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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 12 August 2013

Published 12 August 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-08-12.642
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 21212121 ौावणौावणौावणौावण 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 642642642642) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 12121212 अगःतअगःतअगःतअगःत 2013201320132013 ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=äÑéçâóX=

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ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=^=(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अगःत 2013 2 बिहार जमाकर्त्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) (संशोधन) विधेयक, 2013 बिहार जमाकर्त्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) (संशोधन) विधेयक, 2013 बिहार जमाकर्त्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) (संशोधन) विधेयक, 2013 बिहार जमाकर्त्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) (संशोधन) विधेयक, 2013 [Ñç∫ä∫Ñç∫CNU]OMNP⁄=

बिहार जमाकर्त्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) अधिनियम, 2002 (बिहार अधिनियम, 18, 2002) का संशोधन करने के लिए विधेयक ।

भारत गणराज्य के चौसठवें वर्ष में बिहार राज्य के विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में भारत गणराज्य के चौसठवें वर्ष में बिहार राज्य के विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में भारत गणराज्य के चौसठवें वर्ष में बिहार राज्य के विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में भारत गणराज्य के चौसठवें वर्ष में बिहार राज्य के विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-यह अधिनियमित हो :-यह अधिनियमित हो :-यह अधिनियमित हो :-

1111.... संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ ।-(1) यह अधिनियम बिहार जमाकर्त्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) (संशोधन) अधिनियम, 2013 कहा जा सकेगा । (2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा । (3) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।

बिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा- 2 में संशोधन ।-- (1) उक्त अधिनियम में, 2222.... बिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा- 2 में संशोधन ।-- (1) बिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा- 2 में संशोधन ।-- (1) बिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा- 2 में संशोधन ।-- (1)

धारा-2 की उप-धारा- (क) एवं (ख) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी :-

''(क) ''सक्षम प्राधिकारी'' से अभिप्रेत है राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कोई भी पदाधिकारी अथवा जिला समाहर्त्ता अथवा जिला का कोई पदाधिकारी जो अपर समाहर्त्ता अथवा समकक्ष की पंक्ति से नीचे का न हो ।

(ख) ''अभिहित न्यायालय'' से अभिप्रेत है धारा-7 के अधीन गठित अभिहित न्यायालय ।'' (2) उक्त अधिनियम की धारा-2 की उप-धारा (घ) के बाद निम्नलिखित एक स्पष्टीकरण जोड़ा जाएगा :-

''स्पष्टीकरण - ''स्पष्टीकरण - ''स्पष्टीकरण - ''स्पष्टीकरण - इसमें वैसा व्यवसाय यथा, अचल संपत्ति, वृक्षारोपण, पर्यटन और यात्रा, पशुपालन, होटल, रिसॉर्ट, मनोरंजन पार्क, उसके किसी भी कीमती सामान या सेवा या उपहार की आपूर्त्ति आदि, जिसमें प्रच्छन्न रूप में धनराशि जमा लिया जाता है, भी शामिल होगा ।''

बिहार अधिनियम 18, 2002 की धारा- 2 के बाद एक नई धारा- 2क का एक नई धारा- 2क का एक नई धारा- 2क का एक नई धारा- 2क का 3333.... बिहार अधिनियम 18, 2002 की धारा- 2 के बाद बिहार अधिनियम 18, 2002 की धारा- 2 के बाद बिहार अधिनियम 18, 2002 की धारा- 2 के बाद अन्तःस्थापनअन्तःस्थापनअन्तःस्थापनअन्तःस्थापन।--।--।--।--उक्त अधिनियम की धारा-2 के बाद निम्नलिखित नई धारा-2क अन्तःस्थापित की जाएगी ः-

- आज्ञापक सूचना, सूचना मांगने की शक्ति तथा गैर अनुपालन के लिए सजा ः ''2क''2क''2क''2क....- आज्ञापक सूचना, सूचना मांगने की शक्ति तथा गैर अनुपालन के लिए सजा ः - आज्ञापक सूचना, सूचना मांगने की शक्ति तथा गैर अनुपालन के लिए सजा ः - आज्ञापक सूचना, सूचना मांगने की शक्ति तथा गैर अनुपालन के लिए सजा ः (1) बिहार राज्य या उसके किसी हिस्से में कार्यालय स्थापित करने एवं कार्य का परिचालन करने हेतु आशयित कोई वित्तीय स्थापना अपने क्रिया-कलापों, कार्य क्षेत्रों एवं/या व्यवसाय की, सभी आवश्यक कागज-पत्रों के साथ विस्तृत जानकारी लिखित रूप में सक्षम प्राधिकारी को देगा । इस जानकारी में संबंधित राज्य के कंपनी रजिस्ट्रार द्वारा इसका रजिस्ट्रीकरण एवं भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड या उपर्युक्त प्रयोजनार्थ किसी अन्य विनियामक प्राधिकार से प्राप्त अनुज्ञप्ति और रजिस्ट्रीकरण के बारे में ब्योरे के साथ इसके कार्यालय संरचना और विनिर्दिष्ट स्थान/पता भी सम्मिलित होगा :

परन्तु इस अधिनियम के प्रारंभ होने के पहले से परिचालित वित्तीय स्थापना इस अधिनियम के प्रारंभ होने के 30 दिनों के भीतर जिला समाहर्त्ता/सक्षम प्राधिकारी को अपेक्षित जानकारी प्रस्तुत करेगा ।''

(2) सक्षम प्राधिकारी को, वित्तीय स्थापना या उसके पदधारी जिसमें उसके प्रवर्त्तक, निदेशक, भागीदार या प्रबंधक या ऐसी वित्तीय स्थापना के सदस्य शामिल हैं से जानकारी की मांग करने या अपेक्षा करने या यथापेक्षित ऐसी जानकारी देने हेतु सरकार के किसी कार्यालय या प्राधिकारी या किसी स्थानीय प्राधिकारी या किसी अन्य व्यक्ति को निदेश देने की शक्ति होगी और ऐसी वित्तीय स्थापना या उसके पदधारी या प्रवर्त्तक, निदेशक, भागीदार या प्रबंधक या ऐसी वित्तीय स्थापना के सदस्य या सरकार का पदाधिकारी या प्राधिकारी या स्थानीय प्राधिकारी या कोई अन्य व्यक्ति तुरन्त उस जानकारी को सक्षम प्राधिकारी को देगा।

(3) धारा-2क(1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी को अपेक्षित जानकारी देने में विफल होने अथवा गलत या भ्रामक बयान देने या धारा-3क के अधीन यथापेक्षित अभिलेख/दस्तावेज आदि का उपस्थापन अथवा निरीक्षण की अनुमति देने से इंकार करने की स्थिति में जिला के समाहर्त्ता, जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार में वित्तीय स्थापना, कारबार का संचालन कर रहा है, संतुष्ट होकर, विधि के अनुसार, वित्तीय स्थापना को उचित अवसर देने के बाद, ऐसी हरेक चूक के लिए 100000/- (एक लाख) रूपये तक का जुर्माना लगा सकेगा ।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अगःत 2013 हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा----3 में संशोधन ।--3 में संशोधन ।--3 में संशोधन ।--3 में संशोधन ।-- उक्त अधिनियम में धारा-3 4444.... बिबिबिबिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा के विद्यमान उपबंध को धारा-3(1) के रूप में पढ़ा जाएगा एवं तत्पश्चात्‌ निम्नलिखित नई उप-धारा (2) जोड़ी जाएगी :-

''(2) अपनी अधिकारिता के अधीन पुलिस उपाधीक्षक या उसके समकक्ष से नीचे की पंक्ति का कोई पुलिस पदाधिकारी इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध की जॉच नहीं करेगा'' । परन्तु पुलिस निरीक्षक से अन्यून पंक्ति का कोई पुलिस अधिकारी भी यदि इस निमित्त, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा, राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किया गया हो तो वह, यथास्थिति, प्रथम श्रेणी के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अथवा प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना, किसी ऐसे अपराध का अनुसंधान कर सकेगा अथवा उसके लिए बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकेगा । 5555.... बिबिबिबिहार अधिनियम- 18, 200हार अधिनियम- 18, 200हार अधिनियम- 18, 200हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा2 की धारा2 की धारा2 की धारा----3 के बाद नई धारा3 के बाद नई धारा3 के बाद नई धारा3 के बाद नई धारा----3क एवं 3ख का 3क एवं 3ख का 3क एवं 3ख का 3क एवं 3ख का अन्तःस्थापन ।-अन्तःस्थापन ।-अन्तःस्थापन ।-अन्तःस्थापन ।- उक्त अधिनियम की धारा-3 के बाद निम्नलिखित नई धारा-3क एवं 3ख अन्तःस्थापित की जाएगी --

ं प्रवेश करने तथा कतिपय दस्तावेजों का निरीक्षण करने की तावेजों का निरीक्षण करने की तावेजों का निरीक्षण करने की तावेजों का निरीक्षण करने की शक्तिशक्तिशक्तिशक्ति--------(1) सक्षम ''3क- परिसर मे''3क- परिसर मे''3क- परिसर मे''3क- परिसर में प्रवेश करने तथा कतिपय दस् ं प्रवेश करने तथा कतिपय दस् ं प्रवेश करने तथा कतिपय दस् प्राधिकारी या उसके अधीन अनुमंडल पदाधिकारी से अन्यून पंक्ति का कोई अन्य प्राधिकारी इस अधिनियम के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए, किसी भी परिसर, जहाँ कोई रजिस्टर, किताब, अभिलेख, कागज-पत्र, आवेदन, इलेक्ट्रॉनिक भंडारण और पुनपर््राप्ति डिवाइस या माध्यम से सूचना, लिखत या कार्यवाही रखा गया हो, में प्रवेश कर सकेगा तथा निरीक्षण कर सकेगा तथा उन्हें निरीक्षण करने के बाद ऐसी टिप्पणियाँ और उद्धरण ले सकेगा, जो वह उचित समझे ।

(2) हरेक व्यक्ति, जिसकी अभिरक्षा में या अनुरक्षण में इस तरह का रजिस्टर, किताब, अभिलेख, कागज-पत्र, आवेदन, लिखत या कार्यवाही हो, यथोचित समय पर सक्षम प्राधिकारी अथवा सक्षम पदाधिकारी द्वारा प्राधिकृत अन्य प्राधिकारी के समक्ष उन्हें उपस्थापित करेगा या निरीक्षण करने या उसका नोट और उद्धरण, जैसा आवश्यक समझे, लेने के लिए अनुमति देगा और यदि आवश्यक हो तो वह उन्हें अभिगृहीत और परिरूद्ध (इम्पाउन्ड) करेगा :

परन्तु उस क्षेत्र की अधिकारिता वाले मजिस्ट्रेट द्वारा निर्गत सर्च वारंट के प्राधिकार के सिवाय आवासीय परिसर (जो कारबार-सह-आवास स्थल न हो) में कोई भी प्रवेश तथा तलाशी नहीं की जाएगी तथा, जहाँ तक हो सके, इस धारा के अधीन सभी तलाशी दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के उपबंधों के अनुसार की जाएगी ।

3ख- तलाशी, अभिग्रहण, संपत्ति की जब्ती तथा उसका प्रबंधन :- (1) जहाँ सक्षम प्राधिकारी 3ख- तलाशी, अभिग्रहण, संपत्ति की जब्ती तथा उसका प्रबंधन :- 3ख- तलाशी, अभिग्रहण, संपत्ति की जब्ती तथा उसका प्रबंधन :- 3ख- तलाशी, अभिग्रहण, संपत्ति की जब्ती तथा उसका प्रबंधन :- को जानकारी होने पर तथा ऐसी जॉच-पड़ताल के बाद जिसे वह ठीक तथा आवश्यक समझे, विश्वास करने का कारण हो कि किसी वित्तीय स्थापना के कारबार अथवा कार्यों को संचालित करने अथवा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार किसी वित्तीय स्थापना या प्रवर्त्तक, भागीदार, निदेशक, प्रबंधक, सदस्य, कर्मचारी या प्रबंधन के लिए जिम्मेदार कोई अन्य व्यक्ति -

(क) ने ऐसा कार्य किया है जो धारा 3(1) के अधीन एक अपराध है; अथवा (ख) धारा-3(1) के अधीन किसी अपराध में अंतर्ग्रस्त कोई सामग्री उसके कब्जे में है; अथवा (ग) धारा-3(1) के अधीन किसी अपराध से संबद्ध कोई अभिलेख उसके कब्जे में है; अथवा (घ) धारा-3 की उप-धारा (1) के अधीन किसी कार्यालय से संबद्ध कोई भी संपत्ति उसके कब्जे में है, ऐसा सक्षम प्राधिकारी इस निमित्त बनाए गए नियमों के अध्यधीन, किसी भी पदाधिकारी को --

(i) किसी भी भवन, जगह, जलयान, वाहन या विमान में ऐसी सहायता के साथ जो आवश्यक हो के साथ प्रवेश और तलाशी करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा, जहाँ उसे संदेह करने का कारण हो कि उसमें अपराध का किसी तरह का अभिलेख या आगम रखा गया हो;

(ii) कोई दरवाजा, बॉक्स, लौकर, सेफ, ऑलमारी आदि का ताला तोड़ने/खोलने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा;

(iii) जहाँ ऐसी पदाधिकारी को यह विश्वास करने का कारण हो कि ऐसी तलाशी में पायी गयी संपत्ति छुपायी, अंतरित अथवा इस रीति से निटपायी जा सकती है जिसके परिणामस्वरूप वह संपत्ति व्यनित हो जाएगी तो वह उस संपत्ति के अभिलेख की जप्ति के लिए आदेश कर सकेगा;

(iv) ऐसे अभिलेखों पर पहचान का निशान लगाने या उसका उद्धरण या प्रतियाँ करने या करवाने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा;

(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अगःत 2013

4 (v) ऐसे अभिलेखों या संपत्ति की एक सूची अथवा विवरण तैयार करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा;

(vi) किसी व्यक्ति की, जिसके कब्जे या नियंत्रण में कोई अभिलेख या संपत्ति पायी जाय, इस अधिनियम के अधीन किसी अनुसंधान के प्रयोजनार्थ सुसंगत सभी या किसी विषय की बाबत शपथ पर जॉच करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा ।

(2). जहाँ किसी वित्तीय स्थापना या उसके प्रवर्त्तक, भागीदार, निदेशक, प्रबंधक, सदस्य, कर्मचारी या प्रबंधन के जिम्मेदार किसी अन्य व्यक्ति या इस तरह के वित्तीय स्थापना के कारबार या मामलों का संचालन करने के अभिलेख या संपत्ति का अभिग्रहण व्यावहारिक नहीं हो, वहाँ उप-धारा (1) के अधीन प्राधिकृत पदाधिकारी इसे सक्षम प्राधिकारी को प्रतिवेदित करेगा जो, ऐसी रीति से जो विहित किया जाय, ऐसी संपत्ति पर रोक लगाने के संबंध में एक आदेश पारित कर सकेगा जिसके पश्चात्‌ ऐसा आदेश करनेवाले पदाधिकारी की पूर्वानुमति के सिवाय संपत्ति का अंतरण अथवा अन्यथा निपटारा नहीं किया जायेगा और आदेश की एक प्रति संबंधित व्यक्ति को तामील कर दी जाएगी । (3). जहाँ सक्षम प्राधिकारी उप-धारा (1) एवं उप-धारा (2) के अधीन आदेश देता हो तो वह, यथास्थिति, उप-धारा (1) या (2) के अधीन आदेश के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर अभिहित न्यायालय में उन आधारों का कथन करते हुए, जिनपर सक्षम प्राधिकारी ने उप-धारा के अधीन ऐसा आदेश पारित किया है, एक शपथ पत्र के साथ आवेदन करेगा तथा अभिहित न्यायालय, संबंधित व्यक्ति को सुने जाने का अवसर प्रदान करने के पश्चात्‌, वित्तीय स्थापना की अभिगृहीत अथवा रोकी गई संपत्ति अथवा हरेक व्यक्ति, जिसके अंतर्गत प्रवर्त्तक, भागीदार, निदेशक, प्रबंधक, सदस्य, कर्मचारी अथवा धारा-4 में यथा उल्लिखित रीति से, ऐसी वित्तीय स्थापना के कारबार अथवा मामलों का संचालन या प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार कोई व्यक्ति हो, की संपत्ति को जब्त करने का आदेश पारित करेगा।

(4). जहाँ उप-धारा (3) के अधीन किसी वित्तीय स्थापना की अभिगृहीत अथवा रोकी गई संपत्ति अथवा हरेक व्यक्ति की जिसके अधीन प्रवर्त्तक, भागीदार, निदेशक, प्रबंधक, सदस्य, कर्मचारी या ऐसी वित्तीय स्थापना के कारबार या मामलों का संचालन या प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार कोई व्यक्ति हो, संपत्ति जब्त करने का आदेश पारित किया गया हो तो सभी प्रकार के ऋणभार से मुक्त ऐसी संपत्ति के सभी अधिकार एवं हक सक्षम प्राधिकारी में निहित हो जायेंगे ।

(5). सक्षम प्राधिकारी, उतनी संख्या में, जैसा उचित समझे, पदाधिकारियों की नियुक्ति, लिखित रूप में, प्रशासक का कार्य करने हेतु कर सकेगा ।

(6). उप-धारा (5) के अधीन नियुक्त प्रशासक संपत्ति को प्राप्त करेगा तथा उसका प्रबंधन उस रीति तथा उन शर्त्तों के अध्यधीन करेगा जो विहित की जाय ।

(7). जमाकर्त्ताओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त सक्षम प्राधिकारी में निहित संपत्ति के निपटारा हेतु प्रशासक, ऐसे उपाय, ऐसी रीति से करेगा जो विहित की जाय।'' हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा----5 में संशोधन ।--5 में संशोधन ।--5 में संशोधन ।--5 में संशोधन ।-- उक्त अधिनियम की धारा-5 6666.... बिबिबिबिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा

की उप-धारा (1) एवं (2) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी :-

''(1) सक्षम प्राधिकारी वित्तीय स्थापना की धारा-4 के अधीन सरकार के आदेश द्वारा कुर्क धन एवं संपत्ति पर नियंत्रण करेगा ।

(2) सक्षम प्राधिकारी, अबिलम्ब ऐसी सभी आवश्यक कार्रवाई करेगा जो संबंधित वित्तीय स्थापना के सभी धन एवं आस्तियों को भौतिक कब्जा में लेने के लिए आवश्यक एवं समीचीन हो और सक्षम प्राधिकारी को सभी शक्तियाँ प्राप्त होगी जो पूर्वोक्त प्रयोजनार्थ आवश्यक हों ।''

हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा----6 में संशोधन ।--6 में संशोधन ।--6 में संशोधन ।--6 में संशोधन ।-- उक्त अधिनियम की धारा- 6 7777.... बिबिबिबिहार अधिनियम- 18, 2002 की धारा हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा हार अधिनियम- 18, 2002 की धारा

की उप-धारा (1) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी :-

''(1) सक्षम प्राधिकारी वित्तीय स्थापना की आस्तियों और जमा दायित्वों का निर्धारण करेगा और उसका विवरण धारा-4(1) के अधीन आदेश होने के 30 दिनों के भीतर अभिहित न्यायालय को भेज देगा ।''5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अगःत 2013

उद्देश्य उद्देश्य उद्देश्य उद्देश्य एवं हेतुएवं हेतुएवं हेतुएवं हेतु

बिहार राज्य में कतिपय कंपनियों या संस्थाओं द्वारा अधिक सूद का लालच देकर आम जनता से धनराशि जमा कराने और भुगतान की अवधि पूरा होने के पहले ही अपना कार्यालय बंद करके गायब हो जाने के दृष्टान्त आए है । ये कंपनियाँ अचल संपत्ति, वृक्षारोपण, पर्यटन और यात्रा, पशुपालन, रिसॉर्ट, मनोरंजन पार्क, टाइम सेविंग, किसी भी कीमती सामान या सेवा या उपहार आदि का व्यवसाय की आड़ में आम जनता से धनराशि जमा कराती है । सरकार द्वारा ऐसी संस्थाआें/कंपनियों के विरूद्ध विभिन्न जिलों में कानूनी कार्रवाई की गयी है । ऐसी संस्थाओं के विरूद्ध प्रशासनिक/कानूनी कार्रवाई के क्रम में ऐसी कंपनियों के कार्यकलाप पर प्रभावी नियंत्रण हेतु वर्त्तमान अधिनियम बिहार जमाकत्र्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) अधिनियम 2002 में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गयी है ।

यह आवश्यक हो गया है कि ''बिहार जमाकत्र्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय स्थापनाओं में) (संशोधन) विधेयक 2013 के माध्यम से बिहार के जमाकत्र्ताओं के हितों का संरक्षण किया जाए जो इस विधेयक का मुख्य अभीष्ट है ।

¼uhrh'k dqekj½ Hkkj&lk/kd] lnL; A iVuk % fnukad 31 tqykbZ] 2013

Qwy >k] izHkkjh lfpo] fcgkj fo/kku&lHkk A

————— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 642-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 12 August 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-08-12.642/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-08-12.642.