(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 9999 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 756756756756) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 1111 अ-तूअ-तूअ-तूअ-तूबरबरबरबर 2013201320132013 जल संसाधन विभाग --------- vf/klwpuk 25 flrEcj 2013 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 1 अ-तूबर 2013 ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना सं0-1805 दिनांक 11.4.05 द्वारा अकारण असामयिक उनकी सेवा पैतृक विभाग (जल संसाघन विभाग) में वापस कर दी गई, जिसके विरूद्व वे माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-11454/05 दायर किये। उक्त वाद में दिनांक 6.12.05 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा न्याय निर्णय पारित किया गया। उक्त न्याय निर्णय की प्रत्यशा में पदस्थापन अवधि दिनांक 14.9.04 से 6.12.05 तक बितायी गई अवधि है। इसलिये अनर्गल आदेश के क्रम में जल संसाधन विभाग में योगदान नहीं किया। प्रभार प्रतिवेदन 202 में दिनांक 6.12.06 अग्रिम वर्ष अंकित होना मानवीय भूल है। मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता का हस्ताक्षर दिनांक 6.12. 05 स्पष्ट तौर पर उल्लेखित है। श्री राम, कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री राम की सेवा तीन वर्षो के लिए ग्रामीण विकास विभाग में सौंपी गई थी, परन्तु उनका कार्यकलाप सही नहीं रहने के कारण प्रशासनिक दृष्टिकोण से जनहित में उनकी सेवा ग्रामीण विकास विभाग पैतृक विभाग (जल संसाघन विभाग) में वापस कर दिया गया जिसके विरूद्व वे माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-11454/05 दायर किये तथा दिनांक 6.12.05 तक न्याय निर्णय आने की प्रतीक्षा में विभाग से अनुपस्थित रहे जबकि उन्हें सरकारी आदेश का अनुपालन करते हुए स-समय प्रभार सौपना चाहिये था। वर्णित स्थिति में श्री ईश्वर सहाय राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विभाग सम्प्रति उप निदेशक, जल विज्ञान प्रमण्डल (मध्य) पटना के विरूद्व सरकारी आदेश का अनुपालन स-समय नहीं करने, समय पर प्रभार नहीं सौपने तथा दिनांक 12.4.05 से 6.12.05 तक स्वेच्छापूर्वक कार्यालय से अनुपस्थित रहने का आरोप प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गयाः- 1. दिनांक 12.4.05 से 6.12.05 तक कार्य नहीं तो वेतन नहीं। परन्तु उक्त अवधि को पेंशन प्रदायी माना जायेगा।
2. आदेश निर्गत की तिथि से दो वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक।
अतः उक्त निर्णय के आलोक में श्री ईश्वर सहाय राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विभाग सम्प्रति उप निदेशक, जल विज्ञान प्रमण्डल (मध्य) पटना को निम्न दण्ड संसूचित किया जाता है।
1. दिनांक 12.4.05 से 6.12.05 तक कार्य नहीं तो वेतन नहीं। परन्तु उक्त अवधि को पेंशन प्रदायी माना जायेगा।
2. आदेश निर्गत की तिथि से दो वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।
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अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 756-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in