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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 January 2013

Published 11 January 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-01-11.63
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

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सं0 प्र02/आ0ले0नि0-10/11-22-5615—विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा-180 की उप-धारा (1) एवं उप-धारा (2) के खण्ड (ज) सपठित धारा-104 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत शक्तियाें तथा इस निमित्त सभी अन्य समर्थक शक्तियाें का प्रयोग करते हुए एवं भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक के परामर्श से बिहार सरकार एतद्‌ द्वारा, निम्नलिखित नियमावली बनाती है-

बिहार विद्युत विनियामक आयोग (वार्षिक लेखा-विवरण) नियमावली, 2012 भाग-1

1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ ।- (1) यह नियमावली बिहार विद्युत विनियामक आयोग ( वार्षिक लेखा- विवरण ) नियमावली, 2012 कही जा सकेगी ।

(2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से प्रवृत होगी । 2. परिभाषाएँ ।- (1) इस नियमावली में, जब तक सन्दर्भ में, अन्यथा अपेक्षित न हो-

(क) ''अधिनियम'' से अभिपे्रत है विद्युत अधिनियम, 2003; (ख) ''उपाबंध'' से अभिपे्रत है इस नियमावली का उपाबंध; (ग) ''लेखों के वार्षिक विवरण'' से अभिपे्रत है इस नियमावली के नियम 4 के तहत तैयार किया गया लेखों का वार्षिक विवरण ;

(घ) ''आयोग'' से अभिपे्रत है बिहार विद्युत विनियामक आयोग; (डं0) ''राज्य सरकार'' से अभिपे्रत है बिहार सरकार ; (च) ''अनुसूची'' से अभिपे्रत है इस नियमावली के तहत अनुसूची ; (छ) ''वर्ष'' से अभिपे्रत है 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर अगले वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो वे वित्तीय वर्ष ; (ज) ''विवरण'' से अभिप्रेत है वह विवरण जो वार्षिक लेखा विवरण का हिस्सा हो।

(2) इस नियमावली में प्रयुक्त तथा अपरिभाषित किंतु अधिनियम में परिभाषित सभी अन्य शब्दों एवंअभिव्यक्तियाँ के वही अर्थ होंगे जो उनके लिए अधिनियम में क्रमशः समनुदेशित किये गये हों। भाग-2 3. लेखा अवधि -लेखा अवधि जिसके लिए आयोग को वार्षिक लेखा तैयार करना है वह बारह कैलेन्डर महीने की होगी जो 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर अगले वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होती है। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 11 जनवर(cid:15) 2013 4. वार्षिक लेखा-विवरण तैयार करना-आयोग के वार्षिक लेखा विवरण प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तीन माह के भीतर तैयार किया जायगा तथा उसके साथ निम्नलिखित लेखा-विवरण होगा :- (1) (क) प्राप्तियाँ एवं भुगतान लेखा ऐसे प्रपत्र में, जो परिशिष्ट-I में विनिर्दिष्ट किया गया है; (ख) आय एवं व्यय लेखा ऐसे प्रपत्र में, जो परिशिष्ट- II में विनिर्दिष्ट किया गया है; (ग) तुलन पत्र (बैलेंस सीट) ऐसे प्रपत्र म,ें जो परिशिष्ट- III में विनिर्दिष्ट किया गया है; (2) प्राप्तियाँ एवं भुगतान लेखा, आय एवं व्यय लेखा तथा तुलन पत्र, जो आयोग के वार्षिक लेखा विवरण के भाग हैं के साथ अनुसूचियाँ शामिल हैं जो ऊपर के तीन परिशिष्टों में दर्शाये गये हैं।

5. वार्षिक लेखा विवरण का स्वीकार किया जाना -(1) उपर्युक्त नियम 4 के अधीन तैयार किया गया वार्षिक लेखा विवरण को विद्युत अधिनियम की धारा-104 की उप-धारा (4) के अधीन भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा अंकेक्षण एवं प्रमाणिकरण के लिए, उन्हें उपस्थापित करने के पूर्व, इसे प्रारंभिक रूप से स्वीकार करने के उद्देश्य से आयेाग द्वारा प्राधिकृत आयोग के किसी पदाधिकारी द्वारा इसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तीन माह के भीतर हस्ताक्षरित किया जायगा।

(2) आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को अध्यक्ष, एक सदस्य, जो वित्तीय मामलों को देखते हों तथा आयोग के सचिव द्वारा अधिप्रमाणित किया जायगा।

(3) आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तीन माह के भीतर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक अथवा उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को भेजा जायगा। ऐसे अंकेक्षण से संबंधित वहन किया गया कोई व्यय, राज्य आयोग द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा- परीक्षक को देय होगा। (संदर्भ-अधिनियम की धारा-104 की उप-धारा (2))

(4) उपर्युक्त नियम 4 के अधीन तैयार किया गया उपर्युक्त वार्षिक लेखा विवरण, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक अथवा उनके प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा अंकेक्षण एवं प्रमाणीकरण के पश्चात्‌ आयोग द्वारा अंतिम रूप से स्वीकार किया जायगा।

6. वार्षिक लेखा-विवरण का राज्य सरकार को अग्रेषण -उपर्युक्त नियम 4 के तहत तैयार किया गया वार्षिक लेखा विवरण अधिनियम की धारा-104 की उप-धारा (3) एवं (4) के अधीन भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक अथवा उनके प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा अंकेक्षण एवं प्रमाणीकरण के पश्चात्‌, इसे तुरंत राज्य सरकार को, राज्य विधानमंडल में रखने हेतु, अगे्रषित किया जायगा।

7. लेखा-पुस्त एवं पंजी - (1) आयेाग द्वारा अपने सभी वित्तीय लेन-देन (ट्रांजेक्शन) के लिए लेखा-पुस्त एवं खाता-बही, जैसा कि परिशिष्ट में विनिर्दिष्ट किया गया है, का संधारण दोहरी प्रविष्टि प्रणाली एवं उपचय (एक्रुअल) के आधार पर किया जायगा। (2) पंजी एवं अभिलेख, जो इस नियम में विनिर्दिष्ट नहीं किये गये हैं, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र में संधारित किये जायेंगे। 8. आयोग द्वारा इस नियमावली के अधीन तैयार किये गये प्राप्तियाँ एवं भुगतान लेखा, आय एवं व्यय लेखा तथा तुलन पत्र को कम से कम दस वर्षों तक संरक्षित रखा जायगा। 9. विविध -इस नियमावली के किसी प्रावधान को प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उत्पन्न हो तो राज्य सरकार, आदेश द्वारा कठिनाइयों के निराकरण के लिए ऐसा प्रावधान कर सकेगी जो अधिनियम तथा इस नियमावली के संगत हो।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, सचिव।

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अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 63-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 January 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-01-11.63/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-01-11.63.