(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 12121212 पौषपौषपौषपौष 1111934934934934 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 31313131) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 2 2 2 2 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2013201320132013 जल संसाधन विभाग ------- vf/klwpuk 6 दिसम्बर 2012
सं0 22/नि0सिं0(सिवान0)-11-21/2011/1351—श्री शीतल चन्द्र झा, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अंचल गोपालगंज के विरूद्व निम्नलिखित प्रथम द्रष्टया आरोपों के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1467 दिनांक 28.11.11 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2013 vkjksi la0&2 अभियंता प्रमुख (उतर) के पत्रांक-1865 दि0 09.07.11 में स्पष्ट रूप से संवेदक के विरूद्व कार्यमद के अनुरूप एवं स-समय कार्य पूर्ण न करने के लिए दंडात्मक कार्रवाई किये जाने का निदेश दिये जाने के बावजूद आपके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि द्वितीय विपत्र का भुगतान हुआ। अतः आपके द्वारा अपने दायित्वों एवं कर्त्तव्यों का सही तरह से निर्वहन न करने एवं मुख्यालय स्तर से दिये गये निदेशों का अनुपालन नहीं कराये जाने के कारण अनियमित भुगतान हुआ जिसके लिए आप प्रथम द्रष्टया दोषी पाये गये है। उक्त विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के पूर्व श्री झा दिनांक 30.11.11 को सेवानिवृत्त हो गये। फलतः उक्त विभागीय कार्यवाही को विभागीय आदेश सं0-41 दिनांक 11.4.12 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत सम्परिवर्तित किया गया। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी (विभागीय जॅाच आयुक्त) से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। आरोप सं0-1 के संदर्भ में श्री झा द्वारा स्पष्ट किया है कि Water level के उपर कार्य Earth Moving Machine यथा J. C. B. (Excavator) से कराया गया एवं खुदाई से प्राप्त मिट्टी की ढुलाई (Beyomd 1K. m.) ट्रेलर युक्त ट्रेक्टर से करायी गयी Water level के उपर Earth Moving Machine से तथा Under Water Dredger सेे खुदाई करने दोनों के लिये एक ही दर था। स्वीकृत दर के आधार पर कार्यपालक अभियन्ता द्वारा प्रथम चालू विपत्र का भुगतान किया गया। संवेदक द्वारा Dredging कार्य नहीं किये जाने के कारण द्वितीय चालू विपत्र के भुगतान के संदर्भ में कार्यपालक अभियन्ता का पत्रांक 1854 दिनांक 12.9.11 प्राप्त होते ही तत्काल इनके द्वारा पत्रांक 1683 दिनांक 13.9.11 से कार्यपालक अभियन्ता को विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्ड का अक्षरशः अनुपालन करने हेतु निदेशित किया गया किन्तु कार्यपालक अभियन्ता द्वारा निदेश का अनुपालन सुनिश्चित किये वगैर भुगतान कर दिया गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा श्री झा के बचाव बयान को स्वीकार करने योग्य मानते हुए मंतव्य दिया गया कि यदि किसी भुगतान में कोई त्रुटि है तो आरोपी इसके लिए कतई जिम्मेवार नहीं है। अतः जॅाच पदाधिकारी द्वारा श्री झा के विरूद्व आरोप सं0-1 प्रमाणित नहीं पाया गया। विभागीय समीक्षोपरान्त भी आरोप ससं0-1 आरोपी अभियन्ता के विरूद्व प्रमाणित नहीं पाया गया। आरोप सं0-2 के संदर्भ में श्री झा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अभियन्ता प्रमुख (उत्त) का पत्रांक 1865 दिनांक 9.7.11 इन्हें सर्व प्रथम दिनांक 30.7.11 को प्राप्त हुआ। उक्त पत्र उन्हें सीधे उनके सेवानिवृति की तिथि तक प्राप्त नहीं हुआ। पत्र प्राप्ति के प्श्चात इनके द्वारा अंचलीय कार्यालय पत्रांक 1448 दिनांक 2.8.11 एवं पत्रांक 1497 दिनांक 9.8.11 द्वारा संवेदक से स्पष्टीकरण पूछा गया कि कार्य में उदासीनता बरतने के कारण क्यों नहीं उनके विरूद्व S. B. D की विभिन्न कंडिकाओं के अनुसार आर्थिक दण्ड सहित अन्य कार्रवाई की जाय। इस संदर्भ में कार्यपालक अभियन्ता के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं किये जाने के फलस्वरूप इनके द्वारा संवेदक के विरूद्व Compensation For delay of Work के लिए एकरारनामा सं0-3 S. B. D/11-12 एवं 4 S. B. D/11-12 के अन्तर्गत क्रमशः रू0 36.01 लाख एवं रू0 49.51 लाख का आर्थिक दण्ड संसूचित किया गया। साथ ही पतहरा छरकी पर बाढ़ संधार्षात्मक कार्य में व्यय की गयी राशि की वसूली संवेदक से किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर विभाग को अनुमोदन हेतु भेजा गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा विश्लेषण के क्रम में आरोपी श्री झा के उपर्युक्त बचाव बयान को स्वीकार करने योग्य माना गया एवं निष्कर्ष के रूप में आरोप प्रमाणित नहीं माना गया। विभागीय समीक्षोपरान्त भी आरोप सं0-2 आरोपी के विरूद्व प्रमाणित नहीं पाया गया। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आरोपित अभियन्ता श्री शीतल चन्द्र झा, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने के फलस्वरूप इन्हें आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया। अतः श्री शीतल चन्द्र झा, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त को दोषमुक्त किया जाता है।
अतएव एतद् द्वारा उक्त आदेश श्री झा को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।
————— अधी)क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 31-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in