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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 24 October 2013

Published 24 October 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-10-24.824
Languages
English, Hindi

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-------- संकल्प 24 अक्तूबर 2013 विषयः—देषी शराब का पेट बोतलों में निर्माण एवं बोतलबन्दी कर B.S.B.C.L. में थोक आपूत्र्ति करने संबंधी नीति। 1. राज्य में देशी शराब का विनिर्माण कर PET (Polyethylene terephthalate) बोतलों में वितरण बिहार राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन के माध्यम से अनन्य विशेषाधिकार (Exclusive Privilege) प्राप्त निबंधित कम्पनियों अथवा निबंधित पार्टनरशीप फर्मो अथवा निजी व्यक्तियों के माध्यम से किया जायेगा। उल्लेखित एजेन्सियों का चयन निविदा प्रकाशित कर किया जायेगा। निविदा की सामान्य अर्हताओं एवं मांगे जाने वाले कागजातों/अभिलेखों का निर्धारण विभाग द्वारा किया जायेगा।

2. निविदा की प्रमुख शर्ते निम्नवत होगी :-

(i) निविदा में भाग लेने की पात्रता इच्छुक व्यक्ति/पार्टनरशिप फर्म/कम्पनी/आसवनगृह जिन्हें राज्य या राज्य के बाहर देशी शराब/देशी मसालेदार शराब के निर्माण एवं आपूर्ति करने का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव हो तथा कार्यकलाप (आपूर्ति) संतोषप्रद हो। बिहार राज्य में अवस्थित आसवनगृह के मामले में अनुभव की अनिवार्यता नहीं रहेगी। अन्य राज्यों के आसवनगृहों को यह छूट नहीं होगी। निविदा में मात्र कार्यरत आसवनगृह ही भाग ले सकेंगे एवं उन्हें कार्यरत होने का साक्ष्य देना होगा। राज्य के बाहर के निविदादाताओं को न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव होने के लिए अनुज्ञप्ति की प्रति साक्ष्य के रूप में देनी होगी।

(ii) उपर्युक्त तीन वर्षो की अनुभव अवधि में निविदादाता का प्रतिवर्ष 05 (पांच) करोड़ रूपये का टर्नओभर (Turnover) हो।

(iii) बोटलिंग प्लांट के संभावित निवेश में, कम से कम 30 प्रतिशत Margin Money निविदादाता का होगा।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 24 अ+तूबर 2013 (iv) देशी शराब के विनिर्माणशाला के संचालन हेतु पांच वर्षो की अवधि के लिए वार्षिक नवीकरण की शर्तो के अधीन अनुज्ञप्ति दी जायगी ताकि विनिर्माता लंबी अवधि के परिपे्रक्ष्य में नई तकनीक का प्रयोग कर, उच्च गुणवाा की मदिरा निर्माण हेतु पूंजी निवेश कर सकें।

(v) सम्पूर्ण राज्य की आवश्यकता के परिपे्रक्ष्य में राज्य में 17 (सतरह) प्रक्षेत्रों का गठन कर प्रत्येक में पूर्णतः स्वचालित प्लान्टयुक्त विनिर्माणशाला की स्थापना की जायेगी तथा उन स्थानों के चयन उन प्रक्षेत्रों में खपत की क्षमता एवं परिवहन की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए किये जायेंगे।

3. निविदा प्रक्रिया के लिए निम्नांकित अर्हताए/षर्त्त होगी :-

(i) निविदा निर्गत करने के पूर्व अध्यक्ष-सह-सदस्य, राजस्व पर्षद्‌ की अध्यक्षता में गठित प्राधिकृत समिति द्वारा 200 मि0ली0 एवं 400 मि0ली0 पेेट बोतल के लिए एक बेस रेट तय की जायेगी। बेस रेट तय करते समय रेक्टिफाइड स्प्रिट का मूल्य, परिवहन लागत एवं अन्य खर्चों को ध्यान में रखा जायेगा। यह बेस रेट बी0एस0बी0सी0एल0 के गोदाम में पहुँचा कर (सभी प्रकार के लागत सहित) होगा परन्तु VAT आदि का मूल्यांकन इसके बाद किया जायेगा।

(ii) निविदादाताओं द्वारा इस बेस रेट को ध्यान में रखते हुए अपनी निविदा दी जायेगी। (iii) न्यूनतम निविदादाता (L I) को सर्वप्रथम उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता का आपूर्त्ति प्रक्षेत्र आवंटित किया जायेगा।

(iv) विभाग द्वारा तय बेस रेट एवं निविदादाता द्वारा दी गयी दर की अंतरराशि के आधार पर पूरे वर्ष के MGQ के आधार पर राशि की गणना की जायेगी तथा यह राशि 3-3 माह की बराबर किस्तों में निविदादाता को अग्रिम राज्य सरकार को देनी होगी। इसमें से पहली किस्त निविदा का अंतिमीकरण होने की तिथि से सात दिनों के अंदर जमा करनी होगी तथा इसके पश्चात्‌ प्रत्येक 3 माह की किस्त 15 जून, 15 सितम्बर, 15 दिसंबर तथा 15 मार्च तक जमा करवानी होगी। समय पर किस्त जमा न करने पर privilege रद्‌द कर दी जायेगी।

(v) न्यूनतम निविदादाता के बाद देशी निविदादाताओं केा उनके द्वारा दी गयी दर की अधिमानता के क्रम में प्रक्षेत्रों का आवंटन किया जायेगा तथा प्रत्येक निविदादाताओं को इसके द्वारा निविदा दर एवं वेस रेट की अन्तर राशि को पूर्व कंडिका में दिये गये प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार के खाता में जमा कराना होगा। किसी भी निविदादाता को एक से अधिक प्रक्षेत्रों का आवंटन प्रथम चरण में नहीं किया जायेगा।

(vi) यह प्रक्रिया तबतक की जायेगी जबतक सभी प्रक्षेत्रों को आवंटन नहीं हो जाये अथवा सभी योग्य निविदादाताओं अच्छादित न हो जाय, जो भी पहले हो।

(vii) निविदादाता को सम्पूर्ण राज्य के लिए मात्र 200 मि.ली. एवं 400 मि0ली0 पैक साइज में अलग-अलग आपूत्र्ति की दर का उल्लेख करना होगा, न कि किसी प्रक्षेत्र विशेष के लिए। निविदादाता को किसी भी प्रक्षेत्र में अनन्य विशेषाधिकार प्राप्त करने एवं उसमें कार्य करने के लिए सहमति दिखाते हुए आवेदन करना होगा तथा प्रक्षेत्रों को आवंटन हेतु अपनी प्राथमिकता के आधार पर क्रमबद्ध कर उसके साथ आवेदन करना होगा।

(viii) प्रक्षेत्रों का आवंटनः-प्रक्षेत्रों का आवंटन न्यूनतम दर देने वाले निविदाताओं को उनके द्वारा दी गई प्राथमिकता के आधार पर किया जायगा। निम्नलिखित उदाहरण प्रक्षेत्र के आवंटन की प्रक्रिया निदर्शित करता है :-

(a) अधिमानता क्रमांक-1 (L1) के निविदादाता को उसके द्वारा दिये गये सर्वोच्च प्राथमिकता का वह प्रक्षेत्र आवंटित किया जायगा।

(b) तत्पश्चात्‌ अधिमानता क्रमांक-2 (L2) के निविदादाता को उसके द्वारा दिया गया सर्वोच्च प्राथमिकता का वह प्रक्षेत्र आवंटित किया जायगा जो पूर्व में आवंटित नहीं है। यदि अधिमानता क्रमांक-1 एवं 2 के निविदादाता के उच्च प्राथमिकता वाले प्रक्षेत्र एक ही हों तब क्रम-2 के निविदादाता को उसके दूसरी उच्च प्राथमिकता वाले प्र्रक्षेत्र को आवंटित किया जायगा।

(c) सभी बोली लगानेवालों के लिए उपर्युक्त प्रक्रिया दुहरायी जायगी जबतक सभी प्रक्षेत्र आवंटित न हो जाय अथवा सभी योग्य बोली लगाने वालों से आच्छादित न हो जाय, जो भी पहले हो।

4. प्रत्येक जिला एवं प्रक्षेत्र का न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा का निर्धारण प्रतिवर्ष पिछले वर्ष की खपत के आधार पर किया जायगा। पिछले वर्ष की खपत में वृद्धि करते हुए अगले वर्ष का न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा निर्धारित की जायेगी। वृद्धि का निर्धारण विभाग द्वारा किया जायेगा।

5. किसी भी समय अनुज्ञप्ति प्रदान करने की शर्तो के उल्लंघन के चलते संविदा रद्द कर दी जायगी और इस दशा में उस प्रक्षेत्र हेतु पुनर्निविदा सम्पन्न की जाएगी।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 24 अ+तूबर 2013 6. उत्पाद अधिनियम की धारा-22/22डी. के अधीन अनन्य विशेषाधिकार प्रदान करते समय एक वर्ष के लिए राज्य सरकार/राजस्व पर्षद, बिहार द्वारा यथा निर्णित प्रत्येक विनिर्माणशाला के लिए लागू अनुज्ञप्ति शुल्क/कर का भुगतान, विभाग द्वारा विहित रीति से, अनुज्ञप्ति धारक द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक पश्चात्‌ वर्षो में विभाग द्वारा विहित रीति से नवीकरण फीस के रूप में उसका भुगतान किया जाएगा।

7. उत्पाद विभाग विनिर्माणशाला के सभी कार्यो के साथ-साथ प्रबंधन पर कड़ा पर्यवेक्षण का प्रयोग करेगा। सामान्य प्रशासन नियंत्रण के प्रयोजनार्थ प्रत्येक विनिर्माणशाला में उत्पाद अधीक्षक, उत्पाद निरीक्षक, अवर निरीक्षक, उत्पाद लिपिक और उत्पाद सिपाही होंगे जिनका पदस्थापन विभाग/आयुक्त उत्पाद किया जाएगा।

उत्पाद पदाधिकारियों के पदस्थापन एवं प्रतिनियुक्ति और प्रत्येक शराब भंडागार के बोटलिंग प्लान्ट में उनकी संख्या के संबंध में विभाग/उत्पाद आयुक्त का विनिश्चय अन्तिम और विनिर्माता पर बाध्यकारी होगा।

अनुज्ञप्तिधारक विनिर्माणशाला के परिसर में प्रभारी अधिकारी एवं अन्य स्थापना के लिए सुयोग्य भवन भी उपलब्ध करायेंगे। विनिर्माणशाला के भीतर अधिकार के उपयोग के लिए यथापेक्षित कार्यालय, फर्नीचर साज-सज्जा एवं स्टेशनरी की आपूर्ति भी वे करेंगे।

8. निम्नलिखित सदस्यों को मिलाकर अध्यक्ष-सह-सदस्य, राजस्व पर्षद की अध्यक्षता के अधीन एक प्राधिकृत समिति होगी :-

i. प्रधान सचिव अथवा सचिव, विा विभाग। ii. प्रधान सचिव या सचिव, वाणिज्य-कर विभाग। iii. प्रधान सचिव या सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग। iv. उत्पाद आयुक्त - सदस्य सचिव।

9. प्राधिकृत समिति के कृत्य निम्नवत होगें :-

(क) निविदा निर्गत करने के पूर्व अध्यक्ष-सह-सदस्य, राजस्व पर्षद्‌ की अध्यक्षता में गठित प्राधिकार समिति द्वारा 200 मि0ली0 एवं 400 मि0ली0 पैक साइज के लिए एक बेस रेट तय की जायेगी। बेस रेट तय करते समय रेक्टिफाइड स्प्रिट का मूल्य, परिवहन लागत एवं अन्य खर्चों को ध्यान में रखा जायेगा। यह बेस रेट बी0एस0बी0सी0एल0 के गोदाम में पहुॅंचा कर (सभी प्रकार के लागत सहित) होगा परन्तु VAT आदि का मूल्यांकन इसके बाद किया जायेगा।

(ख) अनुमोदित थोक मूल्य का पुनर्विलोकन निविदा के चौथा वर्ष आरम्भ होने पर प्राधिकृत समिति द्वारा किया जा सकेगा। प्राधिकृत समिति कच्चे मालों की कीमत, पैकेजिंग, परिवहन, करों और अन्य बातोें में श्रम-खर्च सहित विनिर्माण के खर्च में वृद्धि/कमी का ध्यान रखेगी तथा विनिर्माताओं के मूल्य संबंधित संशोधन पर सम्यक र्वााा के बाद प्राधिकार समिति, यदि आवश्यक समझे तो थोक मूल्य को पुनरीक्षित कर सकेगी।

(ग) निविदा प्रदान करने के पहले तीन वर्षो के दौरान कोई मूल्य पुनरीक्षण स्वीकार्य नहीं होगा। (d) देशी शराब का निर्माण संशोधित सुषव ग्रेड-1 से किया जायेगा तथा उनकी पेंकिंग 200 एम.एल. एवं 400 एम.एल. के PET बोतलों में की जाये, जिसपर Pilferage Proof (PP) Cap तथा Cap पर Shrink wrapper एवं Hologram लगाया जायगा ताकि Imitation की सम्भावना नहीं रहे। होलोग्राम की आपूर्ति हेतु विभाग के द्वारा अलग से निविदा निकालकर व्यवस्था की जाएगी। विभाग के द्वारा निर्धारित दर एवं डिजायन के अनुरूप पर होलोग्राम की आपूर्ति लेने पर हुए व्यय का वहन बोतलबंद देशी शराब के विनिर्माता के द्वारा किया जाएगा जिसके लिए आपूर्ति हेतु निर्धारित दर में होलोग्राम का मूल्य जोड़कर अलग से मूल्य निर्धारण विभाग के द्वारा बाद में किया जाएगा। (e) इस नीति के अंतर्गत निर्माण एवं वितरण का कार्य दिनांक 01.04.2014 से प्रारंभ किया जायेगा परंतु इसके लिये निविदा आदि की प्रक्रिया इसके पूर्व की जा सकेगी।

आदेषः—आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प का प्रकाषन सर्वसाधारण की जानकारी हेतु बिहार गजट के असाधारण अंक में किया जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, संदीप पौण्डरीक, सरकार के सचिव।

————— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 824-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 24 October 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-10-24.824/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-10-24.824.