(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 14141414 ौावणौावणौावणौावण 1111935935935935 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 624624624624) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 5555 अगःतअगःतअगःतअगःत 2013201320132013 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn &&&&&& अधिसूचना 22 जून 2013
la0 545—श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी कसेरा कुटी, वार्ड नं0-4, जिला-मधुवनी पर्षद के अनतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबबंधन संख्या-3866 है। पर्षदीय ज्ञापांक 1027 दिनांक 13.08.2008 द्वारा श्री कौषल किषोर दास को अधिनियम की धारा-33 के तहत इस न्यास का अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था तथा न्यास संचालन में इनकी सहायता हेतु श्री श्याम सुन्दर साह कसेरा की अध्यक्षता में श्री नारायण दास एवं श्री परषुराम साव को सदस्य नियुक्त करते हुए एक समिति गठित की गई थी। चूॅकि न्यास की परिसम्पत्तियों से संबंधित हकीयत वाद सं0 104/1992 न्यायलय में लम्बित था, अतः इसके सम्यक संचालन के लिए पर्षदीय पत्रांक 992 दिनांक 13.09.11 द्वारा उक्त समिति को 30 जून 2012 तक विस्तारित किया गया था साथ ही मुख्य पार्षद, नगर परिषद, मधुवनी से यह पूछा गया था कि श्री कौषल किषोर दास मंदिर पर रहते है या नहीं। मुख्य पार्षद ने अपने पत्रांक 01 दिनांक 22.06.12 द्वारा पर्षद को सूचित किया कि श्री कौषल किषोर दास विगत एक वर्ष से मंदिर पर नहीं रहते है। तत्पष्चात् पर्षदीय पत्रांक 670 दिनांक 13.07.12 द्वारा उक्त समिति का कार्यकाल नई न्यास समिति के गठन तक विस्तारित किया गया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी, मधुबनी से पर्षदीय पत्रांक 2031 दिनांक 04.03. 13 द्वारा न्यास की विधि सम्मत सुव्यवस्था के लिए सुझाव तथा न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह व्यक्तियों का नाम मांगा गया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहिका (मधुवनी) से पत्रांक 1198 दिनांक 28.05.13 द्वारा न्यास की सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं विकास हेतु सुझाव के साथ-साथ ग्यारह व्यक्तियों का नाम भी पर्षद को प्राप्त हुआ है। श्री कौषल किषोर दास के अस्थायी न्यासधारी के पद पर नियुक्ति का एक वर्ष की अवधि समाप्त हो चुकी है। साथ ही इस न्यास का मधुबनी शहर में कीमती भू-खण्ड है एवं इनके विकास की पर्याप्त संभावना हैं, अतः इनकी सुरक्षा, बेहतर संचालन तथा सम्यक विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं न्यास समिति का गठन आवयक प्रतीत होता है। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 अगःत 2013 योजनायोजनायोजनायोजना 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी, कसेरा कुटी न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम ''श्री राम ''श्री राम ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी, कसेरा कुटीजानकी ठाकुरवाड़ी, कसेरा कुटीजानकी ठाकुरवाड़ी, कसेरा कुटीजानकी ठाकुरवाड़ी, कसेरा कुटी न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-अर्चना एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास समिति मंदिर जीर्णोद्धार/निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर प्रारम्भ करेगी तथा मंदिर की गरिमा को पुनस्र्थापित करेगी।
4. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष एवं सचिव में से कोई एक और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
5. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली परख होगी। 6. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
7.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
9. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी।
13. इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 01.07.2013 से पॉच वर्षो का होगा। एक वर्ष के बाद इसकी कार्यो की समीक्षा की जायेगी।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
1. श्री श्याम सुन्दर साह (कसेरा), पे0 स्व0 बबूअन साह (कसेरा) गदियानी, वार्ड नं0-5 मधुवनीअध्यक्ष
2. श्री मानस कुमार, पे0 स्व0 राजू यादव, किर्त्तन भवन रोड, वार्ड नं0-18 मधुवनी। 3. श्री रणन्जय प्रसाद यादव, पे0 स्व0 धनन्जय प्र0 यादव, गदियानी, वार्ड नं0-10, मधुवनी। 4. श्री परषुराम प्रसाद (उपमुख्य पार्षद) नगर परिषद् मधुवनी। 5. श्री नारायण दास, पिता स्व0 जीवछ यादव (वर्तमान समिति सदस्य) कसेरा पोखर, वार्ड नं0-4, मधुवनी।
6. श्री दिलीप कुमार, पे0 श्री श्याम सुन्दर साह (कसेरा) गदियानी वार्ड नं0-5, मधुवनी। 7. डा0 एस0 एन0 महतो (रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर) (अनुसूचित जाति), लहेरियागंज, मधुवनी। 8. श्री उदय जयसवाल, पे0 स्व0 विन्देष्वरी चौधरी, भारत विकास परिषद् प्रान्तीया संगठन, सचिव तिलक चौक, मधुवनी।
9. श्री भोला नन्द झा (रिटायर्ड बैंक ऑफिसर), पे0 स्व0 परमानन्द झा, बाबू सहेब चौक, मधुवनी। 10. श्री सत्यनारायण साह, पे0 स्व0 नन्द लाल साह, कसेरा पोखर, वार्ड नं0-4, मधुवनी। 11. श्रीमति अमला देवी, पति श्री लाल बाबू साह, मछहट्टा चौक, भौआड़ा, मधुवनी।
अध्यक्ष न्यास समिति की प्रथम बैठक बुलायेंगे तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद् को सूचित करेंगे।
विष्वासभाजन, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।