(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 8888 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 749749749749) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 30303030 िसत-बिसत-बिसत-बिसत-बरररर 2013201320132013 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn
—————
अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना
11111111 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई 2013201320132013 la0 678—श्री गौरी शंकर बैकुंठनाथ मंदिर, बैकटपुर, पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-515 है। इस न्यास की सुचारू प्रबंधन एवं विकास के लिए पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-51, दिनांक 11.04.2007 द्वारा एक न्यास समिति गठित की गयी थी। उक्त न्यास समिति द्वारा अपने सम्पूर्ण कार्यकाल में न्यास के आय-व्यय विवरणी, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन एवं पर्षद को देय शुल्क की राषि दाखिल नहीं किया गया। पर्षद के निर्देष पर न्यास के वित्तीय वर्ष 2006-07 से 2011-12 के लेखा का अंकेक्षण कराया गया जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया। इस संबंध में मांगे गये स्पष्टीकरण का न्यास समिति ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया और न ही अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत निर्गत कारण-पृच्छा का ही कोई उत्तर प्राप्त हुआ। उपर्युक्त परिस्थिति में अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत न्यास समिति को विघटित करते हुए पर्षदीय पत्रांक 1968, दिनांक 23.02.2013 द्वारा अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत अंचलाधिकारी, खुषरूपुर को अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। अंचलाधिकारी ने दिनांक 10 जून, 2013 को मंदिर परिसर में आम सभा आयोजित कर न्यास समिति के गठन हेतु पत्रांक 392, दिनांक 13.06.2013 द्वारा 14 सदस्यों का नाम भेजा है तथा इसे मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया है, किन्तु अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार न्यास समिति के सदस्यों की संख्या अधिकतम 11 ही होगी। उपर्युक्त परिस्थितियों में इस ऐतिहासिक मंदिर के बेहत्तर प्रषासन, सम्यक विकास तथा सुचारू प्रबंधन के लिए अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री गौरी शंकर बैकुंठनाथ मंदिर, बैकटपुर के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसको मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 30 िसत-बर 2013 2 (3) इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य मंदिर में पूजा-पाठ, अर्चना व अभिषेक, राग-भोग तथा उत्सव-समैया का सम्यक् संचालन सुनिष्चित करना होगा। (4) मंदिर में प्राप्त होने वाली समग्र राषि का लेखा संधारण किया जोयगा और वार्षिक अंकेक्षण कराया जायेगा जिसकी एक प्रति पर्षद को भेजी जायेगी। (5) न्यास समिति न्यास की समग्र भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। (6) मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखें जायेगें, जिसमें दान एवं चढावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर सत्यापित पंजी में प्रविष्टि के बाद बैंक खाते में जमा की जायेगी।
(7) न्यास की समग्र आय समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा, जिसका संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।
(8) न्यास समिति का कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ उठाते पाये जायेंगे या आपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।
(9) न्यास समिति न्यास की आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। (10) न्यास समिति अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए न्यास की आय-व्यय विवरणी, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त एवं पर्षद को देय शुल्क की राषि का सम्यक् प्रेषण सुनिष्चित करेगी। (11) अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे तथा निर्णय बहुमत से होगा।
(12) न्यास समिति के सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्तरूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के लिए जवाबदेह होगें।
(13) इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन, संषोधन या आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :- (1) डा0 रणवीर नन्दन बिल्ला, अनिसाबाद, बाईपास, पटना - अध्यक्ष (2) श्री अखिलेष कुमार, बैकटपुर, पटना - उपाध्यक्ष (3) श्री बीरेन्द्र कुमार, अंचलाधिकारी, खुषरूपुर, पटना - सचिव (4) श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, बैकटपुर, पटना - कोषाध्यक्ष (5) श्री किषोरी पाण्डेय, बैकटपुर, पटना - संयोजक (6) श्री अनील कुमार सिंह, थाना प्रभारी, खुषरूपुर - सदस्य (7) श्रीमती सीमा देवी रविदास, सरपंच, बैकटपुर पंचायत - सदस्य (8) श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, बैकटपुर, पटना - सदस्य (9) श्री बिल्टु गोप, बैकटपुर, पटना - सदस्य (10) श्री अजय सिंह, बैकटपुर, पटना - सदस्य (11) श्री विमलेष पाण्डये, बैकटपुर, पटना - सदस्य।
यह योजना दिनांक 12.07.2013 से लागू होगी और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा, किन्तु एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी।
आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
—————
अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 749-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in