(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 9999 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 759759759759) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 1111 अ,तूअ,तूअ,तूअ,तूबरबरबरबर 2013201320132013 जल संसाधन विभाग --------- vf/klwpuk 11 flrEcj 2013 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 1 अ,तूबर 2013 आरोप सं0 2 के संबंध में श्री चौधरी द्वारा अपने उत्तर में टूटान की मरम्मति का कार्य दूसरे सहायक अभियन्ता से कराने का आदेश देने में मुख्य अभियन्ता से थोड़ा विलम्ब होने की बात कही गयी है जबकि नहर टूटान की मरम्मति का कार्य असमब्द्व प्रमण्डल द्वारा कराये जाने के विभागीय निदेश की अवहेलना करते हुए श्री चौधरी के पत्रांक 65 दिनांक 10.1.07 द्वारा मरम्मति का कार्य विभागीय स्तर से कराने का प्रस्ताव दिया गया था। अतएव इनके द्वारा अनियमित ठंग से नहर टूटान की मरम्मति कराने के प्रस्ताव से विभागीय पत्रांक 1295 दिनांक 25.8.90 में निहित निदेशों की अवहेलना का आरोप भी उनके विरूद्व प्रमाणित होता है। आरोप सं0 3 के संबंध में श्री चौधरी का यह कथन है कि नहर संचालन में स्थानीय लोगों के गलत हस्तक्षेप से पानी को अनियंत्रित कर नुकसान पहुचाया जाता है एवं ऐसी स्थिति सरकारी नियंत्रण से बाहर होती है ग्राहय नहीं होता है। उल्लेखित परिस्थिति में असमाजिक तथ्वों के विरूद्व कानूनी कार्रवाई करते हुए संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए थी। जो श्री चौधरी, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता द्वारा नहीं किया गया। श्री चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता द्वारा नहर का संचालन गंभीरतापूर्वक नहीं किया गया जबकि विभागीय पत्रांक 1256 दिनांक 30.12.06 की कंडिका-11 के अनुसार नहरों में प्रवाहित जलश्राव का गहन प्रबोधन अधीक्षण अभियन्ता स्तर पर किया जाना चाहिए था जिसका अनुपालन श्री चौधरी द्वारा नहीं किये जाने के कारण ही मरम्मति के पश्चात पुनः उसी स्थल पर टूटान हुआ जिससे विभाग को वित्तीय क्षति हुई। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के स्तर पर समीक्षोपरान्त श्री चौधरी, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता के विरूद्व निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गया है। 1. ''पॅाच प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक''। उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1949 दिनांक 6.12.12 द्वारा सहमति प्राप्त है। उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री चौधरी, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, तिरहुत नहर अंचल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवानिवृत को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय अधिसूचना सह ज्ञाप सं0 146 दिनांक 4.2. 13 से निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः- 1. ''पॅाच प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक''। उक्त दण्ड के विरूद्व श्री चौधरी से प्राप्त अभ्यावेदन अर्थात पुनर्विलोकन अर्जी की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी जिसमें पाया गया कि श्री चौधरी द्वारा कोई नया आधार अथवा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जिसके आधार पर पुनर्विलोकन अर्जी पर विचार किया जा सकें। अतएव श्री चौधरी के अभ्यावेदन अर्थात पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री चौधरी को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
————— अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 759-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in