Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 April 2014

Published 02 April 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-04-02.352
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:27)या पी0ट+0-40 िनबंधन सं(cid:27)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत ((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 352352352352) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

12121212 चैऽ चैऽ चैऽ चैऽ 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000)))) पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार, , , , 2222 अूील अूील अूील अूील 2014201420142014 शिक्षा विभाग ------- अधिसूचना 3 अप्रील 2012

सं0 7/वि01-37-2010-

-242—बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा-46, 47(4) एवं 419 के 46, 47(4) एवं 419 के ाक्षकों के नियोजन हेतु अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के नियोजन हेतु अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रा बिहार सरकार निम्नलिखित बिहार नगर प्रारंभिक श्ि

नम्नलिखित बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शत्तेें) नियमावली 2012 बनाते हैं :-

(नियोजन एवं सेवा शत्तेें) नियमावली 2012 बनाते हैं :-

बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा र्शों) नियमावली- 2012 बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा र्शों) नियमावली- 2012 बिहार नगर प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा र्शों) नियमावली- 2012 - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 'क' के अन्तर्गत 6-14 आयु वर्ग के बच्चों की श्ि

क में शहरी क्षेत्र की प्रारंभिक शिक्षा में नगरपालिका की संस्थाआें की भ

र्त 6-14 आयु वर्ग के बच्चों की शिक्षा उनका मौलिक प्रस्तावना।- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 'क' के अन्तग चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, 1 अप्रील 2010 से ाक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, 1 अप्रील 2010 से अधिकार हो गया है। साथ ही "बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य श्ि क्षिक प्राधिकार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा लागू हो गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकार राष्ट्रीय अध्यापक श्ि लागू हो गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित शै परिषद्‌ (NCTE ) के द्वारा प्रारंभिक विद्यालयों में श्ि नई योग्यता निर्धारित की गई है। 74वें द्वारा प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु नई योग्यता निर्धारित की गई है। 74वें ाक्षा में नगरपालिका की संस्थाआें की भूमिका को महत्वपूर्ण संविधान संशोधन के आलोक में शहरी क्षेत्र की प्रारंभिक श्ि ाक्षकों के नियोजन का कार्य नगर की संस्थाओं को पूर्व से ही सौंप दिया गया है। अतएव राज्य सरकार ाक्षकों के नियोजन का कार्य नगर की संस्थाओं को पूर्व से ही सौंप दिया गया है। अतएव राज्य मानते हुए शिक्षकों के नियोजन का कार्य नगर की संस्थाओं को पूर्व से ही सौंप दिया गया है। अतएव राज्य ाक्षकों के नियोजन हेतु द्वारा उपर्युक्त बिन्दुओं पर सम्यक्‌ विचारोपरांत राज्य के नगर क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के नियोजन हेतु द्वारा उपर्युक्त बिन्दुओं पर सम्यक्‌ विचारोपरांत राज्य के नगर क्ष यह नियमावली बनायी जा रही है।

1. स्ांक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ

ाक्षक (नियोजन एवं सेवा स्ांक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ।-(1) यह नियमावली "बिहार नगर प्रारम्भिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्त्त) नियमावली 2012 " कही जायेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से प्रभावी होगी।

नयमावली 2012 " कही जायेगी। ) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। ) यह अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से प्रभावी होगी।

2. परिभाषाएॅ।- जब तक कोई बात विषय या प्रसंग के विरूद्ध नहीं हो, इस नियमावली में- - जब तक कोई बात विषय या प्रसंग के विरूद्ध नहीं हो, इस नियमावली में- - जब तक कोई बात विषय या प्रसंग के विरूद्ध नहीं हो, इस नियमावली में- वर्त्तमान में कक्षा पांच तक की ) " प्राथमिक विद्यालय " से अभिप्रेत है वैसे राजकीय या राजकीयकृत विद्यालय जहांॅ वर्त्तमान में कक्षा पांच तक की ) " मध्य विद्यालय " से अभिप्रेत है वैसे राजकीय/राजकीयकृत विद्यालय जहॉं वर्त्तमान में कक्षा आठ तक की श्ि

ॅं वर्त्तमान में कक्षा आठ तक की शिक्षा (i) " प्राथमिक विद्यालय " से अभिप्रेत है वैसे रा शिक्षा की व्यवस्था है ; (ii) " मध्य विद्यालय " से अभिप्रेत है वैसे राजकीय/राजकीयकृत विद्यालय जहा की व्यवस्था है ; (iii) " प्रारंभिक विद्यालय " से अभिप्रेत है राजकीय/राजकी

) " प्रारंभिक विद्यालय " से अभिप्रेत है राजकीय/राजकीयकृत प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय;

2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (iv) " नगर प्रारम्भिक शिक्षक " से अभिप्रेत है इस नियमावली के अनुसार राज्य के शहरी क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों में नियोजित होने वाले नगर शिक्षक ; (v) " अनुदेशक " से अभिप्रेत है राज्य के मध्य विद्यालयों में नियोजित होने वाले संगीत अथवा ललित कला (आर्ट) के अनुदेशक, शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य के अनुदेशक तथा समाजोत्पादक कार्य के अनुदेशक ; (vi) " कोटि " से अभिप्रेत है नियम-3 के अन्तर्गत प्रावधानित नगर प्रारम्भिक शिक्षकों की कोटि ; (vii)" श्रेणी (ग्रेड) " से अभिप्रेत है नियम-4 में प्रावधानित नगर प्रारंभिक शिक्षकों की श्रेणी (ग्रेड) ; (viii) " विभाग " से अभिप्रेत है शिक्षा विभाग ; (ix) " नगर पालिका " से अभिप्रेत है बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा-2 (66) सह पठित धारा- 12 के अन्तर्गत गठित नगरपालिका। शहरी क्षेत्र के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 'थ' के अधीन गठित स्वशासी संस्था यथा नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत ; (x) "प्रशिक्षण" से अभिप्रेत है, NCTE अधिनियम लागू होने के पूर्व केन्द्र या किसी राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से अथवाNCTE अधिनियम लागू होने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ से मान्यता प्राप्त संस्थानों से दो वर्षीय प्रशिक्षण अथवा बी॰ इ॰ एल॰ एड॰अथवा बी॰ एड॰; (xi) "स्नातक प्रतिष्ठा" से अभिप्रेत है, स्नातक प्रतिष्ठा की डिग्री अथवा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित समकक्ष डिग्री। (xii) "विद्यालय शिक्षा समिति" से अभिप्रेत है प्रत्येक विद्यालय के प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण हेतु राज्य सरकार के अधिनियम/नियमावली के अधीन गठित समिति ; (xiii) "राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (NCTE) से अभिप्रेत है "राष्ट्रीय स्तर पर विनिर्दिष्ट प्रशिक्षण संस्थानों एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को विनियमित करने वाला परिषद्‌ ; (xiv) "नगरपालिका के पदाधिकारी" से अभिप्रेत है नगर निगम के मामले में "नगर आयुक्त" तथा नगर परिषद एवं नगर पंचायत के मामले में "नगर कार्यपालक पदाधिकारी"। (xv) "अपीलीय प्राधिकार" से अभिप्रेत है नियोजन नियमावली के अधीन नियोजन सम्बन्धी अपील तथा नियोजित शिक्षकों एवं अनुदेशकों के सेवा सम्बन्धी मामलों में शिकायत सुनकर निर्णय लेने हेतु जिला स्तर पर गठित प्राधिकार;

3. नगर प्रारंभिक षिक्षकों की कोटि।- नगर प्रारम्भिक शिक्षक निम्नांकित दो कोटि के होंगे :-

(क) नगर प्राथमिक षिक्षक- नगर के प्राथमिक विद्यालयों में नियोजित होनेवाले शिक्षक, (ख) नगर प्रारंभिक षिक्षक-नगर के मध्य विद्यालयों में नियोजित होनेवाले शिक्षक। 4. नगर षिक्षकों का ग्रेड।- नगर के मध्य विद्यालयों तथा प्राथमिक विद्यालयों में नियोजित होनेवाले नगर शिक्षकों के पद निम्नांकित तीन श्रेणी (ग्रेड) के होंगे :- (i) नगर शिक्षक - बेसिक ग्रेड (ii) नगर शिक्षक - स्नातक ग्रेड (मध्य विद्यालय के स्नातक शिक्षक) (iii) नगर शिक्षक - प्रधानाध्यापक ग्रेड (मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक) (प्राथमिक विद्यालय का मध्य विद्यालय में उत्क्रमण के फलस्वरूप प्राथमिक विद्यालयों में नियोजित नगर शिक्षक, नगर शिक्षक की अपने-अपने श्रेणी (ग्रेड) में आ जायेंगे) 5. नियोजन हेतु न्यूनतम योग्यता ।- (i) कक्षा I-V (नगर षिक्षक के बेसिक ग्रेड) (क) न्यूनतम 50% अंकाें के साथ उच्चतर माध्यमिक ( या इसके समकक्ष ) एवं प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण ( जिस नाम से भी जाना जाता हो) या न्यूनतम 45% अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक ( या इसके समकक्ष ) एवं प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण (जिस नाम से भी जाना जाता हो ), जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (मान्यता, मानक और क्रियाविधि) विनियम, 2002 के अनुसार प्राप्त किया गया हो । या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक ( या इसके समकक्ष ) एवं 4 वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र (बी.एल.एड.) या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक ( या इसके समकक्ष ) एवं शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय प्रशिक्षण और (ख) केन्द्र अथवा बिहार राज्य सरकार द्वारा आयोजित " शिक्षक पात्रता परीक्षा " (टी.ई.टी) में उत्तीर्ण। (ii) कक्षा VI-VIII (नगर षिक्षक के स्नातक ग्रेड) (क) बी.ए./बी.एससी. और प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा ( जिस नाम से भी जाना जाता हो)3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 या न्यूनतम 50% अंकों के साथ बी.ए./बी.एससी. एवं शिक्षा शास्त्र में एकवर्षीय स्नातक (बी'. एड. ) या न्यूनतम 45% अंकों के साथ बी.ए./बी.एस.सी. एवं शिक्षा शास्त्र में एकवर्षीय स्नातक (बी'. एड. ) जो इस संबंध में समय-समय पर जारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (मान्यता, मानक और क्रियाविधि ) विनियम 2002 के अनुसार प्राप्त किया गया हो या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक ( या इसके समकक्ष ) एवं 4 (चार) वर्षीय प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र स्नातक (बी. एल. एड.) या न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चत्तर माध्यमिक ( या इसके समकक्ष ) एवं 4 (चार) वर्षीय बी.ए./बी. एससी. एड या बी.ए.एड./बी.एससी.एड या न्यूनतम 50% अंकों के साथ बी.ए./बी.एससी. एवं एक वर्षीय बी.एड. (विशेष शिक्षा) और (ख) केन्द्र अथवा बिहार राज्य सरकार द्वारा आयोजित " शिक्षक पात्रता परीक्षा " (टी.ई.टी) में उत्तीर्ण। (ग) केवल केन्द्र या किसी राज्य सरकार द्वारा अथवा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (NCTE) द्वारा मान्यता-प्राप्त अध्यापक षिक्षा शास्त्र में डिप्लोमा/डिग्री पाठ्‌यक्रम मान्य होगा। शिक्षा शास्त्र में डिप्लोमा (विषेष षिक्षा) और बी.एड. (विशेष शिक्षा) के लिए केवल भारतीय पुनर्वास परिषद्‌ (आरसीआई) द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्‌यक्रम मान्य होगा। (घ) जिसके पास डी. एड. (विशेष शिक्षा) या बी.एड (विशेष शिक्षा) की योग्यता है, उसे नियोजन के बाद प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ द्वारा मान्यता प्राप्त 6 माह का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होगा । (ङ) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता का निर्धारण) विनियम, 2001 (समय-समय पर यथा संशोधित) के अनुसार 3 सितम्बर, 2001 अथवा उसके बाद नियोजित बी.एड. की योग्यता रखने वाले कक्षा I से V के शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ द्वारा मान्यता प्राप्त 6 माह का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक होगा । (च) समकक्ष तकनीकी शिक्षा की डिग्री (पौलिटेकनिक, यूनानी शिक्षा आदि) तथा प्राच्यभाषा विशेष से सम्बन्धित डिग्री (मौलवी, उप शास्त्री) सामान्य शिक्षक पद पर नियोजन हेतु मान्य नहीं है। शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत अधिसूचना अथवा आदेश के आलोक में किसी सोसाइटी अथवा ट्रस्ट के द्वारा स्थापित स्वैच्छिक संस्थानों द्वारा प्रदा भाषा विशेष की उपाधी/डिग्री भी शिक्षक पद पर नियोजन हेतु मान्य नहीं है। शिक्षक पद पर नियोजन हेतु किसी प्रमाण पत्र अथवा डिग्री की समकक्षता प्रदान करने की कार्रवाई शिक्षा विभाग के द्वारा किया जा सकेगा। 6.उर्दू षिक्षकों/संस्कृत शिक्षकों/बांग्ला षिक्षकों का नियोजन।-(i) प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयके उर्दू पदों पर बिहार मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदत्त मौलवी/आलिम अथवा उर्दू योग्यता रखने वाले (इन्टरमीडियट में न्यूनतम 100 अंकों के उर्दू विषय में उर्त्तीण) तथा नियम 5 में निर्धारित प्रशिक्षण योग्यताधारी अभ्यर्थियों का नियोजन किया जायेगा। (ii) संस्कृत शिक्षकों के पदों पर कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त उप शास्त्री/शास्त्रीकी योग्यता एवं नियम 5 में निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता के अभ्यर्थी का नियोजन किया जायेगा। (iii) बांग्ला शिक्षकों के पद पर नियम 5 में निर्धारित योग्यता के समतुल्य बांग्ला भाषा में इन्टर स्तर के योग्यताधारी (100 अंकों के बांग्ला विषय में र्उाीण) अथवा बांंग्ला में स्नातक की योग्यता के अभ्यर्थियों का नियोजन किया जायेगा। 7. मध्य विद्यालयों में स्नातक षिक्षकों का नियोजन ।- मध्य विद्यालयों में स्नातक शिक्षकों के विषयवार निम्न पदों पर नियम 5 में वर्णित योग्यता के उम्मीदवारों का नियोजन किया जायेगा :- (i) स्नातक गणित एवं विज्ञान शिक्षक। (ii) स्नातक सामाजिक विज्ञान शिक्षक। (iii) स्नातक भाषा शिक्षक। नियमावली की अधिसूचना की तिथि से 8 वर्षों तक उपर्युक्त सभी पदों पर सीधे नियोजन किया जायेगा। तत्पश्चात 50% पदों पर सीधे नियोजन किया जायेगा तथा शेष 50% पदों को बेसिक ग्रेड के योग्यताधारी शिक्षकों की प्रोन्नति से भरा जायेगा। प्रोन्नति हेतु योग्य शिक्षक नहीं मिलने पर विभाग द्वारा इन पदों पर सीधे नियोजन का निर्णय लिया जा सकेगा। 8. आरक्षण ।- बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा यथा अधिसूचित आरक्षण नियम जिला स्तर पर प्रत्येक विषय के लिए लागू होगा। अंशकालीन अनुदेशकों का नियोजन भी इसी के अनुसार किया जायेगा। 4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 9. महिला एवं विकलांगों का नियोजन ।- (i) प्रत्येक विषय (अनुदेशक सहित) में न्यूनतम 50% महिला अभ्यर्थी का नियोजन किया जायेगा । विषम संख्या रहने पर अंतिम पद महिला के लिए चिन्हित किया जायेगा। (ii) प्रारम्भिक शिक्षक की प्रत्येक विषय (अंशकालीन अनुदेशक सहित) में तीन प्रतिशत विकलांग (दृष्टि बाधित 1% श्रवण बाधित 1% तथा अस्थिजन्य विकलांग 1%) उम्मीदवारों का नियोजन राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के नियम/ अधिसूचना/आदेश के अनुसार किया जायेगा। 10. आयु।- नियोजन वर्ष की पहली अगस्त को उम्मीदवार की न्यूनतम आयु बेसिक ग्रेड के लिए 18 वर्ष तथा स्नातक ग्रेड के लिए 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु सीमा वही होगी जो राज्य सरकार (सामान्य प्रशासन विभाग) के द्वारा समय-समय पर विहित किया जाय। विकलांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा में 10 वर्षों की छूट दी जायेगी। अंशकालीन अनुदेशक के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष होगी। प्रशिक्षित उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा में 10 वर्षों की छूट दी जायेगी। 11. नियोजन की प्रक्रिया ।- (क) आवेदन (i) केवल " शिक्षक पात्रता परीक्षा " उत्तीर्ण उम्मीदवारों से ही आवेदन लिये जायेंगे। (ii) राज्य सरकार द्वारा जिला के माध्यम से सम्बन्धित नियोजन इकाईयों को नगर शिक्षकों (अनुदेशक सहित) के नियोजन हेतु पदों की संख्या संसूचित की जायेगी । (iii) सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नगर निकाय के नियोजन समिति के सचिव के द्वारा विषयवार एवं कोटिवार नगर शिक्षक तथा अनुदेशक के रिक्त पदों पर नियोजन की सूचना (नियोजन सम्बन्धी सभी शर्तों के विवरण सहित) का प्रकाशन पूरे नगर क्षेत्र में किया जायेगा। आवेदन जमा करने हेतु कम से कम 30 दिनों का समय दिया जायेगा। सूचना की एक प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के सूचना पट्ट पर भी प्रकाशित की जायेगी। (iv) योग्यताधारी अभ्यर्थियों के द्वारा विहित प्रपत्र (समय-समय पर विभाग द्वारा जारी) में आवेदन पत्र नियोजन समिति के सचिव के यहाँ केवल स्पीड पोस्ट/निबंधित डाक से दिया जायेगा । (ख) मेधा सूची का निर्माण।- नगर के नियोजन इकाई के स्तर पर मेधा सूची का निर्माण नियोजन समिति के सचिव एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा, किन्तु मुख्य उत्तरदायित्व नियोजन समिति के सचिव की होगी। नियोजन समिति के सचिव मेधा सूची की तैयारी हेतु स्थान एवं तिथि आदि तय कर दूसरे सदस्यों से आवश्यक सहयोग लेंगे। मेधा सूची के प्रत्येक पेज पर मेधा सूची निर्माण करनेवाले दोनों सदस्यों का हस्ताक्षर होगा। बेसिक ग्रेड के नगर शिक्षक के नियोजन हेतु मेधा सूची। (i) मैट्रिक परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (ii) इन्टरमीडियट परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (iii) प्रशिक्षण परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत उपर्युक्त तीनों को जोड़कर तीन से भाग देने पर प्राप्त प्रतिशत अंक अभ्यर्थी का मेधा अंक होगा। अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों के मामले में क्रमांक (i) एवं (ii) को जोड़कर दो से भाग दिया जायेगा। (iv) अभ्यर्थी के मेधा अंक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर निम्न प्रकार अतिरिक्त मेधा अंक जोडे़ जायेंगे :- (क) 90 %एवं ऊपर - 10 अंक (ख) 80 %एवं ऊपर 90 %से कम - 06 अंक (ग) 70 %एवं ऊपर 80 %से कम - 04 अंक (ध) 55 %एवं ऊपर एवं 70 %से कम - 02 अंक इस प्रकार शिक्षक पात्रता परीक्षा के अतिरिक्त अंक जोड़ने के बाद अभ्यर्थी का जो कुल अंक होगा वही उसका कुल मेधा अंक होगा। स्नातक ग्रेड के शिक्षक के नियोजन हेतु मेधा सूची (i) मैट्रिक परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (ii) इन्टरमीडियट में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग (iii) स्नातक में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत योग5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (iv) प्रशिक्षण में प्राप्त प्राप्तांक का प्रतिशत उपर्युक्त चारों को जोड़कर चार से भाग देने पर प्राप्त प्रतिशत अंक अभ्यर्थी का मेधा अंक होगा। अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों के मामले में क्रमांक (i) से (iii) तक को जोड़कर तीन से भाग दिया जायेगा। (v) अभ्यर्थी के मेधा अंक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर निम्न प्रकार अतिरिक्त मेधा अंक जोड़े जायेंगे :-

(क) 90 %एवं ऊपर - 10 अंक (ख) 80 %एवं ऊपर 90 %से कम - 06 अंक (ग) 70 %एवं ऊपर 80 %से कम - 04 अंक (ध) 55%एवं उपर एवं 70 %से कम - 02 अंक इस प्रकार शिक्षक पात्रता परीक्षा के अतिरिक्त अंक जोड़ने के बाद अभ्यर्थी का जो कुल अंक होगा वही उसका कुल मेधा अंक होगा। (vi) प्राप्तांकों की गणना अतिरिक्त एवं ऐच्छिक विषयों के अंकों को छोड़कर की जायेगी। किन्तु जहाँ ऐच्छिक विषय अनिवार्य विषय के रूप में हो, वहाँ गणना की जायेगी। स्नातक योग्यता के लिए पठित सभी विषयों (अतिरिक्त एवं ऐच्छिक को छोड़कर) के प्राप्तांक के जोड़ को माना जायेगा। स्नातक के साथ प्रतिष्ठा प्राप्त उम्मीदवार के लिए सहायक विषयों एवं प्रतिष्ठा के विषयों के प्राप्तांकों को जोड़कर कुल प्राप्तांक निकाला जायेगा। (vii) बेसिक ग्रेड एवं स्नातक ग्रेड के शिक्षकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विषय के प्रशिक्षित एवं अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों की मेधा सूची अलग-अलग तैयार की जायेगी। (viii) आरक्षण नियम के अनुसार प्रत्येक विषय एवं कोटि में सर्वप्रथम प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का नियोजन किया जायेगा। तत्पश्चात रिक्ति उपलब्ध होने पर उसी कोटि एवं विषय के अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों का नियोजन किया जा सकेगा। अप्रशिक्षित रूप में नियोजित शिक्षकों को सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा में प्रशिक्षण प्राप्त कर लेना आवश्यक होगा। (ग) नगर नियोजन समिति का गठन।- नगर निगम (i) नगर निगम के शिक्षकों एवं अनुदेशकों के चयन हेतु नगर निगम के स्तर पर एक नियोजन समिति निम्नवत गठित होगी। (1) नगर निगम के महापौर - अध्यक्ष (2) नगर निगम के नगरपालिका पदाधिकारी - सदस्य सचिव (3) नगर निगम के शिक्षा समिति के एक चयनित सदस्य - सदस्य (पुरूष अध्यक्ष होने पर चयनित सदस्य महिला होगी)

(4) जिला पदाधिकारी द्वारा मनोनीत अनु॰ जाति/अनु॰ जनजाति का एक पदाधिकारी - सदस्य (5) जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) -सदस्य टिप्पणी :- नगर निगम की शिक्षा समिति के गठन नहीं होने के स्थिति में जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा नगर निगम क्षेत्र के किसी राजकीय/राजकीयकृत उच्च विद्यालय के एक प्रधानाध्यापक को समिति में सदस्य मनोनीत किया जा सकेगा। नगर परिषद्‌/नगर पंचायत (1) नगर परिषद्‌/नगर पंचायत का नगर सभापति/अध्यक्ष - अध्यक्ष (2) नगर परिषद्‌/नगर पंचायत का नगरपालिका पदाधिकारी -सदस्य सचिव (3) नगर परिषद्‌/नगर पंचायत का शिक्षा समिति के एक चयनित सदस्य - सदस्य (पुरूष अध्यक्ष होने पर चयनित सदस्य महिला होगी)

(4) जिला पदाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के एक मनोनीत पदाधिकारी - सदस्य (5) जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) - सदस्य टिप्पणी ः- नगर परिषद्‌/नगर पंचायत की शिक्षा समिति के गठन नहीं होने की स्थिति में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा नगर क्षेत्र के राजकीय/राजकीयकृत उच्च विद्यालय के एक प्रधानाध्यापक को समिति में सदस्य मनोनीत किया जा सकेगा। किसी कारण से महापौर/नगर सभापति/अध्यक्ष का पद रिक्त हो तो उपमहापौर/उप सभापति/उपाध्यक्ष समिति की अध्यक्षता करेंगे। (घ) मेधा सूची का अनुमोदन ।-(i) नियोजन समिति के सदस्य सचिव के द्वारा समिति की बैठक में मेधा सूची अनुमोदन हेतु रखा जायेगा। 6 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (ii) मेधा सूची अनुमोदित हो जाने पर उसे सार्वजनिक किया जायेगा। किसी प्रकार की आपत्ति देने हेतु 15 (पन्द्रह) दिनों का समय दिया जायेगा । प्राप्त आपत्ति का निराकरण कर एक सप्ताह में मेधा सूची को अन्तिम रूप दिया जायेगा। (ड) नियोजन पत्र।- (i) नियोजन इकाई को आवंटित पदों की संख्या के अनुरूप चयनित अभ्यर्थी को समिति के सदस्य सचिव के हस्ताक्षर से निबंधित डाक के द्वारा नियोजन पत्र भेजा जायेगा। योगदान हेतु 30 (तीस) दिनों का समय दिया जायेगा, जिसका उल्लेख नियोजन पत्र में होगा। विद्यालय के प्रधान द्वारा नियोजन पत्र की सम्पुष्टि नियोजन इकाई से कराने के उपरान्त नियोजित अभ्यर्थियों का योगदान स्वीकृत किया जायेगा। 30 (तीस) दिनों के बाद रिक्त रह गये पदों पर पुनः रिक्ति की संख्या के अनुसार मेधा सूची के आधार पर नियोजन पत्र निर्गत किया जायेगा। पुनः 30 (तीस) दिनों के पश्चात्‌ रिक्ति रहने पर रिक्ति की संख्या के अनुसार मेधा सूची के आधार पर नियोजन पत्र निर्गत किया जायेगा। इस प्रकार कुल तीन समव्यवहार के बाद नियोजन की प्रक्रिया समाप्त मानी जायेगी। (ii) नियोजन किये जाने वाले अभ्यर्थी के द्वारा योगदान के समय सिविल सर्जन द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण पत्र देना होगा । (iii) नियोजन एवं योग्यता से संबंधित सभी अभिलेख/कागजातों की छायाप्रति प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित कर प्रखण्ड कार्यालय में सुरक्षित रखा जायेगा। (च) नियोजन नहीं करने वाले नियोजन इकाई के विरूद्ध कार्रवाई।- सरकार द्वारा निर्धारित तिथि तथा निर्धारित नियोजन प्रक्रिया के अनुसार बिना किसी उचित कारण के नियोजन इकाई द्वारा शिक्षक नियोजन नहीं करने पर इसे बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा उनके संवैधानिक दायित्वों का उल्लंघन माना जायेगा और इसके लिए दोषी पदाधिकारी तथा पंचायत के प्रतिनिधि के विरूद्ध बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। 12. शारीरिक षिक्षा, आर्ट एवं कार्य विषय के लिए अनुदेषक का नियोजन।- मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक, आर्ट (संगीत एवं ललित कला) अनुदेशक तथा कार्य अनुदेशक का नियोजन किया जायेगा। अर्हता।- (i) अनुदेशक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य (क) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण। (ख) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में सर्टिफिकेट/डिप्लोमा/डिग्री। (ii) अनुदेशक ललित कला एवं संगीत (क) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण। (ख) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ललित कला में नियमित कोर्स में स्नातक डिग्री/ संगीत में स्नातक/डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता। (iii) अनुदेशक कार्यानुभव (क) किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण। (ख) NCVT, CTVT या बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 1 (एक) वर्ष का सर्टिफिकेट/डिप्लोमा अनुदेशकों का चयन।- अनुदेशक के पदों पर नियोजन विभाग द्वारा विहित तरीके से योग्यता परीक्षा के आधार पर किया जायेगा। 13. अनुकम्पा के आधार पर नियोजन।- प्रारंभिक विद्यालयों में पूर्व से नियुक्त जिला संवर्ग के शिक्षक अथवा वर्ष 2006 एवं इस नियमावली के आलोक में नियोजित होने वाले शिक्षकोंं की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके योग्यताधारी आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर पंचायत शिक्षक/प्रखण्ड शिक्षक के बेसिक ग्रेड के पद पर उपलब्ध रिक्तियों के विरूद्ध नियोजन किया जा सकेगा, यदि वे इसके लिए अपनी सहमति देते हैं। नियोजन सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति संबंधी निर्गत दिशा निर्देशों तथा निर्धारित अन्य शत्र्तों के आलोक में नियोजन समितियों द्वारा किया जा सकेगा। अप्रशिक्षित आश्रितों का नियोजन तभी तक किया जा सकेगा जब तक भारत सरकार से अप्रशिक्षितों के नियोजन की छूट मिली हो। अनुदेशकों के आश्रितों को अनुकम्पा पर नियोजन का लाभ देय नहीं होगा। 14. प्रमाण पत्रों की जाँच।- नियोजन पदाधिकारी के द्वारा शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के सहयोग से नियोजित शिक्षकों/अनुदेशकों के शैक्षणिक/प्रशैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्रों की यथा आवश्यक जाँच करा ली जायेगी। प्रमाण पत्र जाली या गलत पाये जाने की स्थिति में नियोजन पदाधिकारी के द्वारा नियोजन रद्‌द कर दिया जायेगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी। समय पर प्रमाण पत्रों की जाँच करा लेना नियोजन पदाधिकारी की जवाबदेही होगी अन्यथा जाली/गलत प्रमाण पत्रों पर नियोजित शिक्षकों के अवैध भुगतान के लिए वे जिम्मेवार होंगे। 15. नियोजित षिक्षकों की सेवा शर्त्तें।- (क) नियत वेतन।- (i) नगर शिक्षकों को निम्नवत नियत वेतन देय होगा :-

• प्रशिक्षित शिक्षक (बेसिक ग्रेड) - 7000/- प्रति माह7 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 • अप्रशिक्षित शिक्षक (बेसिक ग्रेड) - 6000/- प्रति माह • प्रशिक्षित शिक्षक (स्नातक ग्रेड) -8000/- प्रति माह • अप्रशिक्षित शिक्षक (स्नातक ग्रेड) -7500/- प्रति माह • प्रशिक्षित शिक्षक (मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक) - 14000/- प्रति माह

(ii) अनुदेेशकों को प्रतिमाह 4000/- रू नियत वेतन देय होगा । (iii) यदि भविष्य में सरकार द्वारा शिक्षक अथवा अनुदेशक के नियत वेतन में संशोधन किया जाता है तो तद्‌नुसार उन्हें नियत वेतन देय होगा । (iv) इस नियमावली के अधीन नियोजित पंचायत प्रारंभिक शिक्षकों एवं अनुदेशकों को अन्य किसी प्रकार का भत्ता यथा महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, चिकित्सा भत्ता, परिवहन भत्ता आदि देय नहीं होगा । (ख)वेतन में बढोत्तरी :- (i) नियोजन नियमावली 2006 के आलोक में नियोजित शिक्षकों का सरकार द्वारा यथानिर्देशित मूल्यांकन (दक्षता जाँच) किया जायेगा। मूल्यांकन के आधार पर सामान्य कोटि में न्यूनतम 45% एवं आरक्षित कोटि में न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करने वाले प्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन में तीन वर्षों के बाद 500/-(पाँच सौ) रूपये तथा अप्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन में 300/-(तीन सौ) रूपये की एकमुश्त वृद्धि की जायेगी । (ii) तत्पश्चात पूर्व के नियोजित प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रत्येक एक वर्ष पर 170 (एक सौ सत्तर) रू॰ एवं अप्रशिक्षित शिक्षकों को 100 (एक सौ) रू॰ नियत वेतन में वृद्धि देय होगी। निर्धारित अंक से कम अंक प्राप्त करनेवाले शिक्षकों को वेतन वृद्धि देय नहीं होगी। सामान्य कोटि में 45% से नीचे तथा आरक्षित कोटि में 40% से नीचे अंक प्राप्त करनेवाले शिक्षकों को उनके अंक में सुधार हेतु एक अतिरिक्त मौका दिया जायेगा। दूसरे मूल्यांकन के पश्चात्‌ निर्धारित न्यूनतम अंक से कम अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को उनके नियोक्ता के द्वारा स्पष्टीकरण पूछकर सेवा से हटा दिया जायेगा। (iii) स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक को प्रत्येक एक वर्ष पर 300/- (तीन सौ) रूपये मात्र नियत वेतन में वृद्धि देय होगी। अप्रशिक्षित स्नातक शिक्षक को प्रत्येक एक वर्ष पर 200/- (दो सौ) रूपये मात्र नियत वेतन में वृद्धि देय होगी। (iv) इस नियमावली के अधीन नियोजित बेसिक ग्रेड के शिक्षकों (अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को छोड़कर) को दक्षता परीक्षा नहीं देनी होगी तथा उन्हें प्रत्येक वर्ष उक्त कंडिका (ii) में अंकित वेतन वृद्धि देय होगी। (v) अनुदेशकों को भी दक्षता परीक्षा नहीं देनी होगी। उनके नियत वेतन में प्रतिवर्ष रूपये 100/- (एक सौ) की वृद्धि की जायेगी। (ग) सेवा निवृत्ति की उम्र।- नियोजित शिक्षक एवं अनुदेशक 60 (साठ) वर्ष की आयु पूर्ण होने की तिथि को सेवा निवृत्त होंगे। (घ) प्रषिक्षण।- (i) राज्य सरकार द्वारा अप्रशिक्षित शिक्षकों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्‌ (N.C.T.E.) द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले शिक्षकों को परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि से प्रशिक्षित शिक्षक का नियत वेतन देय होगा। (ii) प्रशिक्षित शिक्षकों तथा अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए भी नियमित रूप से सेवाकालीन प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। (ङ) स्थानान्तरण।- (i) सामान्यतः प्रारम्भिक शिक्षकों का स्थानान्तरण नहीं किया जायेगा। उन्हें अपनी सेवा काल में तीन वर्षों के बाद अपने नियोजन इकाई में ही अधिकतम दो स्थानान्तरण लेने की सुविधा होगी। दो स्थानान्तरण के बीच कम से कम पाँच वर्षों का अन्तर होगा। स्थानान्तरण अपनी ही शिक्षक की श्रेणी (ग्रेड) में किया जा सकेगा। अंशकालीन अनुदेशकों को यह सुविधा देय नहीं होगी। (ii) यदि किसी विद्यालय के एक रिक्त पद हेतु एक से अधिक स्थानान्तरण के आवेदन प्राप्त होते हैं, तो सेवा अवधि के आधार पर वरीयतम शिक्षक को प्राथमिकता दी जायेगी । (iii) स्थानान्तरण का प्रस्ताव सदस्य सचिव के द्वारा तैयार किया जायेगा तथा नियोजन समिति के अनुमोदन के बाद स्थानान्तरण आदेश सदस्य सचिव के हस्ताक्षर से निर्गत किया जायेगा । (iv) बच्चों की निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के अनुपालन में सरकार द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी के स्तर से नियोजन इकाई के अन्दर ही किसी अन्य विद्यालय में शिक्षकों के पुनः अभिनियोजित एवं प्रशासनिक स्थानान्तरण का आदेश नियोजन इकाई को दिया जा सकेगा। नियोजन पदाधिकारी के द्वारा इसका अनुपालन अनिवार्य होगा। (च) प्रोन्नति।- (i) प्रशिक्षण प्राप्त बेसिक ग्रेड के नियोजित नगर शिक्षकों को योगदान की तिथि तथा अप्रशिक्षित रूप में नियोजित नगर शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान प्राप्ति की तिथि के आधार पर तैयार वरीयता सूची से 12 वर्षों की संतोषजनक सेवा के बाद अगले नियत वेतन (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों के लिए विहित) में प्रेान्नति दी जायेगी। प्रोन्नति के फलस्वरूप इस ग्रेड के शिक्षक अपने हीं ग्रेड में रहेंगे। (ii) स्नातक शिक्षकों के 50% पदों पर बेसिक ग्रेड में 8 (आठ) वर्षों की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले स्नातक योग्यताधारी नगर शिक्षकों की प्रोन्नति से सीधा नियोजन किया जा सकेगा। 8 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 (iii) प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों में से वरीयता एवं स्नातक ग्रेड में 5 (पाँच) वर्षों की न्यूनतम सेवा के आधार पर तैयार वरीयता सूची से मध्य विद्यालय के नियत वेतन के प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति दी जायेगी। (iv) प्रोन्नत्ति की कार्रवाई नियोजन समिति के द्वारा की जायेगी। स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति के फलस्वरूप पदस्थापन की कार्रवाई भी नियोजन समिति के द्वारा की जायेगी। (v) प्रोन्नति के फलस्वरूप स्नातक शिक्षक के लिए निर्धारित नियत वेतन में पूर्व में प्राप्त कुल नियत वेतन में एक वेतनवृद्धि जोड़कर वेतन निर्धारण किया जायेगा। (छ) अनुषासनिक कार्रवाई।- (i) विद्यालय से आदतन अनुपस्थित रहने, बच्चों को प्रताड़ित करने, अनुशासन भंग करने एवं अन्य कारणों से नियोजन समिति अथवा शिक्षा विभाग के निरीक्षण पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर सम्बन्धित शिक्षक एवं अनुदेशक से आरोप के सम्बन्ध में नियोजन इकाई के सचिव के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा जायेगा। स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसकी समीक्षा कर नियोजन समिति के अध्यक्ष की अनुमति से विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी। (ii) किसी मामले में जेल जाने अथवा प्रथम दृष्ट्‌या सरकारी राशि के गबन के दोषी पाये जाने पर उसे निलम्बित किया जायेगा। निलम्बन अथवा विभागीय कार्रवाई के क्रम में आरोप पत्र गठित कर जाँच पदाधिकारी से जाँच कराई जायेगी तथा दोषी पाये जाने पर उन्हें निम्न दंड दिये जा सकेंगे :- लघु दंड- (i) निन्दन; (ii) प्रोन्नति पर रोक; (iii) वेतनवृद्धि पर रोक (असंचयात्मक/संचयात्मक) वृहत दंड- (i) निम्न पद पर अवनति; (ii) सेवाच्यूति जो भविष्य में किसी नियुक्ति/नियोजन हेतु निर्हरता नहीं होगी। परन्तु यह भी कि किसी अन्य मामले विशेष में विशेष कारण से अभिलिखित रूप से अन्य कोई दण्ड अधिरोपित किये जा सकेंगे। (iii) आरोप प्रमाणित होने पर ही वृहत्त दण्ड दिये जा सकेंगे तथा वृहत्त दण्ड देने के पूर्व द्वितीय कारण पृच्छा किया जायेगा। (iv) निलम्बन अवधि में नियत वेतन के 50% राशि जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में देय होगी। (v) दण्ड सम्बन्धी आदेश नियोजन समिति के सचिव के हस्ताक्षर से निर्गत होगा। इस आदेश में उन तथ्यों का पूर्ण ब्योरा होगा जिसके कारण शिक्षक/अनुदेशक को प्रासंगिक दंड के योग्य पाया गया है। (ज) छुट्‌टी :- (शिक्षक के लिए) (i) नगर प्रारम्भिक शिक्षकों को वर्ष में 16 (सोलह) दिनों का आकस्मिक अवकाश देय होगा। महिला शिक्षिकाओं को प्रतिमाह दो दिनों का विशेष अवकाश देय होगा। इन शिक्षकों को एक वर्ष में 20 (बीस) दिनों का चिकित्सा अवकाश, चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर देय होगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा आकस्मिक अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश स्वीकृत किया जायेगा। शिक्षक यदि स्वयं प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक हो तो चिकित्सा अवकाश मुख्य नगरपालिका कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा स्वीकृत किया जायेगा। आकस्मिक अवकाश एक साथ 10 (दस) दिनों से अधिक के लिए नहीं दिया जा सकेगा। सम्पूर्ण सेवा काल में चिकित्सा अवकाश 120 दिनों तक संचय किया जा सकेगा तथा किसी भी वर्ष 90 दिनों तक एक साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर लिया जा सकेगा। इसे आकस्मिक अवकाश के आगे या पीछे किसी एक ओर ही जोड़ा जा सकेगा। (ii) महिला नगर शिक्षिकाओं को 135 दिनों का मातृत्व अवकाश मुख्य नगरपालिका कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा स्वीकृत किया जायेगा। मातृत्व अवकाश का लाभ मात्र दो सन्तानों के लिए ही अनुमान्य होगा । (iii) उपर्युक्त अवकाशों के अतिरिक्त विशेष कारणवश एक पंचांग वर्ष में 30 (तीस) दिनों की अवधि के लिए विशेष अवैतनिक अवकाश देय होगा। मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकार के द्वारा विशेष अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जायेगा किन्तु इसके कारण सेवा में टूट नहीं मानी जायेगी। (iv) शिक्षक की सेवा पुस्तिका के साथ उनके अवकाश लेखा का भी संधारण विधिवत रूप से किया जायेगा। छुट्टी ।- ( अनुदेशक के लिए) अनुदेशक को वर्ष में 16 (सोलह) दिनों का आकस्मिक अवकाश देय होगा। वर्ष में 20 (बीस) दिनों का चिकित्सा अवकाश देय होगा जो 60 (साठ) दिनों तक संचय किया जा सकेगा। महिला अनुदेशक को 135 (एक सौ पैंतीस) दिनों का मातृत्व अवकाश देय होगा। छुट्टी स्वीकृत करने की प्रक्रिया वही होगी जो शिक्षकों के लिए निर्धारित है। (झ) वेतन भुगतान।- (1) नगरपालिका को शिक्षकों एवं अनुदेशकों के वेतन भुगतान के लिए यथा आवश्यक अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। (2) विद्यालय के प्रधान के द्वारा प्रदत्त अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर शिक्षकों एवं अनुदेशकों का वेतन भुगतान नियोजन समिति के सचिव के द्वारा उनके बैंक खाते में अन्तरण के एडवाइस द्वारा किया जायेगा। 16. अपील ।- इस नियमावली के अधीन नियोजन एवं नियोजित शिक्षकों एवं अनुदेशकों की सेवा से सम्बन्धित अपील सुनने की शक्ति जिला स्तर पर सरकार द्वारा गठित अपीलीय प्राधिकार की होगी ।9 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 अूील 2014 17. कठिनाईयों को दूर करना।- इस नियमावली के अनुपालन के समय उत्पन्न कठिनाईयों को राज्य सरकार अधिसूचना/आदेश द्वारा निराकरण कर सकेगी। 18. निरसन एवं व्यावृत्ति।- (1) इस नियमावली के प्रभावी होने की तिथि से नगर क्षेत्र के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के नियोजन से संबंधित नियोजन नियमावली, 2006 एवं तत्सम्बन्धी संकल्प, आदेश, अनुदेश आदि निरस्त माने जायेंगे । (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी ऐसे नियमावली, आदेश, अनुदेश के अधीन किए गये कार्य या की गई कार्रवाई इस नियमावली के अन्तर्गत की गई समझी जायेगी। पूर्व के जिला संवर्ग के शिक्षकों के सेवा शत्र्तों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। विशेष शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2010 पर भी इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव।

————— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 352-571+3000-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 April 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-04-02.352/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-04-02.352.