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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 23 December 2013

Published 23 December 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-12-23.922
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 2 2 2 2 पौषपौषपौषपौष 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 922922922922) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 23232323 +दस+दस+दस+दस-ब-ब-ब-बरररर 2013201320132013 सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग ---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 29 अक्तूबर 201329 अक्तूबर 201329 अक्तूबर 201329 अक्तूबर 2013

सं0 5 सह॰फ॰बी॰-165/2013-4475—भारत सरकार कृषि मंत्रालय कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के पत्रांक 13011/01/2008 क्रेडिट II दिनांक 07.02.13 तथा मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अनुश्रवण एवं कार्यान्वयन हेतु विकास आयुक्त, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की दिनांक 03.10. 13 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में राज्य सरकार ने पायलट मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत्‌ गेहूँ, चना, मसूर, रबी-मक्का, अरहर, राई एवं सरसों, आलू, प्याज, बैंगन, टमाटर, एवं आम फसल को राज्य के 38 जिलाें में तथा लीची फसल को 17 जिलों एवं केला फसल को 22 जिलों में निम्न रूप से रबी 2013-14 मौसम में लागू करने का निर्णय लिया है -

क्रमक्रमक्रमक्रम बीमा कंपनी का नाम बीमा हेतु आवंटित जिलों का नाम क्षेत्रक्षेत्रक्षेत्रक्षेत्र
1 2 3 4
1 एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि॰ सुपौल, सारण, मुंगेर, लखीसराय, कैमूर (भभुआ), जहानाबाद, जमुई, गया, बेगूसराय, नवादा, किषनगंज, मुजफ्फरपुर एवं मधुबनी =13 जिले। सम्पूर्ण जिला।
2 इफ्को-टोकियो (जी॰आई॰सी॰) पटना, नालन्दा, पूर्णियांँ, बक्सर, अरवल एवं शेखपुरा =6 जिले। सम्पूर्ण जिला।
3 एच॰डी॰एफ॰सी॰ इरगो गोपालगंज,सीवान,भोजपुर एवं दरभंगा = 4 जिले। सम्पूर्ण जिला।
4 आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड समस्तीपुर, रोहतास,औरंगाबाद एवं खगड़िया = 4 जिले। सम्पूर्ण जिला।
5. चोला मंडलम्‌ अररिया, कटिहार, प॰चम्पारण, पूर्वी चम्पारण एवं सीतामढ़ी = 5 जिले। सम्पूर्ण जिला।
6. टाटा, ए॰आई॰जी॰ सहरसा एवं मधेपुरा = 2 जिले। सम्पूर्ण जिला।
7. फ्युचर जेनरली इंडिया इंष्योरेंस कंपनी लि॰ भागलपुर एवं बाँका = 2 जिले। सम्पूर्ण जिला।
8. रिलायन्स जी॰आई॰सी॰ लि॰ वैषाली एवं षिवहर = 2 जिले। सम्पूर्ण जिला।
2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013

उपर्युक्त सूची के अनुसार बीमा हेतु चयनित फसलों के लिए रबी 2013-14 मौसम में बीमा कार्य सुनिष्चित करने हेतु कार्यान्वयन एजेन्सी के रूप में कंडिका-1 के क्रमांक-2 में अंकित बीमा कंपनियों को उक्त क्रमांक-3 में अंकित जिलों में ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों के बीमा हेतु प्राधिकृत किया जाता है।

2. इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्ग निर्देशिका में निदेषित विहित शर्तों तथा राज्य सरकार के निदेषों के तहत किया जाएगा। भारत सरकार के एतद्‌ सम्बंधी पत्र एवं विभिन्न बीमा एजेंसियों से प्राप्त पत्रों के आलोक में इस योजना की कुछ प्रमुख शर्त्तें उल्लेखनीय हैंः-

(i) बीमित फसल, बीमित राषि प्रीमियम की कुल दर एवं कृषकों के लिए अनुमान्य प्रीमियम दर :-

क्र क्र क्र क्रम ॰म॰म॰म॰ फसल का नाम प्रति हेक्टेयर बीमित प्रति हेक्टेयर बीमित राषि प्रीमियम की कुल प्रीमियम की कुल प्रीमियम की कुल प्रीमियम की कुल दरदरदरदर कृषकों के लिए अनुमान्य कृषकों के लिए अनुमान्य प्रीमियम दर
1. गेहूँ 25,000.00 8.00ः 1.50ः
2. चना, मसूर, रबी-मक्का, अरहर, राई-सरसों 20,000.00 7.20ः 2.00ः
3. आलू 40,000.00 11.20ः 5.60ः
4. प्याज 40,000.00 11.20ः 5.60ः
5. बैंगन 30,000.00 11.20ः 5.60ः
6. टमाटर 30,000.00 11.20ः 5.60ः
7 केला 80,000.00 11.20ः 5.60ः
8 आम (क) 5 से 15 वर्ष का पेड़ (ख) 15 वर्ष से ऊपर का पेड़ 300.00 प्रति पेड़ 500.00 प्रति पेड़ 11.20ः 11.20ः 5.60ः 5.60ः
9 लीची (क) 5 से 10 वर्ष का पेड़ (ख) 10 से 30 वर्ष का पेड़ (ग) 30 वर्ष से ऊपर का पेड़ 300.00 प्रति पेड़ 500.00 प्रति पेड़ 400.00 प्रति पेड़ 11.20ः 11.20ः 11.20ः 5.60ः 5.60ः 5.60ः

लीची फसल के बीमा हेतु राज्य के 17 जिलों यथा-वैषाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, पष्चिमी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा, सारण, सिवान, गोपालगंज, भागलपुर, खगड़िया, पूर्णिया, अररिया, मधेपुरा, सुपौल एवं सहरसा जिले तथा केला फसल के बीमा हेतु राज्य के 22 जिलों यथा - पटना, पूर्वी चम्पारण, पष्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, वैषाली, भागलपुर, बाँका, खगड़िया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगुसराय, पूर्णियाँ, किषनगंज, कटिहार, सहरसा, सारण, सीवान, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधेपुरा एवं सुपौल जिले अधिसूचित किये जाते है। कंडिका-1 के क्रमांक-2 में अंकित बीमा कंपनियाँ अपने आवंटित जिलो में बीमा एजेन्सी के रूप में कार्य करेंगी।

(ii) कुल देय प्रीमियम की राषि में कृषकों द्वारा भुगतान की गई प्रीमियम की राषि के पश्चात्‌ अवषेष प्रीमियम की राषि अनुदान के रूप में 50ः50 के अनुपात में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। (iii) बीमित राशि एवं मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति की राशि की गणना पूर्णतः कंडिका-1 के कॉलम-2 में अंकित बीमा कंपनियों द्वारा जिलावार/प्रखंडवार/ग्रामवार/किसानवार किया जाएगा।

(iv) इस योजना के कार्यान्वयन के फलस्वरूप योजना के लिए चयनित जिलों/अंचलों में उक्त फसलों हेतु ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों के लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना/मोडिफायड राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का कार्यान्वयन स्थगित रहेगा ।

(v) ऋणी कृषकों हेतु यह योजना अनिवार्य है, जबकि गैर ऋणी कृषकों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। इस योजना के तहत ऋणी कृषक से आशय उन कृषकों से है जिनका बैंकों द्वारा साख सीमा 15 जनवरी, 2014 तक स्वीकृत कर दिया जाता है। ऋणी और गैर-ऋणी दोनों कृषकों के लिए बीमा कराने की अवधि दिनांक 15.01.2014 तक निर्धारित की जाती है। अर्थात्‌ ऋणी और गैर-ऋणी दोनों कृषक दिनांक 15.01.2014 तक बीमा हेतु चयनित फसलों का बीमा निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगे। एतद्‌ संबंधी घोषणा पत्र एवं प्रीमियम की राशि बीमा कंपनियों द्वारा बैंकों से दिनांक 31.01.2014 तक निश्चित रूप से प्राप्त कर लिया जायेगा। इसके अतिरिक्त इंष्योरेंस इंटरमिडियरिज एवं बीमा कंपनी द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि भी गैर ऋणी कृषकों का बीमा निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत्‌ कर सकेंगे। योजना के तहत्‌ पैक्स कृषकों का बीमा नहीं करेंगे।

(vi) बीमित फसलों के लिए तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वष् ाार्, आद्रता आदि के लिए जोखिम अवधि के बीमित फसलों के लिए तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वर्षा, आद्रता आदि के लिए जोखिम अवधि के ाार्, आद्रता आदि के लिए जोखिम अवधि के ाार्, आद्रता आदि के लिए जोखिम अवधि के बीमित फसलों के लिए तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वष् बीमित फसलों के लिए तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वष्

निमित्त एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार टर्मषीट संलग्न है। निमित्त एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार टर्मषीट संलग्न है। निमित्त एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार टर्मषीट संलग्न है। निमित्त एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार टर्मषीट संलग्न है।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 इस योजना के तहत तापमान में परिवर्त्तन, असामयिक वर्षा एवं पाला आदि कारणों से बीमित फसलों की क्षति होने पर कृषकों को क्षतिपूर्ति भुगतान करने का प्रावधान है। इसके लिए जोखिम, जोखिम की अवधि, देय क्षतिपूर्ति की गणना एग्रोक्लाईमेटिक जोनवार/फसलवार संलग्न टर्मषीट के आधार पर बीमा कंपनियों द्वारा किया जाएगा। (vii) बैंकों द्वारा कुल जमा की गयी प्रीमियम की राशि का 5% बैंक सेवा शुल्क के रूप में सम्बंधित बैंकों को बीमा एजेंसी द्वारा भुगतान किया जायेगा।

(viii) साथ ही एक एकड़ से कम भूमि वाले किसानों के फसल क्षति दावा होने पर न्यूनतम 500.00 रू॰ (पाँच सौ रूपये) क्षतिपूर्ति देय होगा।

3. इस योजना का कार्यान्वयन कंडिका-1 के क्रमांक-2 में अंकित 8 (आठ) बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जायेगा। साथ ही योजना के कार्यान्वयन के संबंध में बीमा कम्पनियाँ समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से स्पष्टीकरण निर्गत कर सकेंगी।

4. बीमा एजेंसियाँ प्रत्येक दिन का न्यूनतम-अधिकतम तापमान, R.H (Relative Humidity) एवं Rain Fall का आंकड़ा E-mail के माध्यम से कृषि निदेषालय, बिहार, पटना, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना तथा सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को उपलब्ध करायेंगी। बीमा कंपनियाँ Weather Station की परिधि को अधिकतम 15 कि॰मी॰ के दायरें में रखेंगी। साथ ही मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे Website से हासिल करने के लिए user I.D. एवं passward भी विभाग को उपलब्ध करायेगी।

5. सभी बीमा कंपनियाँ प्रीमियम अनुदान की राषि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि.(A.I.C.) के माध्यम से प्राप्त करेंगी।

6. सभी बैंकों से कृषकों की सूची, घोषणा पत्र आदि सम्बन्धित बीमा कम्पनी को स-समय प्राप्त करना होगा।

7. सभी बीमा कंपनी के लिए प्रगति सूचक (Performance Indicator) अलग से संसूचित की जाएगी, जिसमें क्षतिपूर्ति एवं प्रीमियम अनुपात, बीमा कंपनी द्वारा समय पर क्षतिपूर्ति भुगतान, किसानों को जागरूक करना, गैर-ऋणी एवं ऋणी किसानों का अनुपात, कॉरपोरेट- सामाजिक उत्तरदायित्व प्रभाव इत्यादि होंगें। कम दावा राषि/सूची होना, खराब प्रर्दषन का द्योतक होगा। विभाग द्वारा तैयार किये गये प्रगति सूचक के आधार पर बीमा कंपनी के कार्य का मूल्यांकन किया जायेगा जो भविष्य में निर्णय लेने का महत्वपूर्ण आधार होगा।

8. बीमा कार्य के दौरान अधिक से अधिक कृषकों को जागरूक/षामिल करने हेतु बीमा कंपनियाँ प्रचार-प्रसार सुनिष्चित करेंगी। इसके लिए स्थानीय/राज्य स्तर के समाचार पत्रों में समय-समय पर कम से कम पाँच बार विज्ञापन करना, उपयुक्त जगहों पर बडे़-बडे़ कम से कम चार होर्डिंग प्रति जिला लगाना, स्थानीय बाजारों में उपयुक्त समय पर पम्पलेट बाँटना, स्थानीय केबुल द्वारा टेलीविजन पर इस बीमा योजना को कम से कम दस दिन प्रसारित करना, AIC द्वारा राज्य स्तर पर टेलीविजन से कम से कम दस दिन प्रसारित कराना इत्यादि बीमा कपनियाँ सुनिष्चित करेंगी। बीमा कंपनियाँ पहला विज्ञापन इस अधिसूचना निर्गत होने के एक सप्ताह के अंदर प्रकाषित कराना सुनिष्चित करेंगी।

9. सभी बीमा कंपनियाँ अनिवार्य रूप से बीमित किसानों की सूची विहित प्रपत्र में (Farmer's Profile में) उपलब्ध कराना सुनिष्चित करेंगी। इसके लिए आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा स्वेच्छा से निःषुल्क एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसे उनके वेबसाईट पर भी डाला गया है। सभी बीमा कंपनियाँ आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर On-Line कार्य करना सुनिष्चित करेंगी। इसके अतिरिक्त बीमा कंपनियों को बीमित किसानों की सूची इत्यादि की सी॰डी॰ भी विभाग को उपलब्ध करानी होगी। बीमा कंपनियाँ खरीफ 2013 के डाटा को बेस-डाटा की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं। इस बेस-डाटा में बीमा कंपनियाँ आवष्यक संषोधन कर सकती हैं। परन्तु इसके पूर्व खरीफ 2013 मौसम में बीमा कंपनियों द्वारा जो On-Line डाटा किया गया है उसे आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा समेकित रूप से संरक्षित (Back up) रखना होगा और उसकी एक सॉफ्ट कॉपी विभाग को भी देनी होगी। साथ ही आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड बीमा कंपनी उक्त बेस- डाटा में जिलावार किसानों का यूनिक enrolment नम्बर देना भी सुुनिष्चित करेगी।

10. बीमा कंपनी द्वारा दावा की गई राज्यांष राषि की विमुक्ति निम्नलिखित शर्तों के साथ की जाएगीः- (i) किसानों के बीमा करने के 15 दिनों के अंदर सभी संबंधित बीमा कंपनी द्वारा संबंधित सभी बीमित किसानों की सूची की प्रविष्टि विहित प्रपत्र में सॉफ्टवेयर के माध्यम से On-Line करना होगा तथा सूची की Soft Copy एवं अग्रासारण पत्र की Hard Copy एवं Soft Copy दानों विभाग को उपलब्ध कराना होगा।

(ii) बीमा कंपनी द्वारा अपने स्तर से पूरी जाँच कर एवं पूर्ण आष्वस्त होकर ही बीमित किसानों की सूची प्रेषित की जायेगी और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर उन्हें जिम्मेवार माना जायेगा। (iii) उपरोक्त कंडिका-(i) एवं (ii) के आलोक में बीमित किसानों की सूची एवं उसमें सन्निहित राषि की Soft Copy प्राप्त होने के पश्चात्‌ ही स्वीकृत राषि का चेक बीमा कंपनी को दिया जायेगा।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 (iv) लाभान्वित कृषकों अर्थात्‌ जिन्हें क्षतिपूर्ति/बीमा दावा का भुगतान होना है, उन्हें बीमा दावा राषि का भुगतान षिविर आयोजित कर बैंक खातों (चेक) के माध्यम से करने हेतु बीमा कंपनी अपने खर्च पर सभी महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय दैनिक समाचार पत्रों में षिविर आयोजन के कार्यक्रम के संबंध मे ंविज्ञापन करना सुनिष्चित करेंगे तथा इसकी सूचना सहकारिता विभाग को भी देंगे ताकि राज्य स्तर से भी इसका औचक निरीक्षण किया जा सके। बीमा कंपनी को प्रीमियम राषि प्राप्त होने अथवा बीमा अवधि समाप्त होने, जो भी बाद में हो के 15 दिनों के अंदर लाभान्वित कृषकों को चेक से भुगतान सुनिष्चित करना होगा। षिविर में जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय प्रषासनिक अधिकारी जो वरीय उप समाहर्त्ता/अनुमंडल पदाधिकारी से न्यून न हों, की भी उपस्थिति सुनिष्चित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होगी।

(v) संबंधित बीमा कंपनी द्वारा कैम्प लगाकर लाभान्वित कृषकों के बीमा दावा राषि का चेक/खाता अंतरण से भुगतान के 15 दिनों के अन्दर इन कृषकों की फोटोयुक्त सूची एवं भुगतान की गयी राषि की संपूर्ण विवरणी की Soft Copy विभाग को देनी होगी तथा इसकी प्रविष्टि आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा निर्मित सॉफ्टवेयर से On-Line करनी होगी। आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड इस निमित्त सॉफ्टवेयर में आवष्यकतानुसार सुधार/प्रावधान शीघ्र कर देगें। इसके लिए बीमा कंपनी को लाभार्थियों का अपने खर्च पर फोटो खींचकर उनकी फोटोयुक्त सूची (भुगतान दावा राषि की सूचना सहित) की सॉफ्टकॉपी के साथ दावा भुगतान का अंडरटेकिंग/ शपथ पत्र देना है ताकि यह सूची एवं दावा विवरणी भी विभागीय Website पर रखी जा सके।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुर, सरकार के उप-सचिव।

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अधी.क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु+ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 922-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 23 December 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-12-23.922/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-12-23.922.