(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 8888 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1111934934934934 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 632632632632) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 29292929 नव+बनव+बनव+बनव+बरररर 2012201220122012 la0 lh0@,0fel0&103&16@2011@8186@ts0 विधि विभाग ---------
संकल्प
8 नवम्बर 2012 विषयः—व्यवहार न्यायालयों में सत्रवादों के संचालनार्थ अपर लोक अभियोजकों के पद पर 50 प्रतिशत पदों पर अभियोजन संवर्ग से एवं 50 प्रतिशत पदों पर अधिवक्ता कोटि से भरने एवं उनके कार्य पद्धति के संबंध में।
व्यवहार न्यायालयों में अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-24(4)(5)(6) के प्रावधानानुसार करने का प्रावधान है। बिहार राज्य के अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति उक्त अधिनियम की धारा-24(4)(5) के प्रावधान के आलोक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला पदाधिकारियों से अधिवक्ताओं की प्राप्त अनुशंसा सूची से की जाती है। दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-24(6) के अंतर्गत प्रावधान है कि जिन राज्यों में अभियोजन संवर्ग है वहॉ लोक अभियोजक/अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति अभियोजन संवर्ग से करना है। परन्तु बिहार संशोधन अधिनियम के आलोक में अभी पुरानी व्यवस्था यानि अधिवक्ता वर्ग से ही लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक की नियुक्ति की जा रही है। इसी परिपेक्ष्य में राज्य के अभियोजन संवर्ग के पदाधिकारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दाखिल कतिपय याचिकाएॅ विचारार्थ लंबित है।
राष्ट्रीय विधि आयोग के 197वें प्रतिवेदन के संबंध में राज्यों के व्यवहार न्यायालयों में सत्रवाद के संचालनार्थ अपर लोक अभियोजक के 50 प्रतिशत पद अभियोजन संवर्ग से तथा 50 प्रतिशत पद अधिवक्ता कोटि से भरने के मामलें में राज्य सरकार से अपेक्षित मंतव्य के क्रम में राज्य सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अधिवक्ता वर्ग से तथा 50 प्रतिशत अभियोजन संवर्ग से करने की प्रक्रिया को सिद्धांततः स्वीकार कर लिया गया हैे। राज्य सरकार के इस सिद्धांततः सहमति के आलोक में व्यवहार न्यायालयों में अपर लोक अभियोजकों की नियुक्ति के बिन्दु पर अधिवक्ता कोटि एवं अभियोजन संवर्ग से पदों के 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 29 नव+बर 2012 अभियोजन संवर्ग एवं अधिवक्ता कोटि के अपर लोक अभियोजकों के बीच वादों का आवंटन एवं उसका अनुश्रवण, अभियोजन संवर्ग के अपर लोक अभियोजकों के प्रशासनिक नियंत्रण आदि पर विचारोपरांत समिति द्वारा की गई निम्नलिखित अनुशंसाओं के आधार पर अग्रतर कार्रवाई करने का सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है :-
1. वर्त्तमान में सत्र न्यायालयों की संख्या को ध्यान में रखा जाय तो 1200 अपर लोक अभियोजकों की अनुमान्यता होगी तथा इसमें से 50 प्रतिशत पद अभियोजन संवर्ग तथा 50 प्रतिशत पद अधिवक्ता कोटि से भरने की आवश्यकता होगी। इसके अलावे मजिस्ट्रियल कोर्ट में विचारण के लिए 500 पदों की आवश्यकता होगी। इस संबंध में तथ्य आया कि मजिस्ट्रियल कोर्ट की संख्या लगभग 800 है।
2. अभियोजन संवर्ग से आनेवाले पदाधिकारी मजिस्टे्रट द्वारा सम्मन/वारंट के विचारण में भाग लेते है, जो सत्र न्यायालय के विचारण की प्रक्रिया से भिन्न है तथा सत्र न्यायालयों में काफी गंभीर एवं संवेदनशील मामलों का विचारण होता है। अतः लोक अभियोजक प्रत्येक सत्र न्यायालय के लिए तीन-तीन अपर लोक अभियोजक को नामित करेंगे।
3. सभी अपर लोक अभियोजक चाहे उनकी नियुक्ति अधिवक्ता कोटि से की गई हो तो या अभियोजन संवर्ग से, वे लोक अभियोजक के अधीन कार्य करेंगे।
4. अनुमण्डल/जिला अभियोजन पदाधिकारी/अपर लोक अभियोजक सत्र न्यायालयों में कार्य करेंगे तथा प्रमण्डलीय अभियोजन पदाधिकारी जिला अभियोजन पदाधिकारी के रूप में प्रशासनिक कार्य करेंगे। 5. अपर लोक अभियोजक (अधिवक्ता कोटि), अपर लोक अभियोजक (अभियोजन संवर्ग) तथा अपर —
संचालन करने की जिम्मेदारी लोक अभियोजक की होगी।
6. अभियोजन सेवा से आनेवाले अपर लोक अभियोजक दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-25 के अन्र्तगत गृह विभाग के अधीन रहेंगे तथा अधिवक्ता कोटि से आने वाले अपर लोक अभियोजक पी0पी0 मैनुअल के तहत विधि विभाग के नियंत्रण में रहेंगे।
7. अभियोजन संवर्ग से आने वाले अपर लोक अभियोजक एवं अधिवक्ता कोटि से आनेवाले अपर लोक अभियोजक को न्यायालय का कार्य लोक अभियोजक इस तरह आवंटित करेंगे कि अभी शुरू में सभी न्यायालयों में कम से कम एक अपर लोक अभियोजक अधिवक्ता कोटि से अवश्य हो। आदेशः—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा,
सरकार के सचिव।
————— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 632-571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in