Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 May 2014

Published 07 May 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-05-07.409
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 17171717 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 409409409409) ) ) ) पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 मईमईमईमई 2014201420142014 सं0 3ए-9-विविध-02/2014-4028 वि0 वित्त विभाग -------------

प्रेषक, प्रभात शंकर, अपर सचिव । सेवा में, सभी प्रधान सचिव/सभी सचिव/ सभी प्रमंडलीय आयुक्त, बिहार, पटना ।

पटना, दिनांक 07.05.2014 विषयः- उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार दिए जाने के संबंध में ।राज्य सरकार द्वारा राज्यकर्मियों को दक्षता एवं कार्यकुशलता में वृद्धि हेतु उस संवर्ग में उच्च पद पर प्रोन्नति की व्यवस्था की गयी है । यह नियमित प्रोन्नति कर्मी को वरीयता, आरक्षण, चारित्री आदि प्रोन्नति के मानक शर्त्तों को पूरा करने पर विभागीय प्रोन्नति समिति (लोक सेवा आयोग सहित) की सम्यक्‌ अनुशंसा पर दी जाती है । इस प्रकार से दी गयी प्रोन्नति के फलस्वरूप प्रोन्नति का लाभ बिहार सेवा संहिता के नियम 58 के तहत प्रोन्नत पद पर योगदान की तिथि/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से दिया जाता है । यह तभी संभव होगा जब प्रशासी विभाग द्वारा एक अग्रिम योजना बनायी जाय एवं ससमय प्रोन्नति दी जाय । प्रोन्नति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक 7457, दिनांक 11/09/2002 एवं 7895, दिनांक 14/09/2004 के द्वारा सम्यक्‌ अनुदेश निर्गत है । 2. उच्चतर पद पर रिक्ति होने एवं प्रोन्नति हेतु नियमित प्रक्रिया अपनाए जाने में विलंब होने के कारण कार्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कार्यकारी व्यवस्था के तहत कनीय पदाधिकारी से उच्चतर पद का कार्य लिया जाता है । सामान्यतः ऐसा करने का मुख्य कारण यह होता है कि उच्चतर पदधारक अपने कार्यालय के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी भी होते हैं तथा उस पद के रिक्त होने के कारण दैनिक कार्यकलाप बाधित होने की आशंका बनी रहती है । वित्त विभागीय पत्रांक 7020, दिनांक 24/12/2005 के द्वारा इन परिस्थितियों में कनीय पदाधिकारी को बाध्यकारी परिस्थिति में उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार दिए जाने का उल्लेख है; साथ ही यह भी अंकित है कि कार्यकारी व्यवस्था के तहत उच्च पद का दायित्व सौंपते 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 7 मई 2014 समय पद की उपलब्धता, वरीयता, आरक्षण एवं प्रोन्नति के लिए पदाधिकारी की अर्हत्ता एवं उपयुक्तता को ध्यान में रखा जाय । इसके अलावे बिहार सेवा संहिता के नियम 103 के अधीन निम्नतर वेतनमान के संबंधित पदाधिकारी को उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करने हेतु औपचारिक आदेश निर्गत किया जाना भी आवश्यक रखा गया है । 3. किन्तु यह देखा जा रहा है कि अनेक विभागों में कार्यकारी प्रभार दिए जाने के क्रम में उपर्युक्त प्रोन्नति के मानकों को दृष्टिपथ में नहीं रखा जा रहा है, फलतः वरीय कर्मी के रहते हुए कनीय कर्मी, जो उस समय प्रोन्नति के योग्य नहीं होते, को भी उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार दे दिया जाता है । पुनः विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा या माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में कार्यकारी प्रभार ग्रहण की तिथि से उच्चतर पद का लाभ देने के लिए विवश होना पड़ता है। सरकार के समक्ष ऐसे मामले भी आएँ हैं जिसमें बीस वर्षों तक उच्चतर पद के कार्यकारी प्रभार में रहते हुए पदाधिकारी सेवानिवृत्त हो गए । इसका कुप्रभाव यह होता है कि वरीय कर्मी, जिन्हें कार्यकारी प्रभार नहीं दिया गया, को उच्च पद पर बिना कार्य किए कनीय को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नति लाभ देना पड़ जाता है जो बांछनीय और स्वस्थ प्रचलन नहीं है । यह बिहार सेवा संहिता के मौलिक प्रावधान के विरूद्ध भी है कि बिना पद के दायित्व का निर्वहन किए कोई सरकारी सेवक उच्चतर पद का वेतन प्राप्त करे । 4. उपर्युक्त को दृष्टिपथ में रखते हुए निम्नांकित मार्गदर्शन/निर्देश दिया जाता हैः-

(क) अगले एक वर्ष तक होने वाली रिक्तियों को ध्यान में रख कर विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा प्राप्त कर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर लिया जाए ।

(ख) जैसे ही कोई उच्चतर पद रिक्त हो, वरीयता/आरक्षण क्रम में उस पर पदस्थापन की कार्रवाई की जाए । (ग) अगर विभागीय प्रोन्नति समिति द्वारा अनुशंसा प्राप्त अनुमोदित सूची किसी कारणवश उपलब्ध न हो तो निम्नांकित प्राथमिकता के अनुसार कार्रवाई की जाएः-

(i) जिस स्थान पर रिक्ति हुई है, उसी मुख्यालय में पदस्थापित वरीय पदाधिकारी को रिक्त पद का प्रभार लेने का आदेश दिया जाए ।

(ii) अगर रिक्ति वाले स्थान पर कोई वरीय पदाधिकारी उपलब्ध न हो तो स्थानीय कनीय पदाधिकारी को उक्त उच्चतर पद का प्रभार सौंपे बिना मात्र निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी का दायित्व सौंपा जाए । ताकि कार्यालय का दैनिक कार्यकलाप यथा वेतन निकासी बाधित नहीं हो ।

(iii) इस बीच नियमित प्रोन्नति की मानक शर्त्तों यथा वरीयता, आरक्षण एवं पदाधिकारी की अर्हता को ध्यान में रखते हुए पैनल तैयार कर लिया जाए । कार्यकारी प्रभार सौंपने का औपचारिक आदेश सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत किया जाए ।

विश्वासभाजन, प्रभात शंकर, सरकार के अपर सचिव ।

—————

अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 409-571+1000-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 May 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-05-07.409/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-05-07.409.