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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 21212121 भाभाभाभािििि 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 444474747474) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 12121212 िसत*बिसत*बिसत*बिसत*बरररर 2012201220122012 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 13 जून 2012
सं0 22/नि0सि0(पू0)-01-10/2006/628—श्री सुरेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगंज द्वारा निविदा आमंत्रण सूचना सं0-05/2005-06 के ग्रुप सं0-03 के कार्यावंटन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोपों की जांच विभागीय उड़नदस्ता दल से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री कुमार, कार्यपालक अभियन्ता से स्पष्टीकरण पुछा गया। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त अभिलेखों में हेराफेरी करने, सरकार को वित्तिय क्षति पहुचाने का आरोप प्रमाणित पाते हुए विभागीय अधिसूचना-सह-ज्ञापांक 118, दिनांक 01.02.11 द्वारा श्री कुमार को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया।
तदुपरान्त निम्नांकित आरोप गठित कर श्री कुमार, कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 161 दिनांक 11.02.11 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गईः-
(1) दिनांक 7.3.06 को प्राप्त निविदा के तुलनात्मक विवरणी के अवलोकन से स्पष्ट होता है। आपके द्वारा दिनांक 16.3.06 को हस्ताक्षरित है एवं जिसे दिनांक 20.3.06 को अधीक्षण अभियन्ता के कार्यालय में प्राप्त कराया गया है। तुलनात्मक विवरणी में मॅा0 सरोज कंस्ट्रक्सन प्रा0 लि0, मुरलीगंज के टेकनीकल बीड के साथ अग्रधन की राशि को कटिंग कर रू0 15,400 बनाया गया है। निविदा खोलने के समय संवेदक द्वारा उपलब्ध कराये गये निविदा दस्तावेज की सूची में एन0 एस0 सी0 2एए-10715 दर्ज है, जबकि उक्त एन0 एस0 सी0 17.3.06 को डाकधर से निर्गत है। जिससे स्पष्ट होता है कि आपके द्वारा उक्त एन0 एस0 सी0 वाद में प्राप्त कर जोड़ा गया है।
अतः एन0 एस0 सी0 में हेराफेरी करने का आरोप प्रमाणित होता है। (2) आपके द्वारा किये गये गलत कार्य के फलस्वरूप मॅा0 सरोज कंस्ट्रक्सन को अनुसूचित दर पर कार्य आवंटित किया गया, जिसे बाद में विभाग द्वारा रद्व कर मे0 रतिलाल यादव को अनुसूचित दर से 15 प्रतिशत कम दर पर कार्य आवंटित किया गया। अतः आपके द्वारा एक षड़यंत्र के तहत रू0 1.77 लाख के गबन की साजिश रची गई, जिसके लिए आप दोषी हैं 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 िसतम ्बर 2012 है, जिसकी राशि भी रू0 15,400 होती है। जिसमें प्रमण्डल स्तर पर एन0 एस0 सी0 में हेराफेरी करने का आरोप प्रमाणित होता है। विभागीय कार्यवाही में जांच पदाधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप सं0-1 पूर्णतः प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जांच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्व आरोपों की जांच अभियन्ता प्रमुख (मध्य) द्वारा की गई है। जिसमें स्पष्ट रूप से पाया गया है कि निविदा प्राप्त होने पर निर्धारित प्रक्रियानुसार कार्यपालक अभियन्ता के स्तर से संबंधित डाकधर को एन0 एस0 की छाया प्रति भेजते हुए इसकी जांच करने हेतु पत्र लिखा जाना चाहिए था। इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण यह गड़बड़ी निविदा निस्तार तक नहीं पकड़ी जा सकी। जिसके लिए श्री कुमार कार्यपालक अभियन्ता दोषी है।
अतः प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सुरेश कुमार, कार्यपालक अभियन्ता को निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैः-
(1) ''निन्दन'' वर्ष 2005-06 (2) चार वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (3) निलबंन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुद देय नहीं, परन्तु उक्त अवधि पेंशन के प्रयोजनार्थ गणना की जायेगी।
सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री सुरेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगंज को निलंबन से मुक्त किया जाता है तथा उन्हें उक्त उल्लिखित दण्ड संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।
————— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 474-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in