(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 12121212 पौषपौषपौषपौष 1111934934934934 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 13131313) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 2 2 2 2 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2013201320132013 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 25 सितम्बर 2012 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2013 (2) श्री रजक के विरूद्व संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा एवं सरकार द्वारा लिये जाने वाले निर्णय से यह आदेश प्रभावित होगा। उक्त निर्णय के आलोक में जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की नये सिरे से समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1505 दिनांक 7.12.11 द्वारा जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए आरोप सं0-1 ''नहर संचालन में नियुक्त मजदूरों का भुगतान स्वीकृत प्राक्कलन के विरूद्व सादे कागज पर प्रमाणक के तौर पर पारित कर दिया गया जो नियमानुकूल मास्टर रौल पर किया जाना चाहिये था'' के लिए श्री रजक से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री रजक से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। श्री रजक द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में कहा गया है कि भुगतान स्वीकृत प्राक्कलन एवं श्रमबल के अनुसार खरीफ अवधि एवं आपातकालीन स्थिति के ध्यान में रखने के पश्चात ही किया गया हैं। भुगतान में किसी तरह के गबन अनियमितता या दुर्विनियोग का न तो कोई आरोप है और न ही इस तरह की कोई मंशा थी। प्रिंटेड फार्म 58 के अनुपलब्धता के कारण सादा कागज पर तैयार प्रपत्र-58 के द्वारा भुगतान किया गया जो व्यवहारिक एवं प्रचलित प्रक्रिया के अन्तर्गत है। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि विषयांकित कार्य आपातकालीन स्थिति में कराया गया कार्य नहीं है बल्कि सामान्य परिस्थिति में कराया गया कार्य है जिसे फार्म 58 के बदले नियमित मास्टर रौल पर नियोजित मजदूरो द्वारा ही कराया जाना चाहिए था। इस प्रक्रियात्मक त्रुटि के लिए श्री रजक को उतरदायी माना गया। श्री रजक के विरूद्व वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया परन्तु प्रक्रियात्मक त्रुटि का उतरदायी मानते हुए निन्दन वर्ष 2004-05 का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया, चूॅकि विषयांकित कार्य 2004-05 में कराया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में श्री रजक को निम्न दण्ड दिया जाता हैः- (1) निन्दन वर्ष 2004-05 अतः श्री मुन्नी लाल रजक, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सारण नहर प्रमण्डल, गोपालगंज सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-3, अनिसाबाद, पटना को उक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप -सचिव।
————— अधी)क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 13-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in