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14 tuojh 2013
सं0 22/नि0सि0 (यॅा0)-04-01/2004/47—श्री गिरिजा नन्द झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (यॅा0), सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल सं0-2, वीरपुर के पदस्थापन अवधि में 1999-2003 में बरती गई वित्तीय अनियमितता के संबंध में प्राप्त परिवाद की जांच विभागीय उड़नदस्ता अंचल से करायी गई। जांचोपरान्त पूर्व की अस्थायी अग्रिम समायेाजन के पूर्व पुनः अस्थायी अग्रिम स्वीकृत करने की विभागीय नियमों के विपरीत मानते हुए उनके विरूद्व संकल्प सं0-309 दिनांक 3.6.04 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में श्री झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियन्ता के विरूद्व आरोप प्रमाणित पाये गये। समर्पित जांच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई तथा सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री झा द्वारा पूर्व में स्वीकृत अस्थायी अग्रिम को समायोजित किये बिना तथा अस्थायी अग्रिम की स्वीकृति बिना वित्तीय नियमों का पालन करते हुए दी गई है, जिससे सरकार को भारी आर्थिक क्षति हुई है। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता(यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल सं0-2, वीरपुर को विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 655 दिनांक 23.6.06 द्वारा उनके पेंशन से दस(10) प्रतिशत की राशि की संचयात्मक कटौती दण्ड संसूचित किया गया।
2. उक्त निर्णय के विरूद्व श्री झा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 माच. 2013 अभ्यावेदन की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित पाया गया। वित्तीय मामलों में वित्तीय नियम के प्रावधानों के प्रतिकूल अधिक राशि बिना प्रथम अग्रिम के समायोजन के कार्यहित कहकर इनको बचाव नहीं किया जा सकता है। समीक्षोपरान्त पूर्व में प्रमाणित आरोपों के लिए दिये गये दण्ड को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। अधिसूचना ज्ञाप सं0-921 दिनांक 11.9.09 उक्त निर्णय श्री गिरिजानन्द झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॅा0) सम्प्रति सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियन्ता को संसूचित किया गया।
3. अधिसूचना सं0-921 दिनांक 11.9.09 के द्वारा दण्ड को यथावत रखने के विरूद्व श्री झा ने पटना उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-5771/10 दायर किया गया। दिनांक 9.9.11 को याचिका का निस्तार करते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह आदेश पारित हुआ कि प्रक्रिया का विधिवत पालन नहीं कर इस मामले का निस्तार हुआ है। अतएव पेंशन कटौती का दण्डादेश अधिसूचना सं0-655 दिनांक 23.6.06 तथा अपील अभ्यावेदन निस्तार करने का अधिसूचना आदेश सं0-921 दिनांक 11.9.09 को रद्व करते हुए कटौती की गई राशि का भुगतान याचिकाकत्र्ता को दस (10) प्रतिशत सूद के साथ करने का आदेश दिया गया।
4. उक्त न्यायादेश के अनुपालन हेतु दिनांक 3.8.12 को विभागीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में माननीय उच्च न्यायालय को पारित आदेश का अनुपालन करने का निर्णय लिया गया।
5. अतः माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्याय निदेश के आलोक में पूर्व निर्गत विभागीय अधिसूचना सं0-655 दिनांक 23.6.06 एवं अनुवर्ती अधिसूचना सं0-921 दिनांक 11.9.09 को रद्व किया जाता है श्री गिरिजानन्द झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियन्ता को कटौती की गई पेंशन की राशि का दस (10) प्रतिशत सूद के साथ भुगतान करने का आदेश दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
भरत झा,
सरकार के उप-सचिव।
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अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 176-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in