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सं0 5/सह॰फ॰बी॰-29/2012-3132—भारत सरकार कृषि मंत्रालय कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के पत्रांक 13011/01/2008 क्रेडिट II दिनांक 07॰03॰2012 से प्राप्त प्रषासनिक स्वीकृति तथा इस क्रम में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अनुश्रवण हेतु विकास आयुक्त, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की दिनांक 10॰07॰2012 को आयोजित बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में मौसम आधारित फसल बीमा योजना (WBCIS) खरीफ 2012 मौसम में राज्य के 31 (इकतीस) जिलों में बीमा हेतु निम्न रूपेण लागू किया जाता है :-
(क) बीमित फसल - अगहनी धान एवं भदई मकई।
(ख) बीमा कार्य हेतु चयनित बीमा कंपनियाँ एवं उन्हें आवंटित जिलों का विवरण -
| क्रम | बीमा कंपनी का नाम | बीमा हेतु आवंटित जिलों का नाम | क्षेत्र |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | एच॰डी॰एफ॰सी॰ इरगो | अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बाँका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गया एवं गोपालगंज = 10 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 2 | एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि॰ | जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, किषनगंज, लखीसराय, मधेपुरा एवं मु गेर = 8 जिले। ं | सम्पूर्ण जिला। |
| 3 | इफ्को-टोकियो (जी॰आई॰सी॰) | नालंदा, नवादा, पटना एवं पूर्णिया = 4 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 4 | आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड | रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सिवान, सुपौल, वैषाली एवं पष्चिमी चम्पारण = 9 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 *दस,बर 2013 नोट :- सभी बीमा कंपनियाँ राज्य सरकार द्वारा निर्धारित Term Sheet/Trigger के अनुसार कृषकों की फसलों का बीमा सुनिष्चित करेंगी।
2. इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्ग निर्देशिका में अंकित विहित शर्तों के तहत किया जाएगा। उक्त योजना की निम्नांकित मुख्य शर्तें उल्लेखनीय है -
(i) अगहनी धान तथा भदई मक्का दोनों फसलों हेतु बीमित राषि 22,500.00 (बाईस हजार पाँच सौ) रुपये प्रति हेक्टेयर होगी।
(ii) इस योजना के लिए चयनित दोनों फसलों हेतु प्रीमियम की दर बीमित राषि की 10.00% होगी। (iii) उक्त प्रीमियम दर में 2॰5% प्रीमियम की राशि संबंधित कृषक द्वारा वहन किया जाएगा, तथा प्रीमियम की अवशेष राशि अनुदान के रूप में 50ः50 के अनुपात में क्रमषः केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
(iv) बीमित राशि एवं मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि की गणना एवं भुगतान के पूर्व क्षेत्रीय पदाधिकारियों यथा संबंधित जिला के जिला सहकारिता पदाधिकारी/प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं सहायक निबंधक, स॰स॰ के जाँच प्रतिवेदन के पश्चात् भुगतान आदि की प्रक्रिया बीमा कंपनियाँ राज्य सरकार से सहमति प्राप्त कर करेंगी।
(v) इस योजना के कार्यान्वयन के फलस्वरूप योजना के लिए चयनित जिलों में ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों के लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का कार्यान्वयन स्थगित रहेगा, किन्तु फसल कटनी प्रयोग यथावत किया जायेगा।
(vi) ऋणी कृषकों हेतु यह योजना अनिवार्य है जबकि गैर ऋणी कृषकों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। इस योजना के तहत ऋणी कृषक से आशय उन कृषकों से है जिनका बैंकों द्वारा साख सीमा 31 जुलाई 2012 तक स्वीकृत कर दिया जाता है। उक्त कृषकों का बीमा बैंकों को कंडिका-(VII) में दिये गये समय के अनुसार अनिवार्य रूप से करना है।
(vii) ऋणी एवं गैर ऋणी कृषक अपनी फसलों का बीमा 31॰07॰2012 तक निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगे। एतद संबंधी घोषणा पत्र प्रीमियम की राशि के साथ बैंकों द्वारा बीमा कम्पनियों को 31॰08॰2012 तक निश्चित रूप से प्राप्त करा दी जाएगी ।
(viii) बीमा कंपनियों के अतिरिक्त इंष्योरेन्स इंटरमीडियरिज एवं बीमा कंपनी द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधि भी गैर ऋणी कृषकों का बीमा निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत कर सकेंगे। योजना के तहत् पैक्स कृषकों का बीमा नहीं करेंगें।
(IX) बीमित फसलों के लिए जोखिम निम्न प्रकार होगी :-
(क) अनावृष्टि (ख) अतिवृष्टि (ग) असामान्य वर्षापात
इस योजना के तहत उपर्युक्त कारणों से बीमित फसलों की क्षति होने पर कृषकों को क्षतिपूर्ति भुगतान करने का प्रावधान है। इसके लिए जोखिम, जोखिम की अवधि, देय क्षतिपूर्ति की गणना आदि की जानकारी बीमा कंपनियों द्वारा दिया जाएगा। 3
(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 *दस,बर 2013
(x) बैंकों द्वारा कुल जमा की गयी प्रीमियम की राशि का 5% बैंक सेवा शुल्क के रूप में सम्बंधित बैंकों को बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान किया जायेगा।
3. गैर ऋणी कृषकों की फसलों का बीमा करने से पूर्व बैंकों/जिला सहकारिता पदाधिकारी/सहायक निबंधक, स॰स॰ को निम्नांकित बातों का अनुपालन आवष्यक होगा :-
(क) कृषक का प्रस्ताव पत्र पूर्णतः भरा गया हो।
(ख) कृषक का बचत खाता बैंक में संधारित हो।
(ग) किसान के प्रस्ताव पत्र के साथ अंचल कार्यालय से निर्गत भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित छायाप्रति (राजपत्रित पदाधिकारी से) संलग्न की गई है। एतद् संबंधी प्रमाण पत्र यदि परिवार के मुखिया के नाम से निर्गत है तो उसमें बीमित कृषक का हिस्सा स्पष्ट किया गया हो।
4. इस योजना का कार्यान्वयन क्रमांक 1 में चयनित बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जा सकेगा, साथ ही योजना के कार्यान्वयन के संबंध में बीमा कंपनियाँ समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से स्पष्टीकरण निर्गत कर सकेंगी।
5. बीमा कंपनी प्रत्येक दिन का वर्षापात आदि के आंकडे अपने वेबसाईट पर उपलब्ध करायेंगी तथा इसका प्रचार-प्रसार भी बीमा कंपनियाँ जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहायक निबंधक, स॰स॰ एवं विभाग को संज्ञान में, लाते हुए करेंगी। प्रत्येक दिन का वर्षापात आदि के आँकड़े बीमा कंपनियाँ ई-मेल के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी, कृषि विभाग, बिहार, पटना एवं सहकारिता विभाग को साप्ताहिक उपलब्ध करायेंगी तथा Weather Station 15 कि॰मी॰ के रेडियस में स्थापित करना सुनिष्चित करेंगी।
6. योजना के तहत् वित्तीय भार के मामले में राज्य सरकार का दायित्व मात्र प्रीमियम अनुदान की आधी राषि तक सीमित है। सम्पूर्ण क्षतिपूर्त की राषि बीमा कंपनियों को वहन करना है।
7. इस योजना में प्रीमियम अनुदान के रूप में राज्य सरकार केे हिस्से के भुगतान हेतु स्वीकृत्यादेश अलग से निर्गत किया जायेगा ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामाश्रय कुमार, सरकार के संयुक्त सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु*ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 895-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in