(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 29292929 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 673673673673) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 20202020 +दस-ब+दस-ब+दस-ब+दस-बरररर 2012201220122012 सं0 6/खा0म0 पटना (नीति)-04/2012-1169(6)/रा0 jktLo ,oa Hkwfe lq/kkj foHkkx ------- संकल्प 6 दिसम्बर 2012 fo"k; %&fcgkj [k+kl egky uhfr] 2011 esa la'kks/kuA मंत्रिपरिषद् की बैठक दिनांक 27.11.2012 के मद संख्या 06 में दी गई स्वीकृति के आलोक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6/खा0म0नीति-02/2008-441(6)/रा0, दिनांक 07.04.2011 द्वारा परिचारित बिहार ख़ास महाल नीति, 2011 में निम्नलिखित कंडिकाएँ अन्तःस्थापित की जाती हैंः- (I) बिहार ख़ास महाल नीति, 2011 की कंडिका-14 (i) के बाद एवं कंडिका-14 (ii) के पूर्व निम्नलिखित एक नई कंडिका-14 (i क) अन्तःस्थापित की जाती है- ''14 ¼i d½-प्रमंडलीय आयुक्त अपने न्यायालय में दायर वाद में सी0पी0सी0 की सुसंगत धाराओं के तहत् सूचना निर्गत करेंगे, सूचना का तामीला सुनिश्चित करेंगे, उभय पक्षों को अभिलेखों के अवलोकन की अनुमति प्रदान करेंगे, प्रतिवादी से उत्तर एवं अन्य काग़ज़ात प्राप्त करेंगे, सुनवाई, स्थलीय जाँच, साक्ष्यों का परीक्षण एवं वाद का निष्पादन करेंगे।'' (II) बिहार ख़ास महाल नीति, 2011 की कंडिका-23 के बाद निम्नलिखित एक नई कंडिका-24 अन्तः स्थापित की जाती है- ''24-लीज़धारी द्वारा लीज़ भूमि पर निर्मित किये जाने वाले भवन का नक़्शा सर्वप्रथम क़ानून के तहत् प्राधिकृत विधिक प्राधिकार से अनुमोदित कराया जाएगा। तत्पश्चात् उक्त नक़्शा पर स्वीकृति के रूप में समाहर्त्ता का हस्ताक्षर प्राप्त करने के उपरांत लीज़धारी द्वारा लीज़ भूमि पर भवन का निर्माण कराया जाएगा।'' (III) प्रस्तावित नई कंडिका-24 के बाद निम्नलिखित एक नई कंडिका-25 अन्तः स्थापित की जाती है- ''25-न्यूनतम चार (04) दशकों से कार्यरत किसी ख्याति-प्राप्त सामाजिक/सांस्कृतिक/शैक्षणिक/धार्मिक संस्था जिसका उद्देश्य लाभ कमाना न हो को 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 20 +दस-बर 2012 (ग) प्रतीक रूप में अन्तरण राशि तथा प्रतीक रूप में वार्षिक लगान के भुगतान पर लीज़ भूमि के अन्तरण की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है, बशर्ते लीज़धारी द्वारा सरकार को यथा-निर्धारित प्रतीक रूप से देय अन्तरण राशि एवं उसके समतुल्य राशि की अधिसीमा मेें अतिरिक्त राशि अन्तरिती से प्राप्त कर भूमि का अन्तरण किया जाय।
उपर्युक्त सभी प्रावधान 5 (पाँच) एकड़ से अनधिक रक़बा पर ही लागू होंगे।
इस कंडिका से सम्बन्धित प्रस्ताव समाहर्त्ता द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से सरकार को भेजा जायेगा एवं इसकी स्वीकृति मंत्रिपरिषद् द्वारा प्रदान की जायेगी''। (IV) प्रस्तावित नई कंडिका-25 के बाद निम्नलिखित एक नई कंडिका-26 अन्तः स्थापित की जाती है- ''26-बिहार ख़ास महाल नीति, 2011 (समय-समय पर निर्गत संशोधनों सहित) के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के प्रयोजन से सरकार कठिनाईयाँ दूर कर सकेगी। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सी0 अशोकवर्धन, सरकार के प्रधान सचिव।
————— अधी.क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु+ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 673-571+1500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in