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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 24 July 2013

Published 24 July 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-07-24.589
Languages
English, Hindi

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अधिसूचना

4 मार्च 2013

सं0 2025—दरभंगा जिलान्तर्गत कुषेष्वर स्थान प्रखंड स्थित श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1664 है। यह मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ वर्ष-भर भक्तों की भीड़ रहती है। यह प्राचीन षिव मंदिर मिथिला क्षेत्र का प्रसिद्ध मंदिर है और यह लोगों के अगाध श्रद्धा का केन्द्र है। वसंत पंचमी, महाषिवरात्री, श्रावण मास आदि विषेष अवसरों पर लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। यहाँ दूध और घी से रूद्राभिषेक का विषेष महत्व हैं, जिसके लिए प्रतिदिन समीपवर्ती जिलों के कृषक/गो-पालक दूध-घी चढ़ाने के लिए विषेष रूप से यहाँ आते है। इस मंदिर के नाम से 26 वि0 2 क0 12 धु0 षिवोत्तर भूमि है, जो मंदिर के चारो ओर फैला हुआ है। इन भू-खण्डों पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध निर्माण किया गया है, साथ ही विभिन्न देवी-देवताओं के नाम पर मंदिर एवं धर्मषाला भी बने हैं, जो दबंग लोगों के कब्जें में है। किसी भी निर्माण के लिए धार्मिक न्यास पर्षद की पूर्वानुमति प्राप्त नहीं की गयी है। इस मंदिर को दान/चढ़ावा (नकद एवं सामग्री), भेट-पात्रों, मुंडन, यज्ञोपवीत, शादी-विवाह, वाहन-पूजा तथा विषेष पूजा से पर्याप्त आय है। इसके अतिरिक्त यहाँ दो तालाब हैं, जो दबंग लोगों के अवैध कब्जा में है। न्यास की आय-व्यय का कोई लेखा-जोखा पर्षद को प्राप्त नहीं होता है, इसका उपयोग निजी स्वार्थ के लिए हो रहा है। प्रचुर आय होने के बाबजूद यहाँ कोई जनहित मूलक काम नहीं हुआ है न तो न्यास का विकास कार्य ही हुआ है, वरन्‌ न्यास की अधिकांष भूमि पर दबंगों एवं माफिआ का कब्जा हो गया और आय का दुरूपयोग हो रहा है। इस न्यास से संबंधित सिविल रिट याचिका संख्या-3715/2006 में माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 24.02.2011 के आदेष में पर्षद को न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा के लिए आवष्यक कार्रवाई का निर्देष दिया था। इसके आलोक में पर्षद द्वारा सुनवाई की गयी थी और जिला पदाधिकारी, दरभंगा को पर्षदीय पत्रांक-660, दिनांक 20.07.2011 द्वारा यह सूचित किया गया था कि न्यास की व्यवस्था असंतोषप्रद है, जिसके कारण भक्तों को काफी कठिनाई होती है। साथ ही न्यास के भू-खण्डों पर अवैध कब्जा होता जा रहा है, इसलिए न्यास समिति के गठन हेतु सदस्यों का नाम भेजने का अनुरोध किया गया था। इसके पूर्व भी पर्षदीय पत्रांक-1439 दिनांक 14.02.2011 द्वारा जिलाधिकारी, दरभंगा से न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु न्यास समिति के गठन के लिए कुछ सदस्यों का नाम भेजने का अनुरोध किया गया था। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 24 जुलाई 2013 इस न्यास की संचिका के अवलोकन से यह पाया गया कि स्व0 भैरव झा, सरदार पंडा की अध्यक्षता में कभी यहाँ एक न्यास समिति कार्यरत थी, जिसकी मान्यता पर्षद से नहीं मिली थी, फिर भी समिति की असंतोषप्रद गतिविधियों के कारण पर्षदीय पत्रांक-3609 दिनांक 17.09.2005 द्वारा नोटिस निर्गत किया गया था। इसके अधिकांष सदस्यों की मृत्यु हो गयी थी, शेष बचे सदस्यों- श्री जीवछ अग्रवाल, श्री षिव नारायण राय, श्री राज कुमार झा एवं श्री देवन राय को पर्षदीय पत्रांक-1191, दिनांक 12.09.2012 द्वारा नोटिस दी गयी थी जिसमें उपर्युक्त बातों का उल्लेख करते हुए यह कहा गया था कि पर्षद के अध्यक्ष की उपस्थिति में वहाँ एक बड़ी सभा हुयी थी जिसमें लोगों की राय जानने के बाद यह तय हुआ था कि इस धार्मिक न्यास के सम्यक्‌ संचालन के लिए एक नई न्यास समिति का गठन किया जाय। इस संबंध में इन लोगों का विचार मांगा गया था और इसकी प्रतिलिपि स्व0 भैरव झा के पुत्र श्री अमरनाथ झा को भी स्व0 सरदार पंडा के पुत्र होने के नाते, मंतव्य के लिए भेजी गयी थी। श्री अमरनाथ झा का पत्र दिनांक 06.10.2012 पर्षद को प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया कि श्री राज कुमार झा की मृत्यु हो गई और भैरव झा की मृत्यु के बाद कार्यकारिणी सदस्य एवं आम सभा द्वारा इन्हें न्यास समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इन्होंने सोसाईटीज रजिस्ट्रेषन एक्ट- 21, 1860 के तहत कुषेष्वर नाथ सेवा समिति का निबंधन कराया है जिसका नि0 सं0-743/2009-10 है, यदि इस समिति की मान्यता प्रदान की जाती है तो नियमों के तहत मंदिर के सभी विकासात्मक कार्य कर सकते है। धार्मिक न्यासों का निबंधन धार्मिक न्यास पर्षद के तहत होता है और जब इस न्यास का निबंधन बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम के तहत अतीत में हो चुका है, तब सोसाइटी रजिस्ट्रेषन अधिनियम के तहत निबंधन कराना अप्रासंगिक है। जिलाधिकारी, दरभंगा को पुनः पर्षदीय पत्रांक-1557, दिनांक 16.11.2012 द्वारा षिवोत्तर भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर रोक के लिए अनुरोध किया गया, परन्तु अभीतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुयी है। उपर्युक्त परिस्थिति से स्पष्ट है कि इस न्यास को दान, चढ़ावा एवं धार्मिक आयोजनों से पर्याप्त आय है, जिसका बन्दर-बाट हो रहा है और स्थानीय भू-माफिया और दबंग लोगों द्वारा न्यास की बहुमूल्य जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया गया है और आय का निजी उपयोग किया जा रहा है। पर्षद को न्यास की आय-व्यय विवरणी नहीं भेजी जाती है और न तो इसका कोई बैंक एकाउन्ट है। यह न्यास पर्षद में दिनांक 24.04.1965 को ही निबंधित हुआ है, जिसका निबंधन संख्या 1664 है। अतः अब सोसाईटीज रजिस्ट्रेषन एक्ट के तहत इसका निबंधन औचित्यहीन है, इसलिए इसे अमान्य किया जाता है। इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास के लिए न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु अग्रलिखित योजना का निरूपण किया जाता है और इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।

योजनायोजनायोजनायोजना

''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर (1) अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नामा ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास योजना'' न्यास योजना'' न्यास योजना'' न्यास योजना'' होगा और इसे मूर्त्त रूप देने तथा संचालन हेतु गठित न्यास समिति का नाम ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास समिति, कुषेष्वर स्थान'' होगा। महादेव मंदिर न्यास समिति, कुषेष्वर स्थान'' महादेव मंदिर न्यास समिति, कुषेष्वर स्थान'' महादेव मंदिर न्यास समिति, कुषेष्वर स्थान''

(2) श्री बाबा कुषेष्वरनाथ मंदिर एवं इसकी समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन का अधिकार श्री बाबा कुषेष्वरनाथ महादेव मंदिर न्यास समिति में निहित होगा।

(3) इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य मंदिर में पूजा-पाठ, अर्चना व अभिषेक, राग-भोग तथा उत्सव-समैया का सम्यक्‌ संचालन सुनिष्चित करना होगा।

(4) मंदिर में प्राप्त होने वाली समग्र राषि का लेखा संधारण किया जोयगा और वार्षिक अंकेक्षण कराया जायेगा जिसकी एक प्रति पर्षद को भेजी जायेगी।

(5) न्यास समिति न्यास की समग्र भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

(6) मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखें जायेगें, जिसमें दान एवं चढावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाते में जमा की जायेगी।

(7) न्यास की समग्र आय समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा, जिसका संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।

(8) न्यास समिति का कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ उठाते पाये जायेंगे या आपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।

(9) न्यास समिति न्यास की आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। (10) न्यास समिति अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए न्यास की आय-व्यय विवरणी, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त एवं पर्षद को देय शुल्क की राषि का सम्यक्‌ प्रेषण करेगी।

(11) अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे तथा निर्णय बहुमत से होगा। 3

(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 24 जुलाई 2013

(12) न्यास समिति के सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्तरूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के लिए जवाबदेह होगें।

(13) इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन, संषोधन या आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :- (1) अनुमंडल पदाधिकारी, विरौल, दरभंगा - अध्यक्ष (2) श्री अमरनाथ झा, पिता- स्व0 भैरव झा, कुषेष्वर स्थान, दरभंगा -उपाध्यक्ष (3) श्री विमल चन्द्र खां, पिता- श्री राम स्वरूप खां, ग्राम- आषो, पो0- हरिनगर, जिला- दरभंगा। - सचिव (4) श्री सकलदेव हजारी, ग्राम- रौता, पो0- कुषेष्वर स्थान, दरभंगा - सदस्य (5) श्री जीवछ प्रसाद अग्रवाल, पिता- श्री गंगा प्र0 अग्रवाल,

साकिन - कुषेष्वर स्थान, दरभंगा - सदस्य (6) श्री चन्द्रवली प्र0 यादव, ग्राम- जिरौना, कुषेष्वर स्थान, दरभंगा - सदस्य (7) श्री ललित नारायण साह, कुषेष्वर स्थान, दरभंगा - सदस्य (8) श्री राम विलास महतो, पिता- स्व0 सोने लाल महतो, ग्रामपो0- वहेरी, जिला- दरभंगा। - सदस्य (9) श्री हिरा पासवान, पिता-श्री केदार हजारी, ग्राम-रामपुर रौता, पो0-कुषेष्वर स्थान, दरभंगा। - सदस्य

यह योजना दिनांक 08.03.2013 से प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 589-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 24 July 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-07-24.589/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-07-24.589.