(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 2222 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 153153153153) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 21212121 फरफरफरफरवर(cid:15)वर(cid:15)वर(cid:15)वर(cid:15) 2013201320132013 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn ————— अधिसूचना
4 अक्तूबर 2012 la0 1351—चैनपुर पिपरा मठ (खाकी बाबा मठ) ग्रामपो0-चैनपुर, जिला-सीवान पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजानिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या- 194 है। इस न्यास के न्यासधारी महंत रघुवीर दास के स्वर्गवासी होने के पष्चात् श्री शषि भूषण दास जी के आवेदन दिनांक 07.07.2006 के आलोक में अधिनियम की धारा-33 के तहत तीन महीने के लिए इन्हें इस न्यास का अस्थायी न्यासधारी के रूप में मान्यता दी गयी थी। इसी बीच स्थानीय जनता द्वारा, न्यास की कुव्यवस्था एवं सम्पत्ति के दुरूपयोग व अवैध कब्जे के संबंध में, पर्षद को सूचित किया गया । पर्षदीय पत्रांक-1731, दिनांक 27.12.2011 द्वारा श्री शषि भूषण दास जी को सूचित किया गया कि अधिनियम की धारा-33 के तहत उन्हें तीन महीने के लिए अस्थायी न्यासधारी के रूप में मान्यता दी गयी थी, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। इस पत्र द्वारा श्री दास को यह निर्देष दिया गया कि वे दिनांक 16.01.2012 तक अपने दावे के समर्थन में जो कुछ साक्ष्य देना है या मौखिक रूप से कहना है, उसे पर्षद कार्यालय में प्रस्तुत करें परन्तु श्री शषि भूषण दास जी द्वारा अबतक कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया गया । चूँकि अधिनियम की धारा-33 के तहत श्री शषि भूषण दास की नियुक्ति की अवधि समाप्त हो चुकी है, एवं अन्य कोई दावेदार पर्षद के समक्ष उपस्थित नहीं हआ है, अतः उक्त न्यास के सम्यक् संचालन तथा इसकी सम्पत्तियोें की सुरक्षा हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक है। अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद, चैनपुर पिपरा मठ ( खाकी बाबा मठ) ग्रामपो0-चैनपुर, जिला-सीवान के सुचारू प्रबंधन, सम्यक् विकास तथा सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हॅूँः-
योजनायोजनायोजनायोजना 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 21 फरवर(cid:15) 2013 3333. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा। 4444.... न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5555.... मठ परिसर में भेंटपात्र रखे जायेगें जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6666.... दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7777.... मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा।
8888.... न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
9999.... न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होगें तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।
10101010.... न्यास की आय- व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 11111111. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
12121212. सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
13131313.... जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी।
14141414. इस योजना में परिर्वतन, परिवर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
15151515. सामान्यतः इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षाे की होगी। लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्याे की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर यह कार्यरत रहेगी । उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचलाधिकारी, गोरेयाकोठी, जिला- सीवान - अध्यक्ष 2. महंत नारायण स्वरूप, भूमिहार टोला हेतिमपुर (पो0),
भाया - जामो बाजार, जिला- सीवान - सचिव 3. श्री अषोक सिंह, मुखिया हरिहरपुर कला - सदस्य 4. श्री भरत सिंह, पिपरा , चैनपुर, जिला- सीवान - सदस्य 5. श्री षिवनाथ सिंह, पिपरा , चैनपुर, जिला- सीवान - सदस्य 6. श्री हृदय नारायण तिवारी, पिपरा , चैनपुर, जिला- सीवान - सदस्य 7. श्री दीनानाथ तिवारी, पिपरा, चैनपुर, जिला- सीवान - सदस्य 8. श्री मनोज कुमार, मुखिया बरहोगा कोठी - सदस्य रिक्त स्थानों की पूर्ति पर्षद द्वारा बाद में की जायेगी । यह योजना दिनांक 10.10.2012 से लागू होगी और इसका कार्यकाल पाँच वर्षो का होगा।
आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 153-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in