(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 15151515 फा!गुफा!गुफा!गुफा!गुनननन 1111934934934934 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 192192192192) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 6666 माच-माच-माच-माच- 2013201320132013 शिक्षा विभाग
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अध्सिूचना 1 ekpZ 20131 ekpZ 20131 ekpZ 20131 ekpZ 2013 सं0 14/मु013-760/11 उ0शि0-467—भारतीय संविधन की अनुच्छेद 166 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद् द्वारा अध्सिूचना संख्या-733 दिनांक 27.04.2012 के क्रम राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षक/शिक्षकेतर कर्मियों के स्वीकृत पद, नियुक्ति, प्रोन्नत्ति एवं वेतन निर्धरण एवं बकाया वेतनादि एवं पेंशनादि राशि की अनुमान्यता की जाँच हेतु श्री विजय शंकर दूबे की अध्यक्षता में गठित समिति का कार्यबल तथा उसकी शक्ति एवं कार्यों को पुर्ननिर्धरित निम्न रूप से किये जाने का प्रस्ताव है :- OJ समिति का कार्यकाल ः प्रारम्भ में समिति का कार्यकाल तत्काल छः माह का होगा, जिसका समय-समय पर समिति के कार्यभार को दृष्टिपथ में रखते हुए या समिति को कार्यरत रखने की आवश्यकता के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा विस्तारित किया जा सकेगा ।
PJ समिति की शक्ति :
;iद्ध समिति सूचना प्राप्त करने हेतु विश्वविद्यालय के किसी भी पदाध्किारी से और/या उसके अध्ीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालय के प्राचार्य/ या उससे संबंध्ति कर्मियों को/ से दावे की जाँच करने हेतु तथा उनके कर्त्तव्य निर्वहन करने हेतु समिति संतुष्ट होने तथा अभिलेख की मांग करने के लिए सक्षम होगा । शिक्षा विभाग के पदाध्किारी एवं राज्य के विश्वविद्यालय/ अंगीभूत महाविद्यालय के पदाध्किारियों की बैठक मुद्दे को समझने, उसका निराकरण करने और संबंध्ति कर्मियों को देय राशि के निर्धरण हेतु बुलाने के लिए समक्ष होगा । 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 6 माच- 2013 ;iiiद्ध उपर्युक्त समनुदेशित कर्त्तव्यों के अतिरिक्त समिति राज्य सरकार को राज्य के विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक तथा आर्थिक वातावरण में सुधर हेतु विभिन्न उपायों पर सलाह दे सकती है । ;ivद्ध माननीय उच्च न्यायालय/राज्य सरकार किसी अन्य मामले की जाँच करने और प्रतिवेदन देने हेतु समिति को कह सकती है ।
प्रथमतः समिति ऐसे मामलों को ही जाँच कर प्रतिवेदन देगी जो माननीय पटना उच्च न्यायालय में लम्बित/ विचाराध्ीन है और इसके द्वारा विश्वविद्यालय एवं अंगीभूत महा0 के शिक्षकों/ शिक्षकेत्तर कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाया राशि निर्धरित करने हेतु संदर्भित है ।
QJ समिति द्वारा अंगीकृत किये जाने वाले कार्यो की प्रक्रिया :-
;iद्ध संबंध्ति कर्मी को देय राशि निर्धरित करने के क्रम में समिति अन्य सभी सुसंगत तथ्यों के साथ-साथ निम्नलिखित तथ्यों पर भी विचार करेगी :- ;aद्ध क्या कर्मी की नियुक्ति/ प्रोन्नति विश्वविद्यालय अध्निियम एवं इसके अध्ीन गठित
परिनियम में निहित प्रावधनों के अनुकूल है ?
;bद्ध क्या इस निमित्त पद विध्वित रूप से स्वीकृत था ? ;cद्ध क्या वेतन निर्धरण इसके लिए निर्धरित प्रक्रिया के अनुकूल है ? ;dद्ध क्या इस संबंध् में अंकेक्षक द्वारा कोई टिप्पणी की गयी है ? ;eद्ध क्या बकाया मद की राशि के लिए भारत सरकार से कोई अंशदान भी प्राप्त होना है? ;iiद्ध समिति जब कभी आवश्यक समझे तो सम्ब( कर्मी को और शिक्षा विभाग को भी अपना दावा या पक्ष रखने का अवसर प्रदान कर सकती है ताकि समिति अंतिम रूप से अपनी धरणा/विचार गठित कर सके ।
RJ यदि शिक्षा विभाग एवं समिति के बीच कोई मतान्तर उत्पन्न होता है तो राज्य सरकार का विनिश्चय अन्तिम होगा। SJ इस आदेश के परिशिष्ट 'क' में उल्लिखित व्यय विवरणी के अनुसार ही राज्य सरकार समिति पर खर्च वहन करेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
संजीवन सिन्हा,
विशेष सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित।
(cid:18)बहार गजट (असाधारण) 192-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in