िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 9999 आ !नआ !नआ !नआ !न 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 779779779779) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार,,,, 1111 अ,तूअ,तूअ,तूअ,तूबरबरबरबर 2013201320132013 सं0 सं0 सं0 सं0 ए/विविध(38)-60/2008-8960ए/विविध(38)-60/2008-8960ए/विविध(38)-60/2008-8960ए/विविध(38)-60/2008-8960
गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग (विषेष)(विषेष)(विषेष)(विषेष) -------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 30 सितम्बर 201330 सितम्बर 201330 सितम्बर 201330 सितम्बर 2013 ादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा/सामूहिक हिंसा एवं हिंसा की घटनाओं में मृत विषयः-आंतकवादी/उग्रवविषयः-आंतकवादी/उग्रवविषयः-आंतकवादी/उग्रवविषयः-आंतकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा/सामूहिक हिंसा एवं हिंसा की घटनाओं में मृत ादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा/सामूहिक हिंसा एवं हिंसा की घटनाओं में मृत ादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा/सामूहिक हिंसा एवं हिंसा की घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान के संबंध में निर्धारित नीति का आंषिक संषोधन। व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान के संबंध में निर्धारित नीति का आंषिक संषोधन। व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान के संबंध में निर्धारित नीति का आंषिक संषोधन। व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान के संबंध में निर्धारित नीति का आंषिक संषोधन। गृह (विषेष) विभाग, बिहार के संकल्प सं0-ए/विविध-(38)-60-2008-4624 दिनांक 16.05.2012 द्वारा राज्यान्तर्गत आंतकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा/सामूहिक हिंसा एवं हिंसा की घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान प्रदान करने की नीति का निर्धारण किया गया था। उक्त सकल्प की कंडिका-3 एवं 3(i)(क) के अनुसार आतंकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय हमलों/निर्वाचन संबंधी/सामूहिक हत्या एवं हिंसा/उग्र भीड़ द्वारा निर्दोष की पिटाई की घटना/बिहार सरकार के किसी कार्यालय परिसर/ पुलिस हाजत/ सिविल कोर्ट इत्यादि में हुई हिंसक घटनाओं में मारे गये व्यक्तियेां के आश्रितों को प्रति मृतक समान रूप से ` 1 लाख (एक लाख रूपये) की दर से अनुग्रह-अनुदान देने का प्रावधान है। यह धनराषि र्वामान मेें महॅगाई की स्थिति को देखते हुए अपर्याप्त प्रतीत होती है, जो मृतकों के आश्रितों के लिए बहुत सहायक सिद्ध नहीं हो सकेगी। इसी प्रकार उपर्युक्त वर्णित घटनाओं के अंतर्गत मकानों/दुकानों की क्षतिग्रस्त परिसम्पाियों के लिए मकानों एवं दुकानों के मालिकों को भी अनुग्रह-अनुदान दिये जाने का प्रावधान नहीं होने के कारण मकानों/दुकानों के मालिकों के समक्ष जीवन-यापन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
अतः सम्यक विचारोपरान्त सरकार द्वारा उक्त संकल्प की कंडिका-3(i)(क) द्वारा अनुग्रह-अनुदान की राषि प्रति मृतक समान रूप से ` 5 लाख (पाँच लाख रूपये) की दर से संकल्प निर्गत होने की तिथि से प्रदान करने का निर्णय लिया गया है तथा संकल्प की कंडिका-4 (ii) में वर्णित शीर्श ''क्षतिग्रस्त भवनों, मकानों के लिए अनुदान'' के स्थान पर ''क्षतिग्रस्त भवनों, मकानों तथा विनश्ट परिसम्पाि के लिए अनुदान'' तथा उक्त कंडिका 4 (ii) के खण्ड 'ग' के बाद परन्तुक ''परन्तु मकानों/दुकानों की क्षतिग्रस्त परिसम्पाियों के लिए मकानों/दुकानों के मालिकों को भूतलक्षी प्रभाव की तिथि दिनांक 19.07.2013 से अनुग्रह-अनुदान की अधिकतम राषि ` 2.5 लाख (दो लाख पचास हजार रुपये) तक'' को जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
तदनुसार संकल्प सं0-4624 दिनांक 16.05.2012 का {{{{कंडिका-3 (i)(क) एवं 4 (ii) को निम्न रूपेण संषोधित रूप से पढ़ा जाय।} } } } संषोधित स्वरुप निम्न प्रकार होगा।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 1 अ,तूबर 2013 राज्यान्तर्गत आतंकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा, सामूहिक हिंसा एवं अन्य हिंसा की घटनाएॅं घटित होती हैं और ऐसे हमलों/ हिंसा के षिकार प्रायः निर्दोष व्यक्ति एवं उनके आश्रित होते हैं। कभी-कभी तो ऐसी घटनाओं में पूरा परिवार प्रायः समाप्त हो जाता है। ऐसे परिस्थिति में कल्याणकारी राज्य की सरकार होने के नाते आतंकवादी/ उग्रवादी/ साम्प्रदायिक/ जातीय विरोधाभाव/ निर्वाचन संबंधी हिंसा, सामूहिक हिंसा/ एवं अन्य हिंसा की हत्या से प्रभावित व्यक्तियेां एवं उनके आश्रितों को राहत/ अनुग्रह - अनुदान एवं अन्य सुविधाएॅं उपलब्ध कराने की सरकार की नीति रही है। इस निमिा प्रभावित परिवारों को राहत देने हेतु राज्य सरकार द्वारा पूर्व में परिपत्र सं0-1701 दिनांक 21/09/1987 एवं 25/सी दि0 12/01/2001 निर्गत किये गये थे। 2. न्यायालय द्वारा उक्त परिपत्रों के कतिपय प्रावधानों को त्रुटिपूर्ण बताया गया एवं साथ ही अनुग्रह-अनुदान की नीति को पारदर्षी एवं युक्ति-युक्त बनाने का निदेष भी दिया गया है।
3. इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर सम्यक विचारोपरान्त आतंकवादी/ उग्रवादी/ साम्प्रदायिक / जातीय हमलों/ निर्वाचन संबंधी/ सामूहिक हत्या एवं हिंसा/ उग्र भीड़ द्वारा निर्दोष की पिटाई की घटना/ बिहार सरकार के किसी कार्यालय परिसर/ पुलिस हाजत/ सिविल कोर्ट इत्यादि में हुई हिंसक घटनाओं में मारे गये व्यक्तियेां के आश्रितों/ मारे गये व्यक्तियों (वयस्क अथवा अवयस्क) के माता-पिता/ अभिभावक एवं घायल/ पीड़ित व्यक्तियों को देय अनुग्रह- अनुदान एवं अन्य राहत/ सहयता राषि प्रदान करने की संषोधित नीति निम्न प्रकार होगीः-
((((i) अनुग्रह-अनुदान की राषि ) अनुग्रह-अनुदान की राषि ) अनुग्रह-अनुदान की राषि ) अनुग्रह-अनुदान की राषि
(क) प्रति मृतक समान रूप से ` 5 लाख (पाँच लाख रूपये) की दर से अनुग्रह-अनुदान इस संकल्प के निर्गत होने की तिथि से देय होगा।
(ख) स्थायी रूप से अपंग हुए प्रत्येक व्यक्ति को रू0 50,000/- (पचास हजार रूपये) मात्र का अनुग्रह-अनुदान देय होगा। (ग) गंभीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम रू0 20,000/- (बीस हजार रूपये) का अनुग्रह-अनुदान देय होगा। 4 (क) अनुग्रह-अनुदान का लाभ किसी भी ऐसे व्यक्ति अथवा उनके आश्रित को नहीें मिलेगा, जो उग्रवादी/ आतंकवादी हो अथवा सूचीबद्ध अपराधी हो या किसी वैध पुलिस मुठभेड़ या पुलिस फायरिंग या नाजायज मजमा के विरूद्ध पुलिस कार्रवाई में मारा गया हो अथवा अपंग/ घायल हुआ हो सूचीबद्ध अपराधियों से तात्पर्य होगा वैसे अपराधी जिनका नाम संबंधित थाना में एवं जिला पुलिस अभिलेख में दर्ज हो। वैसे व्यक्ति को भी अपराधी माना जायेगा, जिनके विरूद्ध संज्ञेय आपराधिक मामला दर्ज हो। वैसे व्यक्ति को भी आतंकवादी/ उग्रवादी या सूचीबद्ध अपराधी माना जायेगा जो देष अथवा राज्य में सक्रिय प्रतिबंधित संगठनो, गिराहों एवं उसके सहयोगी उग्र संगठनों/ संस्थानों से जुडे़े हो या उसके सदस्य हों/ साथ हीं राज्य के वैसे व्यक्ति जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय उग्रवादी/ आातंकवादी/ अपराधी तथा प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य/ सदस्यों को आश्रय एवं सहयोग (आर्थिक/ सामाजिक) किया करते हाें, भी इस श्रेणी के अन्तर्गत आयेंंगे। परन्तु '' नक्सलियों द्वारा की गई हत्या के मामलें में यदि मृतक सूचीबद्ध अपराधी रहें हों अथवा उनके विरूद्ध संज्ञेय आपराधिक मामला दर्ज रहा हो तो भी उनके आश्रितों को अनुग्रह-अनुदान का भुगतान दिया जायेगा बषर्ते की आश्रित स्वयं सूचीबद्ध अपराधी न हो या उनके विरूद्ध संज्ञेय आपराधिक मामला दर्ज न हों'' ।
यह संषोधित प्रावधान दिनांक 20.12.2010 के प्रभाव से ऐसे मामलों में प्रवृा होगा। (ख) कंडिका-3 (I) की उप कंडिका (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित अनुग्रह-अनुदान की स्वीकृति एवं भुगतान करने की शक्ति संबंधित जिला पदाधिकारी में निहित रहेगी तथा इसके लिए विा विभाग, बिहार अथवा गृह विभाग, बिहार की पूर्व सहमति/आदेष की आवष्यकता नहीं होगी।
(ग) इस अनुदेष के अन्तर्गत दहेज/आपसी भूमि विवाद/परिवारिक विवाद में मृत व्यक्तियों के आश्रित को अथवा घायलों को अनुग्रह-अनुदान अनुमान्य नहीं होगा।
(ii) क्षतिग्रस्त भवनों, मकानों तथा विनश्ट परिसम्पाियों के लिए अनुदान क्षतिग्रस्त भवनों, मकानों तथा विनश्ट परिसम्पाियों के लिए अनुदान क्षतिग्रस्त भवनों, मकानों तथा विनश्ट परिसम्पाियों के लिए अनुदान क्षतिग्रस्त भवनों, मकानों तथा विनश्ट परिसम्पाियों के लिए अनुदान
आतंकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय/उग्र भीड़ द्वारा सामूहिक रुप से हमला किये जाने के क्रम में भवनों/मकानों (आवासीय/व्यापार परिसर/अन्य कामगार स्थान) के क्षतिग्रस्त होने पर निम्नांकित रुप से मकान/भवन/परिसर मालिक को निम्न रुप से अनुग्रह-अनुदान देय होगा :- (क) पूर्ण रुप से नश्ट/ध्वस्त होने पर शहरी/ग्रामीण क्षेत्र के लिए-पक्का मकान-अधिकतम ` 1,00,000/-(एक लाख रुपये) तक। कच्चा मकान-अधिकतम ` 50,000/-(पचास हजार रुपये) तक। (ख) गंभीर क्षति होने पर शहरी/ग्रामीण क्षेत्र के लिए - ` 30,000/-(तीस हजार रुपये) तक। (ग) मामूली क्षति होने पर - ` 5,000/-(पाँच हजार रुपये)
परन्तु मकानों/दुकानों की क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के लिए मकानों/दुकानों के मालिकों/दुकानदारों को भूतलक्षी प्रभाव की तिथि दिनांक 19.07.2013 से अनुग्रह-अनुदान की अधिकतम राषि ` 2,50,000/-(दो लाख पचास हजार रुपये) तक अनुमान्य होगी। उक्त क्षति का आक्लन क्षति के परिमाण एवं मूल्यांकन के आधार पर किया जायेगा। लेकिन, जिस भवन/दुकान का बीमा हुआ हो और उसे बीमा कम्पनी से क्षतिपूर्ति मिलने वाली हो, उसके लिए उपर्युक्त अनुदान अनुमान्य नहीं होगा।
जो भवन/दुकान लोक भूमि पर अतिक्रमण कर बनाया गया हो, उसके लिए भी उपर्युक्त अनुदान देय नहीं होगा।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 1 अ,तूबर 2013
(iii) सामान्य अनुदेषसामान्य अनुदेषसामान्य अनुदेषसामान्य अनुदेष
(क) घटना की संवेदनषीलता एवं गंभीरता को देखते हुए संबंधित जिला पदाधिकारी का कर्तव्य होगा कि पूरी पारदर्षिता बरतते हुए मृतक/पीड़ितों को उपर्युक्त अनुदेषों के अन्तर्गत अनुग्रह-अनुदान स्वीकृति की कार्रवाई की जाए तथा पुलिस प्रतिवेदन/पोस्टमार्टम रिपोर्ट इत्यादि की जांच के उपरान्त घटना के 15 दिनों के अन्दर अनुग्रह-अनुदान का भुगतान कर दिया जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि इसमें किसी तरह की षिथिलता नहीं होने पाये। उक्त अनुदेष के तहत स्वविवेक से लिया गया निर्णय अंतिम होगा तथा इसके लिए विा विभाग, बिहार अथवा गृह विभाग, बिहार से किसी मार्गदर्षन/अनुमोदन/स्वीकृति की आवष्यकता नहीं होगी।
(ख) यदि उपर्युक्त प्रकार के प्रभावित वर्ग व्यापारी समुदाय का हो, जिनका किसी बैंक के माध्यम से कारोबार होता हो, तो उन्हे अपने व्यवसाय में पुनः स्थापित करने एवं बैंक से ऋण दिलाने में जिला प्रषासन पहल करेगा।
(ग) जहाँ प्रभावित व्यक्तियों को बीमा कंपनियों से कुछ दावों का भुगतान होने वाला हो, वैसे मामलों में भी त्वरित निश्पादन हेतु संबंधित जिला पदाधिकारी, बीमा कंपनियों से सम्पर्क कर आवष्यक कार्रवाई करायेंगे।
(घ) उपर्युक्त मदों में भुगतान हेतु यथावष्यक राषि का आवंटन गृह विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करा दी जायेगी। निधि का आवंटन यथा पूर्ववत् ''बजट मुख्यशीर्ष-2235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण, उप मुख्य शीर्ष-60-अन्य सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण कार्यक्रम, लघु शीर्ष-200-अन्य कार्यक्रम, उप शीर्ष-0004-दंगा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत'' के अन्तर्गत किया जायेगा। इस मामले में गृह (विषेश) विभाग, नोडल विभाग होगा, जहाँ से नीति विशयक सभी मार्गदर्षक सिद्धांत निर्गत किये जायेंगे तथा राहत कार्यों का अनुश्रवण किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रत्येक जिला में उक्त बजट शीर्श का लेखा संधारण किया जायेगा तथा विाीय वर्श के अन्त में शेश राषि का प्रत्यर्पण यथा समय गृह (विषेश) विभाग, बिहार को कर दिया जायेगा।
(ड0) संविधान की धारा-14 का समादर करते हुए तथा विधि अनुमान्यता नहीं होने के कारण किसी भी परिस्थिति में क्षेत्रीय स्तर पर किसी मृतक के आश्रितों को सरकारी सेवा में नौकरी प्रदान करने संबंधी घोशणा/आष्वासन अथवा अनुषंसा नहीं की जायेगी तथा ऐसी कार्रवाई अमान्य समझी जाएगी।
(च) इस मामले में सदन के आसन से दिए गये निर्णय/सदन में की गयी सरकारी घोशणाओं/आष्वासनों तथा सरकार द्वारा विषेश परिस्थिति में लिए गये निर्णयों से संबंधित कार्रवाई गृह (विषेश) विभाग, बिहार द्वारा की जाएगी एवं तद्नुरुप लिए गये निर्णयों का संचरण संबंधित जिला प्रषासन को कार्यान्वयन हेतु किया जायेगा।
5. यह आदेष संकल्प निर्गत् होने की तिथि के प्रभाव से लागू होगा, परन्तु अदेष की कंडिका 4(ii)¼d½ ijUrqd fnukad 19- 7-2013 ds Hkwry{kh izHkko ls ykxw ekuh tk,xhA पूर्व निर्गत परिपत्र सं0-1701 दिनांक 21.09.1987, परिपत्र सं0-1972, दिनांक 09. 08.2000, परिपत्र सं0-25/सी0 दिनांक 12.01.2001 एवं परिपत्र सं0-2544, दिनांक 08.09.2001 के प्रावधान (सरकारी नौकरी में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान को छोड़कर) वर्तमान परिपत्र के लागू होने की तिथि तक की घटनाओं में यथावत् प्रभावी रहेंगे। तात्पर्य यह है कि इस संकल्प के निर्गत होने के तिथि के पूर्व उपर्युक्त परिपत्रों से आच्छादित मामलों में तत्समय प्रभावी अनुग्रह-अनुदान की राषि की ही स्वीकृति प्रदान की जायेगी। आदेष :-आदेष दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी हेतु इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित कराया जाए और इसकी प्रति सभी विभागीय प्रधान सचिवों/सचिवों/सभी विभागाध्यक्षों/पुलिस महानिदेषक, बिहार/सभी प्रक्षेत्रीय अपर पुलिस महानिदेषकों/पुलिस महानिरीक्षकों/सभी प्रमंडलीय आयुक्तों/सभी क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों/सभी जिला पदाधिकारियों/सभी पुलिस अधीक्षकों/सभी समादेश्टा, सैन्य पुलिस बल को सूचनार्थ एवं आवष्यक कार्रवाई हेतु भेज दी जाए।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अषोक कुमार सिन्हाअषोक कुमार सिन्हाअषोक कुमार सिन्हाअषोक कुमार सिन्हा,,,, सरकार के मुख्य सचिव।
————— अधी/क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 779-571+1500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in