्त करने की कृपा की जाय। | निदेशक एन॰ ई॰ पी॰ डी॰ आर॰ डी॰ ए॰ पूर्णिया का पत्रांक - 1538 दिनांक 13.07.2011 के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के क्रमांक - 9 पर रमेश यादव, पिता- स्व॰ कृतनारायण यादव, साकिन- यमुनिया को एडवाईस पत्रांक- 26 मु॰ दिनांक 20.02.09 को क्रम संख्या 21 पहली बार इंदिरा आवास का मो॰ - 24000/- रू॰ भुगतान किया गया है। प्रधान सहायक एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा ने बताया कि रमेश यादव, पिता- स्व॰ कृत नारायण यादव को एडवाईस ज्ञापांक-26 (मु॰) दिनांक 20. 02.09 को मो॰ 24000/- रू॰ का प्रथम भुगतान किया गया तथा दोबारा भुगतान नहीं मिला है साथ ही उक्त सूची पर आरोपी श्री मंडल का हस्ताक्षर नहीं है। |
यद्यपि संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के अनुसार प्रपत्र-'क' के तीनों आरोप सत्यापित पाये गये परन्तु नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के तहत श्री खुशीलाल मंडल, पंचायत सचिव से द्वितीय कारणपृच्छा की मांग की गई। 01. दिनांक 24.03.2012 को आरोपी पंचायत सचिव के द्वितीय कारणपृच्छा पर संचालन पदाधिकारी, उपस्थापन पदाधिकारी एवं आरोपी पंचायत सचिव श्री मंडल की विद् अधिवक्ता की उपस्थिति में सुनवाई की गई, कुल 10 परिलक्षित मामले में से (i) मंजू मुर्मू, पति- नयकू मुर्मू एवं सलोनो मुर्मू, पति- नयकू मुर्मू, (ii) श्रीमती दुलारी देवी, पति- पप्पू पासवान तथा बबिता देवी, पति- पप्पू कुमार पासवान के मामले में आरोपी को सम्यक जाँचोपरांत दोषमुक्त किया गया।
02. चार मामले यथा (i) रीता देवी, पति- गांगो महतो, एवं राधा देवी, पति- गांगो महतो, साकिन- राजघाट गरैल, (ii) लालपरी देवी, पति- उमेश राम एवं सीता देवी, पति- उमेश राय, (iii) मसो॰ मनीया देवी, पति- स्व॰ नारायण साह एवं मनरानी देवी, पति- स्व॰नारायण साह, साकिन- संझाघाट, (iv) सीता देवी, पति- बहादुर महतो एवं मीना देवी, पति- बहादुर महतो, साकिन - संझाघाट के मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी, धमदाहा को स्थल जाँच एवं लाभुकों को बैंक खाता की जाँच कर एक सप्ताह के अंदर जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देष दिया गया। नुनुवती देवी, पति- रामदेव महतो के संदर्भ में आरोपी की ओर से कोई स्पष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया और उनके विद् अधिवक्ता द्वारा नुनुवती को उपस्थित करने हेतु 15 दिनों का मोहलत की मांग किया गया जिसे सम्यक विचारोपरांत स्वीकृत किया गया।
03. शेष तीन मामले यथा 1. श्रीमती मुसहरनी देवी, पति- बिन्देश्वरी ऋषिदेव एवं श्रीमती झरिया देवी- पति - बिन्देश्वरी ऋषिदेव से संबंधित स्पष्ट साक्ष्य आरोपी पंचायत सचिव द्वारा नहीं दिया गया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ये दोनों अलग-अलग व्यक्ति है। इस प्रकार आरोप प्रमाणित होता है कि लाभान्वित की पत्नी का नाम बदलकर उन्हें दुबारा इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। 2.
10 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 27 अगःत 2012श्रीमती अनिता देवी, पति- राजेश महतो एवं श्रीमती मिनी देवी, पति- राजेश महतो के संदर्भ में आरोपी अपने ऊपर लगाये गये आरोप का खंडन नहीं कर पाये कि इस मामले में भी लाभान्वित को दुबारा इंदिरा आवास का लाभ दिया गया। अतएव यह आरोप प्रमाणित है। 03. श्रीमती लीला देवी, पति- बैजनाथ राम एवं श्रीमती कारी देवी, पति- बैजनाथ राम के संदर्भ में भी आरोपी द्वारा कोई स्पष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही कारी देवी को उपस्थित कराया गया। इसलिए यह स्पष्ट है कि लीला देवी पति बैजनाथ राम दोनों एक ही व्यक्ति है। अतः यह आरोप भी श्री मंडल पर प्रमाणित होता है।
04. दिनांक 19.04.12 को निलंबित पंचायत सचिव श्री खुशीलाल मंडल पर गठित आरोप पर पुनः सुनवाई की गई। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में 02 में वर्णित चारों आरोप में आरोपित पंचायत सेवक को दोषमुक्त किया गया। श्री नूनवती देवी पति - रामदेव महतो एवं श्रीमती लीला देवी पति-रामदेव महतो के मामले में श्री खुशीलाल मंडल के विज्ञ अधिवक्ता द्वारा उनके अलग-अलग ऐपिक कोड नम्बर एवं बी. पी. एल. नम्बर प्रदर्शित किये गये एवं श्रीमती नूनवती देवी को उपस्थित किया गया। अतः यह आरोप भी स्थापित नहीं होता है।
05. शेष ऊपर वर्णित तीनों मामले यथा 01 श्रीमती मुसहरनी देवी पति- बिन्देश्वरी ऋषिदेव, श्रीमती झरिया देवी पति- बिन्देश्वरी ऋषिदेव 02 श्रीमती अनिता देवी पति- राजेश महतो एवं श्रीमती मिनी देवी पति राजेष महतो 03 श्रीमती लीला देवी पति- बैजनाथ राम एवं श्रीमती कारी देवी पति-बैजनाथ राम में आरोपित पंचायत सेवक श्री खुशीलाल मंडल के विरूद्ध आरोप प्रमाणित होने के अलावे सुनवाई के क्रम में यह भी पाया गया कि निदेशक, रा॰ नि॰ कार्य॰ के पत्रांक-1538 दिनांक 13.07.11 द्वारा 09 और इंदिरा आवास आवंटन के मामले में भी आरोपित पंचायत सेवक, श्री मंडल की लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता एवं स्वच्छाचारिता के कारण इंदिरा आवास का दुबारा भुगतान हुआ है। इसलिए इन मामलों में भी अधोहस्ताक्षरी के ज्ञापांक- 270 जि॰ प॰ दिनांक 19.04.12 द्वारा पूरक प्रपत्र-'क' में 09 आरोपों का गठन किया गया और श्री मंडल को साक्ष्य सहित प्रपत्र-'क' की प्रति उपलब्ध कर उनसे 15 दिनों में कारणपृच्छा की मांग की गई इसके संचालन पदाधिकारी भी श्री अहमद महमूद, वरीय उप समाहर्त्ता तथा उपस्थापन पदाधिकारी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, धमदाहा बनाये गये। श्री खुशीलाल मंडल द्वारा कारणपृच्छा दाखिल की गई। संचालन पदाधिकारी द्वारा दाखिल कारणपृच्छा पर सुनवाई की गई। श्री खुशीलाल मंडल को अपने बचाव का पूरा-पूरा मौका संचालन पदाधिकारी द्वारा दिया गया। संचालन पदाधिकारी ने आरोपित कर्मी को सुनकर और उनके द्वारा समर्पित कागजातों का गहन अवलोकन कर गठित 09 आरोपों में से 05 आरोपों में श्री खुशीलाल मंडल को दोषी पाया। ये पाँच मामले हैं - 01. श्रीमती शोभा देवी पति- दिनेश पासवान, 02. श्रीमती जानकी देवी पति- टुनटुन पासवान, 03. श्रीमती रेखा देवी पति- फेकन मंडल, 04. श्रीमती तेतरी देवी, पति- श्री सकलदेव मुर्मू, 05. मसो॰ चाँदी देवी पति- स्व॰ महेश राम में स्पष्ट रूप् से दुबारा इंदिरा आवास का भुगतान किया जाना। यह दुबारा भुगतान श्री खुशीलाल मंडल की लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता के कारण हुआ है। संचालन पदाधिकारी द्वारा इन मामले में आरोपों को स्पष्ट स्थापित किया गया है। ऊपर वर्णित तथ्यों, प्रमाणित आरोपों एवं संचिका में उपलब्ध कागजातों के अवलोकन से स्पष्ट है कि आरोपी श्रीमंडल ने भ्रष्ट आचरण अपनाकर निजी स्वार्थ सिद्धि हेतु जान-बूझकर कई लाभुकों को इंदिरा आवास का दुबारा लाभ दिलाकर सरकार की एक बड़ी राशि को क्षति पहुँचायी है जो सरकारी राशि का गबन है। उक्त आरोपों एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि श्री मंडल ने कपट, कदाचार एवं भ्रष्ट आचरण अपनाकर निजी स्वार्थ सिद्धि हेतु लाभुकों को इंदिरा आवास योजना का दुबारा लाभ पहुँचाकर सरकार की एक बड़ी राशि का गबन किया है। इन्होंने कर्त्तव्य निर्वहन में शीलनिष्ठा एवं कर्त्तव्यनिष्ठा नहीं रखी। इनका आचरण सरकारी सेवकों के लिए अशोभनीय है जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 का सर्वथा उल्लंघन है। इंदिरा आवास योजना में दुबारा लाभ पहुँचाने संबंधी प्रमाणित आरोप इतने गंभीर हैं कि इन्हें तत्काल दंड नहीं दिया जाता है तो सरकारी सेवकों के अपने कर्त्तव्य एवं दायित्वों के निर्वहन में शीलनिष्ठा, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा सुनिश्चित करने एवं लोक सेवकों में व्याप्त भ्रष्ट आचरण जैसे जघन्य कुकृत्य को रोकना संभव नहीं है। साथ ही भ्रष्टाचार एवं कदाचार पर प्रभावी नियंत्रन के लिए दोषी सरकारी सेवकों को त्वरित सजा दिये जाने पर ही एैसी कृत्यों के प्रति सरकारी सेवकों में यह भाव पैदा होगा कि कदाचार में लिप्त पाये जाने पर न्यायालय द्वारा सजा दिये जाने पर भले ही कतिपय कारणों से विलंब हो, विभागीय स्तर से उन्हें तत्काल सजा मिलेगी।
बिहार बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली के नियम 165 में स्पष्ट किया गया है कि कपट, बेईमानी और लगातार जान-बूझकर की जानेवाली उपेक्षा और नैतिक कलंक के सभी अपराधों का समुचित दंड बर्खास्तगी है।11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 27 अगःत 2012 उपर्युक्त वस्तुस्थिति एवं तथ्यों पर सम्यक विचारोपरांत श्री खुशीलाल मंडल, पंचायत सचिव, धमदाहा प्रखण्ड को कठोरतम दंड देने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा है।
अतएव, उपरोक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 संशोधित 2007 के नियम 14 में विहित प्रावधानों के तहत कई लाभुकों को इंदिरा आवास योजना का दुबारा लाभ देकर सरकार की एक बड़ी राशि का गबन करने संबंधी प्रमाणित आरोपों के कारण मैं डॉ॰ एन॰ सरवण कुमार, भा॰ प्र॰ से॰, समाहर्त्ता-सह-जिला दंडाधिकारी, पूर्णियाँ श्री खुशीलाल मंडल, पंचायत सचिव, धमदाहा प्रखण्ड को आदेश निर्गत की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ।
श्री खुशीलाल मंडल के संबंध में पूर्ण विवरणी निम्न प्रकार है :-
1. नाम ः- श्री खुशीलाल मंडल 2. पिता का नाम ः- श्री युगल मंडल 3. पदनाम ः- पंचायत सचिव 4. जन्म तिथि ः- 01.01.1968 5. नियुक्ति की तिथि ः- 16.08.1990 6. वेतनमान ः- 9300-34800 7. स्थायी पता ः- साकिन- रामपुर परिहट, डुमरिया टोला पो॰- आझोकोपा, थाना- रूपौली, जिला - पूर्णियाँ
आदेश से, डॉ॰ एन॰ सरवण कुमार, भा॰ प्र॰ से॰ समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, पूर्णियाँ।
————— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 427-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in