(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 2222 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 733733733733) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 24242424 िसत-बिसत-बिसत-बिसत-बरररर 2013201320132013 Je lalk/ku foHkkx &&&&&&& vkns'k 14 vxLr 2013 सं0 5/आर0एल0-40-10/2003 श्र0सं0-2579—श्री अमिताभ राजन, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, नावानगर, भोजपुर (वरीयता क्रमांक-822), के विरूद्ध श्रम अधीक्षक (कृ0श्र0), भोजपुर के प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में प्रपत्र-क गठित करते हुए विभागीय कार्यालय आदेश सं0-87 दिनांक 21.11.2003-सह-पठित ज्ञापांक-5/आर0एल0- आरोप-40-10/03-3898 दिनांक 09.12.2003 द्वारा निम्न आरोपों के संदर्भ में विभागीय कार्यवाही संचालित की गई थीः -
1- vkjksi & दिनांक 01.09.2000 से 04.01.2004 तक बिना किसी सूचना के अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहना। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 24 िसत-बर 2013 बर्खास्तगी के बिन्दु पर इनसे द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग किया जाना अपेक्षित था परन्तु श्रमायुक्त द्वारा विभागीय कार्यवाही के लिए निर्धारित विहित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा आरोपी सेवक के विरूद्ध बर्खास्तगी का दंड अधिरोपित किया गया। निमयावली के अनुसार ^दंड* के बिन्दु पर द्वितीय कारण-पृच्छा निर्गत नहीं करना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विरूद्ध एवं नियमावली का उल्लंघन है। उक्त संदर्भ में ^बर्खास्तगी* के अधिरोपित दंड को रद्द करते हुए श्री राजन से द्वितीय कारण-पृच्छा पूछकर उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण पर विचारित कर आदेश पारित किये जाने का निदेश दिया गया। अपीलीय प्राधिकार के उक्त निर्णय के संदर्भ में पत्रांक-1392 दिनांक 03.04.12 द्वारा श्री राजन से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। फलतः श्री अमिताभ राजन द्वारा दिनांक 17.04.12 को द्वितीय कारण-पृच्छा का उत्तर दिया गया। द्वितीय कारण-पृच्छा के फलस्वरूप श्री राजन से प्राप्त स्पष्टीकरण के आलोक में व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु श्री राजन को सुनवाई का समय निर्धारित किया गया। निर्धारित तिथि को श्री राजन उपस्थित हुए। उनसे प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में पूछे गये बिन्दुओं पर विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित लिखित बचाव बयान में जो तथ्य रखे गये थे, उसके अतिरिक्त कोई नये तथ्य अथवा विशिष्ट बिन्दु नहीं रखे गये, जिससे उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन के फलस्वरूप प्रमाणित आरोप खंडित हो सकें। इस प्रकार संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आलोक में दंड अधिरोपित किया जाना यथेष्ट प्रतीत होता है। श्री राजन के विरूद्ध गठित एवं प्रमाणित आरोप है :- ßदिनांक 01.09.2000 से 04.04.2004 तक अनाधिकृत रूप से अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहे हैंÞA फलतः श्री राजन द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित कारण-पृच्छा, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राजन की द्वितीय कारण-पृच्छा के सम्यक विचारोपरान्त श्री राजन के विरूद्ध निम्न दंड अधिरोपित किया जाता है :- ßश्री अमिताभ राजन, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी (अराजपत्रित) को आदेश निर्गत होने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (DISMISS) किया जाता है।Þ श्री राजन के संबंध में पूर्ण विवरण निम्न प्रकार है - 1. नाम - श्री अमिताभ राजन 2. पदनाम - श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी (अराजपत्रित) 3. श्रेणी - वर्ग-3 4. वरीयता क्रमांक - 822 5. आरक्षण कोटि - 01 6. गृह जिला - मुंगेर 7. जन्म तिथि - 01.05.1967 8. योगदान की तिथि - 29.10.1999 9. वेतनमान् - रू0 5500-9000/- 10. स्थायी पता - द्वारा श्री गोपीनंदन प्रसाद, लेबर ऑफिस के समीप, जिला-मुंगेर, पिन-811201 11. पत्राचार पता - द्वारा श्री गोपीनंदन प्रसाद, शारदा प्रसाद घोष लेन, गोविन्द मित्रा रोड, पटना-800004
आदेश से, सुरेश कुमार सिन्हा, श्रमायुक्त।
————— अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 733-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in