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प्रेषक, प्रभात शंकर, अपर सचिव । सेवा में, सभी प्रधान सचिव/सभी सचिव/ सभी प्रमंडलीय आयुक्त, बिहार, पटना ।
पटना, दिनांक 07.05.2014 विषयः- उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार दिए जाने के संबंध में । 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 7 मई 2014 समय पद की उपलब्धता, वरीयता, आरक्षण एवं प्रोन्नति के लिए पदाधिकारी की अर्हत्ता एवं उपयुक्तता को ध्यान में रखा जाय । इसके अलावे बिहार सेवा संहिता के नियम 103 के अधीन निम्नतर वेतनमान के संबंधित पदाधिकारी को उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करने हेतु औपचारिक आदेश निर्गत किया जाना भी आवश्यक रखा गया है । 3. किन्तु यह देखा जा रहा है कि अनेक विभागों में कार्यकारी प्रभार दिए जाने के क्रम में उपर्युक्त प्रोन्नति के मानकों को दृष्टिपथ में नहीं रखा जा रहा है, फलतः वरीय कर्मी के रहते हुए कनीय कर्मी, जो उस समय प्रोन्नति के योग्य नहीं होते, को भी उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार दे दिया जाता है । पुनः विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा या माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में कार्यकारी प्रभार ग्रहण की तिथि से उच्चतर पद का लाभ देने के लिए विवश होना पड़ता है। सरकार के समक्ष ऐसे मामले भी आएँ हैं जिसमें बीस वर्षों तक उच्चतर पद के कार्यकारी प्रभार में रहते हुए पदाधिकारी सेवानिवृत्त हो गए । इसका कुप्रभाव यह होता है कि वरीय कर्मी, जिन्हें कार्यकारी प्रभार नहीं दिया गया, को उच्च पद पर बिना कार्य किए कनीय को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नति लाभ देना पड़ जाता है जो बांछनीय और स्वस्थ प्रचलन नहीं है । यह बिहार सेवा संहिता के मौलिक प्रावधान के विरूद्ध भी है कि बिना पद के दायित्व का निर्वहन किए कोई सरकारी सेवक उच्चतर पद का वेतन प्राप्त करे । 4. उपर्युक्त को दृष्टिपथ में रखते हुए निम्नांकित मार्गदर्शन/निर्देश दिया जाता हैः-
(क) अगले एक वर्ष तक होने वाली रिक्तियों को ध्यान में रख कर विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा प्राप्त कर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर लिया जाए ।
(ख) जैसे ही कोई उच्चतर पद रिक्त हो, वरीयता/आरक्षण क्रम में उस पर पदस्थापन की कार्रवाई की जाए । (ग) अगर विभागीय प्रोन्नति समिति द्वारा अनुशंसा प्राप्त अनुमोदित सूची किसी कारणवश उपलब्ध न हो तो निम्नांकित प्राथमिकता के अनुसार कार्रवाई की जाएः-
(i) जिस स्थान पर रिक्ति हुई है, उसी मुख्यालय में पदस्थापित वरीय पदाधिकारी को रिक्त पद का प्रभार लेने का आदेश दिया जाए ।
(ii) अगर रिक्ति वाले स्थान पर कोई वरीय पदाधिकारी उपलब्ध न हो तो स्थानीय कनीय पदाधिकारी को उक्त उच्चतर पद का प्रभार सौंपे बिना मात्र निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी का दायित्व सौंपा जाए । ताकि कार्यालय का दैनिक कार्यकलाप यथा वेतन निकासी बाधित नहीं हो ।
(iii) इस बीच नियमित प्रोन्नति की मानक शर्त्तों यथा वरीयता, आरक्षण एवं पदाधिकारी की अर्हता को ध्यान में रखते हुए पैनल तैयार कर लिया जाए । कार्यकारी प्रभार सौंपने का औपचारिक आदेश सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत किया जाए ।
विश्वासभाजन, प्रभात शंकर, सरकार के अपर सचिव ।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 409-571+1000-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in