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अधिसूचना
20 सितम्बर 2012
सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-02/2010/1026—श्री ज्योति प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, बिहार शरीफ सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल-2, गोपालगंज के विरूद्व जल पथ प्रमण्डल, बिहार शरीफ में कार्यरत अवधि में निम्नलिखित प्रथम द्रष्टया आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1054 दिनांक 18.8.11 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किया गयाः- vkjksi&1- प्रथम चरण के कुल 21 जमींदारी बांधों में से शेष 7 बचे जमींदारी बांधों में से कुल दो अद्द जमींदारी बांधों के पूर्ण होने की तिथि 16.12.09 थी। उक्त दो अद्द जमींदारी बांधों के निर्माण में संवेदकों द्वारा कोताही बरतने पर भी उनके द्वारा मात्र उच्चाधिकारियों से पत्राचार की महत कागजी खानापूर्ति किया गया जबकि उनको एकरारनामा के शत्र्तो के आलोक में दण्डात्मक कार्रवाई करना चाहिये था।
उनके द्वारा अपने स्पष्टीकरण मेें स्वयं स्वीकार किया गया है कि प्रथम चरण के कुंभरी नदी एवं जिराईन नदी के दोनों जमींदारी बांधों के मिट्टी कार्य का क्रमशः 93 प्रतिशत एवं 90 प्रतिशत कार्य कराया गया परन्तु कुंभरी नदी के जमींदारी बांधों से संबंधित 40 अद्द संरचना में से मात्र 6 अद्द संरचना का ही कार्य कराया गया था जो उनकी कार्यो के प्रति अभिरूची में कमी एवं उदासीनता को दर्शाता है तथा लगाया गया उपर्युक्त आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित होता 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2013 विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री ज्योति प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता को कार्यो के प्रति अभिरूचि में कमी और उदासीनता के आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया किन्तु संवेदक के विरूद्व जमींदारी बांधों के निर्माण में कोताही बरतने एवं निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने पर भी एकरारनामा के शत्र्तो के आलोक में दण्डात्मक कार्रवाई नहीं किये जाने का आरोप अांशिक रूप से प्रमाणित गया।
उक्त अांशिक रूप से प्रमाणित आरोप के लिए श्री सिंह को निम्नदण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गयाः-
(1) निन्दन वर्ष 2009-10
(2) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री ज्योति प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियन्ता को निम्न दण्ड दिया जाता है। (1) निन्दन वर्ष 2009-10
(2) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
अतएव एतद् द्वारा श्री ज्योति प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, बिहार शरीफ सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल-2, गोपालगंज को उक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
श्याम कुमार सिंह,
सरकार के विशेष सचिव।
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अधी)क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 11-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in