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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 10 December 2013

Published 10 December 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-12-10.889
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

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सं0 5 सह॰फ॰बी॰-62/2012-5714—भारत सरकार कृषि मंत्रालय कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के पत्रांक 13011/01/2008 क्रेडिट II दिनांक 07.03.12 तथा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अनुश्रवण हेतु विकास आयुक्त, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की दिनांक 15.10.12 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय एवं बीमा कंपनियों से प्राप्त टर्मषीट के आलोक में कृषि निदेषालय, बिहार, पटना द्वारा उपलब्ध कराए गए टर्मषीट से बीमा कंपनियों के इंकार करने के उपरान्त कृषि निदेषालय, बिहार, पटना के मौसम मानको को यथावत रखते हुए विभाग द्वारा कृषि निदेषालय के पदाधिकारी, विभागीय पदाधिकारी एवं बीमा कंपनियों से हुए विमर्ष के आलोक मे तैयार किये गये नये टर्मषीट के अनुसार राज्य सरकार ने पायलट मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत्‌ गेहूँ, चना, मसूर, रबी-मक्का, अरहर, राई एवं सरसों, आलू, प्याज, बैंगन, टमाटर, एवं आम फसल को राज्य के 38 जिलाें में तथा लीची फसल को 17 जिलों एवं केला फसल को 22 जिलों में निम्न रूप से रबी 2012-13 मौसम में लागू करने का निर्णय लिया है -

क्र॰सं॰ बीमा कंपनी का नाम बीमा हेतु आवंटित जिलों की संख्या
1 2 3
1 एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि॰ जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, किषनगंज, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, एवं सीतामढ़ी = 13 जिले।
2 एच॰डी॰एफ॰सी॰ इरगो अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बाँका, बेगुसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया एवं गोपालगंज = 11 जिले।
3 आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ (लॉम्बार्ड) रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण,षेखपुरा, षिवहर, सीवान, सुपौल, वैषाली एवं पष्चिम चम्पारण = 10 जिले।
4 इफको टोकियो पटना, नालन्दा, नवादा एवं पूर्णियाँ = 4 जिले।
2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 *दस,बर 2013

उपर्युक्त सूची के अनुसार बीमा हेतु चयनित फसलों के लिए रबी 2012-13 मौसम में बीमा कार्य सुनिष्चित करने हेतु कार्यान्वयन एजेन्सी के रूप में कंडिका-1 के क्रमांक-2 में अंकित बीमा कंपनियों को उक्त क्रमांक-3 में अंकित जिलों में ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों के बीमा हेतु प्राधिकृत किया जाता है।

2. इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्ग निर्देशिका में निदेषित विहित शर्तों के तहत किया जाएगा। भारत सरकार के एतद्‌ सम्बंधी पत्र एवं विभिन्न बीमा एजेंसियों से प्राप्त पत्रों के आलोक में इस योजना की कुछ प्रमुख शर्त्तें उल्लेखनीय हैंः-

क्र॰ फसल का नाम प्रति हेक्टेयर बीमित राषि प्रीमियम की कुल दर कृषकों के लए अनुमान्य प्रीमियम दर
1. गेहूँ 25,000.00 8.00ः 1.50ः
2. चना, मसूर, रबी-मक्का, अरहर, राई-सरसों 20,000.00 7.20ः 2.00ः
3. आलू 40,000.00 11.20ः 5.60ः
4. प्याज 40,000.00 11.20ः 5.60ः
5. बैंगन 30,000.00 11.20ः 5.60ः
6. टमाटर 30,000.00 11.20ः 5.60ः
7 केला 80,000.00 11.20ः 5.60ः
8 आम (क) 5 से 15 वर्ष का पेड़ (ख) 15 वर्ष से ऊपर का पेड़ 300.00 प्रति पेड़ 500.00 प्रति पेड़ 11.20ः 11.20ः 5.60ः 5.60ः
9 लीची (क) 5 से 10 वर्ष का पेड़ (ख) 10 से 30 वर्ष का पेड़ (ग) 30 वर्ष से ऊपर का पेड 300.00 प्रति पेड़ 500.00 प्रति पेड़ 400.00 प्रति पेड़ 11.20ः 11.20ः 11.20ः 5.60ः 5.60ः 5.60ः

लीची फसल के बीमा हेतु राज्य के 17 जिलों यथा-वैषाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, पष्चिमी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा, सारण, सिवान, गोपालगंज, भागलपुर, खगड़िया, पूर्णिया, अररिया, मधेपुरा, सुपौल एवं सहरसा जिले तथा केला फसल के बीमा हेतु राज्य के 22 जिलों यथा - पटना, पूर्वी चम्पारण, पष्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, वैषाली, भागलपुर, बाँका, खगड़िया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगुसराय, पूर्णियाँ, किषनगंज, कटिहार, सहरसा, सारण, सीवान, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधेपुरा एवं सुपौल जिले अधिसूचित किये जाते है। कंडिका-1 के क्रमांक-2 में अंकित बीमा कंपनियाँ अपने आवंटित जिलो में बीमा एजेन्सी के रूप में कार्य करेंगी।

(ii) कुल देय प्रीमियम की राषि में कृषकों द्वारा भुगतान की गई प्रीमियम की राषि के पश्चात्‌ अवषेष प्रीमियम की राषि अनुदान के रूप में 50ः50 के अनुपात में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

(iii) बीमित राशि एवं मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति की राशि की गणना पूर्णतः कंडिका-1 के कॉलम-2में अंकित बीमा कंपनियों द्वारा जिलावार/प्रखंडवार/ग्रामवार/किसानवार किया जाएगा।

(iv) इस योजना के कार्यान्वयन के फलस्वरूप योजना के लिए चयनित जिलों/अंचलों में उक्त फसलों हेतु ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों के लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना/मोडिफायड राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का कार्यान्वयन स्थगित रहेगा ।

(v) ऋणी कृषकों हेतु यह योजना अनिवार्य है, जबकि गैर ऋणी कृषकों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। इस योजना के तहत ऋणी कृषक से आशय उन कृषकों से है जिनका बैंकों द्वारा साख सीमा 31 जनवरी 2013 तक स्वीकृत कर दिया जाता है।

(vi) केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं से अल्प कालीन कृषि ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों का बीमा बैंक अनिवार्य रूप से करेंगे। बीमा की अवधि दिनांक 31.01. 2013 तक निर्धारित की जाती है। एतद संबंधी घोषणा पत्र, प्रीमियम की राशि के साथ बैंकों द्वारा बीमा एजेंसी को 01.03.13 तक निश्चित रूप से प्राप्त करा दिया जायेगा।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 *दस,बर 2013 (vii) गैर ऋणी कृषक दिनांक 31.12.12 तक बीमा हेतु चयनित फसलों का बीमा निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगे। एतद संबंधी घोषणा पत्र दिनांक 15.01.2013 तक प्रीमियम की राशि के साथ निश्चित रूप से संबंधित बैंक बीमा कम्पनी को उपलब्ध करायेंगे। इसके अतिरिक्त इंष्योरेंस इंटरमिडियरिज एवं बीमा कंपनी द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि भी गैर ऋणी कृषकों का बीमा निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत्‌ कर सकेंगे। योजना के तहत्‌ पैक्स कृषकों का बीमा नहीं करेंगे।

(viii) बीमित फसलों के लिए तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वर्षा, आद्रता आदि के लिए जोखिम अवधि के निमित्त एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार टर्मषीट संलग्न है।

इस योजना के तहत तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वर्षा एवं पाला आदि कारणों से बीमित फसलों की क्षति होने पर कृषकों को क्षतिपूर्ति भुगतान करने का प्रावधान है। इसके लिए जोखिम, जोखिम की अवधि, देय क्षतिपूर्ति की गणना एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार संलग्न टर्मषीट के आधार पर बीमा कंपनियों द्वारा किया जाएगा।

(ix) बैंकों द्वारा कुल जमा की गयी प्रीमियम की राशि का 5% बैंक सेवा शुल्क के रूप में सम्बंधित बैंकों को बीमा एजेंसी द्वारा भुगतान किया जायेगा।

3. इस योजना का कार्यान्वयन कंडिका-1 के क्रमांक-2 में अंकित बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जायेगा। साथ ही योजना के कार्यान्वयन के संबंध में बीमा कम्पनियाँ समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से स्पष्टीकरण निर्गत कर सकेंगी।

4. बीमा एजेंसियाँ प्रत्येक दिन का न्यूनतम-अधिकतम तापमान, R.H (Relative Humidity) एवं Rain Fall का आंकड़ा E-mail के माध्यम से कृषि निदेषालय, बिहार, पटना, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना तथा सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को उपलब्ध करायेंगी। बीमा कंपनियाँ Weather Station की परिधि को 15 कि॰मी॰ के दायरें में रखेंगी। साथ ही मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे Website से हासिल करने के लिए user I.D. एवं passward भी विभाग को उपलब्ध करायेगी।

5. सभी बीमा कंपनियाँ प्रीमियम अनुदान की राषि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि.(A.I.C.) के माध्यम से प्राप्त करेंगी।

6. बीमा कंपनियाँ अपने प्रतिवेदन में जिलावार कुल बीमित कृषकों की संख्या, बीमित राषि, कुल प्रीमियम की राषि, राज्यांष एवं केन्द्रांष की प्रीमियम राषि, कुल भुगतान की गई राषि, भुगतान की गई राषि का प्रीमियम राषि के आलोक में प्रतिषत, लघु एवं सीमांत कृषकों की संख्या के साथ कृषकों का नाम एवं पता इत्यादि सूचनाएँ समय-समय पर विभाग को उपलब्ध कराना सुनिष्चित करेंगी।

7. इस योजना में प्रीमियम अनुदान के रूप में राज्य सरकार केे हिस्से के भुगतान हेतु स्वीकृत्यादेश अलग से निर्गत किया जायेगा।

8. सभी बैंकों को कृषकों की सूची सम्बन्धित बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराना होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मधुरानी ठाकुर, सरकार के उप-सचिव।

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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु*ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 889-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 10 December 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-12-10.889/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-12-10.889.