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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 October 2013

Published 01 October 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-10-01.767
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

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प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0 224 दिनांक 01.04.09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 के अन्तर्गत निलंबित करते हुए उक्त नियमावली के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गई। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई एवं समीक्षोपरान्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 784 दिनांक 4.7.11 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री सिंह से उक्त द्वितीय कारण पृच्छा के प्रसंग में प्राप्त स्पष्टीकरण की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई एवं समीक्षोपरान्त निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाए गएः- (1) दानुबिगहा के कचनावा सबदलपुर तक दरधा नदी के बायॅा जमींदारी बॅाध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य अनुमोदित प्राक्कलन में फारमेशन लेवल आर0 एल0-272 फीट एवं एफ0 एस0 एल0-269 फीट के विरूद्व स्वीकृत प्राक्कलन में फारमेंशन लेवल आर0 एल0-249 फीट ही रखा गया है, लिहाजा बॅाध की उचाई में 23 फीट की कमी की गई है जिसका कोई तकनीकी औचित्य नहीं दर्शाया गया है। (2) उपरोक्त जमींदारी बॅाध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में निर्धारितानुसार मापी जॅाच नहीं किया गया है। (3) उपरोक्त जमींदारी बॅाध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में दरधा नदी के दाएॅ बॅाध के निर्माण कार्य प्रशासनिक स्वीकृति के बिना कराया गया है। (4) उपरोक्त जमींदारी बॅाध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में गणिम/ आकलित एवं मापपुस्त में प्रविष्ट अधिक कार्य मात्रा के विरूद्व अधिक भुगतान (भुगतान की गई राशि 15,75,390/-) किया गया है। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 1 अ-तूबर 2013 उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0 1464 दिनांक 25.11.11 द्वारा निलंबन से मुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया गयाः- 1. निन्दन वर्ष 2008-09 2. कालमान वेतन के न्यूनतम प्रक्रम पर अवनति जिसमें वे अगले पॅाच वर्षो तक कोई वेतनवृद्वि अर्जित नहीं करेंगे तथा पॅाच वर्षो के बाद वेतनवृद्वि देय होगा। 3. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन के प्रयोजनार्थ की जाएगी। उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्व श्री जय किशोर सिंह द्वारा अपील अभ्यावेदन समर्पित किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-24(2) के आलोक में सरकार के आदेश के विरूद्व अपील नहीं किया जा सकता है। वैसी स्थिति में उक्त अपील अभ्यावेदन को पुनर्विचार अभ्यावेदन मानते हुए विचार किया गया। श्री सिंह द्वारा प्रस्तुत अपील अभ्यावेदन में आरोप सं0-1 के संबंध में कहा गया है संचालन पदाधिकारी द्वारा कार्य के प्राक्कलन में कुछ त्रुटि के आधार पर उन्हें इस आरोप के तहत दोषी पाया गया है एवं उनके स्पष्टीकरण पर विचार किए बिना दंडित किया गया है। आरोप सं0 2 के संबंध में कहा गया है कि उनके द्वारा उच्चस्तरीय प्राधिकार से प्राप्त स्वीकृति एवं प्राप्त दिशा निर्देश के आलोक में कार्य किया गया है जिसकी सूचना उच्चाधिकारी को दी गई है। उनके द्वारा नियमानुसार मापी जॅाच किया गया जिससे संबंधित अभिलेख जॅाच पदाधिकारी के पास उपलब्ध था परन्तु बिना इस पर विचार किए उन्हें अांशिक रूप से दोषी सिद्व किया गया। आरोप सं0 3 के संबंध में श्री सिंह का कहना है कि दानुबिगहा कचनाहा सबदलपुर तक दरधा नदी के बाए जमींदारी बांध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य अनुमोदित प्राक्कलन के अनुसार किया गया है एवं इस संबंध में स्पष्टीकरण के माध्यम से उनके द्वारा स्थिति स्पष्ट की गई थी परन्तु जॅाच पदाधिकारी द्वारा इस पर विचार किए बिना उन्हें दोषी करार दिया गया है। आरोप सं0 4 के संबंध में उनका कथन है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा इस मामले में किसी प्रकार की अनियमितता या क्षति होना नहीं पाया गया है फिर भी उन्हें बिना किसी कारण के दोष सिद्व किया गया है। श्री सिंह के अपील अभ्यावेदन में निहित तथ्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि श्री ंिसह का कथन मानने योग्य नहीं है क्योंकि संचालन पदाधिकारी द्वारा पूर्व रूपेण विचारोपरान्त ही आरोप सं0-1, 3 एवं 4 के लिए पूर्ण एवं 2 के लिए अांशिक रूप से इन्हें दोषी करार दिया गया है। विभागीय पत्रांक 2685 दिनांक 20.12.07 द्वारा बायॅा जमींदारी बॅाध के संबंध में प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी परन्तु कार्यकारी प्राक्कलन में दायॅा जमींदारी बॅाध का भी समावेश किया गया एवं प्रतिवेदन में इस तथ्य को छुपाया गया। श्री सिंह द्वारा नियमानुसार मापी की भी जॅाच नहीं की गई है एवं बायॅा बॅाध की स्वीकृति के बावजूद बाएॅ एवं दाएॅ बॅाधों का विपत्र अंकित किया गया है। अपील अभ्यावेदन के साथ कोई साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया हैं। वर्णित स्थिति में श्री जय किशोर सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, जल पथ प्रमंडल, जहानाबाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन विचारणीय बिन्दु के अधीन नहीं आते है अतएव अपील अभ्यावेदन अस्वीकृत किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, श्याम कुमार सिंह, सरकार के विशेष सचिव।

————— अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 767-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 October 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-10-01.767/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-10-01.767.