(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 12121212 पौषपौषपौषपौष 1111935935935935 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 19191919) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 2222 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2014201420142014 जल संसाधन विभाग -------- vf/klwpuk 11 fnlEcj 2013
सं0 22/नि0सि0(मुज0)-06-12/2006/1503—श्री विद्यानन्द प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी सहायक अभियन्ता, तिरहुत नहर प्रमण्डल सं0-1, मुजप्फरपुर के विरूद्व उनके पदस्थापन अवधि में जैतपुर शाखा नहर के वि0 दू0-14.00 पर दिनांक 23.9.11 को नहर के बायॅा तटबंध में 15'0'' चौड़ाई में हुए टुटान के लिए आपको जिम्मेवार मानते हुए कार्य में लापरवाही एवं शिथिलता बरतने के आरोप में विभागीय अधिसूचना सं0-1496 दिनांक 5.12.11 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञाप सं0-02 दिनांक 4.1.12 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन में आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध अभिलेख के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए निम्नांकित बिन्दुओं पर विभागीय पत्र सं0-524 दिनांक 06.5.13 से इनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गयीः-
1. इनके द्वारा तर्क दिया गया है कि टूटान की सूचना उन्हें दिनांक 21.9.11 को 1.40 बजे कनीय अभियन्ता से दूरभाष पर प्राप्त हुई। जबकि कनीय अभियन्ता द्वारा दूरभाष पर इनसे सम्पर्क स्थापित कर लिया गया तो उनके इस बयान को स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता कि सुदूर क्षेत्र में होने के कारण अथक प्रयास के बावजूद इनके द्वारा उच्चाधिकारियों से मोबाईल पर सम्पर्क स्थापित नहीं किया जा सका।
2. नहर में रूपांकित जलश्राव 480 घनसेक के विरूद्व प्रवाहित जलश्राव 163 घनसेक मात्र में ही नहर टूट गया। प्रभारी, अभियन्ताओं द्वारा यदि निश्चित अन्तराल पर नहर बांध का भ्रमण किया जाता तो पाईपिंग के कारण नहर बांध के टूटान को रोका जा सकता था। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2014 अतः उक्त निर्णय के आलोक में श्री विद्यानन्द प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी सहायक अभियन्ता, निलंबित को आरोप से मुक्त करते हुए निलंबन से मुक्त किया जाता है। निलंबन अवधि में भुगतान की गयी राशि का समायोजन कर वेतनादि मद में देय शेष राशि का भुगतान करते हुए निलंबन अवधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ मानी जायेगी। उक्त आदेश श्री प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
—————
अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 19-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in