िनबंधन सं(cid:27)या पी0ट+0-40 िनबंधन सं(cid:27)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत ((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 351351351351) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
12121212 चैऽ चैऽ चैऽ चैऽ 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000)))) पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार, , , , 2222 अूील अूील अूील अूील 2014201420142014 शिक्षा विभाग ------- अधिसूचना
3 अप्रील 2012
सं0 7/वि0 1-37/2010-241—बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-47 सह पठित धारा- सं0 7/वि0 1-37/2010
ायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-47 सह पठित धारा-146 द्यालयों में शिक्षकों एवं के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के प्रारंभिक वि के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के प्रारंभिक विद्य अनुदेशकों के नियोजन हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाती है :- अनुदेशकों के नियोजन हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाती है :-
2012
बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा र्शा) नियमावली, 2012 बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक (ि आयु वर्ग के बच्चों की शिक्षा उनका मौलिक - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 'क'के अन्तर्गत 6-14 आयु वर्ग के बच्चों की श्ि प्रस्तावना - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 'क'के अन्तर्गत 6-14 ं "बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, 1 अप्रील 2010 से ाक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, 1 अप्रील 2010 से अधिकार हो गया है । साथ हीं "बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य श्ि क्षक प्राधिकार, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा लागू हो गया है । इस अधिनियम के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकार, राष्ट्रीय अध्यापक श्ि लागू हो गया है । इस अधिनियम के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित शैि परिषद् (NCTE) के द्वारा प्रारंभिक विद्यालयों में श्ि ाक्षकों की नियुक्ति हेतु नई योग्यता निर्धारित की गई है। 73वें द्वारा प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु नई योग्यता निर्धारित की गई है। 73वें ाक्षा में पंचायती राज संस्थाआें की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हुए राज्य ोधन के आलोक में प्रारंभिक शिक्षा में पंचायती राज संस्थाआें की भूमिका को महत्व संविधान संशोधन के आलोक में प्रारंभिक श्ि ाक्षकों के नियोजन का कार्य पंचायती राज संस्थाओं को पूर्व में ही सौंप दिया है । अतएव राज्य सरकार सौंप दिया है । अतएव राज्य सरकार सरकार ने शिक्षकों के नियोजन का कार्य पंचायती राज संस्थाओं को पूर्व में ही ंचायती राज संस्थाओं के द्वारा उपर्युक्त बिन्दुओं पर सम्यक् विचारोपरांत राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों में पंचायती राज संस्थाओं के द्वारा उपर्युक्त बिन्दुओं पर सम्यक् विचारोपरांत राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों में प द्वारा शिक्षकों एवं अनुदेशकों के नियोजन हेतु यह नियमावली बनायी जा रही है ।
ाक्षकों एवं अनुदेशकों के नियोजन हेतु यह नियमावली बनायी जा रही है ।
1. स्ांक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प
स्ांक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ।-(1) यह नियमावली "बिहार पंचायत प्रारम्भिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा ाक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्त्तें) नियमावली 2012 " कही जायेगी। शर्त्तें) नियमावली 2012 " कही जायेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से प्रभावी होगी।
) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। ) यह अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से प्रभावी होगी।
2. परिभाषाएँ।- जब तक कोई बात विषय या प्रसं
- जब तक कोई बात विषय या प्रसंग के विरूद्ध नहीं हो, इस नियमावली में-(
ग के विरूद्ध नहीं हो, इस नियमावली में-(i) "प्राथमिक ं वर्त्तमान में कक्षा पांच तक की शिक्षा
ां वर्त्तमान में कक्षा आठ तक "मध्य विद्यालय" से अभिप्रेत है वैसे राजकीय/राजकीयकृत विद्यालय जहां वर्त्तमान में कक्षा आठ तक विद्यालय" से अभिप्रेत है वैसे राजकीय एवं राजकीयकृत विद्यालय जहां वर्त्तमान में कक्षा पांच तक की श्ि विद्यालय" से अभिप्रेत है वैसे राजकीय एवं राजकीयकृत विद्यालय जहा की व्यवस्था है ; (ii) "मध्य विद्यालय" से अभिप्रेत है वैसे राजकीय/राजकीयकृत विद्यालय जह की शिक्षा की व्यवस्था है ; (iii) "प्रारंभिक विद्यालय" से अभिप्रेत है राजकीय/राजकीयकृत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय; "प्रारंभिक विद्यालय" से अभिप्रेत है राजकीय/राजकीयकृत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय; "प्रारंभिक विद्यालय" से अभिप्रेत है राजकीय/राजकीयकृत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय;
2(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (iv) "पंचायत प्रारम्भिक शिक्षक" से अभिप्रेत है नियमावली के नियम 3 के अनुसार राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में नियोजित होने वाले प्रखंड शिक्षक एवं पंचायत शिक्षक ; (v) "अनुदेशक" से अभिप्रेत है राज्य के मध्य विद्यालयों में नियोजित होने वाले संगीत अथवा ललित कला (आर्ट) के अनुदेशक, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य के अनुदेशक तथा समाजोत्पादक कार्य के अनुदेशक ; (vi) "कोटि" से अभिप्रेत है पंचायत प्रारम्भिक शिक्षकों की कोटि ; (vii) "श्रेणी (ग्रेड)" से अभिप्रेत है, प्रखण्ड एवं पंचायत शिक्षकों की श्रेणी (ग्रेड) ; (viii) "विभाग" से अभिप्रेत है शिक्षा विभाग ; (ix) "ग्राम पंचायत" से अभिप्रेत है बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 (यथासंशोधित) के अन्तर्गत गठित ग्राम पंचायत ; (x) "पंचायत समिति" से अभिप्रेत है बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 (यथासंशोधित) के अन्तर्गत गठित प्रखंड स्तरीय पंचायत समिति ; (xi) "प्रषिक्षण" से अभिप्रेत है, NCTE अधिनियम लागू होने के पूर्व केन्द्र या किसी राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से अथवा NCTE अधिनियम लागू होने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् से मान्यता प्राप्त संस्थानों से दो वर्षीय प्रशिक्षण अथवा बी॰ एल॰ एड॰ अथवा बी॰ एड॰, बी॰ एड॰ (विशेष शिक्षा)। (xii) " स्नातक प्रतिष्ठा " से अभिप्रेत है, स्नातक प्रतिष्ठा की डिग्री अथवा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित समकक्ष डिग्री। (xiii) "विद्यालय शिक्षा समिति" से अभिप्रेत है प्रत्येक विद्यालय के प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण हेतु राज्य सरकार के अधिनियम/नियमावली के अधीन गठित समिति ; (xiv) "राष्ट्रीय अध्यापक षिक्षा परिषद् (NCTE)" से अभिप्रेत है राष्ट्रीय स्तर पर विनिर्दिष्ट प्रशिक्षण संस्थानों एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को विनियमित करने वाला परिषद् ; (xv) "कार्यपालक पदाधिकारी" से अभिप्रेत है पंचायत समिति का कार्यपालक पदाधिकारी; (xvi) " अपीलीय प्राधिकार " से अभिप्रेत है नियोजन नियमावली के अधीन नियोजन सम्बन्धी अपील तथा नियोजित शिक्षकों एवं अनुदेशकों के सेवा सम्बन्धी मामलों में शिकायत सुनकर निर्णय लेने हेतु जिला स्तर पर गठित प्राधिकार;
3. पंचायत प्रारंभिक षिक्षकों की कोटि।-पंचायत प्रारम्भिक शिक्षक निम्नलिखित दो कोटि के होंगे :-
(i) प्रखण्ड षिक्षक - प्रखण्ड के नियोजन समिति के द्वारा प्रखण्ड के मध्य विद्यालयों में नियोजित होनेवाले शिक्षक। (ii) पंचायत षिक्षक - ग्राम पंचायत के नियोजन समिति के द्वारा पंचायत के प्राथमिक विद्यालयों में नियोजित होनेवाले शिक्षक।
4. पंचायत प्रारम्भिक शिक्षकों का ग्रेड।- पंचायत प्रारम्भिक शिक्षक निम्नलिखित तीन ग्रेड के होंगे :-
(i) बेसिक ग्रेड -। (ii) स्नातक ग्रेड -। मध्य विद्यालय के स्नातक शिक्षक। (iii) प्रधानाध्यापक ग्रेड-। मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक। (प्राथमिक विद्यालय का मध्य विद्यालय में उत्क्रमण के फलस्वरूप पंचायत द्वारा नियोजित पंचायत शिक्षक स्वतः प्रखण्ड शिक्षक की प्रासंगिक श्रेणी (ग्रेड) में आ जायेंगे और उनका नियंत्रण पंचायत समिति के अधीन हो जायेगा।)
5. नियोजन हेतु न्यूनतम योग्यता ।-
प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में अध्यापन हेतु (i) कक्षा I-V - (पंचायत एवं प्रखण्ड षिक्षक के बेसिक ग्रेड) (क) न्यूनतम 50% अंकाें के साथ उच्चत्तर माध्यमिक (या इसके समकक्ष) एवं प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण (जिस नाम से भी जाना जाता हो) या न्यूनतम 45% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक (या इसके समकक्ष) एवं प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण (जिस नाम से भी जाना जाता हो), जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् ( मान्यता, मानक और क्रियाविधि ) विनियम, 2002 के अनुसार प्राप्त किया गया हो । या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक (या इसके समकक्ष) एवं 4 वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र (बी.एल.एड.) या3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक (या इसके समकक्ष) एवं शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण ( विशेष शिक्षा ) और (ख) केन्द्र अथवा बिहार राज्य सरकार द्वारा आयोजित " शिक्षक पात्रता परीक्षा " (टी.ई.टी) में उत्तीर्ण। मध्य विद्यालयों में अध्यापन हेतु (ii) कक्षा VI-VIII (प्रखण्ड षिक्षक के स्नातक ग्रेड)
(क) बी.ए./बी.एससी. और प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण (जिस नाम से भी जाना जाता हो) या न्यूनतम 50% अंकों के साथ बी.ए./बी.एससी. एवं शिक्षा शास्त्र में एकवर्षीय स्नातक (बी'. एड) या न्यूनतम 45% अंकों के साथ बी.ए./बी.एस.सी. एवं शिक्षा शास्त्र में एकवर्षीय स्नातक (बी. एड) जो इस संबंध में समय-समय पर जारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (मान्यता, मानक और क्रियाविधि) विनियम 2002 के अनुसार प्राप्त किया गया हो या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक (या इसके समकक्ष) एवं 4 वर्षीय प्रारंभिक षिक्षा शास्त्र स्नातक (बी. एल. एड.) या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक (या इसके समकक्ष) एवं 4 वर्षीय बी.ए./बी.एस.सी. एड या बी.ए.एड./बी.एससी.एड या न्यूनतम 50% अंकों के साथ बी.ए./बी.एससी. एवं एक वर्षीय बी.एड. (विशेष शिक्षा) और (ख) केन्द्र अथवा बिहार राज्य सरकार द्वारा आयोजित " शिक्षक पात्रता परीक्षा " (टी.ई.टी) में उत्तीर्ण। (ग) केवल केन्द्र या किसी राज्य सरकार द्वारा अथवा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (NCTE) द्वारा मान्यता-प्राप्त अध्यापक षिक्षा शास्त्र में डिप्लोमा/डिग्री पाठ्यक्रम मान्य होगा। शिक्षा शास्त्र में डिप्लोमा (विषेष षिक्षा) और बी.एड. (विशेष शिक्षा) के लिए केवल भारतीय पुर्नवास परिषद् (आरसीआई) द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम मान्य होगा । (घ) जिसके पास डी. एड. (विशेष शिक्षा) या बी.एड (विशेष शिक्षा) की योग्यता है, उसे नियोजन के बाद प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् द्वारा मान्यता प्राप्त 6-माह का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होगा । (ङ) राष्ट्रीय अध्यापक षिक्षा परिषद् (स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता का निर्धारण) विनियम, 2001 (समय-समय पर यथा संशोधित) के अनुसार 3 सितम्बर, 2001 अथवा उसके बाद नियोजित बी.एड. की योग्यता रखने वाले कक्षा I से V के शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त 6-माह का विषेष प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होगा । (च) समकक्ष तकनीकी शिक्षा की डिग्री (पौलिटेकनिक, यूनानी शिक्षा आदि) तथा प्राच्यभाषा विशेष से सम्बन्धित डिग्री (मौलवी, उप शास्त्री) सामान्य शिक्षक पद पर नियोजन हेतु मान्य नहीं है। शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत अधिसूचना अथवा आदेश के आलोक मेंकिसी सोसाइटी अथवा ट्रस्ट के द्वारा स्थापित स्वैच्छिक संस्थानों द्वारा प्रदाभाषा विशेष की उपाधी/डिग्री भीशिक्षक पद पर नियोजन हेतु मान्य नहीं है। शिक्षक पद पर नियोजन हेतु किसी प्रमाण-पत्र अथवा डिग्री की समकक्षता प्रदान करने की कार्रवाई शिक्षा विभाग के द्वारा किया जा सकेगा। 6. उर्दू षिक्षकों/संस्कृत शिक्षको/बांग्ला षिक्षकों का नियोजन।-(i) प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के उर्दू पदों पर बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदत्त मौलवी/आलिम अथवा उर्दू योग्यता रखने वाले (इन्टरमीडियट में न्यूनतम 100 अंकों के उर्दू विषय में उर्त्तीण) तथा नियम 5 में निर्धारित प्रषिक्षण योग्यताधारी अभ्यर्थियों का नियोजन किया जायेगा। (ii) संस्कृत शिक्षकों के पदों पर कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विष्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त उप शास्त्री/शास्त्री की योग्यता एवं नियम 5 में निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता के अभ्यर्थी का नियोजन किया जायेगा। (iii) बांग्ला शिक्षकों के पदों पर नियम 5 में निर्धारित योग्यता के समतुल्य बांग्ला भाषा में इन्टर स्तर के योग्यताधारी (100 अंको के बांग्ला विषय में उत्तीर्ण) अथवा बांग्ला के स्नातक की योग्यता के अभ्यर्थियों का नियोजन किया जायेगा ।4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 7. मध्य विद्यालयों में स्नातक षिक्षकों का नियोजन।- मध्य विद्यालयों में स्नातक शिक्षकों के विषयवार निम्न पदों पर कंडिका 5 में वर्णित योग्यता के उम्मीदवारों का नियोजन किया जायेगा :- (i) स्नातक गणित एवं विज्ञान शिक्षक। (ii) स्नातक सामाजिक विज्ञान शिक्षक। (iii) स्नातक भाषा षिक्षक। नियमावली की अधिसूचना की तिथि से 8 वर्षों तक उपर्युक्त सभी पदों पर सीधे नियोजन किया जायेगा। तत्पष्चात 50% पदों पर सीधे नियोजन किया जायेगा तथा शेष 50% पदों को बेसिक ग्रेड के योग्यताधारी षिक्षकों की प्रोन्नति से भरा जायेगा। प्रोन्नति हेतु योग्य शिक्षक नहीं मिलने पर विभाग द्वारा इन पदों पर सीधे नियोजन का निर्णय लिया जा सकेगा। 8. आरक्षण।- "पंचायत प्रारम्भिक शिक्षक" का नियोजन सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा आरक्षण के लिए अधिसूचित नियमों के अधीन जिला स्तर पर प्रत्येक विषय के लिए तैयार आरक्षण रोस्टर के अनुसार किया जायेगा। अनुदेशकों का नियोजन भी इसी के अनुसार किया जायेगा। 9. महिला एवं विकलांगों का नियोजन ।-(i) प्रत्येक विषय (अनुदेशक सहित) में न्यूनतम 50% महिला अभ्यर्थी का नियोजन किया जायेगा । विषम संख्या रहने पर अंतिम पद महिला के लिए चिन्हित किया जायेगा। किसी विषय के कोटि विशेष में महिला अभ्यर्थी नहीं उपलब्ध होने पर रिक्त पदों पर उसी कोटि के पुरूष अभ्यर्थी का नियोजन किया जायेगा; (ii) पंचायत प्रारम्भिक शिक्षक की प्रत्येक विषय (अनुदेशक सहित) में तीन प्रतिशत पदों पर विकलांग (दृष्टि बाधित 1% श्रवण बाधित 1% तथा अस्थिजन्य विकलांग 1%) उम्मीदवारों का नियोजन राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की नियमावली/अधिसूचना/आदेश के अनुसार किया जायेगा। 10. आयु।- नियोजन वर्ष की पहली अगस्त को उम्मीदवार की न्यूनतम आयु बेसिक ग्रेड के शिक्षक के पद पर नियोजन के लिए 18 वर्ष तथा स्नातक ग्रेड के लिए 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु सीमा वही होगी जो राज्य सरकार (सामान्य प्रशासन विभाग) के द्वारा समय-समय पर विहित किया जाय। विकलांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा में 10 वर्षों की छूट दी जायेगी। अनुदेशक के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होगी। शिक्षक पद पर नियोजन हेतु प्रशिक्षित उम्मीदवारों की प्रत्येक कोटि में निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा में 10 वर्षों की छूट दी जायेगी। 11. नियोजन की प्रक्रिया।- (क) आवेदन (i) केवल " शिक्षक पात्रता परीक्षा " उत्तीर्ण उम्मीदवारों से हीं आवेदन लिये जायेंगे; (ii) राज्य सरकार द्वारा जिला के माध्यम से सम्बन्धित नियोजन इकाईयों को प्रखण्ड शिक्षकों तथा पंचायत षिक्षकों (अनुदेशक सहित) के नियोजन हेतु पदों की संख्या संसूचित की जायेगी। (iii) सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रखण्ड नियोजन समिति/पंचायत नियोजन समिति के सचिव के द्वारा विषयवार एवं कोटिवार प्रखण्ड शिक्षक, अनुदेशक तथा पंचायत शिक्षक के रिक्त पदों पर नियोजन की सूचना (नियोजन सम्बन्धी सभी शर्तों के विवरण सहित) का प्रकाशन पूरे प्रखंड/पंचायत में किया जायेगा। आवेदन जमा करने हेतु कम से कम 30 दिनों का समय दिया जायेगा। सूचना की एक प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के सूचना पट्ट पर भी प्रकाशित की जायेगी; (iv) योग्यताधारी अभ्यर्थियों के द्वारा विहित प्रपत्र (समय-समय पर विभाग द्वारा जारी) में आवेदन पत्र नियोजन समिति के सचिव के यहाँ केवल स्पीड पोस्ट/निबंधित डाक से दिया जायेगा । (ख) मेधा सूची का निर्माण।- प्रखण्ड स्तर पर मेधा सूची का निर्माण प्रखण्ड नियोजन समिति के सचिव सह प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। किन्तु मुख्य उत्तरदायित्व नियोजन समिति के सचिव की होगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर मेधा सूची का निर्माण पंचायत नियोजन समिति के सचिव एवं नियोजन समिति में मनोनीत उच्च विधालय के शिक्षक की होगी। नियोजन समिति के सचिव मेधा सूची की तैयारी हेतु स्थान एवं तिथि आदि तय कर दूसरे सदस्य से आवश्यक सहयोग लेंगे। मेधा सूची के प्रत्येक पेज पर दोनों सदस्यों का हस्ताक्षर होगा। बेसिक ग्रेड के पंचायत शिक्षक एवं प्रखण्ड शिक्षक के नियोजन हेतु मेधा सूची :- (i) मैट्रिक परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (ii) इन्टरमीडियट परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (iii) प्रशिक्षण परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत उपर्युक्त तीनों को जोड़कर तीन से भाग देने पर प्राप्त प्रतिशत अंक अभ्यर्थी का मेधा अंक होगा। अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों के मामले में क्रमांक (i) एवं (ii) को जोड़कर दो से भाग दिया जायेगा।5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (iv) अभ्यर्थी के मेधा अंक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर निम्न प्रकार अतिरिक्त मेधा अंक जोडे़ जायेंगे :-
(क) 90%एवं ऊपर -10 अंक (ख) 80 %एवं ऊपर 90 %से कम -06 अंक (ग) 70 %एवं ऊपर 80 %से कम -04 अंक (ध) 55%एवं उपर एवं 70 %से कम -02 अंक इस प्रकार शिक्षक पात्रता परीक्षा के अतिरिक्त अंक जोड़ने के बाद अभ्यर्थी का जो कुल अंक होगा वही उसका कुल मेधा अंक होगा। स्नातक ग्रेड के शिक्षक के नियोजन हेतु मेधा सूची (i) मैट्रिक परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (ii) इन्टरमीडियट में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (iii) स्नातक में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (iv) प्रशिक्षण में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत उपर्युक्त चारों को जोड़कर चार से भाग देने पर प्राप्त प्रतिशत अंक अभ्यर्थी का मेधा अंक होगा।
अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों के मामले में क्रमांक (i) से (iii) तक को जोड़कर तीन से भाग दिया जायेगा। (v) अभ्यर्थी के मेधा अंक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर निम्न प्रकार अतिरिक्त मेधा अंक जोड़े जायेंगे :- (क) 90 %एवं ऊपर -10 अंक (ख) 80 %एवं ऊपर 90 %से कम -06 अंक (ग) 70 %एवं ऊपर 80 %से कम - 04 अंक (ध) 55%एवं ऊपर एवं 70 %से कम -02 अंक
इस प्रकार शिक्षक पात्रता परीक्षा के अतिरिक्त अंक जोड़ने के बाद अभ्यर्थी का जो कुल अंक होगा वही उसका कुल मेधा अंक होगा। (vi) प्राप्तांकों की गणना अतिरिक्त एवं ऐच्छिक विषयों के अंकों को छोड़कर की जायेगी। किन्तु जहाँ ऐच्छिक विषय अनिवार्य विषय के रूप में हो, वहाँ गणना की जायेगी। स्नातक योग्यता के लिए पठित सभी विषयों (अतिरिक्त एवं ऐच्छिक को छोड़कर) के प्राप्तांक के जोड़ को माना जायेगा। स्नातक के साथ प्रतिष्ठा/समकक्ष योग्यता प्राप्त उम्मीदवार के लिए सहायक विषयों एवं प्रतिष्ठा/समकक्ष योग्यता के विषयों के प्राप्तांकों को जोड़कर कुल प्राप्तांक निकाला जायेगा। (vii) बेसिक ग्रेड एवं स्नातक ग्रेड के शिक्षकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विषय के प्रशिक्षित एवं अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मेधा सूची अलग-अलग तैयार की जायेगी। (viii) आरक्षण के अनुसार प्रत्येक विषय एवं कोटि में सर्वप्रथम प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का नियोजन किया जायेगा। तत्पश्चात रिक्ति उपलब्ध होने पर उसी कोटि एवं विषय के अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों का नियोजन किया जा सकेगा। अप्रशिक्षित रूप में नियोजित शिक्षकों को सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा में प्रशिक्षण प्राप्त कर लेना आवश्यक होगा। (ग) प्रखण्ड नियोजन समिति एवं पंचायत नियोजन समिति का गठन ।- (i) प्रखण्ड नियोजन समिति प्रखण्ड शिक्षक एवं अनुदेशकों के नियोजन हेतु मेधा सूची का अनुमोदन तथा चयनित अभ्यर्थियों के नियोजन हेतु प्रखण्ड स्तर पर एक प्रखण्ड नियोजन समिति निम्नवत गठित होगीः-6 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (1) पंचायत समिति का प्रमुख - अध्यक्ष
(2) पंचायत समिति के शिक्षा समिति द्वारा चयनित एक सदस्य; (प्रमुख पुरूष होने पर महिला)
- सदस्य
- सदस्य
(3) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का एक प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी (4) प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी - सदस्य (5) कार्यपालक पदाधिकारी, पंचायत समिति - सदस्य सचिव
क्रमांक 3 का मनोनयन जिला पंचायती राज पदाधिकारी के द्वारा किया जायेगा।
- सदस्य
- सदस्य
- सदस्य
(ii) पंचायत नियेाजन समिति ।- पंचायत शिक्षकों के नियोजन हेतु मेधा सूची का अनुमोदन तथा चयनित अभ्यर्थियों के नियोजन हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक पंचायत नियोजन समिति निम्नवत गठित होगी :- (1) ग्राम पंचायत का मुखिया - अध्यक्ष (2) ग्राम पंचायत के शिक्षा समिति द्वारा चयनित एक सदस्य; (मुखिया पुरूष होने पर चयनित सदस्य महिला होगी) (3) पंचायत समिति का वह सदस्य जिनके क्षेत्र का अधिकांश भाग उस पंचायत में पड़ता हो (4) पंचायत अथवा पंचायत के निकटस्थ माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय का जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा मनोनीत एक शिक्षक (5) ग्राम पंचायत के सचिव - सदस्य सचिव
(उपर्युक्त में से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का कोई सदस्य नहीं होने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा यथा संभव इस कोटि के शिक्षक का मनोनयन किया जायेगा) किसी कारण से प्रमुख/मुखिया का पद रिक्त हो तो उप प्रमुख/उप मुखिया समिति की अध्यक्षता करेंगे। (घ) मेधा सूची का अनुमोदन ।-
(i) नियोजन समिति के सदस्यसचिव के द्वारा समिति की बैठक में मेधा सूची अनुमोदन हेतु रखा जायेगा। (ii) मेधा सूची अनुमोदित हो जाने पर उसे सार्वजनिक किया जायेगा। किसी प्रकार की आपत्ति देने हेतु 15 दिनों का समय दिया जायेगा । प्राप्त आपत्ति का निराकरण करएक सप्ताह में मेधा सूची को अन्तिम रूप दिया जायेगा। अन्तिम मेधा सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय को भेजी जायेगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा सूची की जाँच कर उसे 30 दिनों के अन्दर अनुमोदित किया जायेगा। अनुमोदित सूची सम्बन्धित नियोजन इकाई को भेजी जायेगी जिसे नियोजन इकाई के द्वारा पुनः सार्वजनिक किया जायेगा। (ड.) नियोजन पत्र।- (i) नियोजन इकाई को आवंटित पदों की संख्या के अनुरूप चयनित अभ्यर्थी को समिति के सदस्य सचिव के हस्ताक्षर से निबंधित डाक के द्वारा नियोजन पत्र भेजा जायेगा। योगदान हेतु 30 (तीस) दिनों का समय दिया जायेगा जिसका उल्लेख नियोजन पत्र में होगा। विद्यालय के प्रधान द्वारा नियोजन पत्र की सम्पुष्टि नियोजन इकाई से कराने के उपरान्त नियोजित अभ्यर्थियों का योगदान स्वीकृत किया जायेगा। 30 (तीस) दिनों के बाद रिक्त रह गये पदों पर पुनः रिक्ति की संख्या के अनुसार मेधा सूची के आधार पर नियोजन पत्र निर्गत किया जायेगा। पुनः 30 दिनों के पश्चात रिक्ति रहने पर रिक्ति की संख्या के अनुसार मेधा सूची के आधार पर नियोजन पत्र निर्गत किया जायेगा। इस प्रकार कुल तीन समव्यवहार के बाद नियोजन की प्रक्रिया समाप्त मानी जायेगी।
(ii) नियोजन किये जाने वाले अभ्यर्थी के द्वारा योगदान के समय सिविल सर्जन द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण पत्र देना होगा। (iii) नियोजन एवं योग्यता से संबंधित सभी अभिलेख/कागजातों की छायाप्रति प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित कर प्रखण्ड कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत के अभिलेखों के लिए अलग-अलग फोल्डर (संचिका) संधारित किया जायेगा।
(च) नियोजन नहीं करने वाले नियोजन इकाई के विरूद्ध कार्रवाई।- सरकार द्वारा निर्धारित तिथि तथा निर्धारित नियोजन प्रक्रिया के अनुसार बिना किसी उचित कारण के नियोजन इकाई द्वारा शिक्षक नियोजन नहीं करने पर इसे बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा उनके7 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 संवैधानिक दायित्वों का उल्लंघन माना जायेगा और इसके लिए दोषी पदाधिकारी तथा पंचायत के प्रतिनिधि के विरूद्ध प्रासंगिक अधिनियम एवं पंचायती राज अधिनियम 2006 के सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। 12. शारीरिक षिक्षा, आर्ट एवं कार्य विषय के लिए अनुदेषक का नियोजन ।-
मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक, आर्ट (संगीत एवं ललित कला) अनुदेशक तथा समाजोत्पादक कार्य अनुदेशक का नियोजन किया जायेगा। अर्हता।- (i) अनुदेशक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य (क) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण। (ख) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में सर्टिफिकेट/डिप्लोमा/डिग्री। (ii) अनुदेशक ललित कला एवं संगीत (क) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण। (ख) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ललित कला में नियमित कोर्स में स्नातक डिग्री/संगीत में स्नातक/डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता। (iii) अनुदेशक कार्यानुभव (क) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण। (ख) NCVT, CTVT या बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 1 (एक) वर्ष का सर्टिफिकेट/डिप्लोमा अनुदेशकों का चयन।- अनुदेशक के पदों पर नियोजन विभाग द्वारा यथा विहित तरीके से योग्यता परीक्षा के आधार पर किया जायेगा।
13. अनुकम्पा के आधार पर नियोजन।- प्रारंभिक विद्यालयों में पूर्व से नियुक्त शिक्षक अथवा वर्ष 2006 एवं इस नियमावली के आलोक में नियोजित होने वाले शिक्षकोंं की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके योग्यताधारी आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर पंचायत शिक्षक/प्रखण्ड षिक्षक के बेसिक ग्रेड के पद पर उपलब्ध रिक्तियों के विरूद्ध नियोजन किया जा सकेगा यदि वे इसके लिए अपनी सहमति देते हैं। नियोजन सरकार के सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति संबंधी निर्गत दिशा निर्देशों तथा निर्धारित अन्य शत्र्तों के आलोक में नियोजन समितियों द्वारा किया जा सकेगा। अप्रशिक्षित आश्रितों का नियोजन तभी तक किया जा सकेगा जब तक भारत सरकार से अप्रशिक्षितों के नियोजन की छूट मिली हो। अनुदेशकों के आश्रितों को अनुकम्पा पर नियोजन का लाभ देय नहीं होगा। 14. प्रमाण पत्रों की जाँच।- नियोजन पदाधिकारी के द्वारा शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के सहयोग से नियोजित शिक्षकों/अनुदेशकों के शैक्षणिक/प्रशैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्रों की यथा आवश्यक जाँच करा ली जायेगी। प्रमाण-पत्र जाली या गलत पाये जाने की स्थिति में नियोजन पदाधिकारी के द्वारा नियोजन रद्द कर दिया जायेगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी। समय पर प्रमाण पत्रों की जाँच करा लेना नियोजन पदाधिकारी की जवाबदेही होगी अन्यथा जाली/गलत प्रमाण पत्रों पर नियोजित शिक्षकों के अवैध भुगतान के लिए वे जिम्मेवार होंगे। 15. नियोजित षिक्षकों की सेवाशर्त्तें।- (क) नियत वेतन :-
(i) पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों के पद पर नियोजित शिक्षकों के नियत वेतन निम्नवत होंगे :-
• प्रशिक्षित शिक्षक (बेसिक ग्रेड) - 7000/- प्रति माह • अप्रशिक्षित शिक्षक (बेसिक ग्रेड) - 6000/- प्रति माह • प्रशिक्षित शिक्षक (स्नातक ग्रेड) -8000/- प्रति माह • अप्रशिक्षित शिक्षक (स्नातक ग्रेड) -7500/- प्रति माह • प्रशिक्षित शिक्षक (प्रधानाध्यापक मध्य विद्यालय) - 14000/- प्रति माह
(ii) अनुदेेशकों को प्रतिमाह 4000/- रू॰ नियत वेतन देय होगा। (iii) यदि भविष्य में सरकार के द्वारा षिक्षक अथवा अनुदेषक के नियत वेतन में संशोधन किया जाता है तो तद्नुसार उन्हें नियत वेतन देय होगा। (iv) इस नियमावली के अधीन नियोजित पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों एवं अनुदेशकों को अन्य किसी प्रकार का भत्ता यथा महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, चिकित्सा भत्ता, परिवहन भत्ता आदि देय नहीं होगा ।
(ख) वेतन वृद्धि।-
(i) नियोजन नियमावली 2006 के आलोक में नियोजित शिक्षकों का सरकार द्वारा यथानिर्देशित मूल्यांकन (दक्षता जाँच) किया जायेगा। मूल्यांकन के आधार पर सामान्य कोटि में न्यूनतम 45% एवं आरक्षित कोटि में न्यूनतम 40% अंक प्राप्त8 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 करने वाले प्रशिक्षित शिक्षकों के नियत वेतन में तीन वर्षों के बाद 500/-(पाँच सौ) रूपये तथा अप्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन में 300/-(तीन सौ) रूपये की एकमुश्त वृद्धि की जायेगी । (ii) तत्पश्चात पूर्व के नियोजित प्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन में प्रत्येक एक वर्ष पर 170 (एक सौ सत्तर) रू॰ एवं अप्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन में 100 (एक सौ) रू॰ की वृद्धि की जायेगी। निर्धारित अंक से कम अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों के वेतन में वृद्धि नहीं की जायेगी। सामान्य कोटि में 45% से नीचे तथा आरक्षित कोटि में 40% से नीचे अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को उनके अंक में सुधार हेतु एक अतिरिक्त मौका दिया जायेगा । द्वितीय मूल्यांकन दक्षता परीक्षा के पश्चात निर्धारित न्यूनतम अंक से कम अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को नियोजन समिति के द्वारा स्पष्टीकरण पूछकर सेवा से हटा दिया जायेगा। (iii) प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के रूप में नियोजित शिक्षकों के नियत वेतन में प्रत्येक एक वर्ष पर 300/- (तीन सौ रूपये मात्र) की वृद्धि की जायेगी। अप्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के रूप में नियोजित शिक्षकों को प्रत्येक एक वर्ष पर 200/- (दो सौ रूपये मात्र) नियत वेतन में वृद्धि की जायेगी। (iv) इस नियमावली के अधीन नियोजित बेसिक ग्रेड के शिक्षकों (अनुकम्पा पर नियोजित शिक्षकों को छोड़कर) को दक्षता परीक्षा नहीं देनी होगी तथा उन्हें प्रत्येक वर्ष उक्त कंडिका (ii) में अंकित वेतन वृद्धि देय होगी। (v) अनुदेशकों को दक्षता परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें प्रत्येक एक वर्ष पर 100/- (एक सौ रूपये मात्र) की वेतन वृद्धि देय होगी।
(ग)सेवा निवृत्ति की उम्र।-
नियोजित शिक्षक एवं अनुदेशक 60 (साठ) वर्ष की आयु पूर्ण होने की तिथि को सेवा निवृत्त होंगे ।
(घ) प्रषिक्षण :-
(i) राज्य सरकार द्वारा अप्रशिक्षित शिक्षकों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (N.C.T.E.) द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले शिक्षकों को परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि से प्रशिक्षित शिक्षक का नियत वेतन देय होगा। (ii) प्रशिक्षित शिक्षकों तथा अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए भी नियमित रूप से सेवाकालीन प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी।
(ङ) स्थानान्तरण।- (i) सामान्यतः पंचायत एवं प्रखण्ड प्रारंभिक शिक्षकों का स्थानान्तरण नहीं किया जायेगा। उन्हें अपनी सेवा काल में तीन वर्षों के बाद अपने नियोजन इकाई में ही अधिकतम दो स्थानान्तरण लेने की सुविधा होगी। दो स्थानान्तरण के बीच कम-से-कम 5 वर्षों का अन्तराल आवश्यक होगा। स्थानान्तरण अपनी ही शिक्षक की श्रेणी (ग्रेड) में किया जा सकेगा। अनुदेशकों को यह सुविधा देय नहीं होगी।
(ii) यदि किसी विद्यालय के एक रिक्त पद हेतु एक से अधिक स्थानान्तरण के आवेदन प्राप्त होते हैं, तो सेवा अवधि के आधार पर वरीयतम शिक्षक को प्राथमिकता दी जायेगी ।
(iii) स्थानान्तरण का प्रस्ताव सदस्य सचिव के द्वारा तैयार किया जायेगा तथा नियोजन समिति के अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद स्थानान्तरण आदेश सदस्य सचिव के हस्ताक्षर से निर्गत किया जायेगा ।
(iv) बच्चों की निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम/नियमावली के अनुपालन में सरकार द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी के स्तर से नियमानुसार किसी अन्य विद्यालय में शिक्षकों के सामंजन एवं प्रशासनिक स्थानान्तरण का आदेश नियोजन इकाई को दिया जा सकेगा। नियोजन पदाधिकारी के द्वारा इसका अनुपालन अनिवार्य होगा। (च)प्रोन्नति।- (i) प्रशिक्षण प्राप्त बेसिक ग्रेड के नियोजित पंचायत एवं प्रखण्ड शिक्षकों को योगदान की तिथि तथा अप्रषिक्षित रूप में नियोजित शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान प्राप्ति की तिथि के आधार परप्रखण्ड स्तर पर 12 वर्षों की संतोषजनक सेवा के बाद अगले नियत वेतन (स्नातक प्रशिक्षित के लिए निर्धारित) में प्रोन्नति दी जायेगी। प्रोन्नति के फलस्वरूप इस ग्रेड के शिक्षक अपने हीं ग्रेड में रहेंगे।
(ii) प्रखण्ड के स्नातक षिक्षकों के 50% पदोंको पंचायत एवं प्रखण्ड शिक्षक के बेसिक ग्रेड में 8 वर्षों की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों की प्रोन्नति से भरा जायेगा। प्रोन्नति हेतु प्रखण्ड स्तर पर योग्यताधारी पंचायत एवं प्रखण्ड शिक्षकों की संयुक्त वरीयता सूची तैयार की जायेगी।
(iii) प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों में से प्रखण्ड स्तरीय वरीयता एवं स्नातक ग्रेड में 5 वर्षों की संतोषजनक न्यूनतम सेवा के आधार पर तैयार वरीयता सूची से मध्य विद्यालय के नियत वेतन के प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति दी जायेगी।
(iv) प्रोन्नति का निर्णय प्रखण्ड स्तरीय नियोजन समिति के द्वारा लिया जायेगा। स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति के फलस्वरूप पदस्थापन की कार्रवाई भी नियोजन समिति के द्वारा की जायेगी।
(v) प्रोन्नति के फलस्वरूप स्नातक शिक्षक के लिए निर्धारित नियत वेतन में पूर्व के प्राप्त वेतन में एक वेतन वृद्धि जोड़ कर नियत वेतन देय होगा। इसका उल्लेख प्रोन्नति आदेश में रहेगा।9 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (छ) अनुषासनिक कार्रवाई।- (i) विद्यालय से आदतन अनुपस्थित रहने, बच्चों को प्रताड़ित करने अथवा अन्य कारणों से नियोजित शिक्षकों एवं अनुदेशकों के विरूद्ध किसी अन्य प्रकार के प्राप्त आरोप के सम्बन्ध में नियोजन इकाई के सचिव के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा जायेगा। स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसकी समीक्षा कर नियोजन समिति के अध्यक्ष की अनुमति से विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी। किसी मामले में जेल जाने अथवा प्रथम द्रष्ट्या सरकारी राशि के गबन के दोषी पाये जाने पर उसे निलम्बित किया जायेगा। अन्य मामले में विभागीय कार्रवाई की जायेगी। निलम्बन अथवा विभागीय कार्रवाई के क्रम में आरोप पत्र गठित कर जाँच पदाधिकारी से जाँच कराई जायेगी तथा दोषी पाये जाने पर उन्हें निम्न दंड दिये जा सकेंगे :-
लघु दंड-(i) निन्दन
(ii) प्रोन्नति पर रोक (iii) वेतनवृद्धि पर रोक (असंचयात्मक/संचयात्मक)
वृहत दंड- (i) निम्न पद पर अवनति
(ii) सेवाच्यूति जो भविष्य में किसी नियुक्ति/नियोजन हेतु निर्हरता नहीं होगी;
(iii) परन्तु यह भी कि किसी अन्य मामले विशेष में विशेष कारण से अभिलिखित रूप से अन्य कोई दण्ड अधिरोपित किये जा सकेंगे।
(iv) आरोप प्रमाणित होने पर द्वितीय कारण पृच्छा के पश्चात वृहत्त दण्ड दिये जा सकेंगे, (v) निलम्बन अवधि में नियत वेतन की 50% राषि जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में देय होगी।
(v) दंड सम्बन्धी आदेश नियोजन समिति के सचिव के हस्ताक्षर से निर्गत होगा। इस आदेश में उन तथ्यों का पूर्ण ब्योरा होगा जिसके कारण शिक्षक/अनुदेशक को प्रासंगिक दंड के योग्य पाया गया है।
(ज) छुट्टी।- (शिक्षक के लिए) (i) पंचायत प्रारम्भिक षिक्षकों को वर्ष में 16 दिनों का आकस्मिक अवकाश देय होगा। इन शिक्षकों को 20 दिनों का चिकित्सा अवकाश चिकित्सा प्रमाण-पत्र के आधार पर देय होगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा आकस्मिक अवकाश एवं प्रधानाध्यापक की अनुशंसा पर विद्यालय शिक्षक समिति के अध्यक्ष के द्वारा चिकित्सा अवकाश स्वीकृत किया जायेगा। शिक्षक यदि स्वयं प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक हो तो आकस्मिक एवं चिकित्सा अवकाश विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष के द्वारा स्वीकृत किया जायेगा । आकस्मिक अवकाश एक साथ 10(दस) दिनों से अधिक के लिए नहीं दिया जा सकेगा । चिकित्सा अवकाश सम्पूर्ण सेवा काल में 120 दिनों तक संचय किया जा सकेगा तथा किसी भी वर्ष चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर 90 दिनों तक एक साथ लिया जा सकेगा । इसे आकस्मिक अवकाश के आगे या पीछे किसी एक ओर ही जोड़ा जा सकेगा। (ii) शिक्षिकाओं को 135 दिनों का मातृत्व अवकाश पंचायत शिक्षकों के मामले में विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष के द्वारा तथा प्रखण्ड शिक्षकों के मामले में कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा स्वीकृत किया जायेगा। मातृत्व अवकाश का लाभ मात्र दो सन्तानों के लिए ही अनुमान्य होगा। (iii) महिला शिक्षिकाओं को प्रत्येक माह दो दिनों का विशेष अवकाश देय होगा जो विद्यालय के प्रधान के द्वारा स्वीकृत किया जा सकेगा। (iv) उपर्युक्त अवकाशों के अतिरिक्त विशेष कारणवश एक पंचांग वर्ष में 30 दिनों की अवधि के लिए विशेष अवैतनिक अवकाश देय होगा । अवैतनिक अवकाश मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकार के द्वारा स्वीकृत किया जायेगा किन्तु इसके कारण सेवा में टूट नहीं मानी जायेगी। (v) शिक्षक की सेवा पुस्तिका के साथ उनके अवकाश लेखा का भी संधारण विधिवत रूप से किया जायेगा। (ज) छुट्टी ( अनुदेशक के लिए ) अनुदेशक को वर्ष में 16 दिनों का आकस्मिक अवकाश तथा महिला अनुदेशक को प्रतिमाह दो दिनों का विशेष अवकाश देय होगा। वर्ष में 20 दिनों का चिकित्सा अवकाश देय होगा जो 60 दिनों तक संचय किया जा सकेगा। महिला अनुदेशक को 135 दिनों का मातृत्व अवकाश देय होगा। छुट्टी स्वीकृत करने की प्रक्रिया वही होगी जो शिक्षकों के लिए निर्धारित है।
(झ) वेतन भुगतान।-(1) पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों को प्रारंभिक शिक्षकों एवं अनुदेशकों के वेतन भुगतान के लिए यथा आवश्यक अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। (2) विद्यालय के प्रधान के द्वारा प्रदत्त अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर प्रारम्भिक शिक्षकों एवं अनुदेशकों का वेतन भुगतान नियोजन समिति के सचिव के द्वारा उनके बैंक खाते में अन्तरण (एडवाइस) के द्वारा किया जायेगा।
16. अपील ।- इस नियमावली के अधीन नियोजन एवं नियोजित शिक्षकों एवं अनुदेशकों की सेवा से सम्बन्धित अपील सुनने की शक्ति जिला स्तर पर सरकार द्वारा गठित अपीलीय प्राधिकार की होगी । 17. कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति ।- इस नियमावली के अनुपालन के समय उत्पन्न कठिनाइयों को राज्य सरकार अधिसूचना/आदेश द्वारा निराकरण कर सकेगी।10 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 18. निरसन एवं व्यावृत्ति ।-(1) इस नियमावली के प्रभावी होने की तिथि से ग्रामीण क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के नियोजन से संबंधित नियोजन नियमावली, 2006 तथा तत्सम्बन्धित संकल्प, आदेश, अनुदेश, आदि निरस्त माने जायेंगे। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी ऐसे नियमावली, आदेश, अनुदेश के अधीन किए गये कार्य या की गई कार्रवाई इस नियमावली के अन्तर्गत की गई समझी जायेगी। पूर्व के जिला संवर्ग के शिक्षकों के सेवा शत्र्तों पर इसका प्रभाव नहीं पडे़गा। विशेष शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2010 पर भी इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव।
————— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 351-571+3000-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in