िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 2 2 2 2 पौषपौषपौषपौष 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 923923923923) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 23232323 +दस+दस+दस+दस-ब-ब-ब-बरररर 2013201320132013 सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग ---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 6666 जून 2013जून 2013जून 2013जून 2013
सं0 5/सह॰फ॰बी॰-71/2013-2481—भारत सरकार कृषि मंत्रालय कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के पत्रांक 13011/01/2008 क्रेडिट II दिनांक 07॰02॰2013 से प्राप्त प्रषासनिक स्वीकृति तथा इस क्रम में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अनुश्रवण हेतु विकास आयुक्त, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की दिनांक 26॰03॰2013 को आयोजित बैठक एवं विकास आयुक्त, बिहार द्वारा संचिका संख्या-05/सह॰फ॰बी॰-19/10 में लिये गये निर्णय के आलोक में मौसम आधारित फसल बीमा योजना (WBCIS) खरीफ 2013 मौसम में राज्य के 31 (इकतीस) जिलों में बीमा हेतु निम्न रूपेण लागू किया जाता है :-
(क)(क)(क)(क) बीमित फसल -बीमित फसल -बीमित फसल -बीमित फसल - अगहनी धान एवं भदई मकई। (ख) बीमा कार्य हेतु चयनित बीमा कंपनियाँ एवं उन्हें आवंटित जिलों का विवरण - (ख) बीमा कार्य हेतु चयनित बीमा कंपनियाँ एवं उन्हें आवंटित जिलों का विवरण - (ख) बीमा कार्य हेतु चयनित बीमा कंपनियाँ एवं उन्हें आवंटित जिलों का विवरण - (ख) बीमा कार्य हेतु चयनित बीमा कंपनियाँ एवं उन्हें आवंटित जिलों का विवरण -
| क्रमक्रमक्रमक्रम | बीमा कंपनी का नाम | बीमा हेतु आवंटित जिलों का नाम | क्षेत्रक्षेत्रक्षेत्रक्षेत्र |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि॰ | सुपौल, सारण, मुंगेर, लखीसराय, कैमूर (भभुआ), जहानाबाद, जमुई, गया, बेगूसराय, प॰चम्पारण एवं विषेष कार्यक्रम के तहत् नवादा =11 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 2 | इफ्को-टोकियो (जी॰आई॰सी॰) | पटना, नालन्दा, पूर्णियांँ, बक्सर, अरवल एवं शेखपुरा =6 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 3 | एच॰डी॰एफ॰सी॰ इरगो | गोपालगंज, सीवान एवं भोजपुर = 3 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 4 | आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड | समस्तीपुर, रोहतास एवं औरंगाबाद = 3 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 5. | चोला मंडलम् | अररिया, कटिहार एवं किषनगंज = 3 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 6. | टाटा, ए॰आई॰जी॰ | सहरसा एवं मधेपुरा = 2 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 7. | फ्युचर जेनरली इंडिया इंष्योरेंस कंपनी लि॰ | भागलपुर एवं बाँका = 2 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
| 8. | रिलायन्स जी॰आई॰सी॰ लि॰ | वैषाली = 1 जिले। | सम्पूर्ण जिला। |
नोट ः- (i) सभी बीमा कंपनियाँ राज्य सरकार द्वारा निर्धारित Term Sheet/Trigger के अनुसार कृषकों के फसलों की बीमा सुनिष्चित करेंगी।
(ii) माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग द्वारा एच0डी0एफ0सी0 इरगो एवं आई0सी0आई0सी0आई0 लोम्बार्ड को आवंटित जिलों में संचिका संख्या 5/सह0फ0बी0-71/2013 में अल्प संशोधन किया गया है। अतः एच0डी0एफ0सी0 इरगो एवं आई0सी0आई0सी0आई0, लोम्बार्ड बीमा कंपनियां उनको निर्धारित जिलों में बीमा कार्य हेतु स्वीकृति पत्र विभाग को एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगी। अन्य कंपनियों को आवंटित जिलों में बीमा कार्य हेतु उनसे स्वीकृति पत्र पूर्व से प्राप्त है।
2. इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्ग निर्देशिका में अंकित विहित शर्तों के तहत किया जाएगा। उक्त योजना की निम्नांकित मुख्य शर्तें उल्लेखनीय है - (i) अगहनी धान तथा भदई मक्का दोनों फसलों हेतु बीमित राषि 22,500.00 (बाईस हजार पाँच सौ) रुपये प्रति हेक्टेयर होगी।
(ii) इस योजना के लिए चयनित दोनों फसलों हेतु प्रीमियम की दर बीमित राषि की 10.00% होगी। (iii) उक्त प्रीमियम दर में 2॰5% प्रीमियम की राशि संबंधित कृषक द्वारा वहन किया जाएगा, तथा प्रीमियम की अवशेष राशि अनुदान के रूप में 50ः50 के अनुपात में क्रमषः केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
(iv) बीमित राशि एवं मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि की गणना एवं भुगतान के पूर्व क्षेत्रीय पदाधिकारियों यथा संबंधित जिला के जिला सहकारिता पदाधिकारी/प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं सहायक निबंधक, स॰स॰ के जाँच प्रतिवेदन के पश्चात् भुगतान आदि की प्रक्रिया बीमा कंपनियाँ राज्य सरकार से सहमति प्राप्त कर करेंगी। दावा गणना कर प्रपत्र बीमा कंपनियां विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगी।
(v) ऋणी कृषकों हेतु यह योजना अनिवार्य है जबकि गैर ऋणी कृषकों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। इस योजना के तहत ऋणी कृषक से आशय उन कृषकों से है जिनका बैंकों द्वारा साख सीमा 31 जुलाई 2013 तक स्वीकृत कर दिया जाता है। उक्त कृषकों का बीमा बैंकों को कंडिका-(VI) में दिये गये समय के अनुसार अनिवार्य रूप से करना है।
(vi) ऋणी कृषक अपनी फसलों का बीमा 31॰07॰2013 तक निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगे। एतद संबंधी घोषणा पत्र प्रीमियम की राशि के साथ बैंकों द्वारा बीमा कम्पनियों को 31॰08॰2013 तक निश्चित रूप से प्राप्त करा दी जाएगी । गैर ऋणी कृषक अपनी फसलों का बीमा दिनांक 30.06.2013 तक निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगेंं। बीमा से संबंधित घोषणा पत्र एवं प्रीमियम की राशि आदि दिनांक 15.07.2013 तक बैंकों द्वारा बीमा कंपनियों को प्राप्त करा देना है।
(vii) बीमा कंपनियों के अतिरिक्त इंष्योरेन्स इंटरमीडियरिज एवं बीमा कंपनी द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधि भी गैर ऋणी कृषकों का बीमा निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत कर सकेंगे।
(viii) योजना के तहत् पैक्स कृषकों का बीमा नहीं करेंगें। बीमित फसलों के लिए जोखिम ः- इस योजना अन्तर्गत अतिवृष्टि/अनावृष्टि/बेमौसम (ix) बीमित फसलों के लिए जोखिम ः- बीमित फसलों के लिए जोखिम ः- बीमित फसलों के लिए जोखिम ः- वृष्टि/तापमान/धुंध/आर्द्रता के कारण फसलों के सम्भावित क्षति की भरपाई की जायेगी। इस योजना के तहत उपर्युक्त कारणों से बीमित फसलों की क्षति होने पर कृषकों को क्षतिपूर्ति भुगतान करने का प्रावधान है। इसके लिए जोखिम, जोखिम की अवधि, देय क्षतिपूर्ति की गणना आदि की जानकारी बीमा कंपनियों द्वारा दिया जाएगा।
(x) बैंकों द्वारा कुल जमा की गयी प्रीमियम की राशि का 5% बैंक सेवा शुल्क के रूप में सम्बंधित बैंकों को बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान किया जायेगा।
3. गैर ऋणी कृषकों की फसलों का बीमा करने से पूर्व बैंकों/जिला सहकारिता पदाधिकारी/सहायक निबंधक, स॰स॰ को निम्नांकित बातों का अनुपालन आवष्यक होगा :-
(क)(क)(क)(क) कृषक का प्रस्ताव पत्र पूर्णतः भरा गया हो।(ख्(ख्(ख्(ख)ा)ा)ा) कृषक का बचत खाता बैंक में संधारित हो। (ग)(ग)(ग)(ग) किसान के प्रस्ताव पत्र के साथ अंचल कार्यालय से निर्गत भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित छायाप्रति (राजपत्रित पदाधिकारी से) संलग्न की गई है। एतद् संबंधी प्रमाण-पत्र यदि परिवार के मुखिया के नाम से निर्गत है तो उसमें बीमित कृषक का हिस्सा स्पष्ट किया गया हो।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 4. इस योजना का कार्यान्वयन क्रमांक 1 में अंकित बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जा सकेगा। साथ ही योजना के कार्यान्वयन के संबंध में बीमा कंपनियाँ समय समय पर राज्य सरकार के परामर्श से स्पष्टीकरण निर्गत कर सकेंगी।
5. बीमा एजेंसियाँ प्रत्येक दिन का न्यूनतम-अधिकतम तापमान, R.H (Relative Humidity) एवं Rain Fall का आंकड़ा E-mail के माध्यम से कृषि निदेषालय, बिहार, पटना, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना तथा सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को उपलब्ध करायेंगी। बीमा कंपनियां Weather Station की परिधि को 15 कि॰मी॰ के दायरें में रखेंगी। साथ ही मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे Website से हासिल करने के लिए user I.D. एवं passward भी विभाग को उपलब्ध करायेगी।
6. सभी बीमा कंपनियाँ प्रीमियम अनुदान की राषि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि.(A.I.C) के माध्यम से प्राप्त करेंगी।
7. बीमा कंपनियाँ अपने प्रतिवेदन में जिलावार कुल बीमित कृषकों की संख्या, बीमित राषि, कुल प्रीमियम की राषि, राज्यांष एवं केन्द्रांष की प्रीमियम राषि, कुल भुगतान की गई राषि, भुगतान की गई राषि का प्रीमियम राषि के आलोक में प्रतिषत, लघु एवं सीमांत कृषकों की संख्या के साथ कृषकों का नाम एवं पता इत्यादि सूचनाएँ समय-समय पर विभाग को उपलब्ध कराना सुनिष्चित करेंगी।
8. इस योजना में प्रीमियम अनुदान के रूप में राज्य सरकार केे हिस्से के भुगतान हेतु स्वीकृत्यादेश अलग से निर्गत किया जायेगा।
9. सभी बैंकों को कृषकों की सूची सम्बन्धित बीमा कम्पनी को उपलब्ध कराना होगा। 10. बीमा कार्य के दौरान अधिक से अधिक कृषकों को जागरूक/षामिल करने हेतु बीमा कंपनियाँ प्रचार-प्रसार सुनिष्चित करेंगी। इसके लिए स्थानीय/राज्य स्तर के समाचार पत्रों में समय-समय पर कम से कम तीन बार विज्ञापन करना, उपयुक्त जगहों पर बड़े-बड़े कम से कम चार होर्डिंग प्रति जिला लगाना, स्थानीय बाजारों में उपयुक्त समय पर पम्पलेट बाँटना, स्थानीय केबुल द्वारा टेलीविजन पर इस बीमा योजना को कम से कम दस दिन प्रसारित करना, AIC द्वारा राज्य स्तर पर टेलीविजन से कम से कम दस दिन प्रसारित करना इत्यादि बीमा कंपनियाँ सुनिष्चित करेंगी।
11. सभी बीमा कंपनियाँ अनिवार्य रूप से बीमित किसानों की सूची विहित प्रपत्र में (अनुलग्नक संलग्न) उपलब्ध कराना सुनिष्चित करेंगी। इसके लिए आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा स्वेच्छा से निःषुल्क एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही उनके द्वारा वेबसाईट पर भी डाला जाएगा। सभी बीमा कंपनियाँ आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर On-line कार्य करना सुनिष्चित करेंगी।
12. बीमा कंपनी द्वारा दावा की गई राज्यांष राषि की विमुक्ति निम्नलिखित शर्त्तो के साथ की जाएगीः- (i) किसानों के बीमा करने के 15 दिनों के अन्दर सभी संबंधित बीमा कंपनी द्वारा संबंधित सभी बीमित किसानों की सूची की प्रविष्टि विहित प्रपत्र में सॉफ्टवेयर के माध्यम से On-line करना होगा तथा सूची की Soft Copy एवं अग्रसारण पत्र की Hard Copy एवं Soft Copy दोनों विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
(ii) बीमा कंपनी द्वारा अपने स्तर से पूरी जाँच कर एवं पूर्ण आष्वस्त होकर ही बीमित किसानों की सूची प्रेषित की जायेगी और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर उन्हें भी जिम्मेवार माना जायेगा।
(iii) उपरोक्त कंडिका-(ii) के आलोक में बीमित किसानों की सूची की Soft Copy प्राप्त होने के पश्चात् ही स्वीकृत राषि का चेक बीमा कंपनी को दिया जायेगा।
(iv) लाभान्वित कृषकों अर्थात् जिन्हें क्षतिपूर्ति/बीमा दावा का भुगतान होना है, उन्हें बीमा दावा राषि का भुगतान षिविर आयोजित कर बैंक खातों के माध्यम से करने हेतु बीमा कंपनी अपने खर्च पर सभी महत्त्वपूर्ण राज्य स्तरीय दैनिक समाचार पत्रों में षिविर आयोजन के कार्यक्रम के संबंध में विज्ञापन करना सुनिष्चित करेंगे तथा इसकी सूचना सहकारिता विभाग को भी देंगे ताकि राज्य स्तर से भी इसका औचक निरीक्षण किया जा सके। बीमा कंपनी को प्रीमियम राषि प्राप्त होने के 15 दिनों के अन्दर लाभान्वित कृषकों को भुगतान सुनिष्चित करना होगा अन्यथा विलम्ब के लिए बैंकों के साथ-साथ बीमा कंपनी को भी इसके लिए उत्तरदायी माना जाएगा। लाभान्वित कृषकों के द्वारा भुगतान के पूर्व दिए जाने वाले शपथ पत्र में उनका अभिप्रमाणित फोटोग्राफ आवष्यक रूप से बीमा कंपनी को लेना होगा। षिविर में जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय प्रषासनिक अधिकारी जो वरीय उप समाहर्त्ता/अनुमंडल पदाधिकारी से न्यून न हों, की भी उपस्थिति सुनिष्चित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होगी। साथ ही सभी संबंधित बीमा कंपनी को प्रीमियम राषि के भुगतान में यह शर्त्त अनिवार्य रूप से निहित एवं अनुमान्य होगा कि चूंकि प्रीमियम दावा उनके माध्यम से ही प्राप्त हुआ है, अतः उसकी सत्यता की पूरी जिम्मेदारी उनकी ही है और भविष्य में कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी उनकी ही होगी। इस आलोक में उनसे यह अपेक्षित होगा कि वे सभी4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 बीमा प्रीमियम दावों की सत्यता से पहले स्वयं आष्वस्त हो लें एवं उसके बाद ही कोई दावा सरकार के पास भेजें।
(v) लाभान्वित कृषकों द्वारा अपने फोटोयुक्त शपथ पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि उनके द्वारा फसल क्षतिपूर्ति के दावा के साथ-साथ फसल की बिक्री सरकारी केन्द्र पर करके या अन्य किसी प्रकार से दोहरा लाभ नहीं लिया जा रहा है।
(vi) संबंधित बीमा कंपनी द्वारा लाभान्वित कृषकों के बीमा दावा राषि के भुगतान के 15 दिनों के अन्दर इन कृषकों की सूची एवं भुगतान की गयी राषि की संपूर्ण विवरणी के साथ-साथ इनके फोटोयुक्त शपथ पत्रों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर के माध्यम से On-line करना होगा तथा इसकी Soft Copy एवं अग्रसारण पत्र की Soft एवं Hard Copy विभाग को देनी होगी।
(vii) संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा सभी लाभान्वित कृषकों के शपथ पत्र में लिये गये तथ्यों की जाँच, विषेष कर दोहरा लाभ नहीं लेने संबंधी शपथ/कथन की जाँच बीमा दावा राषि के भुगतान के 15 दिनों के अन्दर पूर्ण कर अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा तथा जिन मामलों में अनियमितता पायी जाती है, उनपर त्वरित कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई की सूचना सहित विस्तृत प्रतिवेदन उक्त निर्धारित समयसीमा के अन्दर देना होगा। निर्धारित दो माह की अवधि के अन्दर अनापत्ति प्रमाण पत्र/प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने पर यह माना जायेगा कि उन्हें अब किसी और मामले में कोई आपत्ति नहीं है तथा बाद में कोई अनियमितता पाये जाने पर उनकी संलिप्तता/जिम्मेवारी मानी जायेगी। (viii) आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड बीमा कंपनी सॉफ्टवेयर तैयार करने के बाद एक वर्ष तक अपने सर्वर द्वारा इसकी Web Hosting भी करेंगे तथा Domain Rights विभाग को यथाषीघ्र उपलब्ध करायेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुर, सरकार के उप-सचिव।
—————
अधी.क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु+ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 923-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in