िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 8888 ौावणौावणौावणौावण 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 604604604604) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 30303030 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई 2013201320132013 सं0 03-39/2007सं0 03-39/2007सं0 03-39/2007सं0 03-39/2007—647647647647 गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग अभियोजन निदेषालयअभियोजन निदेषालयअभियोजन निदेषालयअभियोजन निदेषालय ---------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 17 जुलाई 201317 जुलाई 201317 जुलाई 201317 जुलाई 2013
यक लोक अभियोजक की बर्खास्तगी संबंधी विषयः-विषयः-विषयः-विषयः-श्री षिवदयाल राय, सहाश्री षिवदयाल राय, सहाश्री षिवदयाल राय, सहाश्री षिवदयाल राय, सहायक लोक अभियोजक की बर्खास्तगी संबंधी यक लोक अभियोजक की बर्खास्तगी संबंधी यक लोक अभियोजक की बर्खास्तगी संबंधी निर्गनिर्गनिर्गनिर्गत आदेष विभागीय संकल्प त आदेष विभागीय संकल्प त आदेष विभागीय संकल्प त आदेष विभागीय संकल्प संख्या 7835 दिनांक संख्या 7835 दिनांक संख्या 7835 दिनांक संख्या 7835 दिनांक 16161616....07070707....1996 को 1996 को 1996 को 1996 को निर्गत की तिथि से निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में पुनस्र्थापित (Re-instate) निर्गत की तिथि से निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में पुनस्र्थापित निर्गत की तिथि से निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में पुनस्र्थापित निर्गत की तिथि से निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में पुनस्र्थापित करने, दिनांक 05करने, दिनांक 05करने, दिनांक 05करने, दिनांक 05....01010101....1992 से 1992 से 1992 से 1992 से 05050505....01010101....1996 तक की वार्षिक वेतन वृद्धि 1996 तक की वार्षिक वेतन वृद्धि 1996 तक की वार्षिक वेतन वृद्धि 1996 तक की वार्षिक वेतन वृद्धि स्वीकृत करने, जीवस्वीकृत करने, जीवस्वीकृत करने, जीवस्वीकृत करने, जीवन निर्वाह भत्ता घटाकर दिनांक 09न निर्वाह भत्ता घटाकर दिनांक 09न निर्वाह भत्ता घटाकर दिनांक 09न निर्वाह भत्ता घटाकर दिनांक 09....01010101....1992 से 161992 से 161992 से 161992 से 16....09090909.... 1995 तक के पूर्ण वेतन का भुगतान करने तथा दिनांक 16....07070707....1996 से श्री 1996 से श्री 1996 से श्री 1996 से श्री 1995 तक के पूर्ण वेतन का भुगतान करने तथा दिनांक 16 1995 तक के पूर्ण वेतन का भुगतान करने तथा दिनांक 16 1995 तक के पूर्ण वेतन का भुगतान करने तथा दिनांक 16 शिवदयाल राय की सेवानिवृति की तिथि 31 शिवदयाल राय की सेवानिवृति की तिथि 31....07070707....2008 तक की अवधि को 2008 तक की अवधि को 2008 तक की अवधि को 2008 तक की अवधि को शिवदयाल राय की सेवानिवृति की तिथि 31 शिवदयाल राय की सेवानिवृति की तिथि 31 असाधारण अवकाश के रूप में विनियमित करते हुए इस अवधि को पेंशन हेतु असाधारण अवकाश के रूप में विनियमित करते हुए इस अवधि को पेंशन हेतु असाधारण अवकाश के रूप में विनियमित करते हुए इस अवधि को पेंशन हेतु असाधारण अवकाश के रूप में विनियमित करते हुए इस अवधि को पेंशन हेतु गणना कगणना कगणना कगणना करने के संबंध में। रने के संबंध में। रने के संबंध में। रने के संबंध में। अभियोजन निदेषालय के पत्रांक 1116 दिनांक 13.12.1991 द्वारा श्री शिवदयाल राय तत्कालीन सहायक लोक अभियोजक, सदर कोर्ट, पटना के विरूद्ध प्रतिवेदित घोर अनुषासनहीनता, कर्त्तव्यहीनता, उदण्डता, कदाचार एवं वरीय पदाधिकारियों के साथ गलत आचरण तथा उनके आदेष का उल्लघंन करने, अपने पद का दुरूपयोग तथा सरकारी मुकद्मों को सही ढंग से पैरवी नहीं करने आदि संबंधी आरोप एवं तदनुरूप उसके आलोक में विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने संबंधी प्राप्त अनुषंसा के आलोक में गृह(आ0) विभाग, बिहार, पटना के आदेष संख्या 102 दिनांक 09.01. 1992 द्वारा उपर्युक्त आरोपों के लिए श्री राय को आदेष निर्गत की तिथि से निलंबित किया गया। साथ हीं गृह (आ0) विभाग, बिहार, पटना के ज्ञाप सं0 293 दिनांक 27. 01.1992 द्वारा श्री राय को आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के अधीन उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने के संबंध में सूचना उपलब्ध कराई गयी तथा संकल्प सं0 8950 दिनांक 28.09.1992 द्वारा निलंबित सहायक लोक अभियोजक श्री राय के विरूद्ध2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 30 जुलाई 2013 सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के अधीन विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया।
2. श्री षिवदयाल राय द्वारा निलम्बन आदेष एवं विभागीय कार्यवाही निरस्त करने एवं कुछ कागजात उपलब्ध कराने हेतु माननीय पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका सं0 1525/94 दायर किया गया जिसमें माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा श्री राय के निलंबन आदेष को रद्द करते हुए 10 सप्ताह के अन्दर विभागीय कार्यवाही को पूर्ण करने का आदेष दिनांक 21.07.1995 को पारित किया गया। 3. माननीय पटना उच्च न्यायालय के उपर्युक्त आदेष के आलोक में गृह (आ0) विभाग के आदेष ज्ञापांक 7444 दिनांक 16.09.1995 द्वारा निलंबित सहायक लोक अभियोजक श्री षिवदयाल राय को तत्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए निलंबन अवधि के संबंध में विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के पष्चात् निर्णय लेने के संबंध में निर्णय लिया गया।
4. गृह (आ0) विभाग के संकल्प संख्या-4275 दिनांक 23.04.1996 द्वारा श्री राय के विरूद्ध संचालित इस विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु नियुक्त संचालन पदाधिकारी श्री रविकांत, अपर सचिव, कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग, पटना के पत्रांक 767 दिनांक 10.05.1996 द्वारा श्री राय के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित जॉच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक 4796 दिनांक 11.05.1996 द्वारा श्री षिवदयाल राय से द्वितीय कारणपृच्छा मांगी गई ।
5. श्री षिवदयाल राय, सहायक लोक अभियोजक, सदर कोर्ट पटना के विरूद्ध अनुषासनहीनता, कदाचार एवं प्रषासनिक कार्यो में दखलंदाजी के आरोप में बर्खास्तगी के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान करने हेतु गृह (आ0) विभाग के पत्रांक 5185 दिनांक 20.05.1996, पत्रांक 6809 दिनांक 26.06.1996, पत्रांक 7132 दिनांक 04.07. 1996 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से अनुरोध किया गया किन्तु आयोग की सहमति ससमय प्राप्त नहीं हुई।
6. गृह (आ0) विभाग के संकल्प सं0 7835 दिनांक16.07.1996 द्वारा श्री षिवदयाल राय के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के जॉच प्रतिवेदन एवं श्री राय से प्राप्त लिखित बचाव की सम्य्क समीक्षा के उपरांत उनके विरूद्ध गंभीर कर्त्तव्यहीनता, उत्तरदायित्व का पूर्ण अभाव, प्रषासनिक अक्षमता, अषिष्ट व्यवहार, उश्रृंखलता एवं कदाचार के गंभीर आरोप प्रमाणित पाये जाने के कारण श्री राय को संकल्प के निर्गत होने की तिथि से सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया एवं निलंबन अवधि में श्री राय को जीवन निर्वाह भत्ता के अलावे और कुछ भी राषि भुगतान नहीं करने का भी निर्णय लिया गया।
7. श्री राय की बर्खास्तगी आदेष पर दिनांक 26.06.1996 को मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति प्राप्त की गई। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 1443 दिनांक 14.11.1996 द्वारा श्री राय की बर्खास्तगी के प्रस्ताव पर घटनोत्तर सहमति प्रदान की गई।
8. श्री षिवदयाल राय द्वारा बर्खास्तगी आदेष संकल्प सं0 7835 दिनांक 16. 07.1996 को रद्द करने हेतु माननीय पटना उच्च न्यायालय में CWJC No. 8207/96 दायर किया गया, जिसमें सुनवाई के पष्चात् माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 27. 09.2007 को इनके बर्खास्तगी आदेष को रद्द करते हुए निम्न आदेष पारित किया गया-
"Accordingly, Resolution dated 16-07-1996 contained in Memo No. 7835, dismissing the petitioner from the post of Assistant public prosecutor is quashed. The respondents are directed to give all the consequential benefit due to the petitioner with increments for the period 05-01-1992 to 05-01-1996 , to pay full salary for the period 09- 01-1992 to 16-09-1995 after deducting the S.A. Re-instate the petitioner and give all the consequential benefit."
9. CWJC No. 8207/96 में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 27.09. 2007 को पारित आदेष के विरूद्ध सरकार द्वारा माननीय पटना उच्च न्यायालय में LPA No. 160/2008 दायर किया गया। पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 24.09. 2012 को LPA No. 160/2008 को खारिज करते हुए निम्नवत् आदेष पारित किया गया है-3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 30 जुलाई 2013 "Having considered the entire facts and circumstances, we find no good reasons to interfere with the order of the learned single judge. The appeal is found to be without merit. It is dismissed accordingly. There shall be no order as to costs."
10. माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा LPA No. 160/2008 में दिनांक 24.
09.2012 को पारित न्यायादेष के विरूद्ध सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में S.L.P (Civil) cc 7527/2013 दायर किया गया जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 12.04.2013 खारिज करते हुए निम्न आदेष पारित किया गया है-
"We see no reason to interfere. The special leave petition is dismissed." 11. अतः उपर्युक्त कंडिका-8,9 एवं 10 में वर्णित न्यायिक आदेशों के आलोक में सम्यक् समीक्षोपरांत श्री शिवदयाल राय सम्प्रति बर्खास्त सहायक लोक अभियोजक को सेवा में पुनस्र्थापित करने का निम्नरुपेण निर्णय लिया जाता हैः-
(क) श्री षिवदयाल राय की बर्खास्तगी संबंधी निर्गत आदेष विभागीय संकल्प संख्या 7835 दिनांक 16.07.1996 को निर्गत की तिथि से निरस्त करते हुए उन्हें सेवा में पुनस्र्थापित किया जाता है।
(ख) उन्हें दिनांक 05.01.1992 से 05.01.1996 तक की वार्षिक वेतन वृद्धि देय होगी।
(ग) उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता घटाकर दिनांक 09.01.1992 से 16.09.1995 तक का पूर्ण वेतन देय होगा।
(घ) दिनांक 16.07.1996 से श्री शिवदयाल राय की सेवानिवृति की तिथि अर्थात् 31.07.2008 तक की अवधि को असाधारण अवकाश के रूप में विनियमित किया जाता है तथा इस अवधि की पेंशन हेतु गणना की जायगी। आदेष-आदेष-आदेष-आदेष- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में तुरंत प्रकाषित किया जाए तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आमिर सुबहानी, सरकार के प्रधान सचिव।
————— अधी.क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 604-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in