(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 9999 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 773773773773) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 1111 अ,तूअ,तूअ,तूअ,तूबरबरबरबर 2013201320132013 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 1 अ,तूबर 2013 6. बगैर अनुमति के मुख्यालय से अनाधिकृत अनुपस्थित रहने संबंधी आरोपों के लिए पूछे गये स्पष्टीकरण का जबाव समर्पित करने हेतु विभिन्न समाचार पत्रों से पे्रस विज्ञप्ति भी प्रकाशित की गई। परन्तु उसके बाद भी स्पष्टीकरण का जबाव नहीं देना। अतः आदतन बिना अनुमति के लम्बे लम्बे समय तक मुख्यालय एवं कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने/उच्चाधिकारियों एवं विभागीय आदेश की अवहेलना करने सरकारी कामकाज में उदासीनता बरतने एवं कार्य को अबरूद्व करने इत्यादि गंभीर कदाचार के लिए आप दोषी प्रतीत होते हैं। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित पाया गया। जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। जिसमें निम्न तथ्य पाये गयेः- 1. दिनांक 5.5.06 से 23.5.06 तक अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि दिनांक 5.5.06 को मुख्यालय छोड़ने के बाद पुनः बीमार पड़ गये। स्वस्थ होने के बाद दिनांक 24.5.06 को अपने मुख्यालय में योगदान किये। संचालन पदाधिकारी के अनुसार आवेदक का कोई साक्ष्य उनके बयान के साथ संलग्न नहीं रहने के कारण उनका बचाव बयान संतोषप्रद नहीं पाया गया जिसके लिए श्री पासवान दोषी है। 2. दिनांक 24.6.06 की अनुपस्थिति के लिए कार्यपालक अभियन्ता द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का जबाव स्मार देने के बावजूद नहीं देने के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने बचाव बयान में स्पष्ट किया है कि वे दिनांक 23. 6.06 को खाताहाट तटबंध स्थल से लौटने के बाद दिनांक 24.6.06 को मुख्यालय छोड़ने का एक आवेदन अपने कार्यालय में छोड़कर चिकित्सक से जॅाच कराने बेतिया चले गये तथा दिनांक 25.6.06 को लौटे। संचालन पदाधिकारी के अनुसार मुख्यालय छोड़ने का कोई साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया तथा स्पष्टीकरण का जबाव भी समय से नहीं दिया गया। इस कारण उनका बचाव बयान संतोषप्रद नहीं पाया गया जिसके लिए वे दोषी है। 3. विभागीय स्तर से पूछे गये स्पष्टीकरण एवं समाचार पत्रों में पे्रस विज्ञप्ति प्रकाशन के बावजूद भी स्पष्टीकरण का जबाव नहीं देने के संबंध में संचालन पदाधिकारी के अनुसार बचाव बयान के साथ साक्ष्य के अभाव में आरोप प्रमाणित है जिसके लिए वे दोषी है। सम्यक समीक्षोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपेां के लिए श्री किशोर कुमार पासवान, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी (सहायक अभियन्ता) जल निस्सरण एवं अनुसंधान प्रमण्डल, अररिया को सरकार द्वारा निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गया हैः- 1. दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री किशोर कुमार पासवान, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, जल निस्सरण एवं अनुसंधान अवर प्रमण्डल, अररिया, शि0-कसबा को निम्न दण्ड संसूचित किया जाता हैः- 1. दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।
————— अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 773-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in