(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 12121212 पौषपौषपौषपौष 1111935935935935 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 4444) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 2222 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2014201420142014 जल संसाधन विभाग
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4 vDrwcj 2013
सं0 22/नि0सि0(सम0)-02-1012/96/1242—श्री सुरेश नन्दन सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण प्रमण्डल, मंझौल के विरूद्व मुख्य अभियन्ता, समस्तीपुर के प्रतिवेदन के आधार पर जीप सं0-वी0आर0आई0-4240 की चोरी से संबंधित कतिपय आरोपों के लिए श्री सिन्हा से सरकार द्वारा असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-55'ए' के तहत स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिन्हा से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिन्हा के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गयेः-
(क) जीप सं0-वी0आर0आई0-4240 जो दिनांक 27.10.88 को अवर प्रमण्डल सं0-1, बेगूसराय के कार्यालय परिसर से चोरी हो गयी इसके सुरक्षा के लिए सजग नहीं रहना न ही वहॅा पर सोये हुए कर्मचारियों में से किसी को 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 2 जनवर(cid:15) 2014 उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-2203/02 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 11.2.02 को पारित अंतरिम आदेश के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 287 दिनाक 15.3.02 द्वारा राशि की वसूली की कार्रवाई को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 3.8.12 को अंतिम आदेश पारित किया गया है, जिसमें विभागीय दण्डादेश दिनांक 27.11.01 को निरस्त कर दिया गया है। पारित न्यायादेश के आलोक में मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त श्री सिन्हा के विरूद्व विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2135 दिनांक 27.11.01 द्वारा निर्गत दण्डादेश को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
तदनुसार विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2135 दिनांक 27.11.01 को निरस्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
गजानन मिश्र,