(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 12121212 पौषपौषपौषपौष 1111935935935935 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 18181818) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 2222 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2014201420142014 जल संसाधन विभाग -------- vf/klwpuk 10 fnlEcj 2013 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2014 बसाक, सेवानिवृत मुख्य अभियन्ता से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री बसाक द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया गया जिसके मुख्य विन्दु निम्नवत् हैः- 1. श्री नवल किशोर, सेवानिवृत अधीक्षण अभियन्ता द्वारा लिफाफे से छेड़छाड़ के संदर्भ में इन्हें कोई सूचना नहीं दी गयी थी। अतः उनके पत्रांक 1912 दिनाक 22.12.09 में निहित निदेश के अनुपालन में मान्य प्रक्रिया के तहत जॅाच किया गया जिससे अधीक्षण अभियन्ता (मो0) भी सहमत थे। 2. श्री पे्रम प्रकाश सिंह, सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता द्वारा सम्पादित गोपनीय जॅाच के बारे में इन्हें कोई जानकारी नहीं दी गयी थी। 3. संवेदक द्वारा लिफाफे में छेड़छाड़ की सूचना मौखिक अथवा लिखित रूप में इन्हें नहीं दी गयी थी। आपति की स्थिति में संवेदकों द्वारा संतोषप्रद अंकित कर हस्ताक्षर नहीं किया जाता। 4. निविदा से छेड़छाड़ की सूचना इन्हें सर्वप्रथम विभागीय पत्रांक 670 दिनांक 29.4.10 द्वारा मिली जबकि निविदा का निष्पादन लगभग पॅाच महीने पहले ही हो चुका था। 5. लिफाफे के साथ छेड़छाड़ किसके द्वारा की गयी, के संदर्भ में इन्हें कोई जानकारी नहीं है। प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया किः- (1) आरोपित पदाधिकारी के कार्यालय में जब निविदा दस्तावेज प्राप्त किये गये तो उस समय तक लिफाफे में छेड़छाड़ की आश्ांका नहीं बनती है क्योंकि अगर ऐसा होता तो उनके कार्यालय द्वारा आपति दर्ज की जाती तथा ऐसे लिफाफों को लेने से इनकार कर दिया जाता किन्तु ऐसा नहीं हुआ। (2) इनके द्वारा स्वीकार किया गया है कि निविदा से संबंधित अभिलेख दिनांक 21.11.09 से 27.11.09 तक इनके ही कार्यालय में था। (3) इनके इस प्रतिवेदन को मान्य नहीं किया जा सकता है कि निविदा दस्तावेज से छेड़़छाड़ से संबंधित जानकारी इन्हें सर्वप्रथम विभागीय पत्रांक 670 दिनांक 29.4.10 द्वारा प्राप्त हुई क्योंकि दिनांक 9.12.09 को दरभंगा में ही निविदा से संबंधित सभी अभिलेखों की जॅाच श्री पे्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (मो0) द्वारा सम्पादित की गयी थी। (4) आरोपित पदाधिकारी की यह व्यक्तिगत जिम्मेवारी थी कि वे लिफाफों को भली भॅाति देखकर खोलते एवं दर के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के उपरान्त ही कोई निर्णय लेते। (5) आरोपित पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के उपरान्त प्रमाणित आरोपों के विरूद्व द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है जिससे इनके विरूद्व सम्पुष्ट आरोप को प्रमाणित न माना जाय। उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में श्री बसाक द्वारा प्रस्तुत द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्व कार्यालय में प्राप्त निविदा दस्तावेज के वित्तीय बिड के साथ छेड़छाड़ को रोक पाने में विफेल होने का आरोप प्रमाणित पाया गया है। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री गणेश लाल बसाक, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत को निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैः-
1. पॅाच प्रतिशत (05 प्रतिशत) पेंशन पर सदा के लिए रोक। सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के आलोक में उक्त दण्ड श्री गणेश लाल बसाक, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नागेश्वर प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
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अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 18-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in