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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 04 February 2013

Published 04 February 2013

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-02-04.49
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 13131313 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1931931931935555 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 49494949 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 4444 (दस*ब(दस*ब(दस*ब(दस*बरररर 2013201320132013 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)4, पदःथापन, बदली, श(cid:18)4, छु 9ट(cid:15) और अ;य <य(cid:18)4गत सूचनाएं। 2-2 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु@मB के समादेंटाओं के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Kाओं के पर(cid:15)Kा-फल, कायMबम, छाऽवृ(cid:18)P ूदान, आ(द।

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भाग-1-ग—िशKा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Kाफल आ(द ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाMRयKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ(द। 3-13 भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच ;यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उXरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मY पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ[त (cid:18)वधान मंडल मY उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत (कये जानेवाले ूवर सिमितयB के ूितवेदन और उ[त (cid:18)वधान मंडल मY पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक।

---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क] Qयेंठ अनुमित िमल चुक] है। ---

भाग-8—भारत क] संसद मY पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मY उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मY उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मY पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व_ापन

---

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, ;यायालय सूचनाएं और सवMसाधारण सूचनाएं इaया(द। 14-14 पूरक

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पूरक-क 15-182 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)4िनयु(cid:18)4िनयु(cid:18)4िनयु(cid:18)4, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)4श(cid:18)4श(cid:18)4श(cid:18)4,,,, छु 9ट(cid:15) और अ;यछु 9ट(cid:15) और अ;यछु 9ट(cid:15) और अ;यछु 9ट(cid:15) और अ;य वैय(cid:18)4क सूचनाएं वैय(cid:18)4क सूचनाएं वैय(cid:18)4क सूचनाएं वैय(cid:18)4क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

गृह विभाग

(अभियोजन निदेशालय)

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अधिसूचना

3 अक्तूबर 2013

सं॰ 07/पी0-02-204/05/925—बिहार अभियोजन सेवा के निम्नलिखित सहायक अभियोजन पदाधिकारियों की उनके नाम के सामने स्तम्भ-4 में अंकित कार्यालय में की गई प्रतिनियुक्ति को कार्यहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता हैः-

क्र क्र.... क्र क्र सहायक अभियोजन सहायक अभियोजन पदाधिकारी का नाम वर्त्तमान पदस्थापन स्थान प्रतिनियुक्ति कार्यालय का नाम
1 2 3 4
1 श्री आनन्द बाबु जिला अभियोजन कार्यालय, गया जिला अभियोजन कार्यालय, जहानाबाद
2 श्री राजवंष सिंह जिला अभियोजन कार्यालय, गया जिला अभियोजन कार्यालय, जहानाबाद
3 श्री दिनेष कुमार नं0-2 जिला अभियोजन कार्यालय, नवादा जिला अभियोजन कार्यालय, नालन्दा
4 श्री षिवनंदन रजक जिला अभियोजन कार्यालय, नवादा जिला अभियोजन कार्यालय, नालन्दा
5 श्री शषिरंजन दयाल जिला अभियोजन कार्यालय, नवादा जिला अभियोजन कार्यालय, नालन्दा
6 श्री जयदेव भारद्वाज जिला अभियोजन कार्यालय, नवादा जिला अभियोजन कार्यालय, नालन्दा
7 श्री महेष कुमार प्रसाद जिला अभियोजन कार्यालय, जहानाबाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना
8 श्री अखिलेष कुमार सिंह जिला अभियोजन कार्यालय, मुजफ्फरपुर जिला अभियोजन कार्यालय, हाजीपुर
9 श्री शोभाकांत यादव जिला अभियोजन कार्यालय, मुजफ्फरपुर जिला अभियोजन कार्यालय, हाजीपुर
10 श्री सत्येन्द्र प्रसाद जिला अभियोजन कार्यालय, सीतामढ़ी अनुमंडल अभियोजन कार्यालय, पुपरी

2. निर्देष दिया जाता है कि उपरोक्त पदाधिकारी अविलम्ब अपना प्रभार स्थानीय व्यवस्था से सौंपकर मूल पदस्थापन स्थान पर योगदान करें। संबंधित जिला पदाधिकारी एवं जिला अभियोजन पदाधिकारी इस आदेष का अनुपालन सुनिष्चित कराएंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।

ÑÑÑÑ अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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।3 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013

भागभागभागभाग----2222

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पशुपालन निदेशालय

——— आदेश

28 फरवरी 2013

सं॰ 7स्था0(2)अनुक0-16/2012-368(नि0)—जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, नवादा के ज्ञापांक 490/स्था0, दिनांक 03.07.2010 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, नवादा की बैठक दिनांक 30.06.2010 की कार्यवाही के कंडिका- 09 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला पदाधिकारी, नवादा के पत्राांक 28मु0/स्था0, दिनांक 20.10.11 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, मगध क्षेत्रा, गया के पत्रा संख्या-439 दिनांक 15.06.2011 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री प्रमोद कुमार पासवान (जन्म तिथि-07.03.1981) पुत्रा स्व0 सीताराम पासवान (पूर्व चौकीदार) वर्तमान पता-ग्राम-शादीपुर, पोस्ट- शादीपुर, थाना- नवादा, जिला-नवादा को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200, ग्रेड वेतन 1900 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय, जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी में वर्ग 03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के रिक्त पर पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैंः-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। सरकार द्वारा निर्धारित विहित घोषणा पत्रा प्राप्त करने के बाद ही इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उक्त आश्रित परिवार के सदस्य से शपथ-पत्रा प्राप्त कर उनकी नियुक्ति रद्‌द कर दी जाएगी। एवं इस संबंध में किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मान्य नहीं होगा।

3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।4 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री प्रमोद कुमार पासवान से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण-पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

———

28 फरवरी 2013

सं॰ 7 स्था0(2)अनुक0-29/2012-369(नि0)—जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पटना, के ज्ञापांक 1498/स्था0, दिनांक 03.07.2010 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पटना की बैठक दिनांक 25.05.2010 की कार्यवाही के कंडिका- 63 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि स्थापना उप समाहर्त्ता, पटना के पत्राांक-06-258/10-2809 दिनांक 24.12.10 से प्राप्त है) एवं प्रभारी पदाधिकारी, पशुपालन, सूचना एवं प्रसार, बिहार, पटना के पत्रा संख्या-335/प0पा0 (सू0), दिनांक 06.08.2010 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री अजीत कुमार (जन्म तिथि 15.01.1990) पुत्रा स्व0 प्रमोद कुमार (पूर्व क्लीनर) वर्तमान पता-ग्राम/मुहल्ला-पी0 एण्ड टी0 कॉलोनी, हरनीचक, पोस्ट-अनीशाबाद, थाना-फुलवारीशरीफ, जिला-पटना को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200, ग्रेड वेतन 1900 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय, जिला पशुपालन पदाधिकारी, आरा (भोजपुर) में वर्ग 03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के रिक्त पर पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैं :-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। सरकार द्वारा निर्धारित विहित घोषणा पत्रा प्राप्त करने के बाद ही इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उक्त आश्रित परिवार के सदस्य से शपथ-पत्रा प्राप्त कर उनकी नियुक्ति रद्‌द कर दी जाएगी। एवं इस संबंध में किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मान्य नहीं होगा।

3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।5 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री अजीत कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण-पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

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28 फरवरी 2013

सं॰ 7स्था0(2)अनुक0-15/2012-385 (नि0)—जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, खगड़िया, के ज्ञापांक- 10मु0/स्था0, दिनांक 25.07.2011 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, खगड़िया की बैठक दिनांक 09.07.2011 की कार्यवाही के कंडिका- 05 के क्रमांक-1 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि स्थापना उप समाहर्त्ता, खगड़िया के पत्राांक 666/स्था0, दिनांक 24.10.11 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, भागलपुर क्षेत्रा, भागलपुर के पत्रा संख्या-542 दिनांक 18.08.2011 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री सुधीर कुमार (जन्म तिथि 15.01.1992) पुत्रा स्व0 योगेश्वर राम (पूर्व शुक्रवाहक) वर्तमान पता-ग्राम-धमनी टोला पचरूखिया, पोस्ट- धमनी, थाना -हसपुरा, जिला - औरंगाबाद को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200, ग्रेड वेतन 1900 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय, जिला पशुपालन पदाधिकारी, भभुआ में वर्ग 03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के रिक्त पर पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैंः-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। सरकार द्वारा निर्धारित विहित घोषणा पत्रा प्राप्त करने के बाद ही इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उक्त आश्रित परिवार के सदस्य से शपथ -पत्रा प्राप्त कर उनकी नियुक्ति रद्‌द कर दी जाएगी। एवं इस संबंध में किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मान्य नहीं होगा।

3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।6 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री सुधीर कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण-पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

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1 मार्च 2013

सं॰ 7स्था0(2)अनुक0-45/2012-398 (नि0)— जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, कटिहार के ज्ञापांक- 937/स्था0, दिनांक 23.07.2011 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, कटिहार की बैठक दिनांक 27.06.2011 की कार्यवाही के कंडिका- 07 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला पदाधिकारी, कटिहार के पत्राांक 999/स्था0 दिनांक 04.06.12 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, पूर्णियाँ प्रमण्डल, पूर्णियाँ के पत्रा संख्या-72 दिनांक 30.01.2012 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री हीरा लाल कुमार दास, (जन्म तिथि 06.04.1989) पुत्रा, स्व0 केदार राम (पूर्व चपरासी) वर्तमान पता-ग्राम -गौरिया करमा, वार्ड नं0-8, पोस्ट- गौरिया करमा, थाना -बरही, जिला - हजारीबाग (झारखण्ड) को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200, ग्रेड वेतन 1900 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय, क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, भागलपुर क्षेत्रा, भागलपुर में वर्ग 03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक के रिक्त पर पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैंः-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। सरकार द्वारा निर्धारित विहित घोषणा पत्रा प्राप्त करने के बाद ही इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर उक्त आश्रित परिवार के सदस्य से शपथ-पत्रा प्राप्त कर उनकी नियुक्ति रद्‌द कर दी जाएगी। एवं इस संबंध में किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मान्य नहीं होगा।

3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।7 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री हीरा लाल कुमार दास से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण-पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

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20 मई 2013

सं॰ 7 स्था0 (2) अनुक0-59/2012-1242 (नि0)—बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या- 3/सी0-2-2067/90का0-13293 दिनांक 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर, के ज्ञापांक-372/स्था0, दिनांक 04.04.2012 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर की बैठक, दिनांक 27.03.2012 की कार्यवाही की कंडिका-(आ)(क) के क्रमांक 16 में अंकित अनुशंसा (जिसकी समपुष्टि अपर समार्हता, मुजफ्फरपुर के पत्राांक-956/स्था0 दिनांक 25.10.2012 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के पत्रा संख्या 503, दिनांक 11.06.2012 एवं पत्रा संख्या 845 दिनांक 28.11.2012 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्रीमती सुनीता देवी, (जन्मतिथि 03.02.1974) पत्नी स्व0 श्री रामजनम सिंह, (भूतपूर्व चौकीदार) वर्तमान पता-ग्राम-जामिन मठियाँ, पोस्ट-जामिन मठियाँ, थाना-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर को वर्ग-03(तीन) पशुधन सहायक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200, ग्रेड वेतन 1900 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय, जिला पशुपालन, हाजीपुर (वैशाली) में वर्ग-03 (तीन ) पशुधन सहायक के रिक्त पद परपदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैं :-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पानेवाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्णदायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, हाजीपुर (वैशाली) योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्रीमती सुनीता देवी से इस आशय का शपथ-पत्रा प्राप्त कर लेगें कि "वे भविष्य में मृतक स्व0 रामजन्म सिंह (पूर्व चौकीदार) के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।" शपथ-पत्रा की एक प्रतिनिदेशालय में भी उपलब्ध करायेंगे। 3. नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाईभी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसीभी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्य कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।8 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/ नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्रीमती सुनीता देवी, से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जाए।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्तिकर्त्ता पदाधिकारी से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नवनियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जबतक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

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20 जून 2013

सं॰ 7 स्था0 (2) अनुक0-67/2012-1486 (नि0)—बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी-2-2067/90 का0 13293 दिनांक 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में स्थापना उप समाहर्त्ता, बक्सर के ज्ञापांक-01-1296/स्था0, दिनांक 23.07.12 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, बक्सर की बैठक दिनांक 09.07.2012 की कार्यवाही के क्रमांक-20 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला पदाधिकारी, बक्सर के पत्राांक-01-0445/स्था0, दिनांक 20.03.2013 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय प्रक्षेत्रा, पटना के पत्रा संख्या-856, दिनांक 22.08.2012 एवं सहायक निदेशक (कुक्कुट), पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्रा, पटना के पत्राांक-272 प0पा0, दिनांक 27.04.2013 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री ज्योति कुमार दूबे, (जन्म तिथि-01.03.1989) पुत्रा स्व0 देवनारायण दूबे, (पूर्व पशुधन पर्यवेक्षक) वर्तमान पता-ग्राम-योगिनी, वार्ड न0-2,पोस्ट-कोआथ, थाना-दावथ, जिला-रोहतास को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200, ग्रेड वेतन 1900 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय अनुमंडल पशुपालन पदाधिकारी, शिवहर में वर्ग 03 (तीन ) निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैंः-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। कार्यालय अनुमंडल पशुपालन पदाधिकारी, शिवहर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री ज्योति कुमार दूबे से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 देवनारायण दूबे,(पूर्व पशुधन पर्यवेक्षक) के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।9 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री ज्योति कुमार दूबे से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

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21 अगस्त 2013

सं॰ 7 स्था0 (2) अनुक0-58/2012-1879 (नि0)—जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के ज्ञापांक-20/स्था0, दिनांक 23.02.2012 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया की बैठक दिनांक 11.02.2012 की कार्यवाही की क्रमांक-02 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-130/स्था0, दिनांक 13.10. 2012 से प्राप्त है) एवं सहायक निदेशक, (पशु विकास), लघु पशु विकास परियोजना, बेतिया (पश्चिम चम्पारण), के पत्राांक-32/प0पा0, दिनांक 05.05.2012 एवं पत्राांक-24/प0पा0, दिनांक 01.04.2013 से प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री उपेन्द्र कुमार (जन्म तिथि 26.02. 1992) पुत्रा स्व0 रामसुन्दर साह (पूर्व चौकीदार-सह-झाड़ूकश), वर्त्तमान पता-ग्राम-वैकुण्ठवा, पोस्ट-,खड्‌डा कुंजलही, थानाप्रखण्ड-नौतन, अनुमण्डल-बेतिया, जिला-पश्चिम चम्पारण को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-04(चार) (अनुसेवक) के पद पर वेतनमान रू0 4440-7440, ग्रेड वेतन 1300 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय विशेष उप निदेशक, पशु विकास वृहत परियोजना, मुजफ्फरपुर में वर्ग-04 (चार) अनुसेवक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंंनिम्नवत हैं :-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पानेवाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। कार्यालय विशेष उप निदेशक, पशु विकास वृहत परियोजना,( मु॰ स्तर) मुजफ्फरपुर, योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री उपेन्द्र कुमार से इस आशय का शपथ-पत्रा प्राप्त कर लेगें कि "वे भविष्य में मृतक स्व0 रामसुन्दर साह (पूर्व चौकीदार-सह-झाड़ूकश) के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।" शपथ-पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेंगे।10 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री उपेन्द्र कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

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27 अगस्त 2013

सं॰ 7 स्था0 (2) अनुक0-09/2012-1942 (नि0)—अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति-सह-समाहर्त्ता, दरभंगा के ज्ञापांक-1839/स्था0, लहेरियासराय, दिनांक 09.12.2010 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, दरभंगा की बैठक दिनांक 03.12.2010 की कार्यवाही के क्रमांक-23 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि अपर समाहर्त्ता-सह-वरीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला स्थापना, दरभंगा के पत्राांक-1035/स्था0, दिनांक 07.06.2011 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, दरभंगा क्षेत्रा, दरभंगा के पत्राांक-54, दिनांक 20.01.2011 एवं पत्राांक-179, दिनांक 09.05.2013 द्वारा प्राप्त कागजातों के आलोक में श्री शशि कुमार राम (जन्म तिथि-17.12.1985) पुत्रा स्व0 अगहन राम, (पूर्व चौकीदार) वर्तमान पता-ग्राम-धरौड़ा, पोस्टथाना-बहेड़ा, अनुमण्डल-बहेड़ा, जिला-दरभंगा को पशुपालन निदेशालय के अन्तर्गत वर्ग-04 (चार) अनुसेवक के पद पर वेतनमान रू0 4440-7440, ग्रेड वेतन-1300 (पुनरीक्षित) में नियुक्त कर कार्यालय-जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी के अन्तर्गत वर्ग 04 (चार) अनुसेवक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शत्र्तेंं निम्नवत हैंः-

2. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, मधुबनी योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री शशि कुमार राम से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 अगहन राम, ( पूर्व चौकीदार) के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए11 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें। 3. नियुक्ति के पश्चात अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण-पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5. नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक 31.08.05 के अनुसार दिनांक 01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7. अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों / नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8. योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9. इनकी सेवा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के तथा बिना कारण बताये समाप्त की जा सकती है।

10. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (कार्यालय प्रधान) द्वारा श्री शशि कुमार राम से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा प्राप्त करने तथा वांछित प्रमाण-पत्राों एवं कागजातों के जाँचोपरांत व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

11. योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर योगदान तीन माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12. योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

राजेश कुमार, निदेशक।

——— सं॰ 13/मु05-14/2000-1366 षिक्षा विभाग ——— संकल्प 15 जुलाई 2013 विषयः- माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका संख्या-20780/2010 में पारित आदेश के अनुपालन में व्यस्क शिक्षा पर्यवेक्षकों की छँटनी की अवधी (वर्ष 1992 से वर्ष 1998) की गणना वैचारिक (नोशनल) रूप से पेंशन प्रयोजनार्थ करने के स्वीकृति के फलस्वरूप वर्ष 1998 में समायोजन की तिथि से वेतन निर्धारण की स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में। भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय योजना के अधीन वर्ष 1978 में संचालित वयस्क षिक्षा कार्यक्रम के अधीन वर्ष 1978 से 1992 के बीच वयस्क षिक्षा पर्यवेक्षक के विधिवत स्वीकृत पदों के विरूद्ध प्रमण्डलीय आयुक्तों की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा विज्ञप्ति निकालकर अन्तरर्वीक्षा के आधार पर तैयार की गयी पैनल से पर्यवेक्षकीय कोटि के वेतनमान में नियुक्तियाँ की गयी थी।

2. वर्ष 1988 में भारत सरकार द्वारा वयस्क षिक्षा कार्यक्रम के स्वरूप में परिवर्तन करते हुए पुनरीक्षित योजना के अधीन वयस्क षिक्षा पर्यवेक्षक (वेतनमान) के पदों का प्रावधान नहीं किया गया। फलस्वरूप 1992 में वयस्क षिक्षा पर्यवेक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गयी। सेवा समाप्त कर्मियों द्वारा सेवा समाप्ति आदेष के विरूद्ध अनेकों याचिकायें माननीय12 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 उच्च न्यायालय में दायर की गयी। सभी याचिकाओं को एकीकृत करते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका संख्या-5036/1992 में आदेष पारित करते हुए इन पर्यवेक्षकों को सरकारी सेवा में समंजित करने का आदेष दिया गया। फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा सेवा समाप्त वयस्क षिक्षा पर्यवेक्षकाें को नयी नियुक्ति केे माध्यम से अनौपचारिक षिक्षा कार्यक्रम के अधीन वर्ष 1998 में विभिन्न कोटि के उच्चतर एवं निम्नतर स्तर के नवसृजित पदों के विरूद्ध समंजन किया गया।

3. कालान्तर में राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा इन पर्यवेक्षकों के संबंध में निम्नलिखित रूप में कार्रवाई करने की स्वीकृति प्रदान की गई है :-

1. राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त कर संकल्प संख्या-1638, दिनांक 11.10.2006 पारित किया गया,जिसके अधीन वैसे पर्यवेक्षक, जिन्हें पदाभाव के कारण पर्यवेक्षकीय कोटि से निम्नतर वेतनमान में स्वीकृत पदो ंके विरूद्ध समायोजित किया गया था, को पर्यवेक्षकीय कोटि के समतुल्य पदो ंके विरूद्ध समायोजित किया गया (परिषिष्ट-'क')।

2. राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त कर संकल्प संख्या-146, दिनांक 5.02.2008 पारित किया गया , जिसके अधीन छंटनी के पूर्व की गई सेवा अवधि की गणना पेंषन प्रयोजनार्थ करने की स्वीकृति प्रदान की गई (परिषिष्ट-'ख')।

4. प्रसंगगत मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अंतिम रूप से याचिका संख्या- 20780/2010 में दिनांक 19.04.2011 को निम्नलिखित रूप में आदेष पारित किया गया है :-

"14 From reading of Rule 103 of the Bihar pension Rules, it appears that any government servant is deprived of benefits of past service on account of interruption in the service with certain exception. Sub-rule (d) of rule 103 is one of the exceptions which lays down that if interruption is on account of which lays down that if interruption is on account of abolition of post or loss of appointment owing to reduction of establishment, interruption shall not entail forfeiture of past service of a Government servant.

15. Admittedly, in the present case, posts of Supervisors were abolished consequent to decision of the central government in 1998, on account of which petitioners and other supervisors came on road, which situation, in the opinion of this court, is clearly covered by the expression "Abolition of post or loss of appointment owing to reduction of establishment". Hence, this court finds that the said sub-rule (d) of rule 103 clearly comes to the aid of petitioners and others and not to aid of the respondents, as claimed by them, to deny them benefits of the period.

16. In the circumstances, the impugned order of the Principal Secretary dated 29.03.2010 as contained in Annexure-5, is unsustainable in law and the same is quashed. Respondents are directed to consider petitioners as continuing in service between 1992 to 1998 on notional basis only for the purpose of grant of monetary benefits from 1998 onwards and post grant retrial monetary benefits.

17. It is made clear that petitioners and other supervisors shall not be entitled for salary of the period in any manner and shall not also claim any seniority over other Government servants. The period shall be counted in the service only for personal monetary benefits of the petitioners and nothing more.

18. These writ applications are allowed in the manner, as indicated above." 5. माननीय उच्च न्यायालय के उपर्युक्त आदेष के अनुपालन के क्रम में राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त कर संकल्प संख्या-1962 दिनांक 19.06.12 पारित किया गया, जिसके अधीन छंटनी की अवधि की गणना नोषनल रूप से पेंषन प्रयोजनार्थ करने की स्वीकृति प्रदान की गई है (परिषिष्ट-'ग')।

6. याचिका संख्या-20780/2010 में दिनांक 19.04.2011 को पारित आदेष की कंडिका-16 जिसके अधीन समायोजन की तिथि अर्थात 1998 एवं उसके बाद की अवधि के लिए आर्थिक लाभ देने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। चूॅंकि संबंधित मामले में सरकार द्वारा छंटनी की अवधि की गणना नोषनल रूप में करने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है अर्थात सेवा में टूट नहीं मानते हुए पेंषन प्रयोजनार्थ गणना करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, फलस्वरूप स्वभावतः वयस्क षिक्षा वेतनमान पर्यवेक्षकीय कोटि के वैसे कर्मी, जो वर्ष 1998 के बाद सेवा में बने रहे हैं, उन्हें समायोजन की तिथि से वह सभी आर्थिक लाभ देय हो जाता है, जो सेवा में रहते हुए देय होता । अर्थात वयस्क षिक्षा वेतनमान पर्यवेक्षकों वर्ष 1992 में छंटनी के पूर्व वेतनमान के जिस प्रक्रम पर वेतन प्राप्त कर रहे थे, को छंटनी अवधि का वेतनबृद्धि आदि की नोषनल रूप में गणना करते हुए वर्ष 1998 में सरकारी सेवा में समायोजन की तिथि को वेतनमान के उक्त प्रक्रम पर वेतन निर्धारण कर वेतन भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है। छॅंटनी की अवधि का उन्हें आर्थिक लाभ देय नहीं होगा।13 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 7. संकल्प प्रारूप में प्रधान सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जितेन्द्र प्रसाद, संयुक्त सचिव।

——— गृह विभाग अभियोजन निदेषालय ——— शुद्धि पत्र 21 अक्तूबर 2013

सं॰ 07/सी-01-203/08-985—अभियोजन निदेषालय, गृह विभाग, बिहार, पटना द्वारा निर्गत अधिसूचना सं0-43 दिनांक 21.01.2013 के क्रमांक 28 पर अंकित नाम श्री ब्रजभूषण प्रसाद सिंह के स्थान पर श्री ब्रजभूषण सिंह एवं जन्म तिथि 02.12.1933 के स्थान पर जन्म तिथि 02.10.1933 पढ़ा जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।

ÑÑÑÑ अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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सूचनासूचनासूचनासूचना

सं॰ 1992—मैं जीत सहाय, पिता-राधाकृष्ण सहाय, निवासी फ्लैट नं॰-2 G गोबिन्द इन्कलेव अपार्टमेंट कंकड़बाग, पटना-20 ऐफिडेविट संख्या 8115, दिनांक 30.07.2011 द्वारा मैं जीतसूर्य के स्थान पर ''जीत सहाय'' के नाम से जाना जाऊंगा।

जीत सुर्य।

No. 1992— I, Jeet Surya, S/o Shri Radha Krishna Sahai, R/o Flat no.2G, Govind Enclave Appatrment South Chandmari Road, kankarbagh Patna 20 decleare vide affidavit no. 8115, dated 30-07-2011 that my surname is changed and I will now be known as Jeet Sahai for all purposes.

JEET SURYA.

———

No. 1972— I, Alka, D/o Amar Nath Jha, R/o village Arer dih, Po Arer Hat, P.s. Arer, Distt. Madhubani, Bihar vide affidavit. no. 1435 dated 16-09-2013 shall be known as Alka Jha.

ALKA.

ÑÑÑÑ अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग अभियोजन निदेषालयअभियोजन निदेषालयअभियोजन निदेषालयअभियोजन निदेषालय ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 9 अक्तूबर 20139 अक्तूबर 20139 अक्तूबर 20139 अक्तूबर 2013 सं॰ अ0नि0(02)10/2013/नि0सं0 960—जिला अभियोजन पदाधिकारी, बिहारषरीफ (नालन्दा) के पत्रांक 596 दिनांक 11.09.2013, पत्रांक 563 दिनांक 30.08.13 तथा जिला पदाधिकारी, बिहारषरीफ (नालन्दा) के ज्ञापांक 732 दिनांक 16.05.13 द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में श्री वीरेन्द्र प्रसाद चौधरी, सहायक अभियोजन पदाधिकारी, जिला अभियोजन कार्यालय, बिहारषरीफ (नालन्दा) को दिनांक 01.05.2013 से कर्त्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है तथा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया जाता है। 2. निलम्बन अवधि में श्री चौधरी का मुख्यालय प्रमंडलीय अभियोजन कार्यालय, गया निर्धारित किया जाता है। 3. श्री चौधरी के विरूद्ध संचालित किए जाने वाले विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त विभागीय जॉंच आयुक्त, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

21 नवम्बर 2013

सं॰ कौन/भी-143/2008-133/वा0क0—श्री रूद्रनन्दन श्रीवास्तव (बिहार वित्त सेवा) तत्कालीन वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (अपील) मगध प्रमंडल, गया सम्प्रति सेवा निवृत्त के विरूद्ध उक्त पदस्थापनकाल से संबंधित कतिपय आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-68/सी0 दिनांक 02.03.2010 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रांरभ की गयी थी। जांच संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में आरोप अप्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना संख्या-39 दिनांक 13.04.2012 द्वारा आरोप से मुक्त किया गया है। अतः श्री श्रीवास्तव का निलम्बन अवधि दिनांक 02.03.10 से 31.01.2011 तक को सभी प्रयोजनों के लिए16 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 कर्त्तव्य अवधि मानते हुए विनियमित किया जाता है। इस पर सक्षम अनुषासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)-अस्पष्ट, वाणिज्य-कर आयुक्त-सह-प्रधान सचिव।

——— अररिया समाहरणालयअररिया समाहरणालयअररिया समाहरणालयअररिया समाहरणालय (राजस्व प्रशाखा)(राजस्व प्रशाखा)(राजस्व प्रशाखा)(राजस्व प्रशाखा) ——— आदेशआदेशआदेशआदेश 11 नवम्बर11 नवम्बर11 नवम्बर11 नवम्बर 2013201320132013 सं॰ 1785/रा॰—अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज के पत्रांक 380, दिनांक 12.07. 2013 से प्राप्त प्रतिवेदन के क्रम में श्री विकास कुमार मंडल, राजस्व कर्मचारी, अंचल कार्यालय, नरपतगंज के विरुद्ध प्रपत्र'क' में आरोप पत्र का गठन किया गया और कार्यालय ज्ञापांक 1086/रा0, दिनांक 27.07.2013 द्वारा श्री बुद्ध प्रकाश, वरीय उप समाहर्त्ता, अररिया को विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु संचालन पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी, नरपतगंज को उपस्थापन पदाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। श्री मंडल के विरुद्ध निम्नांकित आरोप गठित किए गए :-

आरोप का विवरण :-आरोप का विवरण :-आरोप का विवरण :-आरोप का विवरण :- 01010101.... अंचल नरपतगंज के मौजा-मधुरा पश्चिम, थाना नं0-208, खाता-373, खेसरा सं0-6688, रकबा-0.9 डि0 जिस पर वर्षांें से पंचायत भवन निर्मित है, को निहित स्वार्थ वश जानबूझ कर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने तथा हड़पने के उद्देश्य से गलत खरिदारों के पक्ष में शांतिपूर्वक दखल-कब्जा दिखाकर आम सूचना निर्गत किये बगैर पंचायत भवन की भूमि का नामान्तरण करने की अनुशंसा आप के द्वारा किया गया। स्पष्ट है कि आपने जानबूझकर पंचायत भवन की भुमि को भू-माफियों के हड़पने में सहयोग करने के नीयत से गलत प्रतिवेदन अंकित किया, जो आपके अपराधिक षड़यंत्र रचने, सरकार को क्षति पहुँचाने और व्यक्तिगत लाभ की मंशा को उजागर करता है और इसके लिए आप दोषी एवं जवाबदेह हैं।

02020202.... अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज के कार्यालय ज्ञापांक 366, दिनांक 06.07. 2013 से पूछे गये स्पष्टीकरण एवं आपके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण से स्पष्ट हुआ कि आपके द्वारा उक्त भूमि का बिना स्थल निरीक्षण, बिना सूचना निर्गत किये उक्त पंचायत भवन की सरकारी भूमि का नामान्तरण की अनुशंसा किया गया है, जो आपकी लापरवाही, कर्तव्यहीनता, कार्य के प्रति उदासीनता का स्पष्ट द्‌योेतक है, जिसके लिए आप दोषी एवं जवाबदेह हैं। श्री बुद्ध प्रकाश, वरीय उप समाहर्त्ता, अररिया के द्वारा विभागीय कार्यवाही का संचालन किया गया। उन्होंने अपने पत्रांक 1165/स्था0, दिनांक 29.10.2013 से संचालन के उपरांत विभागीय कार्यवाही का संबंधित अभिलेख अधोहस्ताक्षरी को भेजा, जिससे निम्न तत्व प्रकट होते है :-

1111.... आरोपी का पक्ष ः-आरोपी का पक्ष ः-आरोपी का पक्ष ः-आरोपी का पक्ष ः- प्रथम आरोप के संदर्भ में आरोपी का कथन है कि मधुरा पश्चिम, थाना न0ं-208, खाता नं0-373, ,खेसरा सं0-6688, रकबा-0.09 डी0 का आर0एस0 खाता खतियान पंजी में चन्द्रपति कोठारी पिता-कमलापति कोठारी के नाम से दर्ज है। लेकिन उक्त भूमि पर पंचायत भवन निर्मित है या नहीं, इस आश्य की सूचना न तो पंजी में दर्ज है और न ही ऐसा कोई कागजात पाया गया। मेरे द्वारा नामान्तरण की अनुशंसा नहीं की गई, बल्कि लिखा गया था- नामान्तरण की स्वीकृति दी जा सकती है। अन्य सौंपे गये कार्य के अतिरिक्त आर0टी0पी0एस0 से संबंधित कार्य का निपटारा समय सीमा के अंतर्गत किए जाने का प्रावधान है, ऐसी परिस्थिति में आवेदक के आवेदन पत्र के साथ संलग्न कागजातों का खतियान एवं जमाबन्दी पंजी से मिलान कर निष्पादनार्थ भेजा गया। आम सूचना निर्गत किए बगैर पंचायत भवन की भूमि का नामान्तरण की अनुशंसा का आरोप मिथ्या है। अंचल अधिकारी द्वारा आम सूचना निर्गत की गई है, जिसका तामिला प्रतिवेदन अभिलेख सं0-393/2013-14 में संलग्न है।17 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 साक्ष्य उपस्थापन पदाधिकारी का तर्क :- इस संबंध में साक्ष्य उपस्थापन पदाधिकारी ने कहा है कि अंचल-नरपतगंज, मौजा-मधुरा, थाना नं0-208, खाता नं0-373, खेसरा सं0-6688, रकबा-0.09 डी0 जमीन की जमाबन्दी सीधे विक्रेता के नाम से नहीं, बलकि विके्रता के दादा के नाम से है। इस प्रकार उसके वंशावली के मांग के संबंध में राजस्व कर्मचारी द्वारा उल्लेख नहीं किया गया। उक्त प्रश्नगत जमीन राजस्व कर्मचारी के हल्का, निवास एवं मुख्यालय से लगभग ½ कि0मी0 की दूरी पर है, लेकिन राजस्व कर्मचारी द्वारा बिना स्थल निरीक्षण के के्रता को दखलकार प्रस्तावित किया गया है।

उक्त साक्ष्य एवं स्पष्टीकरण के आधार पर संचालन पदाधिकारी ने आरोपित राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध प्रथम आरोप को सत्य एवं प्रमाणित पाया है।

2222.... आरोपी का पक्ष :-आरोपी का पक्ष :-आरोपी का पक्ष :-आरोपी का पक्ष :- दूसरे आरोप के संबंध में आरोपी का कथन है कि यदि उक्त भूमि का स्थल निरीक्षण मेरे द्वारा नहीं किया जाता या सूचना निर्गत किए बिना उक्त भूमि के नामान्तरण की अनुशंसा की गई होती, तो फिर अभिलेख सं0-393/2013-14 एवं 394/2013-14 किस परिस्थिति में तैयार किया गया। आरोपी ने यह भी कहा है कि अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज के ज्ञापांक 366, दिनांक 05.07.2013 द्वारा पूछे गए स्पष्टीकरण के जवाब में भूलवश मेरे द्वारा उल्लेख किया गया कि बिना स्थल जाँच किए उक्त भूमि के नामान्तरण का प्रस्ताव मेरे द्वारा दिया गया और इसी भूल के कारण अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज द्वारा प्रपत्र'क' में आरोप पत्र गठन कर निलंबन किए जाने की अनुशंसा की गई।

साक्ष्य उपस्थापन पदाधिकारी का तर्क :- इस संबंध में साक्ष्य उपस्थापन पदाधिकारी ने कहा है कि अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज के ज्ञापांक 366, दिनांक 05.07.2013 द्वारा पूछे गए स्पष्टीकरण के जवाब में राजस्व कर्मचारी, श्री मंडल द्वारा स्पष्ट वक्तव्य दिया गया है कि उनके द्वारा बिना स्थल निरीक्षण किए भू-नामान्तरण प्रस्ताव सिर्फ आर0एस0 खतियान एवं पंजी II (जमाबन्दी) के अनुसार दिया गया है, जो श्री मंडल को स्वयं दोषी सिद्ध करता है। राजस्व कर्मचारी के हल्का से ½ की0मी0 की दूरी पर वर्षों से प्रस्तावित भूमि पर पंचायत भवन अवस्थित है।

जाँचोेपरान्त संचालन पदाधिकारी ने इस दूसरे आरोप को भी सत्य एवं प्रमाणित पाया है।

संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही का संचालन पूर्ण करने के उपरान्त प्रेषित जाँच प्रतिवेदन में आरोपी श्री विकास कुमार मंंडल, राजस्व कर्मचारी, नरपतगंज के विरुद्ध प्रपत्र'क' में सभी दोनों आरोप प्रमाणित पाये गए हैं। आरोपों के विरुद्ध आरोपी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण/कारण-पृच्छा तथ्यहीन, भ्रामक एवं वास्तविकता से परे है। श्री मंडल ने ''पंचायत भवन'' जैसी संरचना जो स्थानीय त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का प्रथम पायदान है और जिस पंचायत भवन में स्थानीय मधुरा (पश्चिम) ग्राम पंचायत का कार्यालय वर्षों से कार्यरत है, और पंचायत स्तरीय बैठक, सम्मेलनादि बराबर होते रहता है, को एक व्यक्ति विशेष के पक्ष में नामान्तरण (Mutation) की सिफारिश कर न केवल निहित स्वार्थ का परिचय दिया है, बल्कि सरकारी संपदा, सरकारी कागजात और सरकारी दायित्व को जिम्मेवारी पूर्वक संभालने/निभाने की विश्वसनीयता को हमेशा के लिए खो दिया है। श्री मंडल के इस आचरण के मद्‌देनजर भविष्य में इनसे कोई भी सरकारी कार्य लेना समाज, राजस्व प्रशासन, और सरकार के हित में एकदम संभव नहीं है।

श्री मंडल के विरुद्ध लगाये गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, जो प्रमाणित हो चुके हैं और सरकारी सेवा से बर्खास्त किए जाने के लिये यथेष्ठ हैं।

अतः सम्यक विचारोपरांत अत्यंत सावधानीपूर्वक बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियामावली 2005 के नियम 14(XI) में निहित प्रावधानों के तहत्‌ प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं चितरंजन सिंह, भ0प्र0से0-समाहर्त्ता-सह-जिला दण्डाधिकारी, अररिया यथा ऊपर वर्णित आरोपों के प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप श्री विकास कुमार मंडल, राजस्व कर्मचारी, अंचल-नरपतगंज को आदेश निर्गत होने की तिथि के अपराह्‌न से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ।18 (cid:18)बहार गजट, 4 (दस*बर 2013 श्री विकास कुमार मंडल से संबंधित सूचनायें निम्नवत्‌ हैं :- 1111.... नाम - श्री विकास कुमार मंडल 2222.... पिता का नाम - स्व0 नित्यानंद मंडल 3333.... पदनाम - राजस्व कर्मचारी 4444.... नियुक्ति की तिथि - 09.03.2009 5555.... स्थाई पता - ग्रामपो0-गौरीपुर, भाया-महादेवपुर, थाना-प्राणपुर, जिला-कटिहार।

आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, समाहत्र्ता-सह- जिला दण्डाधिकारी, अररिया

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 04 February 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-02-04.49/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-02-04.49.