Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 20 February 2013

Published 20 February 2013

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-02-20.8
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 1111 फा(cid:30)गुफा(cid:30)गुफा(cid:30)गुफा(cid:30)गुनननन 1931931931934444 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 08080808 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 20202020 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2013201320132013 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)0, पदःथापन, बदली, श(cid:18)0, छु 6ट(cid:15) और अ9य :य(cid:18)0गत सूचनाएं। 2-14 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु(cid:30)म? के समादेंटाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, कायIबम, छाऽवृ(cid:18)L ूदान, आMद।

---

भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आMद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राNयपाल और कायाIOयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आMद। 15-27

भाग-3—भारत सरकार, पPQम बंगाल सरकार और उSच 9यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राNय गजट? के उUरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उZत (cid:18)वधान मंडल मX उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Mकये जानेवाले ूवर सिमितय? के ूितवेदन और उZत (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथापन के पूवI ूकािशत (cid:18)वधेयक।

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भाग-7—संसद के अिधिनयम Pजनपर रांशपित क\ Nयेंठअनुमित िमल चुक\ है। ---

भाग-8—भारत क\ संसद मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मX पुर:ःथापन के पूवI ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व]ापन

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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क\ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवIसाधारण सूचनाएं इ_याMद। 28-28 पूरक

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पूरक-क ---

2 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)0श(cid:18)0श(cid:18)0श(cid:18)0, , , , छुछुछुछु 6ट(cid:15) और अ9य6ट(cid:15) और अ9य6ट(cid:15) और अ9य6ट(cid:15) और अ9य वैय(cid:18)0क सूचनाएं वैय(cid:18)0क सूचनाएं वैय(cid:18)0क सूचनाएं वैय(cid:18)0क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

पटना उच्च न्यायालय ——— अधिसूचनाएं 10 दिसम्बर 2012 सं॰ 584 नि0—डा0 रतन किशोर तिवारी, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, पूर्णिया को नवादा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, संजय प्रिय, महानिबंधक प्र0।

——— The 10th December2012 No. 584 A— Dr. Ratan Kishore Tiwary, Principal Judge, Family Court, Purnea, is transferred and posted as District and Sessions Judge of Nawadah.

By order of the High Court,

SANJAY PRIYA, Registrar General I/C.

———

10 दिसम्बर 2012

सं॰ 585 नि0—श्री आषुतोष कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीष, परिवार न्यायालय, छपरा को, श्री ब्रजेन्द्र कुमार पाण्डेय, जिला एवं सत्र न्यायाधीष के स्थान पर जो 31 दिसम्बर 2012 को सेवानिवृत हो रहे हैं, बिहारषरीफ के जिला एवं सत्र न्यायाधीष के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, संजय प्रिय, महानिबंधक प्र0।

——— The 10th December2012 No. 585A—Sri Ashutosh Kumar Singh, Principal Judge, Family Court, Saran at Chapra, is transferred and posted as District and Sessions Judge of Nalanda at Biharsharif vice Sri Brajendra Kumar Pandey, District and Sessions Judge, Nalanda at Biharsharif who is going to superannuate on 31.12.2012.

By order of the High Court,

SANJAY PRIYA, Registrar General I/C.

——— 10 दिसम्बर 2012 सं॰ 586 नि0—श्री सुरेन्द्र कुमार चौबे, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, बिहारशरीफ को, मुंगेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, संजय प्रिय, महानिबंधक प्र0।

——— The 10th December2012 No. 586 A—Sri Surendra Kumar Choubey, Principal Judge, Family Court, Nalanda at Biharsharif, is transferred and posted as District and Sessions Judge of Munger.

By order of the High Court,

SANJAY PRIYA, Registrar General I/C.

——— 5 दिसम्बर 2012 सं॰ 588 नि0— पूर्वी चम्पारण जजी अंतर्गत मोतिहारी के अवर न्यायाधीश श्री ओंकार नाथ त्रिवेदी को शिवहर जजी में अवर न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। वे साधारणतः शिवहर में अधिष्ठित रहेंगे।

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।3 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 The 5th December2012 No. 588 A—Sri Onkar Nath Trivedi, Sub Judge, Motihari in the Judgeship of East Champaran is appointed as Sub Judge on transfer in the Judgeship of Sheohar to be stationed ordinarily at Sheohar . By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

——— 11 दिसम्बर 2012 सं॰ 592 नि0—निम्न तालिका के स्तम्भ 2 में उल्लिखित असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के न्यायिक पदाधिकारी को इसी तालिका के स्तम्भ -3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर असैनिक न्यायाधीश (वरीय कोटि) के संवर्ग में प्रोन्नत कर अवर न्यायाधीश के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाता है। क्रम सं0 पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित

क्रम सं0 पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित (अ) नए स्थान का नाम (ब ) पदाधिकारी का साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान (स) जजी जहाँ प्रोन्नति के उपरान्त नियुक्त किये जाते है।
1 2 3
1 श्री त्रिलोकी दूबे अनुमण्डल न्यायिक पदाधिकारी पूर्णिया, (पूर्णिया) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) हाजीपुर (स) वैशाली
2 श्री राजीव कुमार अनुमण्डल न्यायिक पदाधिकारी गया, (गया) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) लखीसराय (स) मु गेर ं
3 श्री गोपाल जी अनुमण्डल न्यायिक पदाधिकारी मधुबनी (मधुबनी) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) मधुबनी (स) मधुबनी
4 श्री अशोक राज अनुमण्डल न्यायिक पदाधिकारी बिहारशरीफ, (नालन्दा) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) सहरसा (स) सहरसा
5 श्री त्रिभुवन यादव रेलवे दण्डाधिकारी, खगड़िया (खगड़िया) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) मोतिहारी (स) पूर्वी चम्पारण
6 श्री अशोक कुमार सिंह अनुमण्डल न्यायिक पदाधिकारी हाजीपुर, (वैशाली) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) मधुबनी (स) मधुबनी
7 श्री अली अहमद रेलवे दण्डाधिकारी, सोनपुर (छपरा) (अ) अवर न्यायाधीश (ब) सुपौल (स) सहरसा

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 11th December2012

No. 592 A—The Judicial Officers of the cadre of Civil Judge (Junior Division), named in column no. 2 of the table given below are, on promotion to the cadre of Civil Judge (Senior Division), appointed to act as Subordinate Judge in the Judgeship to be stationed ordinarily at the stations mentioned in column no. 3 of the table. Sl. No.

Sl. No. Name of the officer, designation and present place of posting (with judgeship) (a) Designation at the station (b) Place where the officer stationed at (c) Name of Judgeship in which appointed on promotion.
1 2 3
1 Sri Triloki Dubey S.D.J.M. Purnea (Purnea) (a) Sub Judge (b) Hajipur (c) Vaishali
2 Sri Rajeev Kumar S.D.J.M. Gaya (Gaya) (a) Sub Judge (b) Lakhisarai (c) Munger
3 Sri Gipal Jee S.D.J.M., Madhubani (Madhubani) (a) Sub Judge (b) Madhubani (c) Madhubani
4 Sri Ashok Raj S.D.J.M., Biharsharif (Nalanda) (a) Sub Judge (b) Saharsa (c) Saharsa
5 Sri Tribhuvan Yadav Railway Magistrate, Khagaria (Khagaria) (a) Sub Judge (b) Motihari (c) East Champaran
6 Sri Ashok Kumar Singh S.D.J.M., Hajipur (Vaishali) (a) Sub Judge (b) Madhubani (c) Madhubani
7 Sri Ali Ahmad Railway Magistrate, Sonepur Saran (Chapra) (a) Sub Judge (b) Supaul (c) Saharsa
4 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

———

14 दिसम्बर 2012

सं॰ 600 नि0—निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर एवं स्तम्भ-4 में दी गई स्थानांतरण श्रृंखला में मुंसिफ नियुक्त किया जाता है।

पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-1987 (ऐक्ट XIX, 1987) द्वारा संशोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा-19 की उप-धारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-5 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।

सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-5 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।

स्तम्भ-5 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ नियुक्त किए गये हैं स्थानांतरण की श्रृंखला नये स्थान पर अधिकारियों को प्रदान की गयी विशेष शक्तियाँ अ) बंगाल, आगरा एण्ड आसाम सिविल कोर्ट ऐक्ट के अंतर्गत (साधारण प्रक्रिया) ब) प्रोविन्सियल स्मॉल कोजेज कोर्टस ऐक्ट 1987 के अंतर्गत
1. श्री राजेन्द्र दास, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी, खगड़िया अ) मु सिफ ं ब) खगड़िया स) खगड़िया पूर्व में स्थानांतरित श्री सत्य नारायण शिवहरे के स्थान पर। अ) खगड़िया मु सिफी की स्थानीय सीमाओं के ं अंतर्गत 30,000/- रूपये तक ब) खगड़िया मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1,000/- रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।5 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

The 14th December2012

No. 600 A—The Judicial Officer Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is appointed as Munsif in the Judgeship and station mentioned in column no. 3, and in the chain indicated in column no. 4 of the table.

As mentioned in column no. 5, the officer concerned is also vested with the powers under Sub- Section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Begal, Agra and Assam Civil Courts Bihar amendment Act, 1987 (Act XIX of 1987) to try under the ordinary procedure original suits of pecuniary and Territorial Jurisdiction.

As further mentioned in Column no. 5, the officer concerned is also vested with powers of a Judge of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary pecuniary and Territorial Jurisdiction.

The powers vested as per column no. 5, should not, however, be exercised by the officer concerned unless they are published in the Bihar Gazette or in the District Gazette.

Sl. No. Name of the Officer with designation and present place of posting with Judgeship at the (a) Designation new station. (b) Place where the Officer is to be ordinarily stationed. (c) Name of the Judgeship in which posted. Chain of transfer Special power with which the officer is vested at the new station. (a) Under the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts (under ordinary procedure). (b) Under the provincial small causes Courts Acts, 1987.
1 2 3 4 5
1. Sri Rajendra Das, Judicial Magistrate-1st Class, Khagaria (a) Munsif (b) Khagaria (c) Khagaria Vice Sri Satya Narayan Sheohare Since transferred (a) Rs. 30,000/- within the local limits of Khagaria Munsifi. (b) S.C.C. powers of Rs. 1000/- within the local limits of Khagaria Munsifi.

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

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14 दिसम्बर 2012

सं॰ 601 नि0—निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर एवं स्तम्भ-4 में दी गई स्थानांतरण श्रृंखला में मुंसिफ नियुक्त किया जाता है।

पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-1987 (ऐक्ट XIX, 1987) द्वारा संशोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा-19 की उप-धारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-5 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।

सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-5 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।6 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 स्तम्भ-5 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र में अधिसूचित न हो जायें।

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ नियुक्त किए गये हैं स्थानांतरण की श्रृंखला नये स्थान पर अधिकारियों को प्रदान की गयी विशेष शक्तियाँ अ) बंगाल, आगरा एण्ड आसाम सिविल कोर्ट ऐक्ट के अंतर्गत (साधारण प्रक्रिया) ब) प्रोविन्सियल स्मॉल कोजेज कोर्टस ऐक्ट 1987 के अंतर्गत
1 2 3 4 5
1. श्री अविनाश शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह- अतिरिक्त मुसिफ मधेपुरा अ) मु सिफ ं ब) मधेपुरा स) मधेपुरा पूर्व में प्रभारी न्यायाधीश मधेपुरा के रूप में नियुक्त श्री दीपक कुमार-1 के स्थान पर अ) मधेपुरा मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 30,000/- रूपये तक ब) मधेपुरा म ु सिफी ं की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 1,000/- रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 14th December2012

No. 601 A— The Judicial Officer Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is appointed as Munsif in the Judgeship and station mentioned in column no. 3, and in the chain indicated in column no. 4 of the table.

As mentioned in column no. 5, the officer concerned is also vested with the powers under Sub- Section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Begal, Agra and Assam Civil Courts Bihar amendment Act, 1987 (Act XIX of 1987) to try under the ordinary procedure original suits of pecuniary and Territorial Jurisdiction.

As further mentioned in Column no. 5, the officer concerned is also vested with powers of a Judge of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary pecuniary and Territorial Jurisdiction.

The powers vested as per column no. 5, should not, however, be exercised by the officer concerned

Sl. No. Name of the Officer with designation and present place of posting with Judgeship at the (a) Designation new station. (b) Place where the Officer is to be ordinarily stationed. (c) Name of the Judgeship in which posted. Chain of transfer Special power with which the officer is vested at the new station. a) Under the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts (under ordinary procedure). b) Under the provincial small causes Courts Acts, 1987.
1 2 3 4 5
1. Sri Avinash Sharma, Judicial Magistrate- 1st Class-cum- Additional Munsif, Madhepura. (a) Munsif (b) Madhepura (c) Madhepura Vice Sri Deepak Kumar-I since Apptt. as Judge I/C Madhepura (a) Rs. 30,000/- within the local limits of Madhepura Munsifi. (b) S.C.C. powers of Rs. 1000/- within the local limits of Madhepura Munsifi.

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

7 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

19 दिसम्बर 2012

सं॰ 630 नि0— श्री विश्वेश्वर नाथ मिश्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पअना को श्री ब्रजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के स्थान पर जो 31 दिसम्बर 2012 को सेवानिवृत हो रहे है, गया के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप मेंं स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 19th December2012 No. 630 A— Sri Vishweshwar Nath Mishra, District and Sessions Judge, Patna is transferred and posted as District and Sessions Judge of Gaya vice Sri Brajendra Kumar Srivastava, District and Sessions Judge, Gaya who is going to superannuate on 31.12.2012.

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

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19 दिसम्बर 2012

सं॰ 631 नि0— श्री अरूण कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निबंधक (नियुक्ति), पटना उच्च न्यायालय, पटना को श्री विश्वेश्वर नाथ मिश्रा के स्थान पर पटना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 19th December2012 No. 631 A— Sri Arun Kumar, District and Sessions Judge, presently posted as Registrar (Appointment), Patna High Court, Patna is transferred and posted as District and Sessions Judge of Patna vice Sri Vishweshwar Nath Mishra.

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

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14 जनवरी 2013

सं॰ 27 नि0— 24/26 वीं न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर नियुक्त निम्नलिखित परिक्ष्यमान मुंसिफों (असैनिक न्यायधीश, कनीय कोटि) की सेवाएं उनके नाम के सम्मुख स्तंभ 3 में उल्लेखित तिथि के प्रभाव से संपुष्ट की जाती है।

क्रमांक पदाधिकारियों के नाम, पदनाम एवं पदस्थापन का स्थान संपुष्टि की तिथि
1 2 3
1. श्री संजय कुमार सिंह II, न्यायिक दण्डाधिकारी, मुजफ्फरपुर, 26वीं न्यायिक सेवा 09.10.2009
2. सुश्री सरोज क्रीति, न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
3. श्री संजय कुमार IV, न्यायिक दण्डाधिकारी, पटना सिटी, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
4. श्री अमीत रंजन उपाध्याय, न्यायिक दण्डाधिकारी, बगहा, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
5. श्री दीपक कुमार III, न्यायिक दण्डाधिकारी, कटिहार, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
6. श्री गौरव आनन्द, न्यायिक दण्डाधिकारी, बेगुसराय, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
7. श्री राजीव कुमार III, न्यायिक दण्डाधिकारी, शेरघाटी, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
8. श्री संजीव कुमार राय, न्यायिक दण्डाधिकारी, शेखपुरा, 26वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010
9. श्री राम किशुन प्रसाद भारती, मुंसिफ, समस्तीपुर, 24वीं न्यायिक सेवा 25.01.2010

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 14th January 2013 No. 27 A— The Services of following Probationary Munsifs (Civil Judge, Jr. Div.) appointed on the basis of the result of 24th / 26th Judicial Service Competitive Examination are hereby confirmed w.e.f. the dates indicated against their respective names in column 3.

Sl. No. Name, designation and place of posting of the officer Date of confirmation
1. 2. 3.
1. Sri Sanjay Kumar Singh II, Judicial Magistrate, Muzaffarpur 26th Judicial Service 09.10.2009
2. Ms. Saroj Kirti, Judicial Magistrate, Ara 26th Judicial Service 25.01.2010
3. Sri Sanjay Kumar IV, Judicial Magistrate, Patna City 26th Judicial Service 25.01.2010
4. Sri Amit Ranjan Upadhyay, Judicial Magistrate, Bagaha 26th Judicial Service 25.01.2010
5. Sri Deepak Kumar III, Judicial Magistrate, Katihar 26th Judicial Service 25.01.2010
6. Sri Gaurav Anand, Judicial Magistrate, Begusarai 26th Judicial Service 25.01.2010
7. Sri Rajeev Kumar III, Judicial Magistrate, Sherghati 26th Judicial Service 25.01.2010
8. Sri Sanjeev Kumar Rai, Judicial Magistrate, Sheikhpura 26th Judicial Service 25.01.2010
9. Sri Ram Kishun Prasad Bharti, Munsif, Samastipur 24th Judicial Service 25.01.2010
8 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

———

15 जनवरी 2013

सं॰ ''42'' 'अ'— निम्नलिखित अवर न्यायाधीशों को जो सम्प्रति स्थानापन्न अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोटि के पदों पर कार्यरत हैं, को उनके नाम के सामने तालिका के स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से बिहार वरीय न्यायिक सेवा संवर्ग में सम्पुष्ट किया जाता है।

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान संपुष्टि की तिथि
1 2 3
1. श्री बशिष्ट नारायण सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पटना 01.01.2011
2. श्री शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिवान 01.01.2011
3. श्री शैलेश शरण श्रीवास्तव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, आरा 01.02.2011
4. श्री राम लखन यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मधेपुरा 01.07.2011
5. श्री भुबनानंद झा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बेतिया 01.09.2011
6. श्री राजेश्वर तिवारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पूर्णिया 01.09.2011
7. श्री शत्रुध्न शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बगहा 01.02.2012
8. श्री बलराम सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दानापुर 01.04.2012

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

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The 15th January 2013

No. "42" 'A'— The following Subordinate Judges presently officiating on different post of the rank of Additional District and Sessions Judges are confirmed in the cadre of the Bihar Superior Judicial Service with effect from the date mentioned against their respective names in Column No. "3".

Sl. No. Name of the Officer, designation and present place of posting Date of confirmation
1 2 3
1. Sri Basistha Narain Singh, Additional District & Sessions Judge, Patna 01.01.2011
2. Sri Shailendra Kumar Pandey, Additional District & Sessions Judge, Siwan. 01.01.2011
3. Sri Shailesh Sharan Srivastava, Additional District & Sessions Judge, Ara. 01.02.2011
4. Sri Ram Lakhan Yadav, Additional District & Sessions Judge, Madhepura. 01.07.2011
5. Sri Bhubna Nand Jha, Additional District & Sessions Judge, Bettiah. 01.09.2011
6. Sri Rajeshwar Tiwari, Additional District & Sessions Judge, Purnea. 01.09.2011
7. Sri Shatrughan Sharma, Additional District & Sessions Judge, Bagaha. 01.02.2012
8. Sri Balram Singh, Additional District & Sessions Judge, Danapur. 01.04.2012
9 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

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17 जनवरी 2013

सं॰ 56 नि0— निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर उच्च न्यायालय द्वारा आवश्यक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर, न्यायिक दण्डाधिकारी नियिुक्त किया जाता है।

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ नियुक्त किए जाते हैं
1 2 3
1. श्री धनंजय कुमार मिश्रा, प्रभारी न्यायाधीश, मधुबनी (मधुबनी) अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) रोसड़ा स) समस्तीपुर

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 17th January 2013 No. 56 A— The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is hereby appointed as Judicial Magistrate on being vested with necessary Magisterial powers by the Court in the Judgeship and station mentioned in column no. 3 of the said table :- Sl. No.

Sl. No. Name of the Officer with designation and place of posting with Judgeship (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be stationed at. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer.
1 2 3
1. Sri Dhananjay Kumar Mishra Judge-In-Charge, Madhubani (Madhubani). (a) Judicial Magistrate (b) Rosera (c) Samastipur

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

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17 जनवरी 2013

सं॰ 57 नि0— दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा-11 की उप-धारा 3 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।

क्रम संख्या पदाधिकारी का नाम, पदनाम तथा वर्तमान पदस्थापन का स्थान जिला का नाम
1 2 3
1. श्री धनंजय कुमार मिश्रा, प्रभारी न्यायाधीश, मधुबनी, जिनका स्थानांतरण न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में रोसड़ा किया गया है। समस्तीपुर

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।10 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 The 17th January 2013 No. 57 A— In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Judicial Magistrate (Civil Judge, Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrates of the 1st Class for the district noted against his name in column no. 3 of the table. Sl. No. Name of the Officer with designation and place of posting Name of the District

Sl. No. Name of the Officer with designation and place of posting Name of the District
1 2 3
1. Sri Dhananjay Kumar Mishra, Judge-In-Charge, Madhubani (Under orders of transfer to Rosera as Judicial Magistrate) Samastipur

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

——— 23 जनवरी 2013 सं॰ 76 नि0— निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को तालिका स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर एवं स्तम्भ-4 में दी गई स्थानांतरण श्रृंखला में उच्च न्यायालय द्वारा आवश्यक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान किये जाने पर, न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता हैं।

क्रम संख्या पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ नियुक्त किए जाते हैं स्थानांतरण की श्रृंखला
1 2 3 4
1. श्री बरहु प्रसाद, मु सिफ, छपरा, ं (सारण) अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) हाजीपुर स) वैशाली श्री अशोक कुमार सिंह के स्थान पर
2. श्री संदीप मिश्रा, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, सहरसा (सहरसा) अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) पुर्णिया स) पूर्णिया श्री त्रिलोकी दुबे के स्थान पर
3. श्री ओम सागर, प्रभारी न्यायाधीश, बिहारशरीफ, (नालन्दा) अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) गया स) गया श्री राजीव कुमार-I के स्थान पर
4. श्री कृष्ण प्रताप राणा, निबंधक, आरा (भोजपुर) अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बिहारशरीफ स) नालन्दा श्री आशोक राज के स्थान पर
5. श्री बिनोद कुमार गुप्ता, निबंधक, मुंगेर (मु गेर) ं अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) मधुबनी स) मधुबनी श्री गोपाल जी के स्थान पर

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।11 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

The 23rd January 2013

No. 76 A—The Judicial Officers of the cadre of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are hereby appointed as Judicial Magistrates on being vested with necessary Magisterial powers by the Court in the Judgeships and stations mentioned in column no. 3 and in chain noted in column no. 4 of the said table: -

Sl. No. Name of the Officers with designation and place of posting with Judgeship (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be stationed. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. Chain of transfer
1 2 3 4
1. Sri Barhu Prasad, Munsif, Chapra, (Saran) (a) Judicial Magistrate (b) Hajipur (c) Vaishali Vice Sri Ashok Kumar Singh.
2. Sri Sandeep Mishra, S.D.J.M., Saharsa, (Saharsa) (a) Judicial Magistrate (b) Purnea (c) Purnea Vice Sri Triloki Dubey
3. Sri Om Sagar, Judge-in-Charge, Biharsharif, (Nalanda) (a) Judicial Magistrate (b) Gaya (c) Gaya Vice Sri Rajeev Kumar-I
4. Sri Krishna Pratap Rana, Registrar, Ara (Bhojpur) (a) Judicial Magistrate (b) Biharsharif (c) Nalanda Vice Sri Ashok Raj
5. Sri Binod Kumar Gupta, Registrar, Munger, (Munger) (a) Judicial Magistrate (b) Madhubani (c) Madhubani Vice Sri Gopal Jee

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

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23 जनवरी 2013

सं॰ 77 नि0— दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा-11 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्नलिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को निम्न तालिका के स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती है। पुनः उसी दण्ड प्रक्रिया की धारा-12 की उप-धारा (3) (अ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन पदाधिकारियों को इसी तालिका के स्तंभ-4 में उनके नाम के सामने उल्लिखित अनुमंडल के लिए अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी भी पदांकित किया जाता है।

क्रम संख्या पदाधिकारी का नाम, पदनाम वर्तमान पदस्थापन का स्थान जिला का नाम अनुमंडल का नाम
1. 2. 3. 4.
1. श्री बरहु प्रसाद, मुंसिफ, छपरा, जिनका पदस्थापन हाजीपुर के अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में हुआ है। वैशाली हाजीपुर
2. श्री संदीप मिश्रा, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, सहरसा जिनका पदस्थापन पुर्णिया के अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में हुआ है। पूर्णिया पूर्णिया
3. श्री ओम सागर, प्रभारी न्यायाधीश, बिहारशरीफ, जिनका पदस्थापन गया के अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में हुआ है। गया गया
4. श्री कृष्ण प्रताप राणा, निबंधक, आरा जिनका पदस्थापन बिहारशरीफ के अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में हुआ है। नालन्दा बिहारशरीफ
5. श्री बिनोद कुमार गुप्ता, निबंधक, मुंगेर जिनका पदस्थापन मधुबनी के अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में हुआ है। मधुबनी मधुबनी
12 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 23rd January 2013

No. 77 A— In exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Judicial Officers (Civil Judge, Junior Division) named in column no.2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the District noted against their respective names in column no.3 of the table. Further, in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) (a) of Section 12 of the said Criminal Procedure Code, these Officers are designated as the Sub-Divisional Judicial Magistrate for the Sub-Division noted against their respective names in column no.4 of the said table.

Sl. No. Name of the Officers with designation and place of posting Name of the District Name of the Sub- Division
1 2 3 4
1. Sri Barhu Prasad, Munsif, Chapra, Under order of transfer to Hajipur as S.D.J.M. Hajipur Hajipur
2. Sri Sandeep Mishra, S.D.J.M., Saharsa, Under order of transfer to Purnea as S.D.J.M. Purnea Purnea
3. Sri Om Sagar, Judge-in-Charge, Biharsharif, Under order of transfer to Gaya as S.D.J.M. Gaya Gaya
4. Sri Krishna Pratap Rana, Registrar, Ara Under order of transfer to Biharsharif as S.D.J.M. Nalanda Biharsharif
5. Sri Binod Kumar Gupta, Registrar, Munger, Under order of transfer to Madhubani as S.D.J.M. Madhubani Madhubani

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

——— 23 जनवरी 2013 सं॰ 78 नि0—निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को भारतीय रेलवे अधिनियमों के अंतर्गत, उन वादों को जिन्हें वे दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम-2, 1974) के अंतर्गत क्षमतापूर्वक निष्पादित कर सकते हैं, के निष्पादन हेतु तालिका स्तम्भ-4 में निहित रेलवे न्यायालय में न्यायिक दंडाधिकारी (रेलवे) नियुक्त किया जाता है। दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-11 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय, निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में निहित न्यायिक दंडाधिकारी को उनके अपने क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान करता है। उन्हें उक्त संहिता की धारा 260 के अंतर्गत भारतीय रेलवे अधिनियम में वर्णित वादों के संक्षिप्त विचारण के लिये प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। उन्हें अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ऐसे वादों में जिनका निष्पादन करने के लिए उन्हें प्राधिकृत किया गया है, संज्ञान लेने की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।13 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं स्थान जहां वे पदस्थापित हैं। क्षेत्राधिकार जहाँ के लिये शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं। रेलवे न्यायालय का स्थान, जहाँ के लिए पदस्थापित किये जाते हैं।
1 2 3 4
1 श्री मनकामेश्वर प्रसाद चौबे, प्रभारी न्यायाधीश, सासाराम कोशी, दरभंगा, तिरहुत प्रमंडल और भागलपुर प्रमंडल के गंगा नदी के उारी भाग का हिस्सा। खगड़िया
2 श्री सत्येन्द्र सिंह, प्रभारी न्यायाधीश, हाजीपुर कोशी, दरभंगा, तिरहुत, सारण प्रमंडल, मुंगेर, भागलपुर प्रमंडल का भागलपुर जिला और पटना प्रमंडल का पटना जिला। सोनपुर

उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।

The 23rd January 2013

No. 78 A—The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below are appointed as Judicial Magistrate (Railway) to try cases under the Indian Railways Act at the Railway Court mentioned in column no. 4 within the territorial Jurisdiction mentioned against their names in column no. 3 of the table, which they are competent to try under the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974). In exercise of Powers conferred under Sub-Section 3 of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973, the High Court are pleased to confer upon the Judicial Magistrates named below the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the territorial Jurisdictions mentioned against their names in column no. 3 of the table. They are also vested with the powers conferrable on a Judicial Magistrate of the 1st Class to try summarily the cases under the Indian Railways Act, as are covered under Section 260 of the Code of Criminal Procedure, 1973. They are also conferred with the powers to take cognizance of such case as they are authorized to try within their territorial Jurisdiction.

Sl. No. Name of the Officers, designation and place of posting Jurisdiction for which power is being vested Name of the station to be posted as in the court of Railway Magistrate
1 2 3 4
1 Sri Mankameshwar Prasad Choubey, Judge-in-Charge, Sasaram. Kosi, Darbhanga, Tirhut Division and part of Bhagalpur north of Ganges. Khagaria
2 Sri Satyendra Singh, Judge-in-Charge, Hajipur. Kosi, Darbhanga, Tirhut, Saran Div, Munger and Bhagalpur District of Bhagalpur Div. and Patna District of Patna Div. Sonepur

By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.

——— निगरानी विभाग ——— अधिसूचना 18 फरवरी 2013 सं॰ नि॰वि॰स्था॰-301/2013-764—श्री सरोज कुमार सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग, बिहार, पटना को अमेरिका जाने हेतु दिनांक 16.03.2013 से 29.04.2013 तक कुल 45 (पैंतालिस) दिनों का उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है। 2. श्री सिन्हा को विदेश जाने की अनुमति प्रदान की जाती है। 3. श्री सिन्हा की विदेश यात्रा निजी है। ये अपने निजी खर्च पर जायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आर॰ एन॰ तिवारी, अपर सचिव ।14 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

वित्त विभाग

———

अधिसूचना

13 फरवरी 2013

सं॰ 01/स्था॰(अंके॰)-03/2012/1437वि॰—श्री श्याम कुमार झा, उप लेखा नियंत्रक, कोशी प्रमंडल, सहरसा को कार्यहित में कोशी प्रमंडल, सहरसा से स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उपलेखा नियंत्रक, भागलपुर प्रमण्डल के रूप में पदस्थापित किया जाता है । श्री झाा को प्रभारी वित्त अंकेक्षक कार्यालय, भागलपुर प्रमण्डल, भागलपुर के रूप में नामित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण पाठक, संयुक्त सचिव ।

———

शिक्षा विभाग

———

अधिसूचना

13 फरवरी 2013

सं0 4/वि016-20/2013-302—सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना सं0 1209, दिनांक 23.01.2013 द्वारा श्री नवीन कुमार सिंह, कोटि क्रमांक-759/2011, वरीय उप समाहर्ता, गोपालगंज की सेवा आप्त सचिव, अध्यक्ष, बिहार राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्र प्राधिकार, पटना के पद पर पदस्थापन हेतु शिक्षा विभाग को सौपी गई है। 2. पूर्व पदस्थापित स्थान से विरमित होने के पश्चात श्री सिंह द्वारा दिनांक 04.02.2013 के पूर्वाह्‌न में योगदान दिया गया है।

3. श्री सिंह द्वारा दिनांक 04.02.2013 के पूर्वाह्‌न में समर्पित योगदान को स्वीकृत करते हुए, उन्हें प्रो0 (डॉ0) रामवचन राय, अध्यक्ष, बिहार राज्य सार्वजनिक पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्र प्राधिकार, पटना के आप्त सचिव के पद पर अगले आदेश तक के लिये पदस्थापित किया जाता है।

बिहार- राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र राम, निदेशक (प्रशासन)-सह-अपर सचिव।

ÑÑÑÑ अधीHकअधीHकअधीHकअधीHक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राNयराNयराNयराNयपाल और कायाIOयपाल और कायाIOयपाल और कायाIOयपाल और कायाIOयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , ,

िधसूचनाएं और िनयम आMद। अअअअिधसूचनाएं और िनयम आMद। िधसूचनाएं और िनयम आMद। िधसूचनाएं और िनयम आMद।

ÑÑÑÑÑ बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसुचनाएं 29 अगस्त 2012 सं॰ 1067—दरभंगा नगर में स्थित श्री श्यामा मन्दिर मिथिला का प्रसिद्ध काली मन्दिर है, जिसमें लाखों लोंगो की अगाध आस्था है। पर्षद के अन्तर्गत यह एक निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास हैै, जिसकी निबंधन सं0- 3813 है। पहले यह निजी मन्दिर था, किन्तु 2007 की अधिनियम संख्या 1 के द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम में व्यापक संषेाधन किया गया है, जिसके अनुसार ऐसे सभी मंदिर जहाँ सार्वजनिक चढ़ावे चढ़ते हैं तथा दान प्राप्त किये जाते हैं, सार्वजनिक मंदिर माने जायेंगे, भले ही वे निजी विन्यास हों और उनकी स्थापना कुलदेवता की पूजा के लिए की गयी हो। अतः 2007 ई0 में पर्षद ने इसे सार्वजनिक धार्मिक न्यास घोषित कर इसकी सुव्यवस्था के लिए न्यास समिति का गठन किया था। पिछले पाँच वषों में न्यास द्वारा व्यय करने के बाद भी श्यामा मंदिर न्यास के बैंक खाते में 47 लाख रूपये से अधिक राषि जमा है, जो इस तथ्य को पुष्ट करता है कि यह सार्वजनिक न्यास है, क्योंकि यहाँ चढ़ावा काफी चढ़ता है। यहाँ सभी भक्त बेरोक टोक दर्षन बहुत अरसे से करते आये हैं तथा उनके द्वारा भगवती का निर्बाध दर्षन, पूजन, अर्चन होता रहा है। लाखों की राषि प्रतिवर्ष चढ़ावे में चढ़ती है। अतः अब यह सब प्रकार से सार्वजनिक मंदिर है। इस न्यास एवं इसकी सम्पत्ति की सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं सर्वांंगीण विकास के लिए पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 775 दिनांक 10.08.2007 द्वारा अधिनियम की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण एवं इसके संचालन तथा कार्यान्वयन के लिए ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था, जिसका कार्यकाल 05 वर्षों का था। उक्त अधिसूचना का प्रकाषन जिला गजट दरभंगा में दिनांक 01.09.2007 को हुआ था और उक्त न्यास समिति का कार्यकाल 31.08.2012 को पूरा हो रहा है। अतएव नयी न्यास समिति का गठन आवष्यक है। उक्त पर्षदीय अधिसूचना जो जिला गजट में 01.09.2007 को प्रकाषित हुई थी, उसमें अधिनियम की धारा-32 के तहत योजना निरूपित की गयी थी, उसको पुनः यहाँ पुष्ट करते हुए निम्नलिखित योजना निरूपित की जाती हैः-

1. माँ श्यामा मंदिर दरभंगा एवं इसमें निहित सम्पत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए निरूपित योजना का नाम '' माँ श्यामा मंदिर न्यास योजना'' होगा और इसके कार्यान्वयन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति'' होगा जिसमें माँ श्यामा मंदिर की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण का अधिकार होगा तथा जिसमें ष्यामा मंदिर के समग्र परिसर एवं इससे सम्बद्ध प्रषासन एवं संचालन की शक्ति निहित होगी । इसे वाद चलाने का अधिकार होगा तथा इस पर वाद चलाया जा सकेगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य होगा माँ श्यामा मंदिर का सुप्रबन्धन तथा आय-व्यय में पारदर्षिता । मंदिर में चढ़नेवाले सभी नगदी चढ़ावे भेंटपात्र में डाले जायेंगे तथा उन्हें निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा निर्धारित दो व्यक्तियों की उपस्थिति में खोल कर उसकी सही गणना कर राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किया जायेगा। शेष सभी चढ़ावे एवं उपहारों के लिए दाताओें को उचित पावती देकर उन्हें सत्यापित पंजी में प्रविष्ट कर प्रदर्ष के रूप में रखा जायेगा । किसी भी संस्कार के लिए निर्धारित राषि ली जायेगी और इसके लिए तथा चन्दे या किसी भी प्रकार की सहयेाग राषि के लिए प्राप्ति रसीद दी जायेगी, जिसका सम्यक्‌ लेखा संघारण किया जायेगा। आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता न्यास समिति की असली परख होगी ।

3. माँ श्यामा मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधाओं पर विषेष घ्यान दिया जायेगा। मंदिर परिसर के आस-पास उन्हें पूजा के लिए जबरन कहीं ले जाने या चढ़ावा चढ़ाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा। माँ के विग्रह दर्षन के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा । विषेष अर्चना या कर्मकाण्ड के लिए जो शुल्क निर्धारित होता है, तो वह देय होगी किन्तु उससे अधिक राषि उनसे नहीं ली जायेगी । मंदिर परिसर में स्वच्छता , जलापूर्ति, बिजली एवं अन्य आवष्यकताओं की पूर्ति को न्यास समिति विषेष रूप से तत्पर रहेगी। दोनों नवरात्रों, नववर्ष, रामनवमी, वसंतपंचमी आदि सभी त्योहारों पर भक्तों की विषेष सुविधाओं का पूर्ण ध्यान रखा जायेगा। मंदिर में दर्षन, पूजा, अर्चना में हिन्दू भक्तों के साथ किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा। महिलाओं को दर्षन में प्राथमिकता दी जायेगी।

4. दरभंगा राज परिवार के सभी सदस्यों का मंदिर में भगवती के दर्षन, पूजन, अर्चन का अधिकार पूर्ववत्‌ रहेगा और न्यास समिति राज-परिवार के सभी सदस्यों के प्रति पूरी श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट करेगी।16 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 5. मंदिर में कार्यरत वर्तमान पुजारी योग्य होने की स्थिति में पूर्ववत्‌ पूजा अर्चना करते रहेंगे। भविष्य में पुजारियों , अर्चकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यास समिति विहित प्रक्रिया द्वारा ही उनका चयन करेगी। उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा। न्यास की राषि बैंक में जमा की जायेगी और उसका संचालन न्यास समिति द्वारा निर्धारित दो व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।

6. मंदिर कीे सम्यक्‌ पूजा-अर्चना, राग-भोग, साधु-सेवा, श्रृंगार, उत्सव, प्रवचन, पुजारियों एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा अन्य आवष्यक व्ययों के वहन तथा मंदिर के विकास के बाद जो राषि बचेगी, उससे जन कल्याण की अनेक उपयोगी योजनाएँ पर्षद के पूर्वानुमोदन से चलायी जायेंगी ।

7. न्यास समिति द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए बजट, वार्षिक आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण, कार्यवृत आदि का सामयिक प्रेषण पर्षद के पास करेगी। जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं है और मंदिर के हित में जिसे आवष्यक समझा जाये उसे न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी और यदि 90 दिनों में अनुमोदन या अस्वीकृति की सूचना नहीं दी जाती है तो वह स्वतः अनुमोदित मानी जायेगी। यदि इस योजना में किसी विषय के प्रावधान का उल्लेख नहीं है तो उसके संबंध में अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित प्रावधान प्रभावी होंगे।

8. न्यास समिति में सचिव कार्यपालक अधिकारी होंगे(या होंगी) जो न्यास समिति के सभी निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे(या होंगी) । अध्यक्ष कीे अनुमति से न्यास की बैठक बुलायी जायेगी । अध्यक्ष समिति की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे तथा न्यास-समिति के क्रिया कलापों का सामान्य पर्यवेक्षण करेंगे। कोषाध्यक्ष लेखा संघारण के लिए उत्तरदायी होंगे। अध्यक्ष के परामर्ष का सम्मान किया जायेगा। निर्णय बहुमत से लिया जायेगा । अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सह-सचिव सचिव के कार्यों में सहयोग करेंगे तथा उनके द्वारा बतलाये गये या न्यास समिति द्वारा अधिकृत कार्यो का निर्वाह करेंगे। सामान्यतः न्यास-समिति की बैठक श्यामा मंदिर स्थित कार्यालय में होगी।

9. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन एवं संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। न्यास समिति में किसी प्रकार की रिक्ति होगीे, तो पर्षद्‌ नियुक्ति द्वारा उस स्थान की पूर्ति करेगी ।

इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक नयी न्यास समिति का गठन किया जाता है, जिसमें निम्नलिखित

1 न्यायमूर्ति श्री एस0 एन0 झा (नाम से) भूतर्पूव मुख्य न्यायाधीष, सम्प्रति-अध्यक्ष, बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, 9-एम0, स्ट्रैंड रोड, पटना-1. अध्यक्ष
2 श्री राधाकान्त राय, भा0प्र0से0 (से0 नि0) बलभद्रपुर, लहेरियासराय, दरभंगा उपाध्यक्ष
3 श्रीमती वन्दना किन्नी, भा0 प्र0 से0 (नाम से) आयुक्त, दरभंगा सचिव
4 प्रो0 श्रीपति त्रिपाठी, धर्मषास्त्र विभाग, कामेष्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विष्वविद्यालय, क्वार्टर नं0-7, श्यामा बाग, दरभंगा । सह-सचिव
5 श्री राम नारायण मिश्र, अ0 प्रा0 बैंक पदाधिकरी, बंगाली टोला, लहेरियासराय कोषाध्यक्ष
6 महारानी अधिरानी कामसुन्दरी महाषया द्वारा मनोनीत कोई प्रतिनिधि सदस्य
7 कुलपति, ललित नारायण मिश्र विष्वविद्यालय, दरभंगा पदेन सदस्य
8 डा0 हेमन्त कुमार दास, प्रसिद्ध चिकित्सक, पंडासराय, लहेरियासराय, दरभंगा सदस्य
9 डा0 राजेष्वर पासवान, ग्राम- महादेई, पो0- जरसो, बहेरा, जिला-दरभंगा सदस्य
10 डा0 रमेष झा, प्रोफेसर, मैथिली विभाग, एम0 एल0 एस0 एम0 कॉलेज दरभंगा सदस्य
11 श्री दयानाथ यादव , अक्षर धाम, मिल्की चौक, दरभंगा सदस्य

कोई भी अधिकारी या कर्मचारी विहित नियुक्ति-प्रक्रिया के बिना चार महीने से अधिक नियुक्त नहीं रह पायेगा । अभी जो प्रबन्धक कार्य कर रहे हैं, उनकी नियुक्ति विहित प्रक्रिया से नहीं हुुई है, अतः उन्हें अतिषीघ्र कार्यमुक्त किया जाना चाहिए और इस बीच विहित प्रक्रिया द्वारा सबको अवसर देते हुए विज्ञापन एवं चयन-समिति के द्वारा नियुक्ति की जानी चाहिए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन मंदिर की आय के अनुरूप निर्धारित होना चाहिए, किन्तु पूर्णकालिक कर्मचारी को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं मिलनी चाहिए। सभी सदस्य पारस्परिक सहयोग से कार्य करेंगे और जो मंदिर के हित के विपरीत कार्य करेंगे, उन्हें न्यास समिति निष्कासित करने की अनुषंसा पर्षद के पास भेज सकती है। यह आदेष दिनांक 01.09.2012 से प्रभावी होगा और इस न्यास समिति का कार्यकाल पाँच वर्षों का होगा और इसके अन्तर्गत वह अधिक अवधि भी आयेगी जो उक्त पाँच वर्ष की समाप्ति और आगामी अनुवर्ती न्यास-समिति की उस पहली बैठक, जिसमें गणपूर्ति मौजूद रहेगी, की तारीख के बीच व्यतीत होगी।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

——— 29 अगस्त 2012 सं॰ 1081—पूर्र्वी चम्पारण जिलान्तर्गत तुरकौलिया अंचल के ग्राम सपही स्थित श्री राम जानकी मन्दिर है जो पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या- 1709 है। वर्तमान में कोदरवा मठ (श्री राम जानकी मन्दिर) जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है। मठ में 14 विघा 5 कट्ठा 6 धुर जमीन है। इस 14 विघा जमीन में 14 कट्ठा में लीची बगान है। साथ ही अन्य जमीन पर गन्ने की खेती की जाती हैै। इस प्रकार17 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 न्यास को आय के प्रचुर साधन है, फिर भी न्यास की स्थिति जर्जर है। पर्षद को न्यास सम्पत्तियों के दुरूपयोग की जानकारी मिलती रही है। इस न्यास के पूर्व महंत सुखदेव दास थे, जिनका देहावसान 29.06.2003 को हो गया। वर्त्तमान में श्री रामधारी दास महंत होने का दावा करते हैं। स्थानीय लोगों द्वारा न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन संबंधी प्रस्ताव पर्षद को प्राप्त हुआ । इस संबंध मेें अपर समाहर्त्ता, मोतिहारी ने पत्रांक-47, दिनांक 22.02.11 द्वारा अंचलाधिकारी, तुरकौलिया के पत्रांक-37, दिनांक 21.01.2011 की प्रतिलिपि न्यास समिति के गठन संबंधी प्रस्तावों के साथ पर्षद को भेजा । तत्पष्चात्‌ पर्षदीय पत्रांक-99, दिनांक 18.04.2011 द्वारा उन्हें सूचित किया गया कि न्यास समिति की अधिकतम संख्या ग्यारह तक सीमित रखते हुए संषोधित सूची भेजी जाय। उक्त पत्र की प्रतिलिपि श्री शक्ति शरणानंद उपाख्या श्री चंचल बाबा जी, मोतिहारी को भी भेजी गयी। श्री चंचल बाबा का पत्र प्रस्तावित न्यास समिति के अनुमोदन की अनुषंसा के साथ पर्षद को प्राप्त हुआ है। उपर्युक्त परिस्थिति में श्री राम जानकी मन्दिर, ग्राम-सपही कोदरवा घाट, पूर्वी चम्पारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुव्यवस्था तथा सम्यक विकास हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत योजना का निरूपण एवं इसको मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत श्री राम जानकी मन्दिर, सपही कोदरवा घाट, जिला- पूर्वी चम्पारण के सुचारू प्रबंधन, सम्यक संचालन तथा समग्र विकास हेतु निम्नलिखित योजना का निरूपण करता हूँ और इसके क्रियान्वयन के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती हैः-

योजनायोजनायोजनायोजना

ाम जानकी मन्दिर, सपही कोदरवा घाट 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री रश्री रश्री रश्री राम जानकी मन्दिर, सपही कोदरवा घाट ाम जानकी मन्दिर, सपही कोदरवा घाट ाम जानकी मन्दिर, सपही कोदरवा घाट योजना, पूर्वी चम्परणयोजना, पूर्वी चम्परणयोजना, पूर्वी चम्परणयोजना, पूर्वी चम्परण"'"'"'"' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन हेतु गठित न्यास समिति का नाम ''''''''श्री राम जानकी मन्दिर श्री राम जानकी मन्दिर श्री राम जानकी मन्दिर श्री राम जानकी मन्दिर न्यास समिति, सपही कोदरवा घाट, पूर्वी चम्पारण न्यास समिति, सपही कोदरवा घाट, पूर्वी चम्पारण,'','','','' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं न्यास समिति, सपही कोदरवा घाट, पूर्वी चम्पारण न्यास समिति, सपही कोदरवा घाट, पूर्वी चम्पारण संरक्षण का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सुव्यवस्था करना होगा। 3. न्यास समिति न्यास के परम्परा के अनुसार धार्मिक अधारों का पालन सुनिष्चित करेगी। 4. न्यास में प्राप्त होनेवाली समग्र आय किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा की जायेगी। बैंक खाता का संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। व्यय के अनुसार राषि निकालकर काम किया जायेगा।

5. न्यास के लेखा का संधारण सत्यापित पंजी में होगा। आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति का प्रमुख दायित्व होगा जिससे कि सिमिति का कार्य परिलक्षित हो सके और जनता का विष्वास बना रहे।

6. न्यास समिति के सचिव द्वारा बैठकों की कार्यवाही पुस्तिका संधारित की जायेगी तथा कोषाध्यक्ष न्यास के लेखा के संधारण के लिए उत्तरदायी होंगे।

7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

8. कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझे जाने पर, इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ की अनुमोदन के लिए भेजेगी।

9. न्यास समिति का कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यदि न्यास से लाभ उठाता हुआ पाये जायेगें या आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे तो न्यास समिति की सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

10. न्यास समिति में कोई पद आकस्मिक दुर्घटना, त्याग-पत्र अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने पर उस पर नियुक्ति पर्षद्‌ करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो समिति के अध्यक्ष या सचिव इसकी सूचना पर्षद्‌ को देंगे ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके।

का सदस्य मनोनित किया जाता है :-

1. श्री षक्ति षरणानंद उपाख्या श्री चंचल बाबा, मोतिहारी - अध्यक्ष 2. श्री राम पारेख सिंह, ग्रामपो0- सपही - उपाध्यक्ष 3. श्री कन्हैया लाल मिश्र, पिता- स्व0 यदुनंदन मिश्र, ग्रामपो0- सपही - सचिव 4. श्री राजेष्वर प्रसाद, ग्रामपो0- सपही - सह-सचिव 5. श्री विनोद कुमार सिंह, पिता- श्री बलिराम सिंह, ग्रामपो0- सपही - कोषाध्यक्ष 6. श्री राम बचन तिवारी, पिता- स्व0 मनराज तिवारी, ग्रामपो0-सपही - सदस्य 7. श्री जानकी मांझी, पिता- स्व0 हुसैनी मांझी, ग्रामपो0-सपही - सदस्य 8. श्री कपिल देव प्रसाद पिता-स्व0 राम लगन राय, ग्रामपो0- सपही - सदस्य 9. श्री कन्हैया लाल सिंह, पिता- स्व0 पूजा सिंह, ग्राम- मंझरिया, पो0- चैलहां - सदस्य18 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 10. श्री षिव कुमार सिंह, पिता- स्व0 चन्द्र सिंह, ग्रामपो0- सपही - सदस्य 11. श्री रामधारी दास साधु, ग्राम-सपही, कोदरवा, पो0- सपही - सदस्य सभी जिला पूर्वी चम्पारण।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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30 अगस्त 2012

सं॰ 1086—जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला-पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0 120 है। रामानन्द सम्प्रदाय का यह प्रसिद्ध मन्दिर एवं आचार्य गद्‌दी है । इस न्यास के न्यासधारी श्री राम कमल दास को बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम , 1950 के प्रावधानों के प्रतिकुल कार्य करने, पर्षद की पूर्वानुमति प्राप्त किये बेगैर न्यास की जमीन के हस्तान्तरण एवं न्यास की आय के दुर्विनियोग के आरोपों में न्यासधारी के पद से अपसाररित करते हुए पर्षदीय ज्ञापांक-1274, दिनांक 04.11.2011 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ को अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था। तत्पष्चात्‌ पर्षद को स्थानीय जनता द्वारा न्यास समिति के गठन का प्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रस्ताव प्राप्त हुआ जिसे अनुमंडल पदधिकारी/थानाध्यक्ष, बाढ़ को चऱ़ित्र सत्यापन के लिए भेजा गया। थाना प्रभारी, बाढ़ से प्रस्तावित न्यास समिति के सदस्यो का चरित्र सत्यापन पत्रांक-1664/12, दिनांक 29.07.2012 द्वारा पर्षद को प्राप्त हुआ है।

उपर्युक्त परिस्थिति मे इस न्यास के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत योजना का निरूपण एवं इसके इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद, विद्यापति मार्ग, पटना जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- पटनापटनापटनापटना के सुचारू प्रबंधन, सम्यक विकास तथ संपत्तियों की सुरक्षा हेतु अधिनियम की धारा- 32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठित की जाती है।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- पटना न्यास जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- पटना न्यास जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- पटना न्यास जल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- पटना न्यास योजनायोजनायोजनायोजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''जल गोविन्द मठ, बजल गोविन्द मठ, बजल गोविन्द मठ, बजल गोविन्द मठ, बाढ़, जिला- ाढ़, जिला- ाढ़, जिला- ाढ़, जिला- पटना न्यास समितिपटना न्यास समितिपटना न्यास समितिपटना न्यास समिति'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा । 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

8.. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित / हस्तांरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी । 9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहनें की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

12. इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 24.08.2012 से 03 वर्ष की होगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर इस विस्तारित की जायेगी।

13. न्यास समिति न्यास के किसी भू-खंड का अन्य संक्रमण या अन्य किसी भी तरह हस्तान्तरण नहीं करेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ - अध्यक्ष 2. अंचलाधिकारी, बाढ़ - उपाध्यक्ष 3. श्री पूर्णनेन्दु भूषण रामार्चा, अधिवक्ता, बाढ़ - सचिव 4. श्री देवेन्द्र यादव, जलगोविन्द, बाढ़ - सहसचिव, 5. डॉ0 सीताराम ठाकुर ग्राम- साह-सलेमपुर, जलगोविन्द, बाढ़ - कोषाध्यक्ष 6. श्रीमती मीरा देवी, अचुआरा, जलगोविन्द,च बाढ़ - सदस्य 7. श्री कारू सिंह, पूर्व मुखिया, मलाही, बाढ़ - सदस्य19 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 - सदस्य 8. श्री राजीव कुमार, दाहौर, बाढ़ 9. श्री देवेन्द्र राय, जलगोविन्द (उत्तरी), बाढ़ - सदस्य 10. श्री रामनरेष शर्मा, अचुआरा, बाढ़ - सदस्य 11. श्री मिश्री पासवान, जलगोविन्द, बाढ़ - सदस्य

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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12 सितम्बर 2012

सं॰ 1192—बेगुसराय जिलान्तर्गत थाना- मुफसिल के ग्राम- कोरिया वासुदेवपुर स्थित सन्यासी मठ (षिव पार्वती मन्दिर) पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 4025 है। इस न्यास के न्यासधारी महंत उमेष गिरी थे, जिनका निधन हो गया है। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद पर्षद द्वारा न्यास का स्थल निरीक्षण कराया गया । जांच पदाधिकारी ने दिनांक 09.04.2010 को स्थल निरीक्षण किया और प्रतिवेदित किया कि वहां कोई विरक्त साधु (सन्यासी) नहीं है और न्यासधारी के अभाव में न्यास सम्पत्तियों की बर्बादी हो रही है। उन्होंने न्यास के सुप्रबंधन हेतु न्यास समिति गठित करने की अनुषंसा की। इसी बीच कोरिया वासुदेवपुर ग्राम के ग्रामीण जनता द्वारा दिनांक 10.07.2011 को एक आम सभा आयोजित कर न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया और पर्षद से उसकी मान्यता का अनुरोध किया गया। ग्रामीणों की उक्त बैठक की कार्यवाही की प्रतिलिपि पर्षदीय पत्रांक 1148, दिनांक 18.10.2011 द्वारा थाना प्रभारी, मुफसिल, बेगुसराय को भेजी गयी और अनुरोध किया गया कि पूरी छानबीन कर एक सत्यापन प्रतिवेदन भेजें। साथ ही यह भी सुनिष्चित करने को कहा गया कि सभी सदस्य एक ही गुट के नहीं हो, कोई आपराधिक पृष्टभूमि नहीं हो और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभान्वित नहीं हों । उन्हें यह भी कहा गया कि यदि कोई योग्यतर व्यक्ति छूट गया है तो उन्हें भी सम्मिलित किया जा सकता है। पुलिस निरीक्षक, बेगुसराय ने अपने ज्ञापांक 20/12 दिनांक 15.06.2012 द्वारा प्रतिवेदित किया है कि इस मठ में करीब 40 विघा जमीन है और वर्त्तमान मे कोई विकास कार्य नहीं किया जाता है। उन्होनें न्यास के समुचित प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों की एक सूची भी पर्षद केा भेजा है। उपर्युक्त परिस्थितियों से स्पष्ट है कि न्यासधारी के पद पर नियुक्ति हेतु कोई विरक्त साधु (सन्यासी) उपलव्ध नहीं हैं, अतएव न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक संचालन एवं विकास के लिए योजना का निरूपण एवं न्यास समिति का गठन आवष्यक है।

अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, सन्यासी मठ (षिव पार्वती मन्दिर) कोरिया वासुसदेवपुर, जिला- बेगुसराय के सुप्रबंधन, सुंसचालन तथा सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के तहत निम्नलिखित योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त्तरूप देने हेतु एक न्यास समिति गठित की जाती हैः- योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''सन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिर), सन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिर), सन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिर), सन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिर), न्यास न्यास न्यास न्यास योजना,कोरिया वासुदयोजना,कोरिया वासुदयोजना,कोरिया वासुदयोजना,कोरिया वासुदेवपुर बेगुसरायेवपुर बेगुसरायेवपुर बेगुसरायेवपुर बेगुसराय'' होगा तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' सन्यासी मठ (षिव सन्यासी मठ (षिव सन्यासी मठ (षिव सन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिर),पार्वती मंदिर),पार्वती मंदिर),पार्वती मंदिर), न्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर बेगुसरायन्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर बेगुसरायन्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर बेगुसरायन्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर बेगुसराय'' होगा, जिसमें प्रधान एवं शाखा न्यासों की सभी चल-अचल सम्पत्ति निहित होगी।

2. इस न्यास समिति के अध्यक्ष अंचलाधिकारी, बेगुसराय, अध्यक्ष रहेंगे। 3. समिति गठन संबंधी बैठक में श्री मनोज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, मुफसिल समिति के उपाध्यक्ष रहेगे। 4. अध्यक्ष की अनुपस्थिति या अनुपलब्धता की स्थिति में उपाध्यक्ष अध्यक्ष का काम करेंगे। 5. न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में आहुत की जायेगी और यदि समयाभाव के कारण अध्यक्ष बैठक में समय नहीं दे पाते हैं तो बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष करेंगे।

6. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सुव्यवस्था करना होगा। 7. न्यास समिति न्यास के परम्परा के अनुसार धार्मिक अधारों का पालन सुनिष्चित करेगी। 8. न्यास में प्राप्त होनेवाली समग्र आय किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा की जायेगी। बैंक खाता का संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। व्यय के अनुसार राषि निकालकर काम किया जायेगा।

9. न्यास के लेखा का संधारण सत्यापित पंजी में होगा। आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति का प्रमुख दायित्व होगा जिससे कि सिमिति का कार्य परिलक्षित हो सके और जनता का विष्वास बना रहे।

10. न्यास की सभी भू-खंडो का नामांतरण '''''''' सन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिरसन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिरसन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिरसन्यासी मठ (षिव पार्वती मंदिर),),),), न्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर, न्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर, न्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर, न्यास समिति, कोरिया वासुदेवपुर, बेगुसरायबेगुसरायबेगुसरायबेगुसराय '''''''' के नाम से होगा।

11. न्यास समिति के सचिव द्वारा बैठकों की कार्यवाही पुस्तिका संधारित की जायेगी तथा कोषाध्यक्ष न्यास के लेखा के संधारण के लिए उत्तरदायी होंगे।

12. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

13. कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझे जाने पर, इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ की अनुमोदन के लिए भेजेगी।20 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 14. न्यास समिति का कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यदि न्यास से लाभ उठाता हुआ पाये जायेगें या आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे तो वह न्यास समिति की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जायेगा और उस स्थिति में उसकी सदस्यता समाप्त हो जायेगी।

15. न्यास समिति में कोई पद आकस्मिक दुर्घटना, त्याग-पत्र अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने पर उस पर नियुक्ति पर्षद्‌ करेगी।

16. न्यास समिति के कोई सदस्य अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो समिति के अध्यक्ष या सचिव इसकी सूचना पर्षद्‌ को देंगे ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके।

17. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 18. इस योजना के संचालन एवं कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को न्यास समिति का सदस्य मनोनित किया जाता है :-

1. श्री राम आगर ठाकुर,, अंचलाधिकारी, बेगुसराय - अध्यक्ष 2. श्री मनोज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, मुफसिल - उपाध्यक्ष 3. श्री संजय सिंह, पिता- नुनु प्रसाद सिंह, सा0-कोरिया - सचिव 4. श्री सुनील सिंह, पिता- स्व0 रामजी सिंह, सा0- कोरिया - सदस्य 5. श्री कुषेष्वर सिंह, पिता-बिहारी सिंह, सा0-कोठिया - सदस्य 6. श्री राम कुमार ईष्वर, पिता-रामनाथ ईष्वर, सा0-कोरिया - सदस्य 7. श्री गणेष साव, पिता-स्व0 रामेष्वर साव, सा0-हैवतपुर - सदस्य 8. श्री विन्देष्वरी राम, पिता-बोढ़न राम, सा0-वासुदेवपुर - सदस्य 9. श्री राजो तांती, पिता-मुनीलाल तांती, सा0-हैवतपुर - सदस्य 10. श्री चंदन कुमार गिरि, पिता-स्व0 उमेष गिरि, सा0-वासुदेवपुर - सदस्य 11. श्री देवेन्द्र सिंह, पिता-स्व0 रामप्रताप सिंह, सा0-चाँदपुरा - सदस्य ''संगीता देवी के बारे में न्यास समिति उचित निर्णय लेगी।'' ''संगीता देवी के बारे में न्यास समिति उचित निर्णय लेगी।'' ''संगीता देवी के बारे में न्यास समिति उचित निर्णय लेगी।'' ''संगीता देवी के बारे में न्यास समिति उचित निर्णय लेगी।''

2012 से प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल पाँच वर्षो का होगा। यह योजना दिनांक यह योजना दिनांक यह योजना दिनांक यह योजना दिनांक 20202020....09090909....2012 से प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल पाँच वर्षो का होगा। 2012 से प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल पाँच वर्षो का होगा। 2012 से प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल पाँच वर्षो का होगा।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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14 सितम्बर 2012

सं॰ 1215—श्री ठाकुर विष्णु भगवान मन्दिर, सबलपुर, पटना सिटी, जिला- पटना एक महत्वपूर्ण वैष्णव मन्दिर है। यह बिहार राज्य धार्मिक न्यास के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या- 2997 है। 01.10.2007 द्वारा जारी की गयी थी। इसका कार्यकाल 5 (पॉच) वर्ष का था और यह कार्यकाल दिनांक 31.09.2012 को समाप्त हो रहा है।

इस न्यास के सुचारू प्रबंधन के लिए थाना प्रभारी, दीदारगंज को पर्षदीय पत्रांक-895, दिनांक 16.08.12 द्वारा अच्छी छवि के ग्यारह प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नामों की सूची भेजने का अनुरोध किया गया। पत्रांक-डी0 आर0 1291/12, दिनांक 17.08.2012 द्वारा थाना प्रभारी, दीदारगंज का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ । इन नामों का अनुमोदन करते हुए न्यास समिति के गठन का आदेष दिया जाता है-

1 श्री अनिल कुमार सिंह, पे0-स्व0 राम कृपाल सिंह, साकिन-सबलपुर, थाना-दीदारगंज, जिला-पटना अध्यक्ष
2 श्री नरेष चन्द्र, पे0-स्व0 रामावतार सिंह, साकिन-फतेहजंगपुर, थाना-दीदारगंज सचिव
3 श्री उमेष राय, पे0-स्व0 सीताबलाल राय, सा0-जेठुली, थाना-दीदारगंज, जिला-पटना कोषाध्यक्ष
4 श्री बंगाली सिंह, पे0-स्व0 रामनन्दन सिंह, सा0-आलमपुर, थाना-दीदारगंज, जिला-पटना सदस्य
5 श्री श्याम बाबु सिंह, पे0-श्री गोविन्द सिंह, सा0-सबलपुर, थाना-दीदारगंज, जिला-पटना सदस्य
6 श्री सत्येन्द्र कुमार, पे0-श्री रामावतार प्र0, सबलपुर, थाना-दीदारगंज, जिला-पटना सदस्य
7 श्री दिलीप कुमार, पे0-स्व0 राम प्र0 सिंह, सा0-निजामपुर, थाना-दीदारगंज, जिला-पटना सदस्य
8 श्री रामजी पासवान, पे0-स्व0 राम बाबु पासवान, सा0-गुलमहियाचक, थाना-दीदारगंज सदस्य
9 श्री राम किषन सहनी, पे0-श्री हीरा सहनी, सा0-मखहण्डी, बांसतल, थाना-दीदारगंज सदस्य
10 श्री राजेष्वर प्रसाद, पे0-स्व0 षिवनंदन प्रसाद, सा0-कच्चीदरगाह, थाना-दीदारगंज सदस्य
11 डा0 बी0 एन0 महतो, पे0-स्व0 नारायण महतो, सा0-गुलमहियाचक, थाना- दीदारगंज सदस्य।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।21 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

20 सितम्बर 2012

सं॰ 1271—श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी न्यास सिंहेष्वर, जिला-मधेपुरा पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 3746 है। इस न्यास की सुव्यवस्था, संचालन एवं सम्यक्‌ विकास के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण करते हुए इसके कार्यान्वयन के लिए पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-928, दिनांक 12.09.2007 द्वारा ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था, जिसका कार्यकाल पूरा हो गया है।

उक्त न्यास समिति का कार्य अत्यन्त सराहनीय रहा है। अतः न्यास समिति का कार्यकाल पुनः पाँच वर्षो के लिए विस्तारित किया जाता है।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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26 सितम्बर 2012

सं॰ 1303—मधेपुरा जिलान्तर्गत उदाकिषुनगंज प्रखंड के नयानगर ग्राम में श्री दुर्गा मन्दिर स्थान(भगवती स्थान) पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या-4098, दिनांक 27.07.2010 है । यह एक अति प्राचीन मन्दिर है जो बिहार की जनता की जन भावनाओं एवं आस्थाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान है। यहाँ श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगी रहती है। परंपरागत रूप से देवी दर्षन के लिए दूर-दराज से लोग यहाँ आते है । इस मन्दिर के संबंध में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा ने अपने पत्रांक-429, दिनांक 16.06.2010 द्वारा संयुक्त सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार, पटना को इस मन्दिर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने हेतु अनुषंसा की थी। इस संबंध में माननीय मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार ने पत्रांक-1682, दिनांक 20.07.2010 द्वारा इसका प्रबंधन धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत किये जाने की अनुषंसा की थी। इस संबंध में पर्षद ने अपने जाँच अधिकारी के द्वारा स्थानीय जाँच भी करायी गयी। कार्यालय निरीक्षक ने अपने जाँच प्रतिवेदन दिनांक 06.03.2011 द्वारा उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि की है। इस प्रकार उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि यह न्यास पौराणिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से एक अतिमहत्पूर्ण न्यास है। इसके सम्यक्‌ संचालन एवं सुव्यवस्था और विकास के लिए पर्षदीय पत्रांक-2199, दिनांक 30.03.2012 द्वारा जिला पदाधिकारी, मधेपुरा को आवष्यक छानबीन कराकर अपने मंतव्य के साथ प्रतिवेदन देने का अनुरोध किया गया। पुनः पर्षदीय पत्रांक-268, दिनांक 18.05.2012 एवं पत्रांक-762,, दिनांक 28.07.2012 द्वारा इस संबंध में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा को स्मारित किया गया साथ ही स्थानीय जनता से प्राप्त प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए ग्यारह व्यक्तियों का नाम न्यास समिति के गठन हेतु भेजने का अनुरोध किया गया। उपरोक्त पत्र के आलोक में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा ने अपने पत्रांक-241, दिनांक 14.09.2012 द्वारा इस न्यास के सम्यक्‌ संचालन के लिए एक समिति के गठन की आवष्यकता बतायी है और इसके लिए ग्यारह व्यक्तियों के नामों का सत्यापन भी पर्षद को प्राप्त हुआ है।

अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद इस न्यास के विकास, प्रबंधन एवं सम्यक्‌ संचालन के लिए अधिनियम की धारा-32 के तहत एक योजना निरूपित करता हूँ एवं इसे मूर्त रूप देने के लिए न्यास समिति गठित की जाती है। योजनायोजनायोजनायोजना

1. श्री दुर्गा मन्दिर स्थान(भगवती स्थान), ग्राम- नयानगर, प्रखंड- उदाकिषुनगंज, जिला- मधेपुरा एंव इसमें निहित सम्पत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए निरूपित योजना का नाम "श्री दुर्गा मन्दिर स्थान (भगवती स्थान), न्यास योजना" और इसके कार्यान्वयन के लिए गठित न्यास समिति का नाम """"श्री दुर्गा मन्दिर स्थान(भगवती स्थान), न्यास समिति" श्री दुर्गा मन्दिर स्थान(भगवती स्थान), न्यास समिति" होगा जिसे श्री दुर्गा मन्दिर स्थान(भगवती स्थान), न्यास समिति" श्री दुर्गा मन्दिर स्थान(भगवती स्थान), न्यास समिति" न्यास की समग्र चल- अचल संपत्तियों के संधारण का अधिकार होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी तथा इसके सर्वांगीण विकास केे लिए कृत-संकल्प रहेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मंदिर परिसर में भेंटपात्र रखे जायेंगे जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा। 6. दाताओं से प्राप्त होने वाली राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर में आने वाले दर्षनार्थी, भक्तों का विषेष ख्याल रखा जायेगा ताकि उन्हें कोई असुविधा नहीं हों, विषेषकर महिला दर्षनार्थी के लिए विषेष व्यवस्था की जायेगी।

8. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा।

9. मंदिर के पुजारियों की अर्हता का निर्धारण न्यास समिति करेगी तथा उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा। 10. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।22 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेगे तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।

12. यदि कोई दो सदस्य एक ही परिवार के होंगे तो एक की सदस्यता समाप्त हो जायेगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं है और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी।

16. न्यास समिति सभी किरायेदारों का किराया बाजार-दर पर निर्धारित करेगी और उसे वसूलने तथा न देने पर उन्हें न निकालने (एविक्ट) करने की कानूनी कार्रवाई करेगी।

17. न्यास समिति सभी अतिक्रमित, अधिक्रमित एवं अन्य- संक्रमित भूमि को न्यास के नाम वापस कराने के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- 44 एवं अन्य कानून के तहत अविलम्ब एवं कारगर कार्रवाई करेगी। 18. न्यास समिति इस पवित्र भूमि को पर्यटन-स्थल घोषित कराने हेतु पर्यटन विभाग एवं अन्य सम्बद्ध अधिकारियों से पत्राचार कर उद्देषय की प्राप्ति हेतु पूरी तत्परता दिखलायेगी।

यह न्यास समिति अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत कार्यरत रहेगी और मंदिर के सर्वागीण विकास तथा भक्तों के हितों का सर्वोपरि कल्याण का कार्य करेगी।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए अधिनियम की धारा-32 (3)के तहत निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-

1. अनुमंडल पदाधिकारी, उदाकिषुनगंज - अध्यक्ष 2. श्री रविन्द्र कुमार सिंह, पिता- स्व0 जगदम्बी प्र0 सिंह, नयानगर - उपाध्यक्ष 3. श्री राणा रणबहादुर सिंह, पिता- स्व0 राजाराम प्र0 सिंह, नयानगर - सचिव 4. श्री गोपाल कुमार सिंंह, पिता- स्व0 वषिष्ठ नारायण सिंह, नयानगर - अंकेक्षक 5. श्री दिवाकर प्र0 सिंह, पिता- श्री कर्ण सिंह, नयानगर - कोषाध्यक्ष 6. श्री प्रमोद कुमार सिंह, पिता- स्व0 लक्ष्मेष्वर सिंह, नयानगर - उपसचिव 7. श्री पिन्टू कुमार सिंह, पिता- श्री रंजीत कुमार सिंह, नयानगर - सह-कोषाध्यक्ष 8. श्री सतीष तिवारी, पिता- श्री मंगल तिवारी, नयानगर - सदस्य 9 श्री छेदन शर्मा, पिता- स्व0 हरि शर्मा, नयानगर - सदस्य 10. श्री रामचन्द्र पासवान, पिता- श्री रामकृपाल पासवान, नयानगर - सदस्य 11. श्री विषेष्वर ऋषिदेव, पिता- श्री लखन ऋषिदेव, नयानगर - सदस्य

यह योजना दिनांंक 01 अक्टुबर 2012, के प्रभाव से लागू मानी जायेगी और इसका कार्यकाल अगले 05 वर्षाे का होगा।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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26 सितम्बर 2012

सं॰ 1306—दरभंगा जिलान्तर्गत कुषेष्वर स्थान थाना के ग्राम हरौली, टोला-सहोरवा घाट स्थित श्री राधाकृष्ण जी ठाकुरबाड़ी पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4088 है। पर्षद को स्थानीय जनता से आवेदन पत्र प्राप्त हुआ कि बाबू दुलारी प्रसाद सिंह द्वारा वर्ष 1935 में श्री राधा कृष्ण ठाकुरबाड़ी को दान दी गयी जमीन को श्री मुन्ना प्रसाद सिंह, निवासी मौजा-हरौली टोला-सहोरवा घाट द्वारा अवैध रूप से बेची जा रही है और प्राप्त रकम का उपयोग निजी कार्यो पर किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा खतियान की छायाप्रति तथा मुन्ना प्रसाद सिंह द्वारा बेची गयी जमीन का दस्तावेज भी समर्पित किया गया था। उक्त आवेदन पत्र के आलोक में पर्षदीय पत्रांक-2122, दिनांक 03.02.2010 द्वारा श्री मुन्ना प्रसाद से स्पष्टीकरण मांगा गया। इनका जबाब प्राप्त नहीं होने पर पुनः पर्षदीय पत्रांक-2343, दिनांक 31.03. 2010 द्वारा उन्हें स्पष्टीकरण दाखिल करने हेतु स्मारित किया गया। साथ ही पर्षदीय पत्रांक-1003, दिनांक 12.10.2011 द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी, विरौली तथा अंचलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान को इस संबंध में जांच कर नियमानुकूल सम्यक्‌ कार्रवाई का अनुरोध किया गया। पर्षदीय पत्रांक-744, दिनांक 01.08.2011 द्वारा पुनः अनुमण्डल पदाधिकारी, विरौल को आवष्यक कार्रवाई हेतु स्मारित किया गया । इस बीच स्थानीय लोगों द्वारा दिनांक 23.12.2011 को आयोजित आम सभा द्वारा चयनित न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का नाम प्राप्त हुआ जिसे पर्षदीय पत्रांक-1790 दिनांक 09.01.2012 द्वारा अंचलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान को चरित्र सत्यापन के लिए भेजा गया। अनुमण्डल पदाधिकारी, विरौल ने अपने पत्रांक-474, दिनांक 05.03.2012 द्वारा यह प्रतिवेदित किया कि कुल रकबा 19 ए0 14 डी0 भूमि निकुंज बिहारी राधाकृष्ण सेवैत श्री षिव शंकर प्रसाद सिंह व राधा कृष्ण जी ठाकुरबाड़ी षिव शंकर प्रसाद सिंह, विमल दुलारी प्रसाद सिंह दर्ज है। उक्त भूमि मुन्ना प्रसाद सिंह पे0-षिव शंकर सिंह द्वारा बिल्टु चौधरी एवं अन्य 25 व्यक्तियों के हाथ बेचा एवं भरना पर रखा गया है तथा बेचने की प्रक्रिया चल रही है। अनुमण्डल पदाधिकारी ने सूचित किया कि धार्मिक न्यास की भूमि की अवैध बिक्री पर रोक लगाने हेतु आम सूचना नहीं23 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 जारी किया गया है और उप निबंधन पदाधिकारी, दरभंगा एवं बहेरा को भी निबंधन संबंधी दस्तावेज प्राप्त होने पर तत्काल निबंधन संबंधी निर्णय नहीं लेने का अनुरोध किया गया है।

अंचलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान के पत्रांक-205, दिनांक 20.03.2012 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु 9 व्यक्तियों का चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। तत्पष्चात्‌ पुनः पर्षदीय पत्रांक-433, दिनांक 11.06.2012 द्वारा श्री मुन्ना प्रसाद सिंह को कारण पृच्छा की नोटिस दी गयी कि क्यों नहीं न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक न्यास समिति गठित कर दी जाये। श्री मुन्ना प्रसाद सिंह ने इस कारण पृच्छा का भी कोई उत्तर नहीं भेजा।

उपर्युक्त परिस्थितियों में यह स्पष्ट है कि श्री मुन्ना प्रसाद सिंह द्वारा न्यास सम्पत्तियों का अवैध अन्तरण (अन्य संक्रमण) किया गया है तथा इसकी आय का दुरूपयोग किया जा रहा है। उन्होंने पर्षदीय आदेषों/निर्देषों का भी मंषापूर्वक अनुपालन नहीं किया है।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-28 (2) (ज) (iii) (vi) के अन्तर्गत श्री मुन्ना प्रसाद सिंह को न्यासधारी के पद से अपसारित करते हुए न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक विकास के लिए अधिनिमय की धारा 32 के तहत्‌ एक योजना निरूपित की जाती है और इसे मूर्त्त रूप देने के लिए न्यास समिति गठित की जाती है।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. श्री निकुंज बिहारी, राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी, ग्राम-हरौली टोला- सिहोरवा घाट, जिला- दरभंगा एवं इसमें निहित ''श्री निकुंज बिहारी राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास योजना'' और सम्पत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए निरूपति योजना का नाम ''श्री निकुंज बिहारी राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास योजना'' ''श्री निकुंज बिहारी राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास योजना'' ''श्री निकुंज बिहारी राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास योजना'' ारी, राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' होगा जिसमें इसके कार्यान्वयन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री निकुंज बिह''श्री निकुंज बिह''श्री निकुंज बिह''श्री निकुंज बिहारी, राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' ारी, राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' ारी, राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' ठाकुरबाड़ी न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण का अधिकार होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य होगा कि श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी का पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव- समैया आदि समुुचित ढ़ंग से सम्पादित करें।

3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली परख होगी। 4. मन्दिर से प्राप्त होने वाली समग्र राषि का लेखा संघारण किया जायेगा। न्यास समिति किसी नजदीकी राष्ट्रीयकृत बैंक मे खाता खोलकर न्यास की आय संघारित करेगी। न्यास के खाता का संचालन अध्यक्ष अथवा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। कोषाध्यक्ष न्यास के आय-व्यय के लेखा के संघारण के लिए उत्तरदायी होगें। 5. न्यास समिति न्यास की हस्तान्तरित भूमि (बिक्री/रेहन) की वापसी के लिए सभी नियमानुकूल कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करेगी।

6. न्यास समिति अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्ष़ण प्रतिवेदन, कार्यवृृत, न्यास षुल्क सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।

7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेगें। न्यास समिति की बैठक साल मे चार बार अवष्य होगी। बैठक का कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

8. न्यास समिति के कोई सदस्य अपने कत्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेगें या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेगे तो सदस्य रहने की उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी।

9. इस योजना में परिर्वतन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियो की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।श्

10. न्यास समिति का कोई सदस्य यदि आपराधिक पृष्टभूमि के होगें मो उनकी सदस्यता समाप्त हो जायेगी। 11. न्यास समिति को न्यास की भू-सम्पत्ति के किसी भी प्रकार के अन्तरण का अधिकार नहीं होगा। 12. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है, जिसमें निम्नलिखित सदस्य रहेगें :-

1. श्री रामाधार यादव, पिता- श्री देवेन्द्र यादव, - अध्यक्ष 2. श्री योगी राय, पिता- स्व0 तनक राय, - उपाध्यक्ष 3. श्री गंगा प्र0 यादव, पिता- स्व0 राजेन्द्र यादव - सचिव 4. श्री विलट यादव, पिता- स्व0 ठीठर यादव - कोषाध्यक्ष 5. श्री भीखो चौधरी, पिता- स्व0 सत्यनारायण चौधरी - सदस्य 6. श्री ठको यादव, पिता- स्व0 परमेष्वर यादव - सदस्य 7. श्री नथुनी यादव, पिता-स्व0 हारूनी यादव - सदस्य 8. श्री राम विरेन पासवान, पिता स्व0 ईष्वर पासवान - सदस्य 9. श्री राम नारायण सोनी, - सदस्य।

सभी ग्राम-सहोरवा घाट पो0-बड़गाव, कुषेष्वर स्थान, जिला-दरभंगा।

यह योजना तत्काल प्रभाव से लागू होगी और इसका कार्यकाल अगले 05 वर्षाे का होगा।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।24 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013

1 अक्तूबर 2012

सं॰ 1333—बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया जिसकी निबंधन सं0- 1326 है बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 के प्रावधानों के तहत इसकी संपत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा विकास के लिए एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है ।

अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास पर्षद, विद्यापति मार्ग, पटना बहुआर चौरा सार्वजनिक बहुआर चौरा सार्वजनिक बहुआर चौरा सार्वजनिक बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गयाधार्मिक न्यास, गयाधार्मिक न्यास, गयाधार्मिक न्यास, गया के सुचारू प्रबंधन, सम्यक विकास तथ संपत्तियों की सुरक्षा हेतु अधिनियम की धारा- 32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ ।

योजनायोजनायोजनायोजना

''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' ''बहुआर चौरा सार्वजनिक धार्मिक न्यास, गया'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

8.. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी । 9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

12. इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 01.10.2012 से 05 वर्ष की होगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर समुचित कार्रवाई की जायेगी ।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री सुनिल लाल भईया, पिता-विषुन लाल भईया , सा0- चाँदचौरा, गया - '' 2. श्री विजय लाल गायण पिता-गोपाल लाल गायण, सा0- कृष्ण द्वारिका, चाँदचौरा, गया - '' 3. श्री बचुन लाल धोकड़ी पिता-स्व0 राधेलाल धोकड़ी, मु0- बंगाली आश्रम, गया - '' 4. श्री संजय गोस्वामी पिता-श्री चुन्नी लाल गोस्वामी, मु- पचमहला, गया - '' 5. श्री मुन्ना लाल पाठक पिता-स्व0 कृष्णा लाल पाठक, मु0- बंगाली आश्रम, गया - '' 6. श्री बैजनाथ शर्मा पिता-स्व0 सरयू शर्मा, मु0- चाँदचौरा, गया - '' 7. श्री सुरेष पासवान पिता-स्व0 मन्नू पासवान, मु0- राम सागर तालाब, गया - '' 8. श्री संजय शर्मा पिता-स्व0 सरजू सिंह, मु0- राम सागर तालाब, गया - '' 9. श्री सुधिर शर्मा पिता- सरजू सिंह, मु0- राम सागर तालाब, गया - '' 10. श्री नागेन्द्र शर्मा पिता- गिरजा सिंह, मु0- नूतन नगर, गया - '' 11. श्री पिन्टू शर्मा पिता- गिरजा सिंह, मु0- नूतन नगर, गया - ''

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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8 अक्तूबर 2012

सं॰ 1363—श्री जानकी बल्लभ मंदिर, कैमूर, भभुआ पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-239 है । इस न्यास की स्थापना स्व0 हृदयानन्द तिवारी एवं मो0 जीवरखन कुंअर द्वारा वर्ष 1917 में निबंधित दान-पत्र द्वारा की गई थी । इस न्यास की व्यवस्था एक न्यास समिति द्वारा की जा रही है, जिसके 27 (सताईस) सदस्य बताए जाते हैं । उक्त समिति को पर्षद द्वारा मान्यता प्रदान नहीं की गई है । उक्त न्यास समिति में श्री भानु प्रताप सिंह भी एक सदस्य हैं जो अपने को प्रबंधक बताते हुए पर्षद से सभी पत्राचार करते हैं । इस न्यास की सम्पत्तियों के अवैध25 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 अन्तरण एवं न्यास की आय के दुर्विनियोग की षिकायत पर्षद को मिलती रही है । इस संबंध में पर्षदीय पत्रांक-2042, दिनांक 24.12.08 द्वारा न्यास समिति के सभी सदस्यों को अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत कारण-पृच्छा की नोटिस भेजी गई थी। उक्त कारण-पृच्छा का जवाब केवल भानु प्रताप सिंह द्वारा पर्षद में दिनांक 06.02.09 को दाखिल किया गया, जो संतोषप्रद नहीं था । इसके बाद पर्षद द्वारा इस न्यास की जांच कराई गयी और जांच प्रतिवेदन के आलोक में पर्षदीय पत्रांक-1324, दिनांक 14.09.09 द्वारा श्री भानु प्रताप सिंह से पुनः अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत कारण-पृच्छा मांगा गया । साथ ही इस न्यास के भूखण्डों की बिक्री या पटट्‌ा पर नहीं देने के संबंध में इनसे शपथ-पत्र भी मांगा गया । उक्त पत्र के उत्तर देने हेतु इन्होंने अपने पत्र दिनांक 24.09.09 द्वारा 15 दिनों का समय मांगा । तत्पष्चात्‌ उक्त कारण-पृच्छा का जबाब दिनांक 12.01.09 को दाखिल किया गया, जो तथ्यों से परे एवं असंतोषप्रद थे । उन्होंने वांछित शपथ-पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया । शपथ-पत्र दाखिल नहीं करना यह दर्षाता है कि वे न्यास संपत्तियों का अवैध अन्तरण एवं आय के दुर्विनियोग को छुपाना चाहते हैं । साथ ही यह पर्षदीय आदेष की अवहेलना भी है ।

इस बीच न्यास संपत्तियों एवं आय के दुरूपयोग की षिकायत लगातार पर्षद को मिलती रही है । पर्षद द्वारा पुनः इस न्यास की जांच कराई गयी और जांच प्रतिवेदन दिनांक 08.09.12 को समर्पित किया गया, जिसमें न्यास की परिसम्पत्तियों के दुरूपयोग की पुष्टि की गयी ।

अधिनियम 2007 में हुए संषोधन के बाद न्यास समिति के सदस्यों की संख्या अधिकतम्‌ ग्यारह (11) ही होगी । अतः सताईस व्यक्तियों की न्यास समिति को अमान्य किया जाता है ।

उपर्युक्त परिस्थितियों से स्पष्ट है कि कार्यरत न्यास समिति जो पर्षद द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है एवं स्वंयभू मैनेजर श्री भानु प्रताप सिंह द्वारा न्यास सम्पत्तियों का दुर्विनियोग एवं दुरूपयोग किया गया है तथा पर्याप्त भू-सम्पति एवं आय के बावजूद भी न्यास का विकास अवरूद्ध है।

अतः बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-29 (2) के तहत कार्यरत न्यास समिति को विघटित किया जाता है और मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास पर्षद, विद्यापति मार्ग, पटना श्री जानकी बल्लभ मंदिर, कैमूर, भभुआ के सुचारू प्रबंधन, सम्यक विकास तथा संपत्तियों की सुरक्षा हेतु अधिनियम की धारा- 32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ ।

योजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री जानकी बल्लभ मंदिर, कैमूर, भभुआ न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री जानकी बल्लभ मंदिर न्यास समिति, कैमूर, भभुआ'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा । 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

8 न्यास समिति न्यास की समग्र भू-सम्पत्तियों का पता लगाकर अतिक्रमित / हस्तांरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी ।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी ।

11. न्यास समिति को न्यास की सम्पत्तियों के किसी भी प्रकार से हस्तान्तरण का अधिकार नहीं होगा । 12. अध्यक्ष की शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य-

(क) न्यास समिति का मुखिया होने के कारण अध्यक्ष के परामर्षों को महत्व दिया जायेगा और उन पर न्यास समिति गंभीरता पूर्वक विचार करेगी ।

(ख) अध्यक्ष की अनुमति से सचिव, न्यास समिति की बैठक बुलायेगा । (ग) न्यास समिति की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता करेगा तथा निर्णय लेते समय बराबर मतों के होने की स्थिति में उसे निर्णायक मत का अधिकार होगा ।

13. सचिव की शक्तियाँ एवं कर्त्तव्य-स्चिव, न्यास समिति का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी होगा तथा समिति द्वारा लिये गए सभी निर्णयों को कार्यान्वित करने का उत्तरदायी होेगा ।26 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री दिवाकर तिवारी , पिता- श्री अषोक तिवारी, वार्ड नं0-19, तिवारी टोला, भभुआ 2. श्री अषोक कुमार सिंह, पिता- स्व0 रामकरण सिंह, ग्राम- मलिक सराय, था0पो0-चैनपुर, भभुआ 3. श्री प्रमोद उपाध्याय, पिता- श्री रामाषंकर उपाध्याय, वार्ड नं0-19, तिवारी टोला, भभुआ 4. श्री विरेन्द्र राम, पिता- स्व0 किषुन राम (पूर्व विधायक), वार्ड नं0-14, भभुआ, कैमुर 5. श्री मंटू पाण्डे, पिता- श्री ददन पाण्डे, ग्राम- सिकन्दरपुर, था0पो0-चैनपुर, भभुआ 6. श्री अषोक कुमार पंडित, पिता- स्व0 मोती चन्द्र प्रसाद, वार्ड नं0-16, निकट कन्या उ0 विद्यालय, भभुआ 7. श्री राजेष्वर राम, पिता- श्री रामराज राम, ग्राम- पंछी, पो0-उजारी सिकठी, भभुआ 8. श्री मुन्ना पाण्डेय, पिता- श्री राजेन्द्र पाण्डेय, ग्रामपो0था0-भभुआ 9. श्री मनोज सिंह कुषवाहा, पिता- श्री रामाषीष कुषवाहा (अधिवक्ता), साकिन-डिंगरी, थाना-कुदरा, भभुआ 10. श्री मार्केण्डेय तिवारी, पिता- नर्मदेष्वर तिवारी, वार्ड नं0-19, तिवारी टोला, भभुआ 11. श्री राकेष बहादुर शर्मा उर्फ कमला पाण्डेय, पिता- स्व0 पंडित रामचन्द्र शर्मा, वार्ड नं0-20, बहेलीया टोला, भभुआ । न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 15.10.2012 से 05 वर्ष की होगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर यह कार्यरत रहेगी ।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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10 अक्तूबर 2012

सं॰ 1380—समस्तीपुर जिलान्तर्गत कल्याणपुर अंचल के ग्राम-माली नगर स्थित श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3938 है। इस न्यास के न्यासधारी महंत राम किषोर दास जी का देहावसान दिनांक 13.08.2009 को हो गया। उनके निधन के पष्चात्‌ न्यास की भू-सम्पत्ति एवं आय के दुरूपयोग की षिकायत मिलने पर पर्षद द्वारा जाँच करायी गयी और जाँच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन दिनांक 27.08.2009 में श्री राजीव कुमार मिश्र द्वारा न्यास पर जबरन कब्जा करने तथा न्यास की परम्परा एवं मर्यादा के विरूद्ध कार्य करने के आरोपों की पुष्टि की। श्री राजीव कुमार मिश्र से पर्षदीय पत्रांक-1269, दिनांक 07.09.2009 द्वारा अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने तथा न्यास हित के विरूद्ध कार्य करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। श्री राजीव कुमार मिश्र द्वारा उक्त पत्र का उत्तर एवं साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर पुनः पर्षदीय पत्रांक-2063, दिनांक 15.01.2011 द्वारा उन्हें वांछित कागजात प्रस्तुत करने का निर्देष दिया गया किन्तु उनका कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इस बीच न्यास की सम्पत्तियों के दुरूपयोग एवं व्याप्त अव्यवस्था के संबंध में स्थानीय जनता से आवेदन पत्र प्राप्त होते रहे। अतः पर्षदीय पत्रांक-1150, दिनांक 06.12.2010 द्वारा अंचलाधिकारी, कल्याणपुर से न्यास समिति के गठन हेतु योग्य एवं ईमानदार व्यक्तियों के नामों की सूची भेजने का अनुरोध किया गया। अंचलाधिकारी, कल्याणपुर के पत्रांक-870, दिनांक 07.09.2011 द्वारा उक्त न्यास से संबंधित एक जाँच प्रतिवेदन पर्षद को प्राप्त हुआ जिसमें न्यास की वर्तमान दयनीय हालत में सुधार, न्यास सम्पतियों की सुरक्षा एवं सुचारू प्रबंधन हेतु एक न्यास समिति के गठन को आवष्यक बताया गया।

उपर्युक्त परिस्थितियों से स्पष्ट है कि महंत राम किषोर दास के देहावसान के पष्चात्‌ न्यास सम्पत्तियों का दुरूपयोग हो रहा है। अतएव इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन एवं समुचित विकास के लिए अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है।

अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, श्री राम जानकी मंदिर, मालीनगर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठित की जाती है।

योजयोजयोजयोजनानानाना

1. पर्षद द्वारा अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर, मालिनगर, न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त्त रूप देने हेतु पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास समिति, मालिनगर न्यास समिति'' होगा, जिसमें न्यास की सभी चल-अचल सम्पत्ति निहित होगी।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मंदिर परिसर में भेंटपात्र रखे जायेगें जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा। 6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।27 (cid:18)बहार गजट, 20 फरवर(cid:15) 2013 7. मंदिर में आने वाले दर्षनार्थी, भक्तों का विषेष ख्याल रखा जायेगा ताकि उन्हें कोई असुविधा नहीं हों, विषेषकर महिला दर्षनार्थी के लिए विषेष व्यवस्था की जायेगी।

8. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा।

9 मंदिर के पुजारियों की अर्हता का निर्धारण न्यास समिति करेगी तथा उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

10. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेगे अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि के होगें तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी। 12. न्यास समिति न्यास के सर्वागीण विकास एवं मंदिर जीर्णोद्धार में पूर्ण सहयोग करेगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक मिमाही में बैठक बुलायेगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हुआ है और मंदिर के हित में आवष्यक हो तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी।

यह न्यास समिति अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत कार्यरत रहेगी और मंदिर के सर्वागीण विकास तथा भक्तों के हितों के लिए सर्वोपरि कल्याण का कार्य करेगी।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री विजय कुमार, पिता-श्री रामाषंकर शर्मा, मुखिया, मालीनगर - अध्यक्ष 2., श्री दिलीप ठाकुर, पिता-स्व0 एकनाथ ठाकुर, मालीनगर - सचिव 5. श्री उमा प्रसाद वाजपेयी, ग्राम-मालीनगर - सदस्य 4. श्री राम लखन राम, पिता-स्व0 अबधू राम, ग्राम-मालीनगर - सदस्य 5. श्री राम प्रकाष पासवान, पिता-स्व0 रामनन्दन पासवान, ग्राम-मालीनगर - सदस्य 6. श्री जयकान्त वर्मा, पिता-श्री नारायण वर्मा, ग्राम-मालीनगर - सदस्य 7. श्री प्रहलाद महथा, ग्राम-मालीनगर - सदस्य 8. श्री पंकज पाण्डेय, पिता-स्व0 शंभुनाथ पाण्डेय, ग्राम-मालीनगर - सदस्य 9. श्री विनोद वर्मा, पिता-श्री रामजी वर्मा, ग्राम-मालीनगर - सदस्य यह योजना आदेष की तिथि से लागू होगी और इसका कार्यकाल पाँच वर्षो का होगा।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष ।

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और सवIसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवIसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवIसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवIसाधारण सूचनाएं इ_याMद।Mद।Mद।Mद।

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सूचना No. 297—I Indu Kumari, DOB 01-02-1962, Resident 2/44 Indrapuri, Patna 24, Do hereby Change My name to Indu Sharma . For All purposes whatsoever I want to be called Indu Sharna.

Indu Kumari

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 20 February 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-02-20.8/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-02-20.8.