िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 11110000 आ(cid:30)(cid:31)नआ(cid:30)(cid:31)नआ(cid:30)(cid:31)नआ(cid:30)(cid:31)न 1931931931935555 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 40404040 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 2 2 2 2 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2013201320132013 ((((ईईईई0000)))) भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 9ट(cid:15) और अ;य <य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2-16
भाग-1-क—ःवयंसेवक गु@मB के समादेंटाओं के आदेश।
---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान, आPद।
---
भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आPद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आPद। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(cid:30)(cid:31)म बंगाल सरकार और उTच ;यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उVरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ*त (cid:18)वधान मंडल मX उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर सिमितयB के ूितवेदन और उ*त (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक।
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भाग-7—संसद के अिधिनयम (cid:30)जनपर रांशपित क[ Qयेंठ अनुमित िमल चुक[ है। ---
भाग-8—भारत क[ संसद मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मX पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व]ापन
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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क[ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, ;यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इ_याPद। ---
पूरक
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पूरक-क
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2 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 9ट(cid:15)छु 9ट(cid:15)छु 9ट(cid:15)छु 9ट(cid:15) और अ;य और अ;य और अ;य और अ;य वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
पटना उच्च न्यायालयपटना उच्च न्यायालयपटना उच्च न्यायालयपटना उच्च न्यायालय ——— अधिसूचनाएंअधिसूचनाएंअधिसूचनाएंअधिसूचनाएं 6 जून 20136 जून 20136 जून 20136 जून 2013
सं॰ 325 नि0—दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा-9 की उप-धारा (3) के अन्र्तगत प्रदत्त
| क्रम क्रम क्रम क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं पदस्थापन का स्थान | सत्र प्रमंडल का सत्र प्रमंडल का नामनामनामनाम |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सुपौल जिनका स्थानांतरण दरभंगा के अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | दरभंगा |
| 2. | श्री प्रेम कुमार ओझा, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, आरा जिनका स्थानांतरण सहरसा के अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | सहरसा |
| 3. | श्री अमर ज्योति श्रीवास्तव, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सिवान जिनका स्थानांतरण लखीसराय के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | मु गेर ं |
| 4. | श्री अवधेष कुमार दूबे, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, शेखपुरा जिनका स्थानांतरण सीतामढ़ी के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | सीतामढ़ी |
| 5. | श्री सुभाष चन्द, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सहरसा जिनका स्थानांतरण सिवान के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | सिवान |
| 6. | श्री दया लाल प्रसाद, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, पूर्णिया जिनका स्थानांतरण जमुई के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | जमुई |
| 7. | राजेश नारायण सेवक पाण्डेय, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, गया, जिनका स्थानांतरण शेखपुरा के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | मु गेर ं |
| 8. | श्री कृष्ण बिहारी पाण्डेय, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बिहारषरीफ जिनका स्थानांतरण मधेपुरा के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | मधेपुरा |
| 9. | श्री पियूष कमल दीक्षित, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, दरभंगा जिनका स्थानांतरण कटिहार के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | कटिहार |
| 10. | श्री सच्चिदानन्द सिंह, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जहानाबाद, जिनका स्थानांतरण सुपौल के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | सहरसा |
| 11. | श्री कौषलेष कुमार सिंह, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, औरंगाबाद, जिनका स्थानांतरण गया के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | गया |
| 12. | श्री मनोज कुमार ।, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बक्सर, जिनका स्थानांतरण बांका के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | भागलपुर |
| 13. | श्री मनोज कुमार ।।, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, भभुआ, जिनका स्थानांतरण जहानाबाद के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | ज्हानाबाद |
| 14. | श्री राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, कटिहार, जिनका स्थानांतरण भभुआ के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | कैमुर |
| 15. | श्री मो0 एजाजुद्दीन, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जमुई, जिनका स्थानांतरण पूर्णियां के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | पूर्णिया |
| 16. | श्री विष्णुदेव उपाध्याय, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, लखीसराय, जिनका स्थानांतरण आरा के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | भोजपुर |
| 17. | श्री अनिल कुमार सिन्हा, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, मधेपुरा, जिनका स्थानांतरण औरंगाबाद के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | औरंगाबाद |
| 18. | श्री भरत तिवारी, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, बांका, जिनका स्थानांतरण बक्सर के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | बक्सर |
| 19. | श्री रष्मि षिखा, अवर न्यायाधीष-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सीतामढ़ी जिनका स्थानांतरण बिहारषरीफ के अवर न्यायाधीष-सह- मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी के रूप में किया गया है। | नालन्दा |
उच्च न्यायालय के आदेष से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।
——— The 6th June 2013 No. 325 A—In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 9 of the Code of Criminal procedure, 1973 (Act 2 of 1974), the High Court are pleased to appoint the Judicial Officers named in Column-2 of the table given below as Assistant Sessions Judge for the Sessions Division noted against their respective names in Column 3 of the table. Sl.No. Name of the Officer with designation and place of posting Name of the
| Sl.No. | Name of the Officer with designation and place of posting | Name of the Sessions Division |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | Sri Shailendra Kumar Pandey, Sub Judge-cum-C.J.M., Supaul Under orders of transfer to Darbhanga as Sub Judge-cum-C.J.M. | Darbhanga |
| 2. | Sri Prem Kumar Ojha, Sub Judge-cum-C.J.M., Ara Under orders of transfer to Saharsa as Sub Judge-cum-C.J.M. | Saharsa |
| 3. | Sri Amar Jyoti Srivastava, Sub Judge-cum-C.J.M., Siwan Under orders of transfer to Lakhisarai as Sub Judge-cum-C.J.M. | Munger |
| 4. | Sri Awadhesh Kumar Dubey, Sub Judge-cum-C.J.M., Sheikhpura Under orders of transfer to Sitamarhi as Sub Judge-cum-C.J.M. | Sitamarhi |
| 5. | Sri Subhash Chand, Sub Judge-cum-C.J.M., Saharsa Under orders of transfer to Siwan as Sub Judge-cum-C.J.M. | Siwan |
| 6. | Sri Daya Lal Prasad, Sub Judge-cum-C.J.M., Purnea Under orders of transfer to Jamui as Sub Judge-cum-C.J.M. | Jamui |
| 7. | Sri Rajesh Narayan Sevak Pandey, Sub Judge-cum-C.J.M., Gaya Under orders of transfer to Sheikhpura as Sub Judge-cum-C.J.M. | Munger |
| 8. | Sri Krishna Bihari Pandey, Sub Judge-cum-C.J.M., Biharsharif Under orders of transfer to Madhepura as Sub Judge-cum-C.J.M. | Madhepura |
| 9. | Sri Piyush Kamal Dixit, Sub Judge-cum-C.J.M., Darbhanga Under orders of transfer to Katihar as Sub Judge-cum-C.J.M. | Katihar |
| 10. | Sri Sachidanand Singh, Sub Judge-cum-C.J.M., Jehanabad Under orders of transfer to Supaul as Sub Judge-cum-C.J.M. | Saharsa |
| 11. | Sri Kaushlesh Kumar Singh, Sub Judge-cum-C.J.M., Aurangabad Under orders of transfer to Gaya as Sub Judge-cum-C.J.M. | Gaya |
| 12. | Sri Manoj Kumar I, Sub Judge-cum-C.J.M., Buxar Under orders of transfer to Banka as Sub Judge-cum-C.J.M. | Bhagalpur |
| 13. | Sri Manoj Kumar II, Sub Judge-cum-C.J.M., Bhabhua Under orders of transfer to Jehanabad as Sub Judge-cum-C.J.M. | Jehanabad |
| 14. | Sri Raghwendra Mani Tripathi, Sub Judge-cum-C.J.M., Katihar Under orders of transfer to Bhabhua as Sub Judge-cum-C.J.M. | Kaimur |
| 15. | Sri Md. Ajajuddin Sub Judge-cum-C.J.M., Jamui Under orders of transfer to Purnea as Sub Judge-cum-C.J.M. | Purnea |
| 16. | Sri Vishnudeo Upadhayaya, Sub Judge-cum-C.J.M., Lakhisarai Under orders of transfer to Ara as Sub Judge-cum-C.J.M. | Bhojpur |
| 17. | Sri Anil Kumar Sinha, Sub Judge-cum-C.J.M., Madhepura Under orders of transfer to Aurangabad as Sub Judge-cum-C.J.M. | Aurangabad |
| 18. | Sri Bharat Tiwari Sub Judge-cum-C.J.M., Banka Under orders of transfer to Buxar as Sub Judge-cum-C.J.M. | Buxar |
| 19. | Ms. Rashmi Shikha, Sub Judge-cum-C.J.M.,Sitamarhi Under orders of transfer to Biharsharif as Sub Judge-cum-C.J.M. | Nalanda |
By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.
5 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 201324 जून 2013
सं॰ 332 नि0—श्री अरूनेद्र सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गया को बिहारशरीफ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।
The 24th June 2013 No. 332 A—Sri Arunendra Singh, Additional District and Sessions Judge, Gaya, is transferred and posted as Additional District and Sessions Judge of Biharsharif.
By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.
24 जून 2013
सं॰ 333 नि0—श्री प्रभु नाथ प्रसाद सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुजफ्फरपुर को सीतामढ़ी के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।
The 24th June 2013 No. 333 A—Sri Prabhu Nath Singh, Additional District and Sessions Judge, Muzaffarpur, is transferred and posted as Additional District and Sessions Judge of Sitamarhi.
By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.
| क्रम सं0 | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणतः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ नियुक्त किए जाते हैं। | स्थानांतरण की श्रृंखला | जिला का नाम | अनुमंडल का नाम |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. |
| 1. | श्रीमति अंजना कुमारी लाल, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, बक्सर (बक्सर) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) किशनगंज स) पूर्णियां | श्री शिवा चन्द के स्थान पर | पूर्णियां | किशनगंज |
| 2. | श्री धनन्जय कुमार सिंह, रेलवे न्यायिक दण्डाधिकारी, समस्तीपुर (समस्तीपुर) | अ) न्यायिक दण्डाधिकारी ब) बक्सर स) बक्सर | श्रीमति अंजना कुमारी लाल के स्थान पर | बक्सर | बक्सर |
25 जून 2013 सं॰ 337 नि0—निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीश कनीय कोटि) को तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर एवं स्तम्भ-4 में दी गई स्थानांतरण श्रृंखला में न्यायिक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता हैं। पुनः दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा-11 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा उन न्यायिक पदाधिकारियों को निम्न तालिका के स्तंभ-5 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती है, और उसी दण्ड प्रक्रिया की धारा-12 की उप-धारा (3) (अ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन पदाधिकारियों को इसी तालिका के स्तंभ-6 में उनके नाम के सामने उल्लिखित अनुमंडल के लिए अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी भी पदांकित किया जाता है। अनुमंडल का नाम
उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।
The 25th June 2013 No. 337 A—The Judicial Officers of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no.2 of the table given below are hereby appointed as Judicial Magistrates in the Judgeships and stations mentioned in column no. 3 and in chain of transfer noted in column no. 4 of the said table against their respective names. Further in exercise of the powers conferred under Sub Section (3) of Section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the officers named6 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013 below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the District noted against their names in column no. 5 of the table, and In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) (a) of Section 12 of the said Criminal Procedure Code, these Officers are designated as Sub-Divisional Judicial Magistrate for the Sub- Division noted against their names in column no. 6 of the table.
| Sl. No. | Name of the Officers, designation and place of posting with Judgeship | (a) Designation at the new station. (b) Place where the Officer is to be stationed. (c) Name of the Judgeship in which appointed on transfer. | Chain of Transfer | Name of the District | Name of the Sub-Division |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. |
| 1. | Ms. Anjana Kumari Lal, S.D.J.M., Buxar (Buxar) | (a) Judicial Magistrate (b) Kishanganj (c) Purnea | Vice Sri Shiva Chand | Purnea | Kishanganj |
| 2. | Sri Dhananjay Kumar Singh, Railway Magistrate, Samastipur (Samastipur) | (a) Judicial Magistrate (b) Buxar (c) Buxar | Vice Ms. Anjana Kumari Lal | Buxar | Buxar |
By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.
25 जून 2013 सं॰ 338 नि0—निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारियों (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को भारतीय रेलवे अधिनियमों के अंतर्गत, उन वादों को जिन्हें वे दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम-2, 1974) के अंतर्गत क्षमतापूर्वक निष्पादित कर सकते हैं, के निष्पादन हेतु तालिका स्तम्भ-4 में निहित रेलवे न्यायालय में न्यायिक दंडाधिकारी (रेलवे) नियुक्त किया जाता है। दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-11 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय, निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में निहित न्यायिक दंडाधिकारी को उनके अपने क्षेत्राधिकारों के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान करता है। उन्हें उक्त संहिता की धारा-260 के अंतर्गत भारतीय रेलवे अधिनियम में वर्णित वादों के संक्षिप्त विचारण के लिये प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है। उन्हें अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ऐसे वादों में जिनका निष्पादन करने के लिए उन्हें प्राधिकृत किया गया है, संज्ञान लेने की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं स्थान जहां वे पदस्थापित है। | क्षेत्राधिकार जहाँ के लिये शक्तियाँ प्रदान की जाती है। | रेलवे न्यायालय का स्थान, जहाँ के लिए पदस्थापित किये जाते हैं। |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | श्री शिव चन्द्र, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, किशनगंज (पूर्णिया) | कोशी, दरभंगा, तिरहुत प्रमंडल और भागलपुर प्रमंडल के गंगा नदी के उत्तरी भाग का क्षेत्र। | समस्तीपुर |
उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।
The 25th June 2013
No. 338 A—The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no.2 of the table given below are appointed as Judicial Magistrate (Railway) to try cases under the Indian Railways Act at the Railway Court mentioned in column no. 4 within the territorial Jurisdiction mentioned against his name in column no. 3 of the table, which he is competent to try under the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974).
7 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013In exercise of Powers conferred under Sub-Section 3 of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973, the High Court are pleased to confer upon the Judicial Magistrate named below the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the territorial Jurisdictions mentioned against his name in column no. 3 of the table. He is also vested with the powers conferrable on a Judicial Magistrate of the 1st Class to try summarily the cases under the Indian Railways Act, as are covered under Section 260 of the Code of Criminal Procedure, 1973. He is also conferred with the powers to take cognizance of such case as he is authorized to try within his territorial Jurisdiction.
| Sl. No. | Name of the Officers, designation and place of posting with Judgeship | Jurisdiction for which power is being vested | Name of the station to be posted as in the court of Railway Magistrate |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | Sri Shiva Chand, S.D.J.M., Kishanganj (Purnea) | Kosi, Darbhanga, Trihut Divisions and part of Bhagalpur Division lying north of the Ganges. | Samastipur |
By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.
25 जून 2013
सं॰ 339 नि0—निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित न्यायिक पदाधिकारी (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को उसी तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित जजी एवं स्थान पर एवं स्तम्भ-4 में दी गई स्थानांतरण श्रृंखला में मुंसिफ नियुक्त किया जाता है।
पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार, बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्ट बिहार एमेंडमेंट ऐक्ट-1987 (ऐक्ट XIX, 1987) द्वारा संशोधित बंगाल, आगरा एवं आसाम सिविल कोर्टस ऐक्ट, 1887 (ऐक्ट XII, 1887) की धारा-19 की उप-धारा (2) के अन्तर्गत उक्त तालिका के स्तम्भ-5 में यथानिर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर होने वाले मौलिक वादों की साधारण प्रक्रिया के अधीन निष्पादन की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।
सम्बन्धित पदाधिकारी को उसी स्तम्भ-5 में निर्देशित आर्थिक एवं प्रादेशिक क्षेत्राधिकारी के अन्दर लघुवाद न्यायालय द्वारा संज्ञेय वादों के निष्पादन के लिए ऐसे न्यायालय के न्यायाधीश की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।
स्तम्भ-5 में दी गयी शक्तियों का प्रयोग तबतक नहीं किया जाय जबतक कि वे बिहार राज्य पत्र या जिला राज्यपत्र
| क्र॰ सं॰ | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जजी सहित | अ) नए स्थान का पदनाम ब) साधारणः अधिष्ठित रहने का स्थान स) जजी जहाँ नियुक्त किए गये हैं | स्थानांतरण की श्रृंखला | नये स्थान पर अधिकारियों को प्रदान की गयी विशेष शक्तियाँ अ) बंगाल, आगरा एण्ड आसाम सिविल कोर्ट ऐक्ट के अंतर्गत (साधारण प्रक्रिया) ब) प्रोविन्सियल स्मॉल कोजेज कोर्टस ऐक्ट 1987 के अंतर्गत |
| 1. | श्री सुरेन्द्र प्रसाद, मु सिफ, सासाराम ं (रोहतास) | अ) मु सिफ ं ब) मोतिहारी स) पूर्वी चम्पारण | पूर्व में स्थानांतरित श्री विजय कुमार पाण्डेय के स्थान पर | अ) मोतिहारी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अंतर्गत 30,000 रूपये तक ब) मोतिहारी मुंसिफी की स्थानीय सीमाओं के अ तर्गत ं 1,000 रूपये तक लघुवाद की शक्तियाँ |
उच्च न्यायालय के आदेश से, बिरेन्द्र कुमार, महानिबंधक ।8 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013
The 25th June 2013
No. 339 A—The Judicial Officer of the rank of Civil Judge (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below is appointed as Munsif in the Judgeship and station mentioned in column no. 3, and in the chain indicated in column no. 4 of the table. As mentioned in column no. 5, the officers concerned is also vested with the powers under Sub- Section (2) of Section-19 of the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts, 1887, (Act XII of 1887) as amended by the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Bihar amendment Act, 1987 (Act XIX of 1987) to try under the ordinary procedure original suits of pecuniary and Territorial Jurisdiction. As further mentioned in Column no. 5, the officer concerned is also vested with powers of a Judge of the Court of small causes for the trial of suits cognizable by such a Court with the necessary pecuniary and Territorial Jurisdiction. The powers vested as per column no. 5, should not, however, be exercised by the officer concerned unless his name is published in the Bihar Gazette or in the District Gazette. Sl. No.
| Sl. No. | Name of the Officers, designation and present place of posting with Judgeship | at (a) Designation the new station. (b) Place where the Officer is to be ordinarily stationed at (c) Name of the Judgeship in which posted. | Chain of transfer | Special power with which the officer is vested at the new station. (a) Under the Bengal, Agra and Assam Civil Courts Acts (under ordinary procedure). (b) Under the provincial small causes Courts Acts, 1987. |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | Sri Surendra Prasad, Munsif, Sasaram (Rohtas) | (a) Munsif (b) Motihari (c) East Champaran | Vice Sri Vijay Kumar Pandey (since transferred) | (a) Rs. 30,000/- within the local limits of Motihari Munsifi. (b) S.C.C. Powers of Rs. 1000/- within the local limits of Motihari Munsifi. |
By order of the High Court, BIRENDRA KUMAR, Registrar General.
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20 flrEcj 2013
सं॰ 07/सी0-01-201/09/875—बिहार अभियोजन सेवा के निम्नलिखित अभियोजन पदाधिकारियों को स्थानान्तरित करते हुए उनके नाम के सामने स्तम्भ-4 में अंकित कार्यालय में कार्यहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता हैः-
| क्र. | अभियोजन पदाधिकारी का नाम/पदनाम | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन स्थान |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री दयाषंकर प्रसाद गुप्ता, सहायक अभियोजन पदाधिकारी | पदस्थापन की प्रतीक्षा में। | जिला अभियोजन कार्यालय, सासाराम (प्रतिनियुक्ति-डिहरी-ऑन-सोन) |
| 2 | श्री दिनेष चन्द्र गुप्ता, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी | डिहरी-ऑन-सोन | जिला अभियोजन कार्यालय, बक्सर |
| 3 | श्री रामप्रवेष दास, प्रमंडलीय अभियोजन पदाधिकारी | प्रमंडलीय अभियोजन पदाधिकारी, गया | उपनिदेशक, अभियोजन निदेषालय, बिहार |
| 4 | श्री सूर्यदेव प्रसाद, उपनिदेशक, अभियोजन निदेषालय | उपनिदेशक, अभियोजन निदेषालय बिहार | प्रमंडलीय अभियोजन पदाधिकारी,गया |
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव ।9 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013
परिवहन विभाग
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अधिसूचनाएं
1 अगस्त 2013
सं॰ 2/सी.एम.टी.-46/2011परि0-3599—जिला पदाधिकारी, दरभंगा के पत्रांक 1158, दिनांक 10.07.2013 द्वारा प्राप्त अनुशंसा के आलोक में मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-200 के तहत प्रदत् शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार द्वारा विभागीय अधिसूचना संख्या-2000 दिनांक 29.05.2013 द्वारा मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-177, 178, 179, 180, 181, 182, 183, 184, 185, 187, 188, 189 एवं 190 के अन्तर्गत निम्नांकित पदाधिकारियों को पत्र निर्गत की तिथि से अगले एक वर्ष की अवधि के लिए मोटरवाहन शमन की शक्ति प्रदान की जाती है । शमन की राशि उक्त धाराओं में निहित राशि से कम नहीं होगी।
| क्रमांक | पदाधिकारी का नाम/पद नाम | कार्यक्षेत्र |
| 1 | थानाध्यक्ष, लहेरियासराय थानाा | लहेरियासराय थानाा |
| 2 | थानाध्यक्ष, विश्वविद्यालय थाना | विश्वविद्यालय थाना |
| 3 | थानाध्यक्ष, नगर थाना | नगर थाना |
| 4 | थानाध्यक्ष, सदर थाना | सदर थाना |
| 5 | वेंता ओ0पी0 प्रभारी, दरभंगा | वेंता ओ0पी0 |
की राशि के संबंध में पदाधिकारीवार प्रतिवेदन परिवहन मुख्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।
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6 सितम्बर 2013
सं॰ 2/टैक्स माफी-40/2013/4372—बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1944 की धारा-19, (बिहार मोटर वाहन करारोपण नियमावली, 1994 के नियम-15 के साथ पठित), द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त अधिनिमय की धारा-17 के अन्तर्गत प्रत्यर्पित मोटर वाहनों के 'प्रत्यर्पण-अवधि' के कर-माफी संबंधी मामले, जिसकी राशि 10,000/- (दस हजार) रूपये से अधिक है, पर 'राज्य परिवहन आयुक्त' के स्तर पर विचारोपरान्त निर्णय लेने की शक्ति के कार्यान्वयनार्थ विभाग में कार्यरत 'विशेष सचिव' परिवहन विभाग एवं 'संयुक्त सचिव' परिवहन विभाग को संबंधित मामलों की सुनवाई हेतु उनके कार्य ग्रहण की तिथि से प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।
——— आदेश
19 सितम्बर 2013 सं॰ 2/सी.एम.टी.-46/2011 परि.-4670—जिला पदाधिकारी, वैशाली के पत्रांक-1287 दिनांक 20.07.2013 द्वारा प्राप्त अनुशंसा के आलोक में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-200 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा वैशाली में पदस्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के निम्नलिखित दो पदाधिकारियों को मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा- 191, 192, 194, 196 एवं 198 के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट दण्डनीय अपराधों के शमन के लिए अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले एक वर्ष की अवधि तक के लिए शमन की शक्ति प्रदान की जाती है । शमन की राशि उक्त धाराओं में निहित राशि से कम नहीं होगी । इसके साथ ही विभागीय अधिसूचना संख्या-2627 दिनांक-21.06.2013 द्वारा श्री राजीव रंजन प्रभाकर, वरीय उप-समाहर्ता, वैशाली को प्रदत्त शमन की शक्ति को विलोपित किया जाता है ।10 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013
| क्रमांक | पदाधिकारियों का नाम/पद नाम | कार्य क्षेत्र |
| 1 | श्री मनोज कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता, हाजीपुर (वैशाली) | हाजीपुर (वैशाली) |
| 2 | श्री संजय कुमार, वरीय उप समाहर्ता, वैशाली | वैशाली |
संबंध में पदाधिकारीवार प्रतिवेदन प्रति माह परिवहन विभाग के मुख्यालय में भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।
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19 सितम्बर 2013
सं॰ 2/सी.एम.टी.-46/2011 परि. 4671—आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक-IV-3/2012-1707/परि. दिनांक 31.07.2013 द्वारा प्राप्त अनुशंसा के आलोक में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-200 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा- 177, 178, 179, 180, 181, 182, 183, 184, 185, 186, 187, 188, 189 एवं 190 के अन्तर्गत निम्नांकित पदाधिकारियों को पत्र निर्गत की तिथि से अगले एक वर्ष की अवधि के लिए मोटर वाहन शमन की शक्ति प्रदान की जाती है । शमन की राशि उक्त धाराओं में निहित राशि से कम नहीं होगी ।
| क्रमांक | पदाधिकारियों का नाम/पद नाम | कार्य क्षेत्र |
| 1 | पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) | दरभंगा |
| 2 | पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) | दरभंगा मुख्यालय |
राशि के संबंध में पदाधिकारीवार प्रतिवेदन परिवहन मुख्यालय में उपलब्ध कराना संनिश्चित करेंगे ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।
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19 सितम्बर 2013
सं॰ 2/सी.एम.टी.-46/2011 परि. 4672—जिला पदाधिकारी, जहानाबाद के पत्रांक-613 दिनांक 07.08.2013 के द्वारा प्राप्त अनुशंसा के आलोक में मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा- 177, 178, 179, 180, 181, 182, 183, 184, 185, 186, 187, 188 एवं 190 के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट दण्डनीय अपराधों के शमन के लिए एवं मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-177 के अन्तर्गत भी विनिर्दिष्ट दण्डनीय अपराधों के शमन की शक्ति निम्न पदाधिकारी को पत्र निर्गत की तिथि से अगले एक वर्ष की अवधि के लिए प्रदान की जाती है :-
| क्रमांक | पदाधिकारियों का नाम/पद नाम | कार्य क्षेत्र |
| 1 | थानाध्यक्ष, नगर थाना, जहानाबाद | नगर थाना, जहानाबाद |
| 2 | यातायात प्रभारी, जहानाबाद | जहानाबाद |
2. जिला पदाधिकारी, जहानाबाद एवं पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद अपने नियंत्रणाधीन उपरोक्त पदाधिकारियों द्वारा वसूल की गई शमन की राशि के संबंध में पदाधिकारीवार प्रतिवेदन प्रति माह परिवहन विभाग के मुख्यालय में भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।
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11 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
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अधिसूचना
16 सितम्बर 2013
सं0 2/वि.60-114/2013-1013—बिहार में अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थल राजगीर (नालंदा) जहां पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय समारोह, कान्फ्रेन्स, कार्यशाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहते हैं, में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ऑडोटोरियम संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री तथा सदस्य बिहार विधान परिषद एवं अन्य महानुभावों के ऐच्छिक कोष तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से प्राप्त राशि से अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर की स्थापना की गई। इस कन्वेंशन सेंटर के सुचारू रूप से संचालन हेतु एक स्वायत्त एवं सम्पोषित अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, राजगीर नाम से एक समिति की स्थापना करने का सरकार ने निर्णय लिया, जिसका मुख्यालय राजगीर में रहेगा। प्रस्तावित समिति की रूप-रेखा उद्देश्यों, शक्तियों तथा कार्यों के संबंध में मंत्रिपरिषद से स्वीकृत मेमोरण्डम ऑफ एसोसिएशन और बायलॉज संलग्न है। समिति के सुव्यस्थित संचालन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रति वर्ष औचित्य, महत्ता एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यथोचित राशि, जो इसके रख-रखाव संचालन, विद्युत भुगतान आदि के लिए उपयोग में आयेगी, स्वीकृत की जाएगी। तदनुसार अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, राजगीर के संगम ज्ञापन और नियम विनियम को अधिसूचित किया जाता है। 2. इसे राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, महालेखाकार, बिहार, पटना एवं सभी संबंधित पदाधिकारियों को संगलग्न की प्रति अग्रसारित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, चंचल कुमार, सचिव
''अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेन्सन सेंटर, राजगीर'' का
संगम ज्ञापन
1. समिति का नाम '' अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर'' होगा। 2. समिति का रजिस्टर्ड कार्यालय अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर, जिला- नालंदा में अवस्थित होगा। 3. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेसन सेंटर निम्नलिखित उद्देश्यों के क्रियान्वयन के लिए गैर लाभकारी सोसायटी के रूप में स्थापित किया गया है :-
क) सेंटर के जरिए बिहार में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की ऑडिटोरियम संबंधी सुविधा प्रदान करना। ख) सेंटर के जरिए कला-संस्कृति के विषयों की गतिविधियों को प्रोत्साहित करनेवाले कार्यक्रमों एवं जनहित के लिए कमरा/हॉल/ऑडिटोरियम/गैलरी का आवंटन करना, निरीक्षण करना और उनके संचालन/रखरखाव का अनुश्रवण करना।
ग) सेंटर अपने उद्देश्यों के लिए विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ यथा आवश्यक समन्वय करना तथा संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित करना। सेंटर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं (ऑडिटोरियम एवं अन्य) की बुकिंग करना।
घ) सेंटर के विकास हेतु कार्यक्रम बनाना और उसे क्रियान्वित कराना।
4. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर की नियमावली के अधीन गठित सेंटर का शासी निकाय कानूनी निकाय होगा। 5. समिति की आय और सम्पति का उपयोग इस संगम ज्ञापन में यथा विनिर्दिष्ट लक्ष्यों एवं उद्देश्यों को बढ़ावा देने में किया जायेगा। सेंटर की आय और सम्पति का कोई अंश, लाभांश, बोनस या लाभ के रूप में या अन्यथा प्रत्यक्षतः या परोक्षतः ऐसे व्यक्तियों को, भुगतान या अंतरित नहीं किया जाएगा जो किसी समय सेंटर के सदस्य हों या रहे हों। परन्तु इसमें अंतर्विष्ट कोई बात, सेंटर को दी गई किसी सेवा के बदले सदभाव में परिश्रमिक के भुगतान को नहीं रोकेगी।
6. समिति के क्रिया कलापों का प्रबंधन, सेंटर की नियमावली के अनुसार, शासी निकाय को न्यस्त कर दिया जाएगा, जिसमें सचिव, कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिलाधिकारी, नालंदा क्रमशः अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव के रूप में सम्मिलित होंगे। शासी निकाय निम्नलिखित व्यक्तियों से मिलकर गठित होगा :-
7.
12 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013| क्र0 | नाम | पेशा | पता | पद |
| 1. | सचिव | सचिव, कला संस्कृति एवं युवा विभाग | विकास भवन, नया सचिवालय, पटना | अध्यक्ष |
| 2. | जिलाधिकारी | जिलाधिकारी, नालंदा | जिलाधिकारी का कार्यालय, नालंदा | सदस्य सचिव |
| 3. | पुलिस अधीक्षक | पुलिस अधीक्षक, नालंदा | आरक्षी अधीक्षक का कार्यालय, नालंदा | सदस्य |
| 4. | आयुक्त, पटना प्रमंडल के सचिव | आयुक्त, पटना प्रमंडल के सचिव | आयुक्त कार्यालय, पटना | सदस्य |
| 5. | निदेशक | निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय | विकास भवन, नया सचिवालय, पटना | सदस्य |
| 6. | निदेशक | निदेशक, संग्रहालय निदेशालय | विकास भवन, नया सचिवालय, पटना | सदस्य |
| 7. | निदेशक, | निदेशक, अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर | अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर का कार्यालय, राजगीर | सदस्य |
8. इसके अधीन उल्लिखित व्यक्ति सेंटर के प्रथम सदस्य होंगे। जब तक अन्यथा उपबंधित न हो, सदस्यता इसके अधीन उल्लिखित कार्यालय पदनामों के अनुसार निहित एवं अंतरित होगी। हमलोग, अधोहस्ताक्षरी, जिनके नाम और पते इसके अधीन अल्लिखित हैं, इस संगम-ज्ञापन के अनुसरण में एक सोसाइटी के रूप में गठित होने को इच्छुक हैं :-
| क्र0 | नाम | पेशा | पता | पद | हस्ताक्षर |
| 1. | श्री चंचल कुमार | सचिव, कला संस्कृति एवं युवा विभाग | विकास भवन, नया सचिवालय, पटना | अध्यक्ष | |
| 2. | श्रीमती पलका सहनी | जिलाधिकारी, नालंदा | जिलाधिकारी का कार्यालय, नालंदा | सदस्य सचिव | |
| 3. | डॉ0 सिधार्थ मोहन जैन | पुलिस अधीक्षक, नालंदा | आरक्षी अधीक्षक का कार्यालय, नालंदा | सदस्य | |
| 4. | आयुक्त, पटना प्रमंडल के सचिव | आयुक्त कार्यालय, पटना | सदस्य | ||
| 5. | श्री विनय कुमार | निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय | विकास भवन, नया सचिवालय, पटना | सदस्य | |
| 6. | श्री परवेज अख्तर | निदेशक, संग्रहालय निदेशालय | विकास भवन, नया सचिवालय, पटना | सदस्य | |
| 7. | सुश्री रचना पाटिल | निदेशक, अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, राजगीर | अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंंटर का कार्यालय, राजगीर | सदस्य |
हमलोग, अधोहस्ताक्षरी, प्रमाणित करते हैं कि हमलोग उपर्युक्त हस्ताक्षरर्काा को जानते हैं और उन्होंने हमारी उपस्थित में हस्ताक्षर किया है।
हस्ताक्षर हस्ताक्षर (नाम, पेशा एवं पूरा पता) (नाम, पेशा एवं पूरा पता)13 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013 अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 (अधिनियम XXI, 1860) के अधीन विनियमित
1. समिति का नाम - सोसाइटी का नाम ''अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर'' होगा 2. पंजीकृत कार्यालय - सोासाइटी का पंजीकृत कार्यालय अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर (नांलदा) में अवस्थित होगा।
3. निर्वचन- इस नियम-विनियम के अधीन, जब तक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो -
(क) सेंटर से अभिप्रेत है ''अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर'' ; (ख) 'केन्द्रीय सरकार' से अभिप्रेत है 'भारत सरकार' ; (ग) 'राज्य सरकार' से अभिप्रेत है 'बिहार सरकार' ; (घ) 'शासी निकाय' से अभिप्रेत है संगम ज्ञापन के अनुच्छेद 4 के अधीन गठित सेंटर का कानूनी निकाय ; (ड़) 'अध्यक्ष' से अभिप्रेत है शासी निकाय का अध्यक्ष ; (च) 'सदस्य' से अभिप्रेत है शासी निकाय के सदस्य ; (छ) 'पद धारकों' से अभिप्रेत है अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष ; (ज) 'वर्ष' से अभिप्रेत है पहली अप्रैल से इकतीस मार्च ; (झ) 'अधिनियम' से अभिप्रेत है सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 () निदेशक से अभिप्रेत है अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर, राजगीर के निदेशक जिनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई है ।
4. सदस्यता- (1) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर का सामान्य निकाय निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर होगा :-
1. पदधारण करने के कारण ज्ञापन के हस्ताक्षरर्काा ; 2. संस्थान के उद्देश्यों का समर्थन करनेवाले तथा शासी निकाय द्वारा अनुमोदित/नामित व्यक्तियों, संगठनों, कार्पोरेट निकायों/व्यक्ति समूहों के लिए सदस्यता खुली रहेगी ;
3. जिन व्यक्तियों ने संगम ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं वे अपने पदाधिकारी होने के कारण सेंटर के प्रथम सदस्य होंगे ।
(2) जब कोई व्यक्ति अपने पद धारण करने के कारण अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर का सदस्य नियुक्त या नामित होता है तो अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर की उसकी सदस्यता, उसके उस पद पर नहीं रह जाने पर, समाप्त हो जाएगी और इस प्रकार हुई रिक्ति को उसके उाराधिकारी द्वारा भरा जाएगा।
(3) जब कभी कोई नामित सदस्य अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर की सदस्यता से त्याग पत्र देना चाहता है, तो वह अपना त्यागपत्र सदस्य सचिव को संबोधित करेगा और उसे समर्पित करेगा। उसका त्यागपत्र केवल अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर के शासी निकाय के अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किये जाने पर स्वीकृत होगा। (4) त्यागपत्र से या अन्यथा हुई अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर की सदस्यता की रिक्ति/रिक्तियों को शासी निकाय द्वारा नियुक्ति या मनोनयन से भरा जाएगा।
(5) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर इस बात के होते हुए भी कि कोई व्यक्ति अपने पद के कारण, सदस्यता का हकदार है, तत्समय सेंटर में अभ्यावेदन नहीं दिया है, कृत्य करेगा। अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर की कार्यवाही को, उपर्युक्त कारण से या किसी सदस्य की रिक्ति या इसके किसी सदस्य की नियुक्ति में किसी त्रुटि के कारण, रद्द नहीं किया जा सकेगा।
(6) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर अपने पंजीकृत कार्यालय में सदस्यों की एक नामावली का संधारण करेगा और प्रत्येक सदस्य उसमें अपना हस्ताक्षर करेगा और अपना व्यवसाय एवं पता लिखेगा।
(7) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर के किसी सदस्य के लिए यह बाध्यकारी होगा कि वह अपने पता व्यवसाय में किसी परिवर्तन से संबंधित सूचना सदस्य सचिव को दे।
(8) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर सदस्यता पंजी में निम्नलिखित विशिष्टियाँ दर्ज करेगा :-
1. प्रत्येक सदस्य का नाम एवं पता 2. वह तिथि, जिस तिथि को सदस्यता स्वीकृत की गई। 3. वह तिथि, जिस तिथि को वह सदस्य न रह गया हो।
(9) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर या शासी निकाय का कोई सदस्य, सदस्य नहीं रह जायेगा यदि -
1. उसका निधन हो जाय, अथवा 2. वह अपनी सदस्यता से त्यागपत्र दे दे, अथवा 3. वह विकृत चित का हो जाए अथवा 4. वह दिवालिया हो जाय, अथवा 5. वह नैतिक अधमता से अंतगर््रस्त दाण्डिक अपराध का सिद्ध दोष हो, अथवा 6. राज्य सरकार में पद धारण करनेवाले सदस्यों की दशा में राज्य सरकार ने निकाल दिया हो।14 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013 5. शासी निकाय- अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर का एक शासी निकाय होगा, जिसमें निम्नांकित सदस्य होगे :-
1. सचिव, कला संस्कृति एवं युवा विभाग - अध्यक्ष 2. जिला पदाधिकारी, नालंदा - सदस्य सचिव 3. पुलिस अधीक्षक नालंदा - सदस्य 4. आयुक्त, पटना प्रमंडल के सचिव - सदस्य 5. निदेशक, सांस्कृतिक कार्य, - सदस्य 6. निदेशक, संग्रहालय - सदस्य 7. निदेशक, अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर - सदस्य
6. शासी निकाय की शक्तियाँ और कृत्य : (1) विशेष रूप से और पूर्वर्वाी उपबंधों की व्यापकता पर बिना कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले सेंटर के इन उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु शासी निकाय निम्नलिखित कार्य कर सकेगा :- 1. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर को स्थापित करने तथा बढ़ावा देने के लिए विस्तृत योजनाएँ और कार्यक्रम तैयार करना तथा निष्पादित करना और ऐसे संस्थापन के पश्चात इसका प्रशासन एवं प्रबंधन करना। सेंटर स्थित विभिन्न ऑडिटोरियम एवं एम्फी थियेटर की बुकिंग करना। सेंटर का रखरखाव सरकार द्वारा निर्धारित एजेन्सी के मार्फत सुनिश्चित करना;
2. अनुदान और अंशदान प्राप्त करना और संस्थान के कोषों की अभिरक्षा करना ; 3. प्रत्येक वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर का बजट प्राक्कलन तैयार करेगा और बजट सीमाओं के अधीन व्यय को स्वीकृति प्रदान करना ;
4. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर द्वारा प्रदान की गयी किसी सेवा के लिए शासी निकाय द्वारा यथा विहित फीस तथा अन्य परिव्ययों की मांग, प्राप्ति तथा वसूली करना ;
5. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर के किसी उद्देश्य के प्रोत्साहन में किसी व्यक्ति द्वारा की गयी सेवा के बदले मानदेय, पारिश्रमिक, फीस, परिव्यय का भुगतान करना ;
6. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर के अधीन शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी, मंत्रिमंडलीय तथा अन्य पदों का सृजन करना ;
7. शासी निकाय के किसी पदाधिकारी या कार्यपालक समिति को यथावश्यक अपनी शक्तियों को प्रत्यायोजित करना ;
8. अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर के वार्षिक प्रतिवेदन, वार्षिक लेखा तथा विाीय प्राक्कलन पर, जिसे उचित समझे, विचार करना और संकल्प पारित करना ;
9. निम्नलिखित के लिए उप विधि को, समय-समय पर, निर्मित, अंगीकृत, परिवर्तित, रूपान्तरित और रद्द करना :-
(क) शासी निकाय तथा इसके द्वारा नियुक्त की जानेवाली समिति के कार्यो का संचालन
करना ;
(ख) अपनी शक्तियाें को प्रत्यायोजित करना ; (ग) कोरम पूरा करना ;
10. राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, सौंपे गये ऐसे अतिरिक्त कृत्यों का अनुपालन करना तथा ऐसे काव्यों का निर्वहन करना :
11. शासी निकाय अपने कार्याे के संचालन हेतु, अपनी ऐसी शक्तियों को, संकल्प द्वारा, कार्यपालक समिति, अध्यक्ष और/या सदस्य-सचिव और कोषाध्यक्ष को प्रत्यायोजित करेगा जिसे आवश्यक एवं वांछनीय समझें।
12. शासी निकाय की बैठक के लिए 3 सदस्यों की गणपूर्ति होगी।
7. कार्यपालक समिति कार्यपालक समिति में निम्नांकित सदस्य होगे :-
1. जिला पदाधिकारी, नालंदा - अध्यक्ष 2. पुलिस अधीक्षक नालंदा - सदस्य 3. निदेशक, सांस्कृतिक कार्य या उनके प्रतिनिधि - सदस्य 4. अनुमंडल पदाधिकारी, नांलदा - सदस्य 5. निदेशक, अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर - सदस्य-सचिव
8. कार्यपालक समिति की शक्तियाँ और कृत्य -
(1) कार्यपालक समिति ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगी जिसे शासी निकाय द्वारा, समय-समय पर इसको प्रत्यायोजित किया जायेगा।
(2) कार्यपालक समिति की बैठकों की कार्यवाही कार्यपालक समिति की अगली बैठक में इसके सदस्यों के सूचनार्थ रखी जाएगी।15 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013 (3) कार्यपालक समिति की बैठक साधारणतः तीन महीने में एक बार होगी और इसमें 2 सदस्यों की गणपूर्ति होगी।
(4) कार्यपालक समिति के अध्यक्ष, सदस्य सचिव और निदेशक इसके पदधारक होंगे। (6) कार्यपालक समिति के अध्यक्ष कार्यपालक समिति की सभी बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्यपालक समिति के उपस्थित सदस्य अपने बीच से अध्यक्ष निर्वाचित करेंगे और ऐसे अध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता और अध्यक्ष की समस्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
(7) अध्यक्ष अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी होंगे और सेंटर के सभी कार्यपालक कार्यो का निष्पादन शासी निकाय द्वारा स्थापित नीतियों तथा मार्गदर्शनों के अनुसार करेंगे।
9. अध्यक्ष - जिलाधिकारी, नालंदा जो शासी निकाय के सदस्य-सचिव होंगे, कार्यपालक समिति के अध्यक्ष होंगे। 10. शासी निकाय की बैठक :-
(1) सामान्यतः शासी निकाय की बैठक छः माह मे एक बार होगी बशर्ते कि अध्यक्ष स्वयं स्वपे्ररणा से या शासी निकाय के कम से कम छः सदस्यों की अध्यपेक्षा पर, उसे किसी समय, जब बैठक बुलाना हो, आहूत करने की जरूरत समझें और ऐसा करना आवश्यक होगा। शासी निकाय की प्रत्येक बैठक के लिए सात से कम दिनों की सूचना नहीं दी जाएगी और बैठक के पश्चात बिना किसी अनावश्यक बिलम्ब के, बैठक की कार्यवाही की प्रति शासी निकाय के सदस्यों तथा राज्य सरकार को परिचारित की जाएगी।
(2) शासी निकाय की किसी बैठक की गणपूर्ति, शासी निकाय के सदस्यों (अध्यक्ष सहित), इसमें से जो कम हो, से होगी। गणपूर्ति के अभाव में यदि बैठक स्थगित की जाती है, तो स्थगित बैठक अगले सप्ताह उसी दिन, उसी समय और स्थान पर आयोजित होगी।
(3) सदस्यों के बीच मतभेद की स्थिति में, बहुमत अभिभावी होगा। (4) अध्यक्ष सहित, शासी निकाय के प्रत्येक सदस्य के पास एक मत होगा और शासी निकाय द्वारा निर्धारित किये जानेवाले किसी प्रश्न पर मतों की संख्या समान होने की स्थिति में, अध्यक्ष को एक द्वितीय या निर्णायक मत होगा।
(5) अध्यक्ष की अनुपस्थिति में, बैठक में उपस्थित सदस्य बैठक में उपस्थित सदस्यों में से एक सदस्य को उस बैठक के लिए अध्यक्ष निर्वाचित करेंगे।
11. शासी निकाय के अध्यक्ष तथा सदस्य सचिव की शक्तियाँ और कृत्य :
(1) अध्यक्ष को किसी ऐसे व्यक्ति को, जो शासी निकाय, का सदस्य नहीं हो, शासी निकाय की बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने की शक्ति होगी। किन्तु ऐसे आमंत्रितों को बैठक में मतदान करने का हक नहीं होगा।
(2) शासी निकाय के नियम-विनियम, उप-विधि तथा आदेशों के अधीन सेंटर का सदस्य-सचिव, शासी निकाय के निदेशों एवं नियंत्रण के अधीन, संस्थान के समुचित प्रशासन के लिए और कार्यो के संचालन हेतु उारदायी होगा। वह सेंटर के लिए और सेंटर की ओर से समझौते करेगा। 12. निदेशकः
(क) निदेशक, अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर की ओर से कमरा/ऑडिटोरियम/हॉल/गैलरी का आवंटन/आरक्षण करेगा, ऋण, अनुदान और चंदा प्राप्त करेगा तथा लेखा-पुस्त रखेगा। (ख) वह शासी निकाय द्वारा चयनित तथा अनुमोदित किये गये लेखा परीक्षक से खातों का लेखा परीक्षण कराने तथा उसे सेंटर के वार्षिक अधिवेशन में प्रस्तुत करने का उारदायी होगा। (ग) वह प्रत्येक चेक या ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर र्कााओं में से एक होगा।
13. सदस्यों का वार्षिक अधिवेशन :-
(1) संस्थान प्रत्येक वर्ष कम से कम एक वार्षिक अधिवेशन का आयोजन करेगा और पश्चातर्वाी दो वार्षिक अधिवेशनों के बीच 15 महीनों से अधिक समय का अन्तर नहीं होगा।
(2) तुलन-पत्र, आय-व्यय का लेखा, लेखा-परीक्षक का प्रतिवेदन तथा वार्षिक प्रगति सेंटर के वार्षिक अधिवेशन में विचारार्थ रखा जाएगा।
14. नियम/विनियम बनाने की शक्ति ः- शासी निकाय अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के उद्देश्य एवं हेतु को क्रियान्वित रकने के लिए नियम/विनियम बनाएगा।
15. संस्थान के निधि :-
(1) अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेंटर निधि नामक एक निधि स्थापित की जायेगी जो संस्थान में निहित होगी तथा निम्नलिखित उसी में जमा की जायेगी :- (क) राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार द्वारा संस्थान को दिया गया कोई धन ; (ख) सेंटर द्वारा कमरा/ऑडिटोरियम/गैलरी आदि के आवंटन से प्राप्त की गई राशि ; (ग) अनुदान, उपहार, दान, उपकृति, वसीयत या अंतरण के माध्यम से सेंटर के लिए प्राप्त किया गया समस्त धन ;
16 (cid:18)बहार गजट, 2 अ*तूबर 2013(घ) सेंटर के किसी धन से संबंधित किसी लेन-देन से उत्पन्न समस्त लाभ और ब्याज; (ड़) किसी अन्य श्रोत से किसी अन्य रीति से सेंटर द्वारा प्राप्त किया गया समस्त धन। (2) निधि में जमा समस्त धन, राज्य सरकार की सहमति से, उस रीति से, जमा या निवेशित किया जाएगा, जैसा सेंटर निर्णय ले।
(3) इस नियमावली के अधीन सेंटर की शक्तियों के प्रयोग तथा अपने कृत्यों के निर्वहन में उपगत व्यय को पूरा करने में निधि का उपयोजन किया जाएगा।
16. बैंक संचालन ः अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का बैंक खाता भारत के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक, अनुसूचित बैंक अथवा डाकघर में संस्थान के नाम पर रखा जाएगा एवं कार्यपालक समिति के अध्यक्ष, निदेशक अथवा अध्यक्ष द्वारा प्राधिकृत सदस्य में से किन्हीं दो पदधारियों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा। किंतु सेंटर के बैंक खाता के संचालन के लिए सदस्य सचिव का हस्ताक्षर अनिवार्य होगा।
17. लेखा एवं लेखा परीक्षा :-
1. राज्य सरकार द्वारा, इस निमित बनायी गयी किसी नियमावली के अधीन, सेंटर की लेखा की पावती-रसीद एवं व्यय शासी निकाय द्वारा समय-समय पर यथाविहित फार्म में यथा विर्निष्ट रीति से संधारित किया जाएगा।
2. शासी निकाय अपने वार्षिक-लेखा के समापन के यथाशीघ्र पश्चात् सभी लेखा वार्षिक-विवरणी राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, यथाविहित फार्म में तैयार करेगा और उसे महालेखाकार, बिहार के परामर्श से, राज्य सरकार द्वारा यथाविनिश्चित तिथि तक महालेखाकार, बिहार को अग्रसारित करेगा। 3. सेंटर लेखा की लेखा परीक्षा महालेखाकार, बिहार या उनके द्वारा नियुक्त पैनल से विमुक्त अंकेक्षण द्वारा किया जाएगा या शासी निकाय लेखा परीक्षा प्रतिवेदन से उठने वाले विषयों पर उपयुक्त कार्रवाई करेगा।
4. शासी निकाय सेंटर के वार्षिक लेखा, उस पर लेखा परीक्षा प्रतिवेदन के साथ राज्य सरकार को अग्रसारित करेगा।
18. नियमावली का संशोधनः- अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के किसी सामान्य बैठक में, जो सम्यक रूप से इस प्रयोजनार्थ आयोजित की गयी हो, सेंटर के अधिकांश उपस्थित सदस्यों के दो तिहाई मतदान द्वारा, संकल्प द्वारा पारित करके किसी भी समय सेंटर की नियमावली को संशोधन किया जा सकेगा। सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार उपांतरित नियमावली प्रवृत समझी जायेगी।
19. राज्य सरकार का निदेशः- इस नियमावली के किसी नियम/किसी बात के अंतर्विष्ट होते हुए भी राज्य सरकार, समय-समय पर, नीतिगत निदेश निर्गत कर सकेगी, जो सेंटर पर बाध्यकारी होगा।
20. रजिस्ट्रार, निबंधन, बिहार, पटना को सोसाइटी के अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार होगा और उनके परामर्श का अनुपालन सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के उपबंधों के अनुसार किया जायेगा।
21. राज्य सरकार की पूर्व सहमति से ही किसी भी तरह के पदों का सृजन सोसाइटी द्वारा किया जा सकेगा अन्यथा नहीं।
22. विघटन :- अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर अपनी बैठक में सामान्य निकाय के उपस्थित 3/5 सदस्यों के मतदान द्वारा समिति को विघटित किया जा सकेगा।
(क) सेंटर के विघटन के पूर्व राज्य सरकार की सहमति अवश्य प्राप्त की जायेगी। (ख) विघटन के पश्चात, यदि सभी ऋणों, दायित्वों को चुकाने के बाद, कोई चल या अचल संपाि शेष रह जाती है, तो इस प्रकार अवशिष्ट सम्पति का भुगतान या संवितरण सोसाइटी के सदस्यों के बीच नहीं किया जायेगा। सरकार के निर्णय के अनुरूप समिति या विभाग को अवशिष्ट सम्पति दे दी जायेगी।
सदस्य सदस्य सचिव अध्यक्ष
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