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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 23 December 2013

Published 23 December 2013

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2013-12-23.924
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

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क्रमक्रमक्रमक्रम बीमा कंपनी का नाम बीमा हेतु आवंटित जिले
1 2 3
1 एग्रीकल्चर इंष्योरेंष कंपनी ऑफ इंडिया लि॰, पटना पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी एवं सीतामढ़ी
2 एच॰डी॰एफ॰सी॰, इरगो दरभंगा
3 आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लॉम्बार्ड खगड़िया
4 रिलायन्स जी॰आई॰सी॰ लि॰ शिवहर

2. इस योजना का कार्यान्वयन क्रमांक 1 (ग) में अंकित बीमा कंपनियों द्वारा भारत सरकार से निर्गत मार्ग निर्देषिका में निहित प्रावधानों/षर्त्तो के अनुसार किया जायेगा। भारत सरकार से प्राप्त मार्गनिर्देष की महत्त्वपूर्ण शर्त्ते निम्नलिखित हैं :-

2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 (i) कुल देय प्रीमियम की राषि में कृषकों द्वारा भुगतान की गयी प्रीमियम राषि के पश्चात्‌ अवषेष प्रीमियम सहायक अनुदान के रूप में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 50ः50 के अनुपात में वहन किया जायेगा।

(ii) बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति राषि की गणना बीमित राषि, फसल कटनी के आँकड़े एवं वास्तविक प्रीमियम दर के आधार पर किया जायेगा।

(iii) वित्तीय संस्थाओं यथा- केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक से लिये गये अल्पकालीन कृषि ऋण से संबंधित कृषकों के लिए यह योजना अनिवार्य होगी, जबकि गैर ऋणी कृषक के लिये यह स्वैच्छिक होगा। इस योजना के तहत्‌ ऋणी कृषि से तात्पर्य उन कृषकों से है, जिनका उक्त बैंको द्वारा साख सीमा 31.07.2013 तक स्वीकृत कर दिया गया है।

(iv) (क) ऋणी कृषकों के लिए बीमित राषि कृषक द्वारा किसी फसल विषेष हेतु उसके द्वारा घोषित उत्पादन क्षेत्रफल एवं प्रति इकाई क्षेत्रफल अधिसूचित बीमित राषि के गुणनफल के बराबर होगा।

(ख) ऋणी कृषक थ्रेसहोल्ड मूल्य के बराबर राषि का बीमा कराने का चुनाव अनुदानित प्रीमियम दर पर कर सकते हैं।

(ग) ऋणी कृषक थ्रेसहोल्ड उपज मूल्य के 150% तक की राषि का बीमा भी करा सकते हैं, किन्तु ऐसी स्थिति में थे्रसहोल्ड उपज मूल्य और औसत उपज के 150% मूल्य की अंतर राषि के बीमा पर प्रीमियम अनुदान देय नहीं होगा। अर्थात्‌ अंतर की राषि पर वास्तविक प्रीमियम राषि का भुगतान कृषक द्वारा किया जायेगा।

उपर्युक्त सभी स्थितियों में कृषक बीमा कंपनी द्वारा निर्धारित प्रस्ताव पत्र निर्धारित तिथि तक बैंक में जमा करेंगे और बैंक प्रस्ताव पत्र एवं कृषि योग्य जमीन के मालिकाना हक के सुसंगत अभिलेख से संतुष्ट हो लेंगे, अन्यथा अनियमितता पाये जाने पर अनुषासनिक/वैधानिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।

(v) (क) गैर ऋणी कृषक थ्रेसहोल्ड उपज मूल्य का बीमा अनुदानित प्रीमियम दर पर करा सकेंगे।

(ख) गैर ऋणी कृषक वास्तविक उपज मूल्य के 150% तक की राषि का बीमा कराने का चुनाव कर सकते हैं, किन्तु थे्रसहोल्ड उपज मूल्य से अधिक राषि के लिए प्रीमियम अनुदान अनुमान्य नहीं होगा। अर्थात्‌ कृषक पूर्ण प्रीमियम दर पर अंतर राषि का बीमा करा सकेंगे।

(vi) (क) गैर ऋणी कृषक द्वारा अपने क्षेत्र के केन्द्रीय सहकारी बैंक/सिड्‌यूल्ड वाणिज्यिक बैंक/ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में बचत खाता संधारित किया जायेगा। इसी के माध्यम से अनुमान्य क्षतिपूर्ति राषि का भुगतान किया जायेगा।

(ख) गैर ऋणी कृषक का प्रीमियम स्वीकार करते समय संबंधित बैंक/प्राधिकृत बीमा प्रतिनिधि उनके लिए प्रस्ताव का पूर्णतः भरा हुआ निर्धारित प्रपत्र के साथ कृषि योग्य जमीन का मालिकाना हक के लिए भूस्वामित्व प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करेंगे जिसमें उनका हिस्सा स्पष्ट रहना चाहिए, अन्यथा किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने या जाँच में अनियमितता पाये जाने पर अनुषासनिक या वैधानिक या दोनों कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे।

3. प्रीमियम दर तथा बीमा स्तर का निर्धारण बीमा कंपनियों द्वारा खरीफ 2013 मौसम के लिए जिला एवं फसलवार प्रीमियम दर, बीमा स्तर आदि का विवरण (अनुलग्नक-।) संलग्न है। वित्तीय भार के मामले में राज्य सरकार का दायित्व मात्र प्रीमियम अनुदान में आधी राषि तक सीमित है। सम्पूर्ण क्षतिपूर्ति की राषि बीमा कंपनी द्वारा वहन किया जायेगा।

4. सभी ऋणी एवं गैर ऋणी कृषक दिनांक 31.07.2013 तक क्रमांक 2 (vi) (क) में रेखांकित बैंकों में से किसी एक बैंक के माध्यम से करा सकेंगे। इससे संबंधित घोषणा पत्र एवं अन्य अभिलेख बैंक द्वारा प्रीमियम की राषि के साथ दिनांक 31.08.2013 तक बीमा कंपनियों को निष्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जायेगा। सभी गैर ऋणी कृषक अपनी फसलों का बीमा दिनांक 30.06.2013 तक उक्त किसी एक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगेंं। बीमा से संबंधित घोषणा पत्र एवं प्रीमियम राशि आदि दिनांक 15.07.2013 तक बैंकों द्वारा बीमा कंपनियों को उपलब्ध करा देना है।

5. बीमित राषि एवं फसल कटनी प्रयोग के आँकड़ें के आधार पर क्षतिपूर्ति की राषि की गणना एवं भुगतान के पूर्व क्षेत्रीय पदाधिकारियों यथा संबंधित जिला के जिला सहकारिता पदाधिकारी/प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं सहायक निबंधक, स॰स॰ अथवा सरकार द्वारा निदेषित अन्य पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के पश्चात्‌ भुगतान आदि की प्रक्रिया बीमा कंपनियाँ राज्य सरकार से सहमति प्राप्त कर करेंगी। अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना को फसल कटनी प्रयोग के परिणाम के साथ फसलवार, इकाईवार/क्षेत्रवार उत्पादन आँकड़ा दर संबंधित बीमा कंपनियों के उपलब्ध कराने हेतु प्राधिकृत किया जाता है। साथ ही अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय अधिसूचित क्षेत्र का फसलवार कटनी प्रयोग कार्यक्रम की सूचना एक माह पूर्व संबंधित बीमा कंपनियों को भेज देगा ताकि चयनित फसल के कटनी प्रयोग का अवलोकन बीमा कंपनियों द्वारा भी किया जा सके।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 6. सभी संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक/वाणिज्य बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक फसलवार/इकाईवार (ग्राम पंचायतवार/अंचलवार) बीमा प्रस्ताव पत्र एवं घोषणा पत्र दो प्रतियों में तैयार कर एक प्रति एग्रीकल्चर इंष्योरेंष कंपनी ऑफ इंडिया लि॰, ग्रेंड प्लाजा, फ्रेजर रोड, पटना/एच॰डी॰एफ॰सी॰, इरगो, पटना/आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड, पटना/रिलायंस, जी॰आई॰सी॰, पटना को किसानों से वसूली गयी बीमा प्रीमियम की राषि के बैंक ड्राफ्ट के साथ प्रेषित करेंगे। संबंधित सभी बैंक सामान्य एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति एवं अल्प संख्यक श्रेणी के बीमित कृषकों का अलग-अलग घोषणा पत्र बीमा कंपनी को प्रेषित करेंगे ताकि उक्त कृषकों का वास्तविक आच्छादन एवं भुगतान की गयी क्षतिपूर्ति राषि की स्थिति स्पष्ट हो सके। जो बैंक एतद्‌ संबंधी विवरणी उपलब्ध नहीं करायेंगे उनके द्वारा प्रेषित घोषणा पत्र आदि को बीमा कंपनी स्वीकार नहीं करेंगी तथा इसकी सम्पूर्ण जबावदेही संबंधित बैंक की होगी।

7. फसल कटनी प्रयोग :- धान के लिए पंचायत स्तर पर न्यूनतम चार फसल कटनी प्रयोग तथा मकई के लिए अंचल स्तर पर न्यूनतम सोलह फसल कटनी प्रयोग का दायित्व अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय, बिहार, पटना का होगा। फसल कटनी प्रयोग का क्रियान्वयन जेनरल क्रॉप इस्टीमेषन सर्वे के आधार पर किया जाना है, न कि आनावारी/पैसावारी के आधार पर। फसल कटनी प्रयोग के आँकड़े दिनांक 31.03.2014 तक बीमा कंपनियों को उपलब्ध कराने की जवाबदेही अर्थ एवं सांख्यिकी निदेषालय की होगी। तत्पश्चात्‌ दावा गणना का प्रपत्र बीमा कंपनियां विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगी।

8. योजना के लिए अधिसूचित जिले/अंचल/ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना स्थगित रहेगी। राज्य के पैक्स बीमा कार्य नहीं करेंगे। (क) क्षतिपूर्ति के लिए महत्त्वपूर्ण शर्त्ते :- किसी बीमा इकाई की क्षति का कृषि कर्म के स्थिति के अनुसार दावा नहीं स्वीकारना बीमा कंपनी का अधिकार होगा। केवल ऋण स्वीकृति/वितरण प्रस्ताव को जमा करने/घोषणा पत्र देने तथा प्रीमियम भुगतान देने से ही क्षतिपूर्ति दावा नहीं बनेगा, बल्कि कृषि उत्पादन हेतु कृषि कर्म अत्यावष्यक होगा।

(ख) बीमा इकाई में कृषि कार्य की जाँच प्राधिकृत एजेन्सी, आधुनिक तकनीकि, जिसमें सेटेलाईट फोटाग्राफी भी सम्मिलित है, फसल बीमा विसंगति तथा वास्तविक क्षेत्रीय स्थिति के आकलन के आधार पर बीमा कंपनी, बीमित राषि के नीचे स्तर पर लाने हेतु सक्षम होगा।

9. फसल बीमा कार्यक्रम में सम्मिलित सभी एजेन्सी ऑपरेषनल मोडेलिटिज को लागू करने के लिए अपने उत्तरदायित्व का पूर्ण निर्वहन करेंगे।

10. बैंक सेवा शुल्क-ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों से प्राप्त प्रीमियम की राषि का 2.5% सेवाषुल्क के रूप में संबंधित बैंकों को मौसम समाप्ति के पश्चात्‌ बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जायेगा।

11. अधिसूचना में अवर्णित टर्म्‌स एण्ड कण्डिषन, प्रक्रिया आदि योजना एवं ऑपरेषनल मोडेलिटिज के अनुसार अपनाये जायेंगे।

12. योजना का लागू करने में समय-समय पर बीमा कंपनियों द्वारा आवष्यक परिपत्र/पत्र निर्गत किया जा सकेगा। 13. बीमा कार्य के दौरान अधिक से अधिक कृषकों को जागरूक/षामिल करने हेतु बीमा कंपनियाँ प्रचार-प्रसार सुनिष्चित करेंगी। इसके लिए स्थानीय/राज्य स्तर के समाचार पत्रों में समय-समय पर कम से कम तीन बार विज्ञापन करना, उपयुक्त जगहों पर बड़े-बड़े कम से कम चार होर्डिंग प्रति जिला लगाना, स्थानीय बाजारों में उपयुक्त समय पर पम्पलेट बाँटना, स्थानीय केबुल द्वारा टेलीविजन पर इस बीमा योजना को कम से कम दस दिन प्रसारित करना, AIC द्वारा राज्य स्तर पर टेलीविजन से कम से कम दस दिन प्रसारित करना इत्यादि बीमा कंपनियाँ सुनिष्चित करेंगी।

14. सभी बीमा कंपनियाँ अनिवार्य रूप से बीमित किसानों की सूची विहित प्रपत्र में (अनुलग्नक संलग्न) उपलब्ध कराना सुनिष्चित करेंगी। इसके लिए आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा स्वेच्छा से निःषुल्क एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही उनके द्वारा वेबसाईट पर भी डाला जाएगा। सभी बीमा कंपनियाँ आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर On-line कार्य करना सुनिष्चित करेंगी। 15. बीमा कंपनी द्वारा दावा की गई राज्यांष राषि की विमुक्ति निम्नलिखित शर्त्तो के साथ की जाएगीः- (i) किसानों के बीमा करने के 15 दिनों के अन्दर सभी संबंधित बीमा कंपनी द्वारा संबंधित सभी बीमित किसानों की सूची की प्रविष्टि विहित प्रपत्र में सॉफ्टवेयर के माध्यम से On-line करना होगा तथा सूची की Soft Copy एवं अग्रसारण पत्र की Hard Copy एवं Soft Copy दोनों विभाग को उपलब्ध कराना होगा।

(ii) बीमा कंपनी द्वारा अपने स्तर से पूरी जाँच कर एवं पूर्ण आष्वस्त होकर ही बीमित किसानों की सूची प्रेषित की जायेगी और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर उन्हें भी जिम्मेवार माना जायेगा। (iii) उपरोक्त कंडिका-(ii) के आलोक में बीमित किसानों की सूची की Soft Copy प्राप्त होने के पश्चात्‌ ही स्वीकृत राषि का चेक बीमा कंपनी को दिया जायेगा।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 +दस-बर 2013 (iv) लाभान्वित कृषकों अर्थात्‌ जिन्हें क्षतिपूर्ति/बीमा दावा का भुगतान होना है, उन्हें बीमा दावा राषि का भुगतान षिविर आयोजित कर बैंक खातों के माध्यम से करने हेतु बीमा कंपनी अपने खर्च पर सभी महत्त्वपूर्ण राज्य स्तरीय दैनिक समाचार पत्रों में षिविर आयोजन के कार्यक्रम के संबंध में विज्ञापन करना सुनिष्चित करेंगे तथा इसकी सूचना सहकारिता विभाग को भी देंगे ताकि राज्य स्तर से भी इसका औचक निरीक्षण किया जा सके। बीमा कंपनी को प्रीमियम राषि प्राप्त होने के 15 दिनों के अन्दर लाभान्वित कृषकों को भुगतान सुनिष्चित करना होगा अन्यथा विलम्ब के लिए बैंकों के साथ-साथ बीमा कंपनी को भी इसके लिए उत्तरदायी माना जाएगा। लाभान्वित कृषकों के द्वारा भुगतान के पूर्व दिए जाने वाले शपथ पत्र में उनका अभिप्रमाणित फोटोग्राफ आवष्यक रूप से बीमा कंपनी को लेना होगा। षिविर में जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय प्रषासनिक अधिकारी जो वरीय उप समाहर्त्ता/अनुमंडल पदाधिकारी से न्यून न हों, की भी उपस्थिति सुनिष्चित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होगी। साथ ही सभी संबंधित बीमा कंपनी को प्रीमियम राषि के भुगतान में यह शर्त्त अनिवार्य रूप से निहित एवं अनुमान्य होगा कि चूंकि प्रीमियम दावा उनके माध्यम से ही प्राप्त हुआ है, अतः उसकी सत्यता की पूरी जिम्मेदारी उनकी ही है और भविष्य में कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी उनकी ही होगी। इस आलोक में उनसे यह अपेक्षित होगा कि वे सभी बीमा प्रीमियम दावों की सत्यता से पहले स्वयं आष्वस्त हो लें एवं उसके बाद ही कोई दावा सरकार के पास भेजें। (v) लाभान्वित कृषकों द्वारा अपने फोटोयुक्त शपथ पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि उनके द्वारा फसल क्षतिपूर्ति के दावा के साथ-साथ फसल की बिक्री सरकारी केन्द्र पर करके या अन्य किसी प्रकार से दोहरा लाभ नहीं लिया जा रहा है।

(vi) संबंधित बीमा कंपनी द्वारा लाभान्वित कृषकों के बीमा दावा राषि के भुगतान के 15 दिनों के अन्दर इन कृषकों की सूची एवं भुगतान की गयी राषि की संपूर्ण विवरणी के साथ-साथ इनके फोटोयुक्त शपथ पत्रों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर के माध्यम से On-line करना होगा तथा इसकी Soft Copy एवं अग्रसारण पत्र की Soft एवं Hard Copy विभाग को देनी होगी।

(vii) संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा सभी लाभान्वित कृषकों के शपथ पत्र में लिये गये तथ्यों की जाँच, विषेष कर दोहरा लाभ नहीं लेने संबंधी शपथ/कथन की जाँच बीमा दावा राषि के भुगतान के 15 दिनों के अन्दर पूर्ण कर अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा तथा जिन मामलों में अनियमितता पायी जाती है, उनपर त्वरित कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई की सूचना सहित विस्तृत प्रतिवेदन उक्त निर्धारित समयसीमा के अन्दर देना होगा। निर्धारित दो माह की अवधि के अन्दर अनापत्ति प्रमाण पत्र/प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने पर यह माना जायेगा कि उन्हें अब किसी और मामले में कोई आपत्ति नहीं है तथा बाद में कोई अनियमितता पाये जाने पर उनकी संलिप्तता/जिम्मेवारी मानी जायेगी।

(viii) आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰, लोम्बार्ड बीमा कंपनी सॉफ्टवेयर तैयार करने के बाद एक वर्ष तक अपने सर्वर द्वारा इसकी Web Hosting भी करेंगे तथा Domain Rights विभाग को यथाषीघ्र उपलब्ध करायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुरमधुरानी ठाकुर, सरकार के उप-सचिव।

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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु+ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 924-571+20-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 23 December 2013. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2013-12-23.924/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2013-12-23.924.