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vf/klwpuk 1 fnlEcj 2012 सं॰ 1604—सीतामढ़ी जिलान्तर्गत नानपुर अंचल के ग्राम-सिरसी स्थित श्री राम जानकी कपाली मंदिर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 336 है। यह एक पुराना मंदिर है जिसका पर्षद में दिनांक 20 मार्च 1958 को ही निबंधन हुआ था। पर्षदीय पत्रांक 2592, दिनांक 16 दिसम्बर 1998 द्वारा अधिनियम की धारा-33 के तहत श्री अवधेष दास को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था। इस बीच इनके विरूद्ध आय के दुरूपयोग संबंधी आरोप पत्र पर्षद को प्राप्त हुए और पर्षदीय पत्रांक 803, दिनांक 15 जुलाई 2009 तथा पत्रांक 2018 दिनांक 11 जनवरी 2010 के तहत इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। अधिनियम में संषोधन के बाद अस्थायी न्यासधारी का कार्यकाल अधिकतम एक वर्ष का है और वह अवधि समाप्त हो गयी थी। मा0 पटना उच्च न्यायालय द्वारा याचिका सं0 10017/2004 में दिनांक 29 जून 2011 को पारित आदेष में भी संषोधित अधिनियम की धारा-33 को समान रूप से एवं असरदार ढंग से लागू करने का निर्देष दिया गया है। अतः पर्षदीय आदेष ज्ञापांक 1643 दिनांक 10 दिसम्बर 2011 द्वारा श्री अवधेष दास को न्यासधारी के पद से अपसारित कर दिया गया। साथ ही श्री अवधेष दास के अपसारण के बाद न्यास में रिक्ती हो गयी, अतः श्री जीवन दास को न्यासधारी नियुक्त किया गया। श्री जीवन दास की नियुक्ति संबंधी आदेष दिनांक 10 दिसम्बर 2011 में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि श्री जीवन दास को, जो रामानन्द सम्प्रदाय के ही है, अभी न्यासधारी बनाया जाता है। यद्यपि वे इस दायित्व का निर्वहन करने को तैयार नहीं थे, किन्तु न्यास को रिक्त नहीं रखा जा सकता था, अतः न्यास समिति के गठन तक इन्हें न्यासधारी बनाया गया था। साथ ही पर्षदीय पत्रांक 129 दिनांक 25 अप्रील 2012 तथा पत्रांक 879 दिनांक 13 अगस्त 2012 द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी, पुपरी से न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भेजने का आग्रह किया गया। अनुमण्डल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 472/सी0 दिनांक 21 अगस्त 2012, जो पर्षद को दिनांक 26 नवम्बर 2012, को प्राप्त हुआ है, द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का नाम भेजा है। उपर्युक्त परिस्थितियों में इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु एक योजना का निरूपण तथा उसे क्रियान्वित करने हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक है। इस न्यास समिति के गठन के बाद श्री जीवन दास की न्यासधारिता का अवसान उनकी इच्छा के अनुसार स्वतः हो जाता है। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 जनवर(cid:15) 2013 अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, श्री राम जानकी कपाली मंदिर, सिरसी के समुचित संचालन एवं सम्यक विकास के लिए अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत नीचे लिखित योजना का निरूपण करता हूँ एवं इसे मूर्त्त रूप देने तथा कार्यान्वित करने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
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1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी कपाली मंदिर न्यास योजना'' होगा और इसे मूर्त्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी कपाली मंदिर न्यास समिति, सिरसी'' होगा।
2. श्री राम जानकी कपाली मंदिर एवं इसकी समस्त चल-अचल सम्पत्ति के प्रबंधन, संचालन एवं प्रषासन का अधिकार ''श्री राम जानकी कपाली मंंदिर न्यास समिति सिरसी'' में निहित होगा।
3. इस न्यास समिति का प्रथम दायित्व होगा कि इस न्यास की सम्पत्ति धार्मिक न्यास पर्षद की अनुमति के बिना अन्यसंक्रमित की गयी है, उसे तत्काल न्यास के नाम करना।
4. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा, कथा-प्रवचन आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक् प्रबंधन एवं संचालन सुनिष्चित करेगी।
5. न्यास परिसर में भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ाने की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाता में जमा की जायेगी।
6. न्यास समिति न्यास की समग्र सम्पत्ति तथा आय-व्यय का सही हिसाब रखेगी तथा समग्र लेखा का वार्षिक अंकेक्षण करायेगी जिसकी प्रति पर्षद को भेजी जायेगी।
7. न्यास की समग्र आय समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक मे न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा ।
8. न्यास समिति अधिनियम की धारा-60 के अनुरूप न्यास का बजट तैयार करेगी तथा स्वीकृति हेतु पर्षद को भेजेगी।
9. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 10. न्यास के विकास या अन्य धार्मिक कार्यो हेतु दाताओ से प्राप्त होने वाली राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में इसे दर्ज कर उन्हे बैंक मेें जमा की जायेगी।
11. न्यास परिसर में स्वच्छता, पवित्रता एवं सौंदर्यीकरण का विषेष ख्याल रखा जायेगा तथा इसकी गरिमा के अक्षुण रखा जायेगा।
12. न्यास का निधि का उपयोग निम्नलिखित कार्यो के लिए किया जाएगाः-
(क) सभी प्राणियों के कल्याण के लिए (ख) मन्दिर में सम्यक् पूजा-अर्चना, राग-भोग, धार्मिक उत्सव, कथा-प्रवचन आदि (ग) मन्दिर का अनुरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं विकास (घ) धर्म एवं संस्कृति का प्रचार-प्रसार (च) सन्त निवास, धर्मषाला आदि का निर्माण (छ) न्यास समिति द्वारा प्रस्तावित एवं पर्षद द्वारा अनुमोदित अन्य जनहित मूलक कार्य करना। 13. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-वधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए न्यास की आय-व्यय विवरणी, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक् प्रेषण करेगी।
14. न्यास समिति का कोई सदस्य न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास के परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से लाभ उठाते पाये जायेगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी ।
15. न्यास समिति न्यास की आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। 16. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत से होगा।
17. न्यास समिति के सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/ निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होगें। 18. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हुआ है और न्यास हित मेें आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी।
19. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोेधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमण्डल पदाधिकारी, पुपरी (एस0 डी0 ओ0) - अध्यक्ष 2. पंडित सदानन्द मिश्र, पिता-स्व0 रामचन्द्र मिश्र - उपाध्यक्ष 3. अंचल अधिकारी, नानपुर - सचिव 4. श्री राजीव नयन ठाकुर, पिता-स्व0 राम दयाल ठाकुर - सदस्य 5. श्री राजेन्द्र प्रसाद साह, पिता-स्व0 रामविलास साह - सदस्य 6. श्री गोविन्द्र राय, पिता-श्री बृजनन्दन राय - सदस्य 3
(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 जनवर(cid:15) 2013
7. श्री सुनील कुमार, पिता-स्व0 जयनन्दन राय - सदस्य 8. श्री शंकर चौधरी, पिता-स्व0 गंगा चौधरी, - सदस्य 9. श्री देवेन्द्र ठाकुर, पिता-स्व0 रामलग्न ठाकुर - सदस्य 10 श्री राम बाबू साह, पिता-स्व0 राम जीवन साह - सदस्य 11. श्री जूरी मांझी, पिता-स्व0 तेतर मांझी - सदस्य
सभी ग्रामपो0- सिरसी, अंचल-नानपुर, जिला-सीतामढ़ी यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू होगी और इस न्यास समिति का कार्यकाल सक्षम न्यायालय के आदेष पर निर्भर रहेगा।
आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।
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अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 59-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in