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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 January 2014

Published 08 January 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-01-08.50
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 18181818 पौषपौषपौषपौष 1111935935935935 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 50505050) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 8888 जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15)जनवर(cid:15) 2014201420142014 सं0 7/सह॰ (आई॰सी॰डी॰पी॰) 20/11—3345 सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग -------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 2 अगस्त 2 अगस्त 2 अगस्त 2 अगस्त 2013201320132013 विषयविषयविषयविषयःःःः—पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिलापूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिलापूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिलापूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिला में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा प्रतिपूर्त्ति के आधार पर सम्पोषित में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा प्रतिपूर्त्ति के आधार पर सम्पोषित में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा प्रतिपूर्त्ति के आधार पर सम्पोषित में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा प्रतिपूर्त्ति के आधार पर सम्पोषित "समेकित सहकारी विकास परियोजना (आई॰सी॰डी॰पी॰) समेकित सहकारी विकास परियोजना (आई॰सी॰डी॰पी॰)" के कार्यान्वयन की स्वीकृति, तथा परियोजना अवधि के कार्यान्वयन की स्वीकृति, तथा परियोजना अवधि के कार्यान्वयन की स्वीकृति, तथा परियोजना अवधि के कार्यान्वयन की स्वीकृति, तथा परियोजना अवधि समेकित सहकारी विकास परियोजना (आई॰सी॰डी॰पी॰) समेकित सहकारी विकास परियोजना (आई॰सी॰डी॰पी॰) तक राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰ का कार्यरत पदबल के साथ अवधि विस्तार की स्वीकृति। तक राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰ का कार्यरत पदबल के साथ अवधि विस्तार की स्वीकृति। तक राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰ का कार्यरत पदबल के साथ अवधि विस्तार की स्वीकृति। तक राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰ का कार्यरत पदबल के साथ अवधि विस्तार की स्वीकृति। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली के पत्रांक रा॰स॰वि॰नि॰ 3-6-(20) 2010-आईसीडीपी (221)(A110013) दिनांक 14.12.2011 के अनुसार पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिले में समेकित सहकारी विकास परियोजना कार्यान्वयन की स्वीकृति के उपरांत राज्य मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक दिनांक 02020202....00007777....2013201320132013 के मद संख्या 09090909 द्वारा पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिले में वर्ष 2013-14 से 2017-18 (पाँच वार्षिक चरण) में परियोजना कार्यान्वयन की स्वीकृति संसूचित की जाती है। 2222.... निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को इन परियोजनाओं के लिए नोडल नोडल नोडल नोडल (NODAL) पदाधिकारपदाधिकारपदाधिकारपदाधिकारीीीी तथा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी घोषित किया जाता है। परियोजना राशि की निकासी सचिवालय कोषागार सचिवालय कोषागार सचिवालय कोषागार सचिवालय कोषागार निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी विकास भवन, पटना से विकास भवन, पटना से विकास भवन, पटना से विकास भवन, पटना से बिहार राज्य सहकारिता अधिकोष लि॰, सचिवालय शाखा (विकास भवन) के माध्यम से उक्त निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी कार्यालय के लिए प्राधिकृत निकासी एवं व्यय पदाधिकारी करेंगे एवं परियोजना राशि को संबंधित परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी के बिहार राज्य सहकारिता अधिकोष लि॰ के सचिवालय शाखा, पटना में खोले गये विशेष बचत खाते में, आहरण के तुरंत बाद हस्तांतरित कर देगें एवं इसका उपयोग परियोजना द्वारा परियोजना अवधि में किया जाना सुनिश्चित करेंगे।

3333.... परियोजना कार्यान्वयन के लिए जिला केन्द्रीय सहकारी अधिकोष लि॰, मोतीहारी को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी (पी॰आई॰ए॰) घोषित किया जाता है।

4444.... राज्य में संचालित समेकित सहकारी विकास परियोजना के अनुश्रवण हेतु निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के अधीन पूर्व से गठित राज्य अनुश्रवण कोषांग, समेकित सहकारी विकास परियोजना (कार्यरत पदबल सहित) को इस परियोजना के गहन अनुश्रवण हेतु इस परियोजना की परियोजना अवधि तक विस्तारित किया जाता है। राज्य अनुश्रवण कोषांग में नियुक्त/प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/कार्मिकों के वेतनादि एवं अन्य मदों का2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 जनवर(cid:15) 2014 वहन इस परियोजना में राज्य अनुश्रवण कोषांग हेतु निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को विमुक्त अनुदान मद की राषि से की जायेगी।

5555....(क)(क)(क)(क) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली के स्वीकृति पत्रांक रा॰स॰वि॰नि॰ 3-6- (20) 2010-आईसीडीपी (221)(A110013) दिनांक 14.12.2011 एवं योजना प्राधिकृत समिति तथा मंत्रिपरिषद्‌ द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिला के लिए स्वीकृत परियोजना की सम्पूर्ण वित्तीय व्यवस्था निम्नवत है :-

परियोजना जिला एन॰सी॰डी॰सी॰ का अंष राषि, राज्य सरकार को एन॰सी॰डी॰सी॰ का अंष राषि, राज्य सरकार को निगम से प्रतिपूर्त्ति के शत्‌-प्रतिषत्‌ (100%) निगम से प्रतिपूर्त्ति के शत्‌-प्रतिषत्‌ निगम से प्रतिपूर्त्ति के निगम से प्रतिपूर्त्ति के आधार पर-क्रेन्द्र प्रायोजित योजना प्रक्षेत्र से राज्यांष राषि, राज्यांष राषि, राज्यांष राषि, राज्यांष राषि, राज्य योजना राज्य योजना राज्य योजना राज्य योजना सेसेसेसे कुल लागत कुल लागत राषि
ऋ ऋणणणण अनुदान कुल राषि अनुदान
1 2 3 4 5 6
आई॰सी॰डी॰पी॰, प र्वी ू च पारण ं (मोतीहारी) (राज्य अनुश्रवण कोषांग सहित) 6474.270 2133.945 8608.215 293.515 8901.730

परियोजना कार्यान्वयन के लिए प्राप्त होने वाली कुल राषि में से एन॰सी॰डी॰सी॰ अंश राशि की प्रतिपूर्त्ति (Reimbursement) राज्य सरकार को एन॰सी॰डी॰सी॰, नई दिल्ली द्वारा की जायेगी।

(ख)(ख)(ख)(ख) दिनांक 21.06.2012 को सचिव, सहकारिता की अध्यक्षता में संपन्न बैठक की कार्यवाही के आलोक में राज्य सरकार प्राथमिक स्तर की समितियों को मजबूत बनाने तथा समेकित सहकारी विकास परियोजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के राषि विमुक्ति पैर्टन (Funding Pattern) में समरुपता लाने के लिए निगम से प्राप्त होने वाली ऋण एवं अनुदान राषि को चक्रीय पूंजी (Revolving Capital) एवं अनुदान के रुप में विमुक्त करेगी। 6666.... पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिले की परियोजना में एन॰सी॰डी॰सी॰ की भागीदारी लगभग 96.70% तथा राज्य सरकार की भागीदारी लगभग (राज्यांष) 3.30% है। निगम अंष राषि, राज्य सरकार को विमुक्त किये जाने के उपरांत निगम-राषि की प्रतिपूर्त्ति राज्य सरकार को करेगी। एन॰सी॰डी॰सी॰ प्रथम चरण की राषि Wage & Means Advance विमुक्त करेगी।

(क)(क)(क)(क) राज्य सरकार निगम से ऋण के रुप में प्राप्त होने वाली मो॰ 6474.270 लाख रुपये एवं एल॰डी॰/यू॰डी॰ अनुदान के रुप में प्राप्त होने वाली मो॰ 1840.430 लाख रुपये को चक्रीय पूंजी, एल॰डी॰/यू॰डी॰ के अतिरिक्त अनुदान एवं एल॰डी॰/यू॰डी॰ अनुदान के रुप में समितियों को उपलब्ध करायेगी, जो क्रमषः मो॰ 4157.350 लाख, मो॰ 2316.920 लाख तथा मो॰ 1840.430 लाख रुपये है। पी॰आई॰टी॰ अनुदान मद में निगम एवं राज्य सरकार द्वारा क्रमषः मो॰ 293.515 एवं मो॰ 293.515 लाख कुल मो॰ 587.030 लाख रुपये विमुक्त करेगी। अनुदान (एन॰सी॰डी॰सी॰ से प्राप्त एल॰डी॰/यू॰डी॰ सहित) एवं चक्रीय पूंजी (Revolving Capital) का अनुपात 50ः50 का रहेगा तथा पी॰आई॰टी॰ अनुदान देने की प्रक्रिया पूर्ववत रहेगी, जिसमें 50% निगम एवं 50% राज्य सरकार की हिस्सेदारी होगी। परियोजना की चरण वार, वर्षवार स्वीकृत वित्तीय व्यवस्था निम्नवत है :-

परियोजना जिला/परियोजना परियोजना जिला/परियोजना परियोजना जिला/परियोजना परियोजना जिला/परियोजना कार्यान्वयन एजेन्सी/वर्ष मोतीहारी केन्द्रीय सहकारी अधिकोष लि॰, मोतीहारी जिला पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) राज्य सरकार द्वारा निगम के मार्गदर्षन के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा निगम के मार्गदष न के विरुद्ध परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी र् परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी राज्य सरकार द्वारा निगम के मार्गदष न के विरुद्ध र् न के विरुद्ध र् परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी को परियोजना कार्यान्वयन हेतु पूरी अवधि के लिए राषि विमुक्त करेगी राज्यांष राषि राज्यांष राषि राज्यांष राषि राज्यांष राषि राज्य योजना से राज्य योजना से राज्य योजना से राज्य योजना से अनुदान कुल योग
चक्रीय पूंजी अनुदान कुलकुलकुलकुल पी॰आई॰टी॰
एल॰डी॰/यू॰डी॰ एल॰डी॰/यू॰डी॰ के अतिरिक्त एल॰डी॰/ एल॰डी॰/ एल॰डी॰/ एल॰डी॰/ यू॰डी॰ पी॰आई॰टी॰
1 2 3 4 5 6 7 8
प्रथम चरण (2013-14) 1005.600 569.045 436.555 54.550 2065.750 54.550 2120.300
द्वितीय चरण (2014-15) 1386.350 784.550 601.800 54.570 2827.270 54.570 2881.840
तृतीय चरण (2015-16) 1278.550 718.650 559.900 59.260 2616.360 59.260 2675.620
चतुर्थ चरण (2016-17) 338.100 169.675 168.425 59.810 736.010 59.810 795.820
प चम चरण (2017-18) ं 148.750 75.000 73.750 64.450 361.950 64.450 426.400
डी॰पी॰आर॰ शुल्क - - - 0.875 0.875 0.875 1.750
4157.350 2316.920 1840.43 0 293.515 8608.215 293.515 8901.730

विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी॰पी॰आर॰) शुल्क मो॰ 1.75 लाख का भुगतान सलाहकार संस्था को पूर्व में निर्गत विभागीय स्वीकृत्यादेष संख्या 226 दिनांक 07.09.2010 द्वारा किया जा चुका है।

(ख)(ख)(ख)(ख) चरणवार राषि की स्वीकृति के अनुरुप किसी वित्तीय वर्ष में राषि की निकासी नहीं होने की स्थिति में अगले वित्तीय वर्ष में पूर्व चरण की राषि की निकासी की जा सकेगी। निगम द्वारा योजना की स्वीकृति पाँच वर्ष के लिए प्रदान की गई है अतएव निकासी की गई राषि का उपयोग परियोजना अवधि तक किया जा सकेगा।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 जनवर(cid:15) 2014 (ग)(ग)(ग)(ग) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले निदेषों के अनुरुप परियोजना अंतर्गत विभिन्न मदों में प्रावधानित राषि का अंतःक्षेत्रीय एवं अंतर क्षेत्रीय मद परिवर्त्तन स्थानीय आवष्यकता के अनुरुप शीर्ष परिवर्त्तन किये बिना किया जा सकेगा।

7777.... परियोजना अंतर्गत निर्माण कार्य एवं व्यवसाय विकास हेतु समितियों को दी जाने वाली सम्पूर्ण राषि - चक्रीय पूंजी रु॰ 4157415741574157....350350350350 लाख, एल॰डी॰/यू॰डी॰ के अतिरिक्त रु॰ 2316231623162316....920920920920 लाख, कुल 6474647464746474....270270270270 लाख की प्रतिपूर्त्ति राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा राज्य सरकार को "ऋणऋणऋणऋण" मद में, एल॰डी॰/यू॰डी॰ अनुदान मद में रु॰ 1840184018401840....430430430430 लाख तथा स्थापना आदि व्ययों हेतु दी जाने वाली अनुदान मद की कुल रु॰ 587587587587....030030030030 लाख के 50% राषि रु॰ 293293293293....515515515515 लाख की प्रतिपूर्त्ति अनुदान मद में, वृहद कुल N.C.D.C. की अंष राषि रु॰ 8608860886088608....215215215215 लाख की प्रतिपूर्त्ति करेगी। स्थापना आदि व्यय की शेष राषि 293293293293....515515515515 लाख रुपये राज्य सरकार अपने संसाधनों से राज्यांष के रुप में उपलब्ध करायेगी।

8888.... निगम द्वारा राज्य सरकार को प्राप्त ऋण की अवधि निगम के प्रावधानुसार 8 वर्ष निर्धारित है। चक्रीय पूंजी एवं एल॰डी॰/यू॰डी॰ के अतिरिक्त की राषि N.C.D.C. को 3 वर्ष के Moratorium के उपरांत चौथे वर्ष से 5 समान वार्षिक किस्तों में तथा मार्जिन मनी हेतु निगम से प्राप्त ऋण बिना स्थगन (Moratorium) के प्रथम वार्षिकी से 8 समान वार्षिक किस्तों में राज्य सरकार द्वारा अदा की जायेगी। निगम के प्रावधानानुसार निगम के पत्र सं॰ रा॰स॰वि॰नि॰-3-6- (20) 2010-आईसीडीपी (221)(A110013) दिनांक 14.12.2011 एवं निगम के पत्र सं॰ NCDC : 1-1/90-Budt दिनांक 29.05.2013 के अनुसार निम्नांकित दर से भारित ब्याज दर निम्नवत हैः-

Term Loan
प्रभावी ब्याज दर - @ 12.50 % वार्षिक
सामान्य ब्याज दर - @ 13.50 % प्रतिवर्ष
दण्ड ब्याज दर - @ 16.00 % वार्षिक

9999.... निगम को ऋण किस्त तथा व्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 5 जनवरी तक कर देना है। व्याज दर निगम के संषोधनों से प्रभावित होगा। अन्य शर्त्ते निगम के स्वीकृति पत्र एवं अनुबंध के अनुसार होंगे।

10101010.... योजनान्तर्गत समितियों को उपलब्ध कराई गई चक्रीय पूंजी पर समितियों से कोई सूद नहीं लिया जायेगा एवं इसकी वापसी योजना प्रारंभ होने के अगले वर्ष से 10 वर्षो में 20 अर्द्धवार्षिक समान किस्तों में की जा सकेगी। चक्रीय पूंजी की उक्त राषि की वापसी से एक चक्रीय निधि (Revolving Fund) का सृजन समग्र निधि (Corpus Fund) के रुप में किया जायेगा। इस निधि की राषि का उपयोग सहकारी समितियों में निर्मित आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव तथा नई अधिसंरचनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा। चक्रीय पूंजी से सृजित निधि संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक में रखी जायेगी तथा इसका अभिलेख संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक तथा जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय में संधारित होगा। इस निधि के राषि के उपयोग हेतु जिला सहकारिता पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमिटि होगी, जिसके सदस्य संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेषक तथा जिले में पदस्थापित सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ होंगे। परियोजना में पदस्थापित विकास पदाधिकारी वसूली हेतु व्यक्तिगत प्रयास करेंगे। लाभान्वित समितियाँ, चक्रीय पूंजी किस्त राषि की वसूली की स्थिति में आयें, इसके लिए नोडल पदाधिकारी, राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, महाप्रबंधक, समेकित सहकारी विकास परियोजना समितियों के व्यवसाय विकास को सुदृढ़ करने हेतु कार्रवाई तथा सभा, सेमिनार, संगोष्टी का आयोजन कर समितियों को प्रोत्साहित करेंगे। निबंधक, सहयोग समितियाँ परियोजनान्तर्गत चयनित समितियों का अंकेक्षण नियमित रुप से कराया जाना सुनिष्चित करेंगे तथा परियोजना कार्यान्वयन में निगम द्वारा निर्धारित शर्त्तो का अनुपालन सुनिष्चित करेंगे।

11111111.... परियोजनान्तर्गत लाभान्वित समितियों, पैक्सों, व्यापार मंडलों, केन्द्रीय सहकारी अधिकोष से वसूल की गई चक्रीय पूंजी की राषि मोतीहारी केन्द्रीय सहकारी अधिकोष लि॰, मोतीहारी में जमा की जायेगी तथा उसका समेकित प्रतिवेदन राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी/निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना/प्रधान सचिव, सहकारिता को ससमय भेजा जायेगा।

12121212.... जिला में परियोजना प्रारंभ करने हेतु राषि निकासी के पूर्व परियोजना कार्यान्वयन दल (पी॰आई॰टी॰) में कार्मिकों की नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति/पदस्थापन की प्रक्रिया निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित कार्मिक चयन समिति द्वारा कर ली जायेगी।

13131313.... संबंधित महाप्रबंधक, समेकित सहकारी विकास परियोजना, परियोजना के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु जिला स्तर पर एक कार्यालय गठित करेंगे। महाप्रबंधक के अधीन एक परियोजना कार्यान्वयन दल (पी॰आई॰टी॰) कार्यरत होगा, जो परियोजना कार्यो का संचालन करेगा।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 जनवर(cid:15) 2014 14141414.... परियोजना के अंतिम तीन माह में परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी/दल, परियोजना समापन प्रतिवेदन निगम द्वारा विहित प्रपत्र में तैयार कर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰, निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना एवं प्रधान सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को भेजेगें।

15151515.... परियोजना का पूर्णता प्रतिवेदन तैयार करते समय यदि कोई परियोजना राषि अनुपयुक्त रह जाती है या एजेंसी के पास बची रह जाती है तो उसे ट्रेजरी चालान द्वारा राज्य कोषागार में जमा कर उसकी सूचना, चालान की प्रति के साथ विभाग को प्रेषित की जायेगी।

16161616.... परियोजना की समाप्ति के समय परियोजना के सभी Records (चक्रीय पूंजी/एल॰डी॰/यू॰डी॰ के अतिरिक्त अनुदान, एल॰डी॰/यू॰डी॰ अनुदान तथा राज्यांष अनुदान सहित) अवषेष राषि, परियोजना कार्यालय के उपस्कर (Assests), परियोजना वाहन संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी को संबंधित महाप्रबंधक, आई॰सी॰डी॰पी॰ हस्तांतरित करेंगे। संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी/प्रबंध निदेषक, मोतीहारी केन्द्रीय सहकारी अधिकोष लि॰, मोतीहारी परियोजना पूर्ण होने के उपरांत समितियों से बकाया चक्रीय पूंजी की वसूली सुनिष्चित करेंगे, इसके लिए वे जबावदेह होंगे। वसूली की सूचना निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के माध्यम से प्रधान सचिव, सहकारिता विभाग को प्रेषित करेंगे।

17171717.... परियोजना समापन के उपरांत परियोजना अंतर्गत आच्छादित समितियों में यदि कोई कार्य अवषेष रह जाता है और उस कार्य को पूर्ण कराने हेतु समिति के खाता में परियोजनान्तर्गत प्राप्त अवषेष राषि रहती है तो उस कार्य पूर्ण कराने हेतु संबंधित जिला सहकारिता पदाधिकारी को समिति के खाता से राषि निकासी करने हेतु अधिकृत किया जाता है।

18181818.... परियोजना कार्यान्वयन में निगम के प्रावधानों, निदेषों का अनुपालन किया जायेगा, जो निगम की परियोजना स्वीकृति पत्र एवं उसके अनुलग्नों में दर्षित है। 19191919. परियोजना अंतर्गत योजनाओं की स्वीकृति - परियोजना अंतर्गत योजनाओं की स्वीकृति - परियोजनान्तर्गत समितियों के चयन हेतु राष्ट्रीय सहकारी विकास परियोजना अंतर्गत योजनाओं की स्वीकृति - परियोजना अंतर्गत योजनाओं की स्वीकृति - निगम द्वारा निर्धारित शर्त्त के अनुसार वित्तीय सहायता हेतु उन्हीं समितियों का चयन किया जाना है, जो अच्छा कार्य कर रही हों, जिनकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हो, जिनमें विकास की संभावना हो तथा जो परियोजनान्तर्गत दिये गये चक्रीय पूंजी भार को सहन कर सके। प्रत्येक चयनित समिति में निर्वाचित प्रबंध समिति का रहना अनिवार्य है। समितियों का चयन करने एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा निर्धारित शर्त्तो का भी पालन किया जाएगा।

समेकित सहकारी विकास परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बिन्दु यह है कि परियोजना में सही समितियों (Viable Societies) का चयन हो। परियोजना के अंतर्गत समितियों का चयन जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा किया जायेगा। चयन के पश्चात्‌ परियोजनानुरुप महाप्रबंधक द्वारा लाभान्वित समितियों को राशि का हस्तांतरण किया जायेगा। इस मद में राज्य सरकार से प्राप्त राशि संबंधित महाप्रबंधकों द्वारा संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी अधिकोष या निबंधक, सहयोग समितियॉ के निदेशानुसार अन्य राष्ट्रीकृत बैंक/राज्य सहकारी बैंक में खाता खोलकर जमा की जायेगी एवं महाप्रबंधक के हस्ताक्षर से राशि की निकासी की जायेगी। संबंधित महाप्रबंधक ही व्ययन पदाधिकारी होंगे। महाप्रबंधक ही PIT में कार्यरत कार्मिकों के नियंत्री पदाधिकारी होंगे। इन कार्मिकों के वेतनादि का भुगतान उन्हीं के हस्ताक्षर से होगा।

20202020.... गोदाम निर्माण - गोदाम निर्माण - गोदाम निर्माण - गोदाम निर्माण - जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा स्वीकृति के पश्चात्‌ राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के उपर्युक्त स्वीकृत्यादेश के आलोक में लाभान्वित समितियों द्वारा गोदाम निर्माण कार्य कराया जाएगा। गोदाम निर्माण हेतु लाभान्वित पैक्सों को हस्तांतरित राशि के व्यय, लेखा संधारण एवं उपयोगिता की जिम्मेवारी पैक्स के अध्यक्ष/प्रबंधक की होगी। गोदाम निर्माण का तकनिकी पर्यवेक्षण पी॰आई॰टी॰/जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा नामित अभियंता/विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त अभियंता द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक जिले में PWD द्वारा निर्गत Schedule of rate के आधार पर प्रतिनियुक्त अभियंता प्राक्कलन तैयार करेंगे। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा निर्धारित दर के अनुरुप ही गोदाम निर्माण का भुगतान होगा। अंतिम विपत्र संबंधित जिलों के जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा नामित सक्षम अभियंता द्वारा पारित किया जायेगा। समितियों का चयन तथा उप परियोजना की स्वीकृति - परियोजना के अंतर्गत आच्छादित होने वाली समितियों 21212121.... समितियों का चयन तथा उप परियोजना की स्वीकृति - समितियों का चयन तथा उप परियोजना की स्वीकृति - समितियों का चयन तथा उप परियोजना की स्वीकृति - का चयन तथा उप परियोजना की स्वीकृति PIT की अनुशंसा के उपरांत जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा किया जायेगा।

22222222.... आच्छादित समितियों से संबंधित अस्तियों आच्छादित समितियों से संबंधित अस्तियों आच्छादित समितियों से संबंधित अस्तियों आच्छादित समितियों से संबंधित अस्तियों (Assets) का क्रय - का क्रय - का क्रय - का क्रय - समेकित सहकारी विकास परियोजना से संबंधित बुनकर लूम, पंपसेट, चावल मिल आदि का क्रय समितियाँ राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के स्वीकृत्यादेश में वर्णित प्रावधानों के अनुसार PIT की देख-रेख में स्वयं करेंगी। क्रय किये गये अस्तियों (Assets) के गुणवत्ता के लिए समिति तथा महाप्रबंधक उत्तरदायी होंगे। पैक्सों को फर्निचर, फिक्सचर, सेफ भॉल्ट एवं काउन्टर इत्यादि देने के संबंध में - देने के संबंध में - देने के संबंध में - देने के संबंध में - PIA की स्वीकृति के पश्चात्‌ 23232323.... पैक्सों को फर्निचर, फिक्सचर, सेफ भॉल्ट एवं काउन्टर इत्यादि पैक्सों को फर्निचर, फिक्सचर, सेफ भॉल्ट एवं काउन्टर इत्यादि पैक्सों को फर्निचर, फिक्सचर, सेफ भॉल्ट एवं काउन्टर इत्यादि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के स्वीकृत्यादेश के अनुरुप फर्नीचर, फिक्सचर, सेफ भॉल्ट एवं काउन्टर इत्यादि हेतु प्रावधानित राशि संबंधित समितियों को हस्तांतरित की जायेगी। सभी उपस्कर प्रमाणिक कंपनी के होंगे तथा5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 जनवर(cid:15) 2014 अधिकृत विक्रेता से ही खरीद की जायेगी। समितियॉ अपना उपस्कर स्वयं PIT के मार्ग-दर्शन में खरीद करेंगी। उपस्करों की गुणवत्ता की देख-रेख महाप्रबंधक तथा विकास पदाधिकारी करेंगे।

24242424.... पी॰आई॰टी॰ का अंकेक्षण - पी॰आई॰टी॰ का अंकेक्षण - पी॰आई॰टी॰ का अंकेक्षण - पी॰आई॰टी॰ का अंकेक्षण - राज्य अनुश्रवण कोषांग तथा पी॰आई॰टी॰ का अंकेक्षण निबंधक, सहयोग समितियॉ, बिहार, पटना द्वारा नियुक्त अंकेक्षण पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक वर्षान्त के तीन माह के अंदर उनके द्वारा निबंधक, सहयोग समितियॉ को उक्त अंकेक्षण प्रतिवेदन निश्चित रुप से समर्पित किया जायेगा। संबंधित संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियॉ तथा राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी परियोजनान्तर्गत चयनित समितियों का अद्यतन अंकेक्षण हेतु संबंधित जिलों के जिला अंकेक्षण पदाधिकारियों के कार्यो की समीक्षा करेंगे। राज्य अनुश्रवण कोषांग का कार्य - परियोजना के अनुश्रवण/मार्गदर्षन के लिए पूर्व से निबंधक, सहयोग 25252525.... राज्य अनुश्रवण कोषांग का कार्य - राज्य अनुश्रवण कोषांग का कार्य - राज्य अनुश्रवण कोषांग का कार्य - समितियाँ के अधीन गठित राज्य अनुश्रवण कोषांग में अन्य कर्मियों के अतिरिक्त राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी भी पदस्थापित हैं। राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी सभी जिलों के कार्यो की समीक्षा एवं मासिक, त्रैमासिक, वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन एवं परियोजना को विमुक्त राषियों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र ससमय परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों से प्राप्त करना सुनिष्चित करेंगे तथा इससे विभाग, सरकार एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को अवगत कराना इनका मुख्य कार्य है। इसके अतिरिक्त राज्य अनुश्रवण कोषांग द्वारा प्रत्येक माह बैठक आहूत की जाएगी, जिसमें परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जिला स्तर पर आयोजित बैठकों में भाग लेना, परियोजना के कार्यो की समीक्षा, समितियों का परिदर्शन एवं सरकार द्वारा लिये गये नीतिगत निर्णयों का संप्रेषण इनके महत्वपूर्ण कार्य हैं। राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी 6 माह में एक बार राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन विभागीय सचिव की सुविधानुसार करेंगे। इस राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक विभागीय सचिव की अध्यक्षता में संपन्न होगी। राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी जिला स्तर पर पदस्थापित महाप्रबंधकों के नियंत्री पदाधिकारी होंगे तथा उनकी वार्षिक गोपनीय अभियुक्ति का लेखन करेंगे। परियोजना के सुचारु कार्यान्वयन के लिए राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी जिम्मेवार होंगे। राशि के उपयोग की जिम्मेवारी - परियोजनान्तर्गत प्राप्त वित्तीय सहायता को निर्धारित समय.सीमा के अंतर्गत 26262626.... राशि के उपयोग की जिम्मेवारी - राशि के उपयोग की जिम्मेवारी - राशि के उपयोग की जिम्मेवारी - नियमानुकूल उपयोग सुनिश्चित कराने की पूरी जिम्मेवारी महाप्रबंधक की होगी। उनका दायित्व होगा कि प्राप्त वित्तीय सहायता समय पर लाभान्वित समितियों को प्राप्त हो। इसके लिए वे बैंक स्थित परियोजना के खाता का संचालन करेंगे। जिला स्तरीय समन्वय समिति - समेकित सहकारी विकास परियोजना की मानिटरिंग, समीक्षा, निदेशन के लिए 27272727.... जिला स्तरीय समन्वय समिति - जिला स्तरीय समन्वय समिति - जिला स्तरीय समन्वय समिति - जिला स्तर पर जिला स्तरीय समन्वय समिति निम्न प्रकार गठित की जाती है :-

अध्यक्ष सदस्य सदस्य 1. जिला पदाधिकारी संबंधित जिला 2. उप विकास आयुक्त संबंधित जिला 3. संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष 4. महाप्रबंधक, समेकित सहकारी विकास परियोजना (PIT) संबंधित जिला सदस्य सचिव 5. प्रबंधक निदेशक, मोतीहारी केन्द्रीय सहकारी अधिकोष लि॰, मोतीहारी सदस्य 6. जिला सहकारिता पदाधिकारी संबंधित जिला सदस्य 7. जिला कृषि पदाधिकारी संबंधित जिला सदस्य 8. जिला पशुपालन पदाधिकारी संबंधित जिला सदस्य 9. जिला उद्योग पदाधिकारी संबंधित जिला सदस्य 10. जिला मत्स्य पदाधिकारी संबंधित जिला सदस्य 11. जिला पदाधिकारी द्वारा मनोनीत एक कार्यपालक अभियंता संबंधित जिला सदस्य 12. परियोजना कार्यान्वयन दल (PIT) में पदस्थापित अभियंता सदस्य 13. राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी/सहायक अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰ सदस्य 14. मुख्य निदेशक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, पटना सदस्य उपर्युक्त गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) समेकित सहकारी विकास परियोजना में निगम के प्रावधानानुसार कार्यान्वयन, प्रगति, परियोजना राशि का निर्धारित अवधि में उपयोग, चक्रीय पूंजी राशि की समितियों से वूसली की समीक्षा, अनुश्रवण सुनिश्चित करेगी, मार्ग-दर्शन एवं निदेशन करेगी तथा समिति की बैठक की कार्यवाही NODEL पदाधिकारी निबंधक, सहयोग समितियॉ, राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, समेकित सहकारी विकास परियोजना तथा प्रधान सचिव/सचिव, सहकारिता विभाग एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को भेजेगी।

जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की बैठक प्रत्येक माह तथा आवश्यकतानुसार संबंधित जिला पदाधिकारी द्वारा निर्धारित स्थान एवं समय पर होगी।(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 जनवर(cid:15) 2014 6 28282828.... राज्य स्तरीय समन्वय समिति - राज्य स्तरीय समन्वय समिति - राज्य स्तर पर प्रधान सचिव/सचिव, सहकारिता की अध्यक्षता में गठित "राज्य राज्य स्तरीय समन्वय समिति - राज्य स्तरीय समन्वय समिति - स्तरीय समन्वय समिति" परियोजना के समयवद्ध कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगी तथा प्रगति की नियमित समीक्षा/मोनिटरिंग एवं निदेशन करेगी। इस समिति के सदस्य सचिव राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, समिति अध्यक्ष, प्रधान सचिव/सचिव, सहकारिता विभाग से पूर्व समय निर्धारित कर प्रधान सचिव/सचिव सहकारिता द्वारा निर्धारित स्थल पर प्रत्येक छः माह पर राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आहूत करेंगे तथा समीक्षा हेतु प्रगति प्रतिवेदन एवं अन्य सुझाव प्रस्तुत करेंगे। परियोजनान्तर्गत प्रावधानित राशि का अगर मद परिवर्त्तन, ईकाई की संख्या/ईकाई लागत आदि में परिवर्त्तन अनिवार्य हो तो इस हेतु राज्य स्तरीय समन्वय समिति की सहमति प्राप्त की जायेगी तदुपरांत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की स्वीकृति प्राप्त करने के उपरांत महाप्रबंधकों को संबंधित परिवर्त्तन को कार्यान्वित करने का निदेश दिया जायेगा। नीतिगत मामलों को छोड़कर अन्य सभी मामलों में निर्णय लेने के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति सक्षम होगी। राज्य स्तरीय समन्वय समिति निम्न प्रकार गठित होगी :-

01. प्रधान सचिव/सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना अध्यक्ष

02. वित्त विभाग, बिहार, पटना के प्रतिनिधि सदस्य

03. निबंधक, सहयोग समितियॉ, बिहार, पटना सदस्य

04. निदेशक, मत्स्य विभाग, बिहार, पटना सदस्य

05. निदेशक, कृषि विभाग, बिहार, पटना सदस्य

06. निदेशक, गव्य, बिहार, पटना

सदस्य

07. निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम, बिहार, पटना सदस्य

08. निदेशक, पशुपालन, बिहार, पटना

सदस्य

09. निदेशक, उद्योग, बिहार, पटना

सदस्य

10. निदेशक, (ICDP) राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली सदस्य 11. परियोजना जिला के जिला पदाधिकारी/उप विकास आयुक्त सदस्य

12. राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰ सदस्य सचिव

13. मुख्य निदेशक, एन॰सी॰डी॰सी॰, पटना सदस्य 14. परियोजना जिला के जिला सहकारिता पदाधिकारी सदस्य

15. महाप्रबंधक, समेकित सहकारी विकास परियोजना सदस्य

16. प्रबंध निदेशक, मोतीहारी केन्द्रीय सहकारिता अधिकोष लि॰, मोतीहारी सदस्य

29292929.... कार्मिक चयन समिति - कार्मिक चयन समिति - कार्मिक चयन समिति - कार्मिक चयन समिति - निगम के प्रावधानानुसार समेकित सहकारी विकास परियोजना के कार्यान्वयन के लिए गठित होने वाली परियोजना कार्यान्वयन दल (परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी) के अंतर्गत कार्मिकों की नियुक्ति हेतु चयन/प्रतिनियुक्ति/पदस्थापना के लिए निबंधक, सहयोग समितियॉ, बिहार, पटना (NODAL OFFICER) की अध्यक्षता में कार्मिक चयन समिति का गठन निम्नवत किया जाता है -

1. निबंधक, सहयोग समितियॉ, बिहार, पटना - अध्यक्ष। 2. राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰ - सदस्य सचिव। 3. प्रधान सचिव/सचिव, सहकारिता द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि - सदस्य। (अपर सचिव/संयुक्त सचिव/उप सचिव) 4. मुख्य निदेशक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, पटना - सदस्य।

कार्मिकों का चयन समिति, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रावधानों, तथा राज्य सरकार की स्वीकृत मानदण्डों के अनुसार करेगी, जो निम्नलिखित है :- (i) परियोजनान्तर्गत स्वीकृत पदों पर बहाली केन्द्रीय सहकारी अधिकोष/राज्य सरकार/राज्य सरकार की संस्था/सहकारी संस्था तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के कर्मचारियों से आवेदन प्राप्त करने के उपरान्त कार्मिक चयन समिति के चयनोपरांत की जायेगी। उक्त प्रक्रिया से उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने पर कॉन्ट्रेक्ट बेसिस पर व्यापक एडवरटाइजमेंट कर कार्मिकों का चयन किया जायेगा। प्रतिनियुक्ति भत्ता तथा अन्य भत्ते राज्य सरकार के प्रावधानानुसार ही देय होंगे।

(ii) नये नियुक्त कार्मिकों को समेकित वेतन के अलावे यात्रा भत्ता को छोड़कर अन्य वित्तीय लाभ देय नहीं होगा।

(iii) उपर्यक्त पदों पर नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति में राज्य सरकार एवं राज्य सरकार की संस्था/सहकारी संस्था के कार्मिकों हेतु उम्र सीमा का बंधेज नहीं रहेगा।7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 जनवर(cid:15) 2014 (iv) कार्मिकों की नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति हेतु निर्धारित शैक्षणिक अर्हता एवं उम्र सीमा के षिथलीकरण का अधिकार प्रधान सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को होगा।

(v) एक्सेप्सनल केस में अधिकतम उम्र सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जा सकती है। विषेष परिस्थिति में कार्मिक चयन समिति अधिकतम उम्र सीमा की छूट को बढ़ा सकती है।

(vi) परियोजना के सभी पदों पर कार्यरत पदाधिकारी/कर्मी के लिए सामान्यतः राज्य सरकार की शैक्षणिक अर्हता, वेतनमान/अनुभव आदि लागू होंगे।

(vii) परियोजना कार्यान्वयन दल में पदस्थापित पदाधिकारी/कार्मिकों के वेतनादि का भुगतान राज्य सरकार तथा एन॰सी॰डी॰सी॰ द्वारा (50ः50) परियोजना को स्थापना आदि व्यय हेतु दी गयी अनुदान राशि से वहन किया जायेगा।

(viii) परियोजना कार्यान्यवयन दल में पदस्थापित/प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों/कर्मचारियों पर अन्य शर्ते राज्य सरकार की ही लागू होंगी।

(ix) परियोजना कार्यान्वयन टीम के लिए पदाधिकारी/कार्मिक का चयन एवं नियुक्ति/ प्रतिनियुक्ति/पदस्थापन/वेतन भत्तों का निर्धारण - निबन्धक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना की अध्यक्षता में गठित - एक समिति की अनुशंसा के आधार पर की जायेगी। चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰ द्वारा निर्गत किया जाएगा।

(ख)(ख)(ख)(ख) राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰- समेकित सहकारी विकास परियोजनाओं के - जिलों में परियोजना कार्यान्वयन एवं प्रगति के अनुश्रवण/मार्गदर्शन के लिए पूर्व से, निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के अधीन गठित है, जो इस प्रस्तावित आई॰सी॰डी॰पी॰, पूर्वी चंपारण (मोतीहारी) जिला के परियोजना कार्यान्वयन का अनुश्रवण करेगी। राज्य अनुश्रवण कोषांग, आई॰सी॰डी॰पी॰, बिहार, पटना हेतु पदों की संरचना निम्नवत हैः-

1. राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी आई॰सी॰डी॰पी॰ - 1 2. सहायक अनुश्रवण पदाधिकारी - 2 3. कार्यालय सहायक/एकाउन्टेंट - 2 4. डाटा इंट्री आपरेटर - 1 5. स्टोनों टाइपिस्ट - 1 6. वाहन चालक - 1 7. पिउन/सुरक्षा गार्ड - 1

आदेष :आदेष :आदेष :आदेष :—आदेष दिया जाता है कि सर्व साधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अं आदेष दिया जाता है कि सर्व साधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में क में क में क में आदेष दिया जाता है कि सर्व साधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अं आदेष दिया जाता है कि सर्व साधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अं प्रकाषित किया जाय तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली एवं पटना/महालेखाकार, बिहार प्रकाषित किया जाय तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली एवं पटना/महालेखाकार, बिहार प्रकाषित किया जाय तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली एवं पटना/महालेखाकार, बिहार प्रकाषित किया जाय तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली एवं पटना/महालेखाकार, बिहार सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों/कार्यालयों को सूचित किया जाय। सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों/कार्यालयों को सूचित किया जाय। सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों/कार्यालयों को सूचित किया जाय। सहित सभी संबंधित पदाधिकारियों/कार्यालयों को सूचित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, षत्रुध्न कुमार चौधरी, सरकार के संयुक्त सचिव।

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अधी+क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 50-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 January 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-01-08.50/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-01-08.50.