Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 28 February 2014

Published 28 February 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-02-28.206
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट)0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 9999 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1111935935935935 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 206206206206) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना

टनाटनाटनाटना,,,, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार,,,, 28282828 फरफरफरफरवर)वर)वर)वर) 2014201420142014 जल संसाधन विभाग

--------

vf/klwpuk

8 tuojh 2014

सं0 22 नि0 सि0/(दर0)-16-02/2010/

22 नि0 सि0/(दर0)-16-02/2010/28—श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, योजना एवं मोनेटरिंग अंचल, पटना के द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में कोशी नहर प्रमण्डल, खुटौना के निविदा योजना एवं मोनेटरिंग अंचल, पटना के द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में कोशी नहर प्रमण्डल, खुटौना के निविदा योजना एवं मोनेटरिंग अंचल, पटना के द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में कोशी नहर प्रमण्डल, खुटौना के निविदा

तता की जॅाच वाद संख्या सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-01/2009-10 के ग्रुप सं0-3 की निविदा में बरती गयी अनियमितता की जॅाच वाद संख्या सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-01/2009-10 के ग्रुप सं0-3 की निविदा में बरती गयी अनियमि

सं0 906/10 श्री बिन्देश्वर यादव कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्राम हरिराहा जिला मधुबनी बनाम बिहार सरकार में माननीय सं0 906/10 श्री बिन्देश्वर यादव कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्राम हरिराहा जिला मधुबनी बनाम बिहार सरकार में माननीय सं0 906/10 श्री बिन्देश्वर यादव कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्राम हरिराहा जिला मधुबनी बनाम बिहार सरकार में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय के आलोक में मंत्रिमंडल निगरानी (त0 प0 को0) पटना द्वारा की गयी। उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय के आलोक में मंत्रिमंडल निगरानी (त0 प0 को0) पटना द्वारा की गयी उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय के आलोक में मंत्रिमंडल निगरानी (त0 प0 को0) पटना द्वारा की गयी ाप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त नव निर्माण निगरानी विभाग से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त नव निर्माण ाप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त नव निर्माण बिहार कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्रा0 एकम्मा बासानया जिला मधुबनी के वित्तीय बीड से संबंधित अभिलेखों में छेड़छाड़ बिहार कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्रा0 एकम्मा बासानया जिला मधुबनी के वित्तीय बीड से संबंधित अभिलेखों में छेड़छाड़ बिहार कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्रा0 एकम्मा बासानया जिला मधुबनी के वित्तीय बीड से संबंधित अभिलेखों में छेड़छाड़

नयमितता की प्रारंभिक जॅाच श्री सिंह द्वारा करने एवं अनियमितता बरतने का आरोप प्रमाणित पाया गया। निविदा में अनियमितता की प्रारंभिक जॅाच श्री सिंह द्वारा करने एवं अनियमितता बरतने का आरोप प्रमाणित पाया गया। निविदा में अि

की गयी एवं निविदा की वित्तीय बीड से संबंधित अभिलेखों में छेड़छाड़ होने के बाद भी उनके द्वारा यह प्रतिवेदित की गयी एवं निविदा की वित्तीय बीड से संबंधित अभिलेखों में छेड़छाड़ होने के बाद भी उनके द्वारा यह प्रतिवेदित की गयी एवं निविदा की वित्तीय बीड से संबंधित अभिलेखों में छेड़छाड़ होने के बाद भी उनके द्वारा यह प्रतिवेदित किया गया कि कोई छेड़छाड़ नहीं हुआ है, एक गंभीर प्रमाणित आरोप है। उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए किया गया कि कोई छेड़छाड़ नहीं हुआ है, एक गंभीर प्रमाणित आरोप है। उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों क किया गया कि कोई छेड़छाड़ नहीं हुआ है, एक गंभीर प्रमाणित आरोप है। उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों क

10 द्वारा श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, योजना एवं मोनेटरिंग विभागीय अधिसूचना सं0-983 दिनांक 30.6.10 द्वारा श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, योजना एवं मोनेटरिंग विभागीय अधिसूचना सं0-983 दिनांक 30

अंचल, जल संसाधन विभाग, पटना के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज कर निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, अंचल, जल संसाधन विभाग, पटना के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज कर निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, अंचल, जल संसाधन विभाग, पटना के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज कर निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण,

-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम

10 द्वारा श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, तदनुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1522 दिनांक 7.10.10 द्वारा श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, तदनुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1522 दिनांक 7 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर) 2014 योजना एवं मोनेटरिंग अंचल, पटना (निलंबित) के विरूद्व निम्नांकित गठित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयीः-

श्री बिन्देश्वर यादव कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्राम हरिराहा जिला मधुबनी से विभाग में प्राप्त परिवाद पत्र पर अभियन्ता प्रमुख (उत्तर) द्वारा उक्त परिवाद की जॅाच हेतु आपको दिनांक 7.12.09 को निदेश दिया गया। उपरोक्त निदेश के आलोक में दिनांक 9.2.09 को आपके द्वारा मुख्य अभियन्ता, दरभंगा के यहॅा जाकर सभी अभिलेखों की जॅाच की गयी एवं प्रतिवेदित किया गया कि ''जहॅा तक डुप्लीकेट लिफाफा खोलकर पुनः खोलने साटने एवं मोहर लगाने की बात है तो वित्तीय बीड के डुप्लीकेट के लिफाफे के उपरी अवलोकन से प्रथम दृष्टया ऐसा परिलक्षित नहीं होता है।

उक्त परिवाद की पुनः जॅाच माननीय उच्च न्यायालय में परिवादी द्वारा दायर वाद सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 906/10 में निर्णय के आलोक में मंत्रिमंडल निगरानी विभाग (त0 प0 को0) पटना द्वारा की गयी। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा की गयी जिसमें नव निर्माण बिहार कंस्ट्रशन प्रा0 लि0 ग्रा0 एकम्मा बासानया जिला मधुबनी के वित्तीय बीड से संबंधित लिफाफे में छेड़छाड़ का आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया।

इससे स्पष्ट है कि आपके द्वारा उक्त परिवाद की जॅाच सही ठंग से नहीं की गयी एवं गलत जॅाच प्रतिवेदन समर्पित कर उच्चाधिकारियों को गुमराह किया गया। जिससे उक्त अनियमित कार्य में आपकी संलिप्तता परिलक्षित होती है।''

विभागीय कार्यवाही के क्रम में ही श्री पे्रम प्रकाश सिंह के सेवानिवृति (दिनांक 31.12.10) के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना सं0-42 दिनांक 21.1.11 द्वारा 31.12.10 के प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए उनके विरूद्व चल रही उक्त विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में सम्परिवर्तित किया गया।

उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी विभागीय जॅाच आयुक्त द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं जॅाच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए विभागीय पत्रांक 1236 दिनांक 01.11.12 द्वारा श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया गया जिसके मुख्य विन्दु निम्नवत हैः-

1. वित्तीय बीड खोलते समय परिवादी के प्रतिनिधि श्री रोहित कुमार यादव उपस्थित थे।

2. तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग, पटना द्वारा इनके विरूद्व कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गयी है।

3. परिवाद पत्र के मूल विन्दु लिफाफे में छेड़छाड़ संबंधित आरोप की जॅाच मूलतः प्रशासनिक प्रकृति का होने के कारण भूल की पूरी संभावना है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

4. इनके द्वारा जॅाचोपरान्त विभाग द्वारा अनुमोदित दो वरिष्ठ पदाधिकारियों यथा अधीक्षण अभियन्ता (मो0) एवं मुख्य अभियन्ता, दरभंगा द्वारा लिफाफा खोलकर जॅाच की गयी एवं अभियन्ता प्रमुख (उत्तर) द्वारा समीक्षा के बाद विभागीय निर्णय लिया गया फिर भी जॅाच में त्रुटि की पूरी जिम्मेवारी एक कनिष्टतम पदाधिकारी पर थोपना तर्कसंगत एवं न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है। ऐसा प्रतीत होता है कि वरिष्ठ पदाधिकारियों को कोई दायित्व ही नहीं है। 5. प्रशासनिक प्रकृति का जॅाच होने के उपरान्त भी इनके द्वारा निष्पक्ष पारदर्शी एवं ईमानदार प्रयास किया गया। प्रतिवेदन की भाषा एवं तरीके में त्रुटि हो सकती है लेकिन इनकी मंशा हमेशा सकारात्मक रहती है।

प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया कि जॅाच पदाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में अंकित किया है कि श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर) 2014

(मो0) सम्प्रति सेवानिवृत द्वारा लिफाफे से छेड़छाड़ संबंधी तथ्य को असत्य बताया गया जो वरीय अभियन्ताओं एवं विभाग के लिए संदर्भ बिन्दु बन गया। यदि आरोपित अभियन्ता पूरी गंभीरता से कार्य करते तो आरम्भ में ही विवाद समाप्त हो जाता। अतः आरोपित पदाधिकारी द्वारा परिवाद पर जॅाच सूझबूझ के साथ नहीं करने का आरोप अंशतः प्रमाणित माना गया।

आरोपित अभियन्ता द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में स्वयं स्वीकार किया गया है कि परिवाद पत्र के मूल विन्दु लिफाफे में छेड़छाड़ संबंधी आरोप की जॅाच मूलतः प्रशासनिक प्रकृति का होने के कारण भूल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (मो0) सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्व परिवाद के बिन्दु पर जॅाच सूझबूझ के साथ नहीं करने का आरोप प्रमाणित पाया गया है।

उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता योजना एवं मोनेटरिंग अंचल, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैः-

1. पॅाच (5) प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक।

सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के आलोक में उक्त दण्ड श्री पे्र्रम प्रकाश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता योजना एवं मोनेटरिंग अंचल, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

गजानन मिश्र,

विशेष कार्य पदाधिकारी।

—————

अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 206-571+10-ड)0ट)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 28 February 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-02-28.206/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-02-28.206.