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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
5555 जुलाई 2013जुलाई 2013जुलाई 2013जुलाई 2013
सं0 स्था॰-03-07/2005-1284—विभागीय अधिसूचना संख्या 1471, दिनांक 30.07.2012 एवं विभागीय अधिसूचना संख्या 174 दिनांक 30.01.2013 को निरस्त करते हुए वित्त विभाग के पत्र संख्या 3-ए-2-वे॰पु॰-18/2009(अंष)-5152-वि॰ दिनांक 21.05.2013 के कंडिका-4 के आलोक में गन्ना उद्योग विभाग के ईख सम्वर्ग के निम्नलिखित पदाधिकारी को बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (रूपान्तरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन
| क्र॰ सं॰ | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | द्वितीय वित्तीय उन्नयन के लाभ की स्वीकृति की देय तिथि |
| 01. | श्री शंकर नारायण लाल, ईख पदाधिकारी सम्प्रति प्रभारी सहायक ईखायुक्त, बिहार, पटना। | 01.01.2009 |
| 02. | श्री मुकेष कुमार वर्मा, ईख पदाधिकारी, समस्तीपुर। | 01.01.2009 |
| 03 | श्री जीवन मसीह किन्डो, ईख पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर। | 01.01.2009 |
| 04. | श्री मोहन राम, प्रभारी सहायक ईखायुक्त, उ॰ बिहार, मुजफ्फरपुर। | 30.03.2010 |
2. द्वितीय उन्नयन का लाभ प्राप्त करने के बाद पदधारक की पदीय स्थिति में कोई परिवर्त्तन नहीं होगा। 3. इस योजना के अधीन यह वित्तीय उन्नयन विषुद्ध रूप से व्यक्तिगत लाभ होगा। अतः सम्वर्ग में कनीय पदाधिकारियों के सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन योजनान्तर्गत उच्चतर वेतनमान प्राप्त होने के आधार पर वरीय पदाधिकारी को अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन/वेतन संरक्षण देय नहीं होगा।
4. भविष्य में सम्बद्ध पदाधिकारी/कर्मी के सम्वर्ग से संबंधित वित्त विभाग, बिहार, पटना अथवा सक्षम प्राधिकार द्वारा उनके वेतनमान से संबंधित यदि कोई निर्णय लिये जाते है तो यह वित्तीय उन्नयन तद्नुसार प्रभावित होते हुए रूपभेदित किया जा सकेगा।
5. वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या 1802, दिनांक 23.03.2006 में निहित प्रावधान के आलोक में वेतन का निर्धारण मौलिक नियमावली के नियम 22 (I) अथवा वित्त विभागीय संकल्प संख्या 630, दिनांक 21.01.2010 की कंडिका-12 में निहित प्रावधान के अनुसार निर्धारण किया गया जायेगा।
6. उपर्युक्त पदाधिकारी के संंबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या पार्थक्य पाये जाने अथवा यदि वित्त विभाग/सक्षम प्राधिकार के द्वारा इस वित्तीय उन्नयन के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति उठायी जायेगी या मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग द्वारा इस संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है तो संंबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन योजना के लाभ से संबंधित आदेष नियमानुसार अवक्रमित/संषोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गई राषि की वसूली/प्रतिपूर्त्ति कर ली जायेगी।