िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 14141414 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1111934934934934 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 179179179179) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 5555 माच-माच-माच-माच- 2013201320132013 ty lalk/ku foHkkx ———— vf/klwpuk 28 tuojh 2013
सं0 22/नि0सि0(गया)-24-06/2012/111—श्री वंशीधर मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद(आई0डी0-2132) द्वारा वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 में बरती गयी अनियमितताओं के लिए मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, गया द्वारा प्रपत्र'''क'' तैयार कर विभाग को भेजते हुए श्री मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता, के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित करने की अनुश्ांसा की गयी। मुूख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, गया से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में मामले की समीक्षा विभाग द्वारा की गई। समीक्षोपरान्त आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 724 दिनांक 3.7.12 द्वारा मिश्र से स्पष्टीकरण पूछा गया। जिसके संदर्भ में श्री मिश्र द्वारा स्पष्टीकरण का जबाव प्राप्त कराया गया। श्री मिश्र द्वारा प्राप्त कराये गये स्पष्टीकरण एवं अभिलेखों के आलोक में मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गईं। समीक्षा में पाया गया कि इनके विरूद्व निम्न आरोपों के लिए स्पष्टीकरण पूछा गयाः- आरोप सं0-1- वित्तीय वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 में शीर्ष ''2701'' के अन्तर्गत विभागीय रूप से कराये गये कार्यो का नियम के विरूद्व बिना सक्षम प्राधिकार से श्रम शक्ति की स्वीकृति के राशि खर्च किया गया जिसके लिए श्री मिश्र दोषी है। आरोप सं0-2- निविदा आमंत्रण सूचना-2/2011-12 में जिला प्रशासन से प्राप्त निधि से प्रस्तावित कार्यो में से रू0 25.00 (पच्चीस लाख) से अधिक राशि की निविदा को ई टेन्डरिंग के माध्यम से नहीं कराया गया, जिस कारण विवाद उत्पन्न हुआ आरोप सं0-3- निविदा आमंत्रण सूचना-08/2011-12 की शर्त कंडिका-28 में आपके द्वारा श्रेणी चार में निबंधित संवेदक को निबंधन से भिन्न जिले का कार्य देने की मंशा से पथ निर्माण विभाग के पत्रांक 13589 (एस) दिनांक 13.12. 11 के मूल स्वरूप को परिवर्तित कर निविदा सूचना प्रकाशित किया गया जो आपके सरकारी निदेशों का उलंधन करते हुए मनमाने ठंग से कार्य करने तथा अनुशासनहिनता का परिचायक है। आरोप सं0-4- मोर वीयर योजना की निविदा से संबंधित निविदाकार मे0 मदर इंडिया कन्स0 प्रा0 लि0 रोड नं0-3 संजय गॅाधी नगर कंकड़बाग पटना-20 के कार्य की मात्राा से संबंधित अनुभव प्रमाण-पत्र एवं कार्य Performance की जांच कराये बिना आपके द्वारा नियम के विरूद्व सरकारी आदेशों निदेशों का उल्लंधन करते हुए संवेदक के साथ एकरारनामा किया गया एवं Secured Advance का भुगतान मनमाने ठंग से किया गया।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 माच- 2013 (ख). मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, गया द्वारा जांच कराये जाने के उपरान्त दोनों प्रमाण-पत्र जाली पाये गये। इस प्रकार तकनीकि रूप से अयोग्य संवेदक के तकनीकि बिड को मान्य करते हुए उक्त संवेदक को कार्य आवंटित करने में मदद की गयी। इस प्रकार निविदकार मे0 मदर इंडिया कन्सट्रक्सन प्रा0 लि0 के जाली प्रमाण-पत्र को सही प्रमाणित कराने हेतु जाली सत्यापन प्रमाण-पत्र तैयार करने एवं उच्चाधिकारियों के समक्ष वास्तविक वस्तुस्थिति को नहीं रखने का आरोप के लिए प्रथम द्रष्टया दोषी पाये गये।
श्री मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता द्वारा स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य दिया गयाः- आरोप सं0-01- आरोप सं0-1 के संबंध में श्री मिश्र द्वारा कहा गया कि मुख्य अभियन्ता, गया के पत्रांक 205 दिनांक 18.3.11 एवं 1905 दिनांक 8.11.11 द्वारा क्रमशः वित्तीय वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 के लिए शीर्ष 2701 के अन्तर्गत विभागीय रूप से कराये गये कार्यो के संबंध में श्रमशक्ति की स्वीकृति दी गई थी जिसके उपरान्त ही भुगतान किया गया।
आरोप सं0-2- आरोप सं0-2 के संबंध में श्री मिश्र द्वारा मुख्य रूप से कहा गया कि जिला प्रशासन से प्राप्त निधि से प्रस्तावित कार्य हेतु निविदा आमंत्रण सूचना सं0-2/2011-12 द्वारा निविदा ई टेंडरिंग के माध्यम से ही मांगी गई जिसका निष्पादन अधीक्षण अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, धोषी द्वारा किया गया।
आरोप सं0-03- आरोप सं0-3 के संबंध में श्री मिश्र द्वारा मुख्य रूप से कहा गया कि निविदा आमंत्रण सूचना सं0-08/2011-12 के नियम एवं शर्त कंडिका-20 में उल्लेखित किया गया है कि बिहार सरकार के अधीन समुचित श्रेणी में निबंधित संवेदक ही निविदा में भाग ले सकते है। कंडिका-22 में उल्लेखित है कि बिहार सरकार द्वारा निविदा से संबंधित सभी अघतन अनुदेश एवं शर्ते निविदा के लिए मान्य होगी। कंडिका-28 में यह लिखा गया है कि संबंधित निविदा में श्रेणी चार में निबंधित संवेदक ही भाग ले सकेंगे क्योंकि सभी कार्यो की प्राक्कलित राशि 25.00 लाख रूपये से कम थी कंडिका-26 में उल्लेखित है कि निविदादाता निविदा डालने के पूर्व कार्य स्थल निरीक्षण कर संतुष्ट हो ले कंडिका-27 में उल्लेखित किया गया है कि विशेष जानकारी के लिए कार्यालय अवधि में कार्यालय से सम्पर्क करें। कार्य से संबंधित सभी जानकारी यथा जिला एवं अन्य जानकारियॅा एन0 आई0 टी0 में लिखना सम्भव नहीं हो पाता है। फलस्वरूप निविदा डालने से पूर्व कार्यस्थल का निरीक्षण एवं सम्पर्क करने संबंधी बातों का उल्लेख निविदा सूचना में किया गया था। जिले के लिए निबंधित संवेदक को निबंधन से भिन्न जिले में कार्य देने का कोई मंशा नहीं थी। आरोप सं0-4- आरोप सं0-4 के संबंध में श्री मिश्र द्वारा कहा गया कि अनुभव प्रमाण-पत्र की जांच दिनांक 18.10.11 को प्रमण्डलीय कार्यरत कनीय अभियन्ता श्री रधुनाथ प्रसाद यादव को प्राधिकृत कर विशेषदूत के रूप में भेजकर कराई गई एवं उसके बाद ही दिनांक 21.10.11 को एकरारनामा किया गया।
(ख). आरोप सं0-4 (ख) के संबंध में श्री मिश्र द्वारा कहा गया कि मे0 मदर इंडिया कन्स0 प्रा0 लि0 द्वारा 2009-10 में बी0 एस0 एच0 पी0 सी0 में कराये गये कार्य से संबंधित प्रमाण जो कार्यपालक अभियन्ता बी0 एस0 एच0 पी0 सी0 अरवल के पत्रांक 2310 दिनांक 9.9.10 द्वारा निर्गत है के सत्यापन हेतु पत्रांक 1469 दिनांक 23.9.11 द्वारा निर्गत है के सत्यापन हेतु पत्रांक 1469 दिनांक 23.9.11 द्वारा श्री रधुनाथ प्रसाद यादव, कनीय अभियन्ता के माध्यम से कराया गया। श्री यादव कनीय अभियन्ता द्वारा सत्यापन कराकर दिनांक 18.10.11 को समर्पित किया गया। संवेदक द्वारा दिये गये बैंक गारण्टी की जांच करायी गई।
निविदाकार के तकनीकी बीड को मान्य करने के संबंध में श्री मिश्र द्वारा कहा गया कि इस संबंध में निर्णय विभागीय निविदा समिति ने लिया है। जिसकी अनुशंसा पर मुख्य अभियन्ता, गया द्वारा कार्यावंटन आदेश निर्गत किया गया। तत्पश्चात अनुभव प्रमाण-पत्र एवं बैंक गारंटी की जांच कराकर दिनांक 21.10.11 को एकरारनामा किया गया। श्री मिश्र द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं संलग्न साक्ष्यों के समीक्षोपरान्त निम्न तथ्य पाये गयेः- आरोप सं0-01 श्री मिश्र द्वारा प्राप्त कराये गये साक्ष्य के अवलोकनोंपरान्त पाया गया कि मुख्य अभियन्ता, गया द्वारा श्रम शक्ति की स्वीकृति प्रदान की गई है।
आरोप सं0-02 श्री मिश्र द्वारा प्राप्त कराये गये साक्ष्य के अवलोकनोपरान्त पाया गया कि निविदा आमंत्रण सूचना सं0-02/11-12 को ई टेंडरिंग के माध्यम से होने की पुष्टि होती है।
आरोप सं0-03 श्री मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के आलोक में समीक्षा में पाया गया कि कार्य0 अभि0 ने निविदा आमंत्रण सूचना की शर्तो को विभिन्न कंडिकाओं में समुचित श्रेणी चार के संवेदक को भाग लेने निविदा डालने के पूर्व संवेदक को कार्यस्थल निरीक्षण करने एवं विशेष जानकारी हेतु संवेदक को इससे मिलने हेतु निदेश प्रकाशित किये गये थे। कार्यपालक अभियन्ता के इस निदेश के बावजूद संवेदक को कार्यस्थल का जिला ज्ञान नहीं होने के कारण विभिन्न जिले के संवेदकों द्वारा निविदा में भाग लने हेतु कार्यपालक अभियन्ता को दोषी नहीं माना जा सकता है।
आरोप सं0-4 श्री मिश्र के स्पष्टीकरण के समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कार्यपालक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद द्वारा सवेदक से प्राप्त कार्यनुभव प्रमाण-पत्र एवं संपादन प्रमाण पत्र में से केवल कार्यानुभव प्रमाण-पत्र का सत्यापन कनीय अभियन्ता श्री रधुनाथ प्रसाद यादव को भेजकर कराया गया जो दिनांक 25.1.12 को मुख्य अभियन्ता, गया द्वारा कराये गये सत्यापन में जाली पाया गया।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 माच- 2013 श्री मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता को चाहिए था कि कार्यानुभव प्रमाण-पत्र के साथ साथ संपादन प्रमाण-पत्र का भी सत्यापन कराते। अतएव कार्यपालक अभियन्ता के इसकृत को आधा अधुरा मानते हुए पूर्ण रूपेण सत्यापन की कार्रवाई नहीं करने के लिए श्री मिश्र दोषी है।
समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा श्री मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद को संवेदक के प्रमाण-पत्रों का पूर्ण रूपेण सत्यापन नहीं करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा इन्हें निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः- (क) एक वेतन प्रक्रम नीचे असंचयात्मक प्रभाव से उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री वंशीधर मिश्र (आई0डी0-2132) कार्यपालक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद को निम्नांकित दण्ड दिया जाता हैः-
(क) एक वेतन प्रक्रम नीचे असंचयात्मक प्रभाव से उक्त दण्ड श्री मिश्र, कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, श्याम कुमार सिंह, सरकार के विशेष सचिव।
—————
अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 179-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in