(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 12121212 पौषपौषपौषपौष 1111934934934934 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 39393939) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 2 2 2 2 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2013201320132013 जल संसाधन विभाग
-------
vf/klwpuk
24 दिसम्बर 2012
सं0 22/नि0सिं0(डि0)-14-07/2006/1420—श्री महेन्द्र राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर अवर प्रमण्डल, डिहरी द्वारा बरती गई अनियमितताओं यथा- सोन बराज से निसृत पश्चिमी मुख्य नहर के 32.60 कि0 मी0 पर एवं पश्चिमी मुख्य नहर से निसृत गारा चौबे शाखा नहर के 1.60 कि0 मी0, 4.0 कि0 मी0 तथा 11.20 कि0 मी0 पर दिनांक 24.05.2006 को उक्त चार बिन्दुओं के टूटान की जॉच तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा अंचल, पटना से कराई गई। स्थलीय जॉच में जॉच पदाधिकारी द्वारा नहरों में टूटान का मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा जल स्राव नीचे की ओर प्रवाहित होकर जाना तथा उक्त नहर प्रणाली के गेटों की संचालन व्यवस्था में गड़बड़ी होना पाया गया। उक्त जॉच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त प्राप्त निष्कर्ष के आलोक में प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनसे विभागीय पत्रांक 414 दिनांक 26.04.2007 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली '2005 के नियम- 17 के तहत् स्पष्टीकरण पूछा गया ।
श्री राम, सहायक अभियन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत श्री राम के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपीेल) नियमावली 2005 के नियम- 19 के तहत् विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 559 दिनांक 24.6.2009 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2013 वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने, जयनगर फाल स्थल पर दिनांक 23.5.2006 एवं 24.5.06 को मिल रहे पानी के अनुपात में ससमय चौसा शाखा नहर एवं बक्सर शाखा नहर के गेट खोलकर समानुपातिक पानी नहीं देने, पश्चिमी मुख्य नहर के 20.00 कि0मी0 के 30.00 कि0 मी0 के बीच बरॅाव माईनर को 23.5.06 एवं 24.5.06 को बन्द रखने, जयनगर में सामायिक जल वितरण में चूक के कारण गारा चौबे केनाल एवं अन्य स्थलों पर टूट एवं टूट की संरचना ससमय उपलब्ध नहीं कराने के लिए अांशिक रूप से दोषी पाते हुए निम्न दण्ड देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैः- 1. '' निन्दन'' वर्ष 2006-07
2. असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्वि पर रोक।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री महेन्द्र राम को निन्दन वर्ष 2006-07 एवं असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक का दण्ड दिया जाता है।
उक्त दण्ड श्री महेन्द्र राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर अवर प्रमण्डल, डिहरी को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मोहन पासवान,
सरकार के अवर सचिव।
————— अधी)क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु/ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 39-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in