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सं0 1सं0 1सं0 1सं0 1484848481111—श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्रामपो0थाना-जदिया, जिला-सुपौल पर्षद के अन्तर्गत निबंधित न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4263 है।
इस न्यास के न्यासधारी महंत अनन्त दास के देहावसान के पश्चात् पर्षद द्वारा एक न्यास समिति का गठन किया गया था। इसका विरोध करते हुए श्री अभिराम सिंह उर्फ अभिराम दास ने माननीय उच्च न्यायालय में सिविल रिट याचिका सं0-4474/2001 दायर किया। उक्त याचिका में इन्होंने न्यास को निजी होने का दावा किया था। माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक 24.09.2012 को इसका निष्पादन करते हुए आवेदक को पर्षद के समक्ष सभी साक्ष्यों के साथ अपना दावा प्रस्तुत करने का निर्देष दिया। उक्त आदेष के आलोक में पर्षद में इस मामले की सुनवाई की गयी। सुनवाई के पश्चात् आदेष दिनांक 11.04.2013 द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-28 (2) (प) एवं बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास की उपविधि की कंडिका-43 (z iv) के तहत इसे सार्वजनिक न्यास घोषित किया गया। साथ ही ट्रस्ट डीड में निरूपित शर्तो के उल्लंघन करने के कारण श्री अभिराम दास की महंताई स्वतः समाप्त होने का भी आदेष दिया गया। श्री अभिराम दास की महंताई की समाप्ति के पश्चात् न्यास में आई शून्यता को ध्यान में रखते हुए पर्षदीय पत्रांक-263 दिनांक 09.05.2013 द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज से न्यास के सम्यक् संचालन के लिए न्यास समिति के गठन हेतु 11 व्यक्तियों का नाम भेजने का आग्रह किया गया। अनुमण्डल पदाधिकारी से पत्रांक-656/रा0, दिनांक 27.09.2013 द्वारा सदस्यों का नाम प्राप्त हुआ है। उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है।(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 जनवर(cid:15) 2014 2 अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, जदिया, जिला-सुपौल के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण और इसको मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
यो ज नायो ज नायो ज नायो ज ना 1. पर्षद द्वारा अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, जदिया, सुपौल न्यास योजना''जदिया, सुपौल न्यास योजना''जदिया, सुपौल न्यास योजना''जदिया, सुपौल न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त्त रूप देने हेतु पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ''श्री ''श्री ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, जदिया, सुराम जानकी ठाकुरबाड़ी, जदिया, सुराम जानकी ठाकुरबाड़ी, जदिया, सुराम जानकी ठाकुरबाड़ी, जदिया, सुपौल न्यास पौल न्यास पौल न्यास पौल न्यास समिति''समिति''समिति''समिति'' होगा, जिसमें न्यास की सभी चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगी।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार न्यास के खाते का संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।
4. मंदिर परिसर में भेंटपात्र रखे जायेगें जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
6. मंदिर में आने वाले दर्षनार्थी, भक्तों का विषेष ख्याल रखा जायेगा ताकि उन्हें कोई असुविधा नहीं हों, विषेषकर महिला दर्षनार्थी के लिए विषेष व्यवस्था की जायेगी।
7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा।
8. मंदिर के पुजारियों की अर्हता का निर्धारण न्यास समिति करेगी तथा उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत्त आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेगे अथवा आपराधिक पृष्ठभूमि के होगें तो उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास समिति न्यास के सर्वागीण विकास एवं मंदिर जीर्णोद्धार में पूर्ण सहयोग करेगी।
12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
13. सचिव समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 जनवर(cid:15) 2014 14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हुआ है और मंदिर के हित में आवष्यक हो तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी।
यह न्यास समिति अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत कार्यरत रहेगी और मंदिर के सर्वागीण विकास तथा भक्तों के हितों के लिए सर्वोपरि कल्याण का कार्य करेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) श्री प्रमोद कुमार सिंह, पे0-स्व0 योगेन्द्र प्रसाद सिंह - अध्यक्ष
(2) श्री पृथ्वी यादव, पे0- स्व0 मूंगालाल यादव - उपाध्यक्ष
(3) श्री अषोक कुमार सिंह, पे0- स्व0 उपेन्द्र नारायण सिंह - सचिव
(4) श्री विरेन्द्र नारायण सिंह, पे0- स्व0 सुबोध नारायण सिंह - कोषाध्यक्ष
(5) श्री बिजेन्द्र प्रसाद सिंह, पे0- स्व0 राजेन्द्र प्रसाद सिंह - सदस्य
(6) श्री लक्ष्मी राम, पे0- स्व0 रजाई राम - सदस्य
(7) श्री ललन प्रसाद दर्दहंस, पे0-स्व0 सुखदेव प्रसाद सिंह - सदस्य
(8) श्री पवन कुमार सिंह, पे0-स्व0 तारणी ठाकुर - सदस्य
(9) श्री अनिल कुमार ठाकुर, पे0-स्व0 गणेषी ठाकुर - सदस्य
(10) श्री विपिन कुमार सिंह, पे0-स्व0 जीतन प्रसाद सिंह - सदस्य
(11) श्री दिलिप प्रसाद सिंह, पे0-स्व0 राजदेव प्रसाद सिंह - सदस्य
उपरोक्त सभी ग्रामपो0थाना- जदिया, जिला-सुपौल
यह योजना दिनांक 20.11.2013 से प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा।
विष्वासभाजन,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 89-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in