िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट(0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 9999 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1111935935935935 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 211211211211) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना
टनाटनाटनाटना,,,, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार,,,, 28282828 फरफरफरफरवर(वर(वर(वर( 2014201420142014 जल संसाधन विभाग
--------
vf/klwpuk
10 tuojh 2014
सं0 22 नि0 सि0(डि0)-14-07/2006
22 नि0 सि0(डि0)-14-07/2006/52—श्री श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन श्री श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर अवर प्रमण्डल, नोखा अन्तर्गत सोन नहर प्रमण्डल, बक्सर द्वारा बरती गई अनियमितताओं यथा- सोन बराज से नहर अवर प्रमण्डल, नोखा अन्तर्गत सोन नहर प्रमण्डल, बक्सर द्वारा बरती गई अनियमितताओं यथा- सोन बराज से नहर अवर प्रमण्डल, नोखा अन्तर्गत सोन नहर प्रमण्डल, बक्सर द्वारा बरती गई अनियमितताओं यथा- सोन बराज से निसृत पश्चिमी मुख्य नहर के 32.60 कि0मी0 पर एवं पश्चिमी मुख्य नहर
60 कि0मी0 पर एवं पश्चिमी मुख्य नहर से निसृत गारा चौबे शाखा नहर के 1
से निसृत गारा चौबे शाखा नहर के 1.60 कि0मी0, 4.0 कि0मी0 तथा 11.20 कि0मी0 पर दिनांक 24 2006 को उक्त चार बिन्दुओं के टूटान की जॉंच तत्कालीन 20 कि0मी0 पर दिनांक 24.05.2006 को उक्त चार बिन्दुओं के टूटान की जॉंच तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा अंचल, पटना से कराई गई। स्थलीय जॉंच में जॉंच पदाधिकारी द्वारा नहरों में अधीक्षण अभियन्ता गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा अंचल, पटना से कराई गई। स्थलीय जॉंच में जॉंच पदाधिकारी द्वारा नहरो अधीक्षण अभियन्ता गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा अंचल, पटना से कराई गई। स्थलीय जॉंच में जॉंच पदाधिकारी द्वारा नहरो टूटान का मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा जलश्राव नीचे की ओर प्रवाहित होकर जाना तथा उक्त नहर प्रणाली के गेटों टूटान का मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा जलश्राव नीचे की ओर प्रवाहित होकर जाना तथा उक्त नहर प्रणाली के गेटों टूटान का मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा जलश्राव नीचे की ओर प्रवाहित होकर जाना तथा उक्त नहर प्रणाली के गेटों की संचालन व्यवस्था में गड़बड़ी होना पाया गया। उक्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त प्राप्त निष्कर्ष के आलोक में की संचालन व्यवस्था में गड़बड़ी होना पाया गया। उक्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त प्राप्त निष्कर्ष के आलोक में की संचालन व्यवस्था में गड़बड़ी होना पाया गया। उक्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त प्राप्त निष्कर्ष के आलोक में प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए
टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनसे विभागीय पत्रांक-416 दिनांक 24.06.2007 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया।
2007 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री श्रीवास्तव, सहायक अभि यन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त ायन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त श्री श्रीवास्तव के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के तहत् श्री श्रीवास्तव के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के श्री श्रीवास्तव के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक-560 दिनांक 24.06.2009 विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक-560 दिनांक 24 विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक-560 दिनांक 24 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया।
यन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जॉंच पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आलोक श्री श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, सहायक अभियन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जॉंच पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आलोक श्री श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, सहायक अभ्ि
की गई। समीक्षोपरान्त अकोढ़ी गोला फॉल स्थल पर स-समय आरा ब्रांच के केनाल का गेट में उक्त मामले की समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त अकोढ़ी गोला फॉल स्थल पर स-समय आरा ब्रांच के केनाल का गेट की गई। समीक्षोपरान्त अकोढ़ी गोला फॉल स्थल पर स-समय आरा ब्रांच के केनाल का गेट 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर( 2014 खुलने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने, जय नगर फॉल स्थल पर दिनांक 23.05.2006 एवं 24.05.2006 को मिल रहे पानी के अनुपात में स-समय चौसा शाखा नहर एवं बक्सर शाखा नहर का गेट खोलकर समानुपातिक पानी नहीं देने, पश्चिमी मुख्य नहर के 20.00 कि0मी0 के 30.00 मि0मी0 के बीच बरॉंव माईनर को 23.05.2006 एवं 24.05.2006 को बन्द रखने, आरा चौवे केनाल के अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम में अकोढ़ी गोला एवं जयनगर में सामयिक जल वितरण में चूक के कारण गारा चौबे केनाल एवं अन्य स्थलों पर टूट एवं टूट की संरचना स-समय उपलव्ध नहीं कराने के लिए उन्हें आंशिक रूप से दोषी पाते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-1422 दिनांक 24.12.2012 द्वारा निम्नांकित दण्ड दिया गयाः-
1. निन्दन वर्ष 2006-07
2. असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक
उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री श्रीवास्तव द्वारा अपील अभ्यावेदन समर्पित किया गया जिसे पुनर्विचार अभ्यावेदन मानते हुए समीक्षा की गई। उनके अपील अभ्यावेदन में मुख्य रूप से कहा गया है कि अकोढ़ी गोला फॉल स्थल मुख्यालय, नोखा से 23 कि0मी0 दूर है तथा उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। अकोढ़ी गोला फॉल के लिए डिहरी प्रमण्डल, डिहरी जिम्मेवार हैं।
जयनगरा लख पर दिनांक 23.05.2006 एवं 24.05.2006 को बराज से मिल रहे पानी को समानुपातिक अनुपात में नहीं देने के सम्बन्ध में कहा गया है कि जयनगरा लख पर चौसा शाखा नहर एवं बक्सर शाखा नहर का प्रवाहित जलश्राव समानुपातिक जलश्राव से अधिक है। जॉंच पदाधिकारी द्वारा समानुपातिक जलश्राव की गणना किए बिना ही आरोपित किया गया है एवं चौसा शाखा नहर में दिनांक 24.05.2006 को प्रात 6.00 बजे जलश्राव 189 के स्थान 129, 12.00 बजे 589 के स्थान पर 129 एवं सायंकाल 3.00 बजे 589 के स्थान पर 129 क्यूसेक दर्शाया गया है जो गलत है। अन्य नहरों में प्रातः 6.00 बजे से 3.00 बजे सायंकाल तक 45 क्यूसेक जलश्राव लिया गया है जबकि 100 क्यूसेक से अधिक होता है।
आरा शाखा नहर एवं गारा चौबे शाखा नहर, नहर प्रणाली का 67.17 प्रतिशत जलश्राव डिहरी फॉल के नीचे लेते हैं परन्तु इन नहरों का गेट बन्द था। यह कार्यक्षेत्र डिहरी प्रमण्डल, डिहरी के अन्तर्गत पड़ता है। बक्सर शाखा नहर एवं चौसा शाखा नहर, नहर प्रणली का 32.83 प्रतिशत जलश्राव लेता है। इस कारण टूटान का मुख्य कारण आरा शाखा नहर एवं गारा चौबे शाखा नहर के गेट का बन्द रहना है न कि जयनगरा लख पर कम जल प्रवाहित होना। नहर प्रणाली के परिचालन का कार्य मुख्य अभियन्ता, डिहरी एवं कार्यपालक अभियन्ता, मोनेटरिंग प्रमण्डल, डिहरी द्वारा किया जाता हैं श्री शौकत अली, गेज मापक एवं अन्य मौसमी गेठ जलश्राव से संबंधित निर्देश सीधे उन्हीं पदाधिकारियों से प्राप्त करते थें। पश्चिमी मुख्य नहर से निसृत बरांव माईनर दिनांक 24.05.2006 को प्रातः 6.00 बजे खुला था तथा 10 क्यूसेक जल प्रवाहित हो रहा था। गेज बढ़ने पर जलश्राव भी निश्चित रूप से बढ़ा होगा। गारा चौबे नहर के अपस्ट्रीम एवं डाउन स्ट्रीम से निकलने वाली वितरणियॉं भी श्री श्रीवास्तव के कार्यक्षेत्र में नहीं थे। टूटान के चारों स्थल भी श्री श्रीवास्तव के कार्यक्षेत्र में नहीं थे और न कोई सूचना थी, ऐसा उनका कहना है।
जॉंच प्रतिवेदन में नहर संचालन के महत्वपूर्ण बिन्दु गेज एवं जलश्राव के संबंध में कोई उल्लेख नहीं है। इसमें किसी पदाधिकारी की क्या जिम्मेवारी है इसका भी उल्लेख नहीं है। टूट दिनांक 24.05.2006 को हुआ। उस समय किसानों द्वारा बिचड़ा डालने का समय होता है जिसके लिए बहुत कम मात्रा में नहर जलश्राव प्रवाहित किया जाता है ताकि सूखे के बाद नहर खुलने के बाद दरारें स्वयं भर जाए या रैट होल्स होने पर उसकी मरम्मत करायी जा सके। इस संबंध में किसी भी स्तर से कोई सूचना नहीं दी गई। वैसी स्थिति में जलश्राव नियंत्रित करना संभव नहीं था फिर भी आरोपित कर दिया गया। श्री श्रीवास्तव के नियंत्री पदाधिकारी कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर प्रमण्डल, बक्सर एवं 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 28 फरवर( 2014
अधीक्षण अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, बक्सर थे जिनके द्वारा कोई निर्देश नहीं दिया गया था। कहे गए तथ्यों से संबंधित साक्ष्य भी संलग्न किया गया है तथा आरोपमुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
श्री श्रीवास्तव से प्राप्त अपील/पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा में यह पाया गया कि इसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से नहर टूटान के संबंध में जॉच पदाधिकारी द्वारा कतिपय बिन्दुओं की जॉंच नहीं किए जाने की बात कही गई है। साथ ही प्रवाहित जलश्राव ऑकड़े को गलत दर्शाने का प्रयास किया गया है। इस हेतु श्री श्रीवास्तव द्वारा साक्ष्य के रूप में समानुपातिक जलश्राव का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। श्री श्रीवास्तव द्वारा समर्पित जल जमाव ऑंकड़ा एवं जॉंच पदाधिकारी द्वारा जॉंच प्रतिवेदन में दिए गए जल जमाव ऑकड़ा का मिलान करने पर पाया गया कि दोनों में एक ही प्रकार का जलश्राव ऑकड़ा है। साथ ही जॉंच पदाधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदन से विदित होता है कि स्थलीय स्थिति के सभी तथ्यों का समावेश किया गया है। जॉंच प्रतिवेदन में एक आंकड़ा को छोड़कर अन्य कोई जलश्राव आंकड़ा नहीं है। श्री श्रीवास्तव द्वारा दिनांक 24.05.2006 को अंकित अन्य समय के आंकड़े से सम्बंधित तथ्य साक्ष्य के रूप में नहीं दिया गया है। इसके अतिरिक्त श्री श्रीवास्तव द्वारा समानुपातिक गणना चार्ट संलग्न किया गया है जिससे विदित होता हे कि जलस्राव अंकित आंकड़े से ज्यादा होगा। वैसी स्थिति में श्री श्रीवास्तव का उक्त स्थल का प्रभारी होने के नाते यह कर्त्तव्य बनता था कि जलश्राव बढ़ने की स्थिति में अपने विवेक का प्रयोग कर अन्य नहरों से जलश्राव बढ़ाने हेतु कार्रवाई करते ताकि उपर के जलश्राव का दबाव नहर तटबंध पर कम हो परन्तु श्री श्रीवास्तव द्वारा ऐसा नहीं किया गया जो इनकी लापरवाही का घोतक है।
श्री श्रीवास्तव द्वारा यह कहा गया है कि श्री शौकत अली, गेज मापक एवं अन्य मौसमी मेठ जलश्राव से संबंधित निर्देश सीधे मुख्य अभियन्ता, डिहरी एवं कार्यपालक अभियन्ता, मोनेटरिंग प्रमण्डल, डिहरी से प्राप्त करते थे वैसी स्थिति में नहर से जलश्राव बढ़ाने की जिम्मेवारी इनकी (श्री श्रीवास्तव) नहीं हैं मान्य योग्य नहीं है क्योंकि स्थल प्रभारी होने के नाते श्री श्रीवास्तव को चाहिए था कि जलश्राव की बढ़ोत्तरी की स्थिति में वस्तु स्थिति से क्षेत्रीय उच्च पदाधिकारियों को अवगत कराते ताकि पानी के दबाव के कारण नहर या फॉल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में नहीं आए। साथ ही नीचे के फॉल को खुलवाने हेतु भी प्रयास करना चाहिए था परन्तु श्री श्रीवास्तव द्वारा ऐसा नहीं किया गया। साथ ही क्षेत्रीय पदाधिकारी का यह भी दायित्व बनात है कि बाढ़ एवं नहर में जलवृद्धि की स्थिति में स्वविवेक से भी सरकारी क्षति को बचाने हेतु प्रयास करना चाहिए था।
श्री श्रीवास्तव द्वारा अपील अभ्यावेदन में अपने पूर्व के ही समर्पित तथ्यों के आलोक में ही मिलता-जुलता जबाव दिया गया है। अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य अंकित नहीं किया गया है। श्री श्रीवास्तव द्वारा समर्पित अपील/पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य नहीं दिए जाने के फलस्वरूप विचारणीय बिन्दु के अधीन नहीं आता है। अतएव श्री श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर अवर प्रमण्डल, नोखा द्वारा समर्पित अपील/पुनर्विचार अभ्यावेदन सम्यक् विचारोपरान्त अस्वीकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मोहन पासवान,
सरकार के अवर सचिव।
—————
अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 211-571+10-ड(0ट(0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in