िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 20202020 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 555555555555) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार,,,, 12121212 अ,तूअ,तूअ,तूअ,तूबरबरबरबर 2012201220122012 सं0 वन/पर्या०-15/2012—573 (ई०)/प०व० i;kZoj.k ,oa ou foHkkx &&&&&& ladYi 8 vDrwcj 2012
बिहार राज्य अन्तर्गत वृक्षाच्छादन की वर्त्तमान के 9.79 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2017 तक 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य राज्य सरकार द्वारा हरियाली मिशन अन्तर्गत रखा गया है। उपरोक्त लक्ष्य की प्राप्ति हेतु राज्य सरकार के द्वारा सम्यक विचारोपरांत कृषक बन्धुओं के सहयोग से कृषि वानिकी योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है। जिसके अन्तर्गत आगामी पाँच वर्षों में 3.6 करोड़ पॉपलर एवं 2.4 करोड़ अन्य प्रजातियों, (कुल 6 करोड़) पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 2222....0 0 0 0 योजना का विवरणयोजना का विवरणयोजना का विवरणयोजना का विवरण : (क)(क)(क)(क) इस योजना के तहत तीन चरणों में राज्य के सभी जिलों को आच्छादित किया जायेगा। प्रथम चरण में वर्ष 2012-13 में पटना, आरा, बक्सर, पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, वैशाली, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज आदि 11 जिलों में योजना प्रारम्भ की जायेगी।
(ख)(ख)(ख)(ख) द्वितीय चरण में वर्ष 2013-14 में उत्तर बिहार के पूर्णियाँ, कटिहार, सहरसा, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सारण, गोपालगंज, सिवान जिलों में तथा दक्षिणी बिहार में मुंगेर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, नालन्दा, जमुई तथा भागलपुर जिलोंं में प्रारम्भ की जायेगी।
(ग)(ग)(ग)(ग) तृतीय चरण में वर्ष 2014-15 में उत्तर बिहार में खगड़िया, मधेपुरा तथा कटिहार जिले तथा दक्षिणी बिहार में अरवल, कैमूर, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय तथा बाँका जिलों में कृषि वानिकी कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। 3333....0 0 0 0 प्रजातियों का चयनप्रजातियों का चयनप्रजातियों का चयनप्रजातियों का चयन : (क)(क)(क)(क) इस योजना के तहत उत्तर बिहार के जिलों के लिए वसंत वृक्षारोपण हेतु पॉपलर, गम्हार, कदम्ब, सेमल, अर्जुन, सागवान, शीशम, जामुन, करंज आदि प्रजातियों को कृषि भूमि पर इच्छुक किसानों को वितरित किया जायेगा। इसके अलावा वर्षा वृक्षारोपण हेतु भी शीशम, गम्हार, सागवान, महोगनी, नीम, करंज, यूकेलिप्टस, आम, लीची, अमरूद, बबूल, बाँस, सुपारी आदि प्रजातियों को वितरित किया जायेगा।
(ख)(ख)(ख)(ख) दक्षिण बिहार के जिलों में वर्षा वृक्षारोपण हेतु किसानों के मध्य सिरिस, सेमल, आंवला, कटहल, महुआ, बाँस, शीशम, गम्हार, सागवान, महोगनी, नीम, करंज, यूकेलिप्टस, जामुन, आम, लीची, अमरूद आदि को वितरित किया जायेगा। दक्षिण बिहार में वसंत वृक्षारोपण नहीं किया जायेगा।(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2012 2 4444....0 0 0 0 योजना का लक्ष्ययोजना का लक्ष्ययोजना का लक्ष्ययोजना का लक्ष्य : : : : कृषि वानिकी योजना में वर्षवार निम्नवत् लक्ष्य रखा गया है।
| क्र० | वनरोपण वर्ष | पौधों की संख्या (लाख में) |
| 1 | 2012&13 | 25 |
| 2 | 2013&14 | 90 |
| 3 | 2014&15 | 127-5 |
| 4 | 2015&16 | 142-5 |
| 5 | 2016&17 | 215 |
| कुल | 600 |
5555....0 0 0 0 किसान बन्धुओं का चयनकिसान बन्धुओं का चयनकिसान बन्धुओं का चयनकिसान बन्धुओं का चयन :
(क)(क)(क)(क) इच्छुक कृषक बन्धुओं का चयन हेतु समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया जायेगा। प्राप्त आवेदनों के आधार पर जिला स्तर एवं प्रखंड स्तर पर गठित समिति के द्वारा कृषकों का चयन किया जायेगा। यह समिति निम्नवत् होंगी :- 1. जिला स्तर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में समिति कृषकों का चयन करेगी। इसके सदस्य संबंधित जिला के जिला प्रसार वन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला बागवानी पदाधिकारी होंगे।
2. प्रखंड स्तर पर समिति के अध्यक्ष संबंधित प्रखंड वन प्रसार पदाधिकारी (हरियाली मिशन) संबंधित वन क्षेत्र पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड बागवानी पदाधिकारी होंगे।
(ख)(ख)(ख)(ख) उन कृषक बन्धुओं को वरीयता दी जायेगी, जो 2 हे0 से अधिक भूमि में ब्लॉक वृक्षारोपण के इच्छुक होंगे। बड़े क्षेत्रों को वनरोपण हेतु वरीयता दी जायेगी।
(ग)(ग)(ग)(ग) एक से अधिक कृषक बन्धुओं मिलकर भी इस योजना में भाग ले सकते हैं। पूर्व में किये गये वृक्षारोपण से सटे छोटी भूमि पर भी इस योजना को लिया जा सकेगा, ताकि यह क्षेत्र पूर्व के वनरोपण से मिल सके। (घ)(घ)(घ)(घ) रैखिक वृक्षारोपण की स्थिति में अधिक वृक्षों को लगाने वाले कृषकों को वरीयता दी जायेगी।
6666....0 0 0 0 वनरोपण कार्य विवरण वनरोपण कार्य विवरण वनरोपण कार्य विवरण वनरोपण कार्य विवरण : (क)(क)(क)(क) कृषक बन्धुओं के द्वारा वनरोपण संबंधी सभी कार्य यथा गड्ढ़ा खुदाई, सुरक्षा घेरा, बाड़, पौधारोपण, कोड़नी-निकौनी, सिंचाई आदि कार्य सम्पादित किया जायेगा।
(ख)(ख)(ख)(ख) कृषकों को वनरोपण संबंधी आवश्यक तकनीकी जानकारी दी जायेगी।
7777....0 0 0 0 प्रोत्साहन राषि का विवरण प्रोत्साहन राषि का विवरण प्रोत्साहन राषि का विवरण प्रोत्साहन राषि का विवरण : (क)(क)(क)(क) कृषक बन्धुओं को 50 प्रतिशत से अधिक उत्तरजीविता होने पर ही प्रोत्साहन राषि का भुगतान किया जायेगा। (ख)(ख)(ख)(ख) कृषक बन्धुओं के द्वारा उनकी भूमि पर किये गये वृक्षारोपण के उत्तरजीविता प्रतिषत के दावे के आधार पर प्रथम वर्ष में प्रोत्साहन राषि का भुगतान किया जायेगा। प्रथम वर्ष के अंत में देय राषि रू० पंद्रह प्रति पौधा होगी।
(ग)(ग)(ग)(ग) प्रोत्साहन राषि का भुगतान शिविर लगाकर, उनके खाते के माध्यम से किया जायेगा। (घ)(घ)(घ)(घ) वसंत वृक्षारोपण के लिए अक्टूबर माह में उत्तरजीविता की गणना की जायेगी। वर्षा वृक्षारोपण के लिए अगले वर्ष के माह अप्रैल-मई में उत्तरजीविता की गणना की जायेगी।
(ङ)(ङ)(ङ)(ङ) पौधारोपण के उपरान्त दो वर्ष के पौधें होने पर रू० 10/- प्रति पौधा प्रोत्साहन राषि का भुगतान किया जायेगा।
(च)(च)(च)(च) यदि विभाग द्वारा उत्तरजीविता प्रतिषत की गणना/जाँच में कृषकों द्वारा प्रथम वर्ष मेें किये गये दावे से कम उत्तरजीवितता प्रतिषत पाया गया तो द्वितीय वर्ष के प्रोत्साहन राषि से तद्नुसार कटौती/वसूली की जायेगी। (छ)(छ)(छ)(छ) पौधारोपण के उपरान्त तीन वर्ष के पौधे होने पर रू० 10/- प्रति पौधा प्रोत्साहन राषि भुगतान किया जायेगा।
(ज)(ज)(ज)(ज) प्रथम वर्ष में 15 रूपये, द्वितीय वर्ष में 10 रूपये तथा तृतीय वर्ष में 10 रूपये प्रति जीवित पौधा की दर से प्रोत्साहन राषि देने में आने वाले खर्च की मानक गणना तालिका निम्नवत् है :-
3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2012| क्र.स. | वनरोपण वर्ष | पौधों की संख्या (लाख में) | भुगतान किये जाने वाले प्रोत्साहन राषि प्रोत्साहन राषि की राशि (लाख में) प्रोत्साहन राषि प्रोत्साहन राषि | |||||||
| 2013-14 | 2014-15 | 2015-16 | 2016-17 | 2017-18 | 2018-19 | 2019-20 | कुल | |||
| 1 | 2012-13 | 25 | 375 | 250 | 250 | 875 | ||||
| 2 | 2013-14 | 90 | 1350 | 900 | 900 | 3150 | ||||
| 3 | 2014-15 | 127-5 | 1913 | 1275 | 1275 | 4463 | ||||
| 4 | 2015-16 | 142-5 | 2138 | 1425 | 1425 | 4988 | ||||
| 5 | 2016-17 | 215 | 3225 | 2150 | 2150 | 7525 | ||||
| कुल | 600 | 375 | 1600 | 3063 | 4313 | 5925 | 3575 | 2150 | 21001 |
(झ)(झ)(झ)(झ) इस प्रकार वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक में लगने वाले पौधों पर प्रोत्साहन राषि का कुल व्यय वर्ष 2013-14 से लेकर वर्ष 2019-20 तक 210.01 करोड़ होगी।
8888....0000 कंडिका- 7.0(झ) में यथा आकलित होने वाला व्यय मुख्य शीर्ष- 2406 वानिकी तथा वन्यप्राणी, उपमुख्य शीर्ष- 01- वानिकी, लघु शीर्ष- 800 अन्य व्यय मांग संख्या 19 उप षीर्ष 0105 पथ तट फार्म विपत्र कोड-P2406018000105 विषय षीर्ष- 02 01-मजदूरी, 27 01- लघुकार्य एवं मुख्य शीर्ष- 2406 वानिकी तथा वन्यप्राणी, उपमुख्य शीर्ष- 01- वानिकी लघु शीर्ष- 789 अनुसूचित जातियों के लिए विषेष घटक योजना मांग संख्या 19 उप षीर्ष- 0103- पथ तट फार्म, विपत्र कोड-P2406017890103, विषय षीर्ष- 02 01-मजदूरी से किया जायेगा।
9999....0 0 0 0 योजना के कार्यान्वयन के लिए यथा आवष्यक निदेष पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा जारी किया जायेगा। आदेशआदेशआदेशआदेशः—आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाषित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, दीपक कुमार सिंह, सरकार के सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 555-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in