Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 14 March 2014

Published 14 March 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-03-14.301
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट,0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 301301301301) ) ) ) पपपप

23232323 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1111935935935935 ((((शशशश0000)))) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार,,,, 14141414 माच*माच*माच*माच* 2014201420142014 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn

&&&&&

अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना

बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी, वारी पथ, बाकरगंज, पटना बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सं0 1853--सं0 1853--सं0 1853--सं0 1853--बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी, वारी पथ, बाकरगंज, पटना बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी, वारी पथ, बाकरगंज, पटना बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-935 है। अतीत में यह न्यास अत्यन्त अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-935 है। अतीत में यह अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-935 है। अतीत में यह

प्रतिष्ठित, गौरवषाली तथा धार्मिक आस्था का केन्द्र रहा है। इसके पटना सहित राजगीर, अयोध्या, मथुरा एवं वृन्दावन प्रतिष्ठित, गौरवषाली तथा धार्मिक आस्था का केन्द्र रहा है। इसके पटना सहित राजगीर, अयोध्या, मथुरा एवं वृन्दावन प्रतिष्ठित, गौरवषाली तथा धार्मिक आस्था का केन्द्र रहा है। इसके पटना सहित राजगीर, अयोध्या, मथुरा एवं वृन्दावन

मिस0 अपील संख्या-205/2001 स्थित अनेक शाखाएँ हैं, जिनमें पर्याप्त सम्पत्ति है। माननीय पटना उच्च न्यायालय ने मिस0 अपील संख्या-205/2001 स्थित अनेक शाखाएँ हैं, जिनमें पर्याप्त सम्पत्ति है। माननीय पटना उच्च न्यायालय ने

में दिनांक 11.04.2007 के अपने निण् ार्य में इसके प्राचीन गरिमा को पुनस्र्थापित करने का निर्देष दिया था। इसके 2007 के अपने निर्णय में इसके प्राचीन गरिमा को पुनस्र्थापित करने का निर्देष दिया था। इसके आलोक में इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं बेहत्तर प्रषासन तथा प्रबंधन के लिए पर्षदीय अधिसूचना आलोक में इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं बेहत्तर प्रषासन तथा प्रबंधन के लिए पर्षद आलोक में इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं बेहत्तर प्रषासन तथा प्रबंधन के लिए पर्षद

ज्ञापांक-550, दिनांक 29.08.2008 द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 19

32 के तहत एक न्यास 2008 द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत एक न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था। इसकी कार्यावधि की समाप्ति के पश्चात्‌ अधिनियम की धारा- समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था। इसकी कार्यावधि की समा प्ति के पश्चात्‌ अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-374, दिनांक 2013 द्वारा न्यायमूर्त्ति (अ0 प्रा0) श्रीमती मृदुला मिश्रा को इस ीय अधिसूचना ज्ञापांक-374, दिनांक 28.05.2013 द्वारा न्यायमूर्त्ति (अ0 प्रा0) श्रीमती मृदुला मिश्रा को इस यासधारी नियुक्त किया गया है। अस्थायी न्यासधारी के एक वर्ष की कार्यावधि पूरी होने के पूर्व न्यास का अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया है। अस्थायी न्यासधारी के एक वर्ष की कार्यावधि पूरी होने के पूर्व यासधारी नियुक्त किया गया है। अस्थायी न्यासधारी के एक वर्ष की कार्यावधि पूरी होने के पूर्व न्यास समिति का गठन आवष्यक है।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो

के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए बाबा भीखमदास ठाकुरबाड़ी, धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए बाबा भीखमदास ठाकुरबाड़ी, धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द)

बारीपथ, बाकरगंज, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एव सुव्यवस्था तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे बारीपथ, बाकरगंज, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एव सुव्यवस्था तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे बारीपथ, बाकरगंज, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एव सुव्यवस्था तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण और इसको मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। योजना का निरूपण और इसको मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति क ा गठन किया जाता है।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 14 माच* 2014 योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत निरूपित इस योजना का नाम '' बाबा भीखमदास ठाकुरबाड़ी न्यास '' बाबा भीखमदास ठाकुरबाड़ी न्यास '' बाबा भीखमदास ठाकुरबाड़ी न्यास '' बाबा भीखमदास ठाकुरबाड़ी न्यास योजना'' योजना'' योजना'' योजना'' होगा और इसके कार्यान्वयन तथा संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''बाबा भीखम दास ''बाबा भीखम दास ''बाबा भीखम दास ''बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' ठाकुरबाड़ी न्यास समिति'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों, मार्केट एवं अन्य परिसरों तथा विभिन्न शाखाओं में स्थित परिसम्पत्तियों के संधारण, प्रबंधन एवं संचालन का अधिकार होगा।

2. इस न्यास समिति में न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण (पोजेषन), संरक्षण तथा प्रषासन एवं संचालन की शक्तियाँ निहित होगी।

3. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी की परम्परा को अक्षुण्ण रखने तथा पूजा-पाठ, राग-भोग, उत्सव-समैया, साधु-अभ्यागत की सेवा सुनिष्चित करना होगा।

4. न्यास समिति इस न्यास की समस्त ज्ञात एवं अज्ञात भू-खण्डों का पता लगाकर उस पर कब्जा के लिए सभी वैधानिक कार्रवाई करेगी। साथ ही न्यास से संबंधित भूमि विवादों, अनाधिकृत रूप से दखल एवं अतिक्रमित भूमि, भवन, मार्केट एवं दूकानों को विधि सम्मत तरीके से न्यास के अधिकार में लेने एवं न्यास की अवैध रूप से बेची गई जमीन की वापसी के लिए समुचित कार्रवाई करेगी।

5. न्यास समिति मन्दिर की जर्जर भवन को भव्य रूप देने के कार्य को प्राथमिकता देगी।

6. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम खोले गये बैक खाता में जमा किया जायेगा और आवष्यकतानुसार राषि की निकासी कर व्यय किया जायेगा। बैक खाते का संचालन अध्यक्ष, सचिव, एवं कोषाध्यक्ष में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।

7. न्यास की आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखी जायेगी तथा आय-व्यय का सम्यक्‌ लेखा संधारण किया जायेगा।

8. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलाई जायेगी और बैठकों की कार्यवृत्त पर्षद को ससमय प्रेषित की जायेगी।

9. मन्दिर परिसर में भेंट पात्र रखे जायेंगे जिसमें दान/चढ़ावा की राषि डाली जायेगी। विषेष चन्दा एवं उपहारों के लिए दाताओं को उचित पावती दी जायेगी और उन्हें सत्यापित पंजी में प्रविष्ट कर प्रदर्ष के रूप में रखी जायेगी। मन्दिर में सम्पन्न होने वाले मांगलिक आयोजनों के लिए निर्धारित राषि से अधिक नहीं ली जायेगी और इनका समुचित लेखा संधारण किया जायेगा।

10. मन्दिर परिसर में स्वच्छता, जलापूर्त्ति, बिजली एवं अन्य आवष्यकताओं की पूर्त्ति के लिए न्यास समिति विषेष रूप से तत्पर रहेगी। विषेष आयोजनों यथा रामनवमी, कृष्णाष्टमी आदि त्योहारों पर भक्तों के सुविधा का ख्याल रखा जायेगा।

11. न्यास सम्पत्ति का उपयोग लोक कल्याण के कार्यो, निर्धन छात्रों के लिए विद्यालय, छात्रावास, मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देने आदि के लिए किया जायेगा। इसके लिए कार्य योजना का प्रस्ताव पर्षद को समर्पित कर उसका अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।

12. न्यास समिति मन्दिर में योग्य अर्चकों की नियुक्ति करेगी ताकि भगवान का पूजा-पाठ एवं राग-भोग परम्परा के अनुसार विधिवत्‌ सम्पन्न हो।

13. न्यास समिति द्वारा कोई नई योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को भेजेगी।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 14 माच* 2014 14. न्यास समिति अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन बजट आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।

15. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्त्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

16. न्यास समिति सभी राजस्व शुल्क, पर्षद शुल्क तथा होल्डिंग टैक्स का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करेगी।

इस योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-

(1) न्यायमूर्त्ति (अ0 प्रा0) श्रीमती मृदुला मिश्रा - अध्यक्ष

(2) श्री ब्रह्मचारी सुरेन्द्र कुमार, पूर्व कुलपति, (ल0 ना0 मिश्रा संस्कृत विष्वविद्यालय)

75/सी0 पाटलीपुत्रा कॉलोनी, पटना-13 - उपाध्यक्ष (3) श्री एच0 आर0 श्रीनिवास, भा0 प्र0 से0,

विषेष सचिव, षिक्षा विभाग, बिहार, पटना - सचिव

(4) श्री कुमार शैलेन्द्र, भवानी भवन, जगतनारायण रोड,

कदमकुँआ, पटना-3 - सह सचिव (5) श्री गणेष खेतरीवाल, मथुरा प्रसाद सिंह रोड,

(नागा बाबा ठाकुरबाड़ी के समीप) कदमकुँआ, पटना-3 - सदस्य। उपर्युक्त योजना दिनांक दिनांक दिनांक दिनांक 01010101....01010101....2014201420142014 से प्रभावी होगा और न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षो का होगा।

आदेश से,

कििििषोर कुणाल,कषोर कुणाल,कषोर कुणाल,कषोर कुणाल,

अध्यक्ष।

—————

अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 301-571+10-ड,0ट,0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 14 March 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-03-14.301/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-03-14.301.