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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2014

Published 07 October 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-10-07.808
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:25)या पी0ट/0-40 िनबंधन सं(cid:25)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

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पटनापटनापटनापटना, , , , मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार, , , , 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 जल संसाधन विभाग -------- अधिसूचना 16 सितम्बर 2014

र्वाई को नियमानुकूल नहीं माना जायेगा।

सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-17/2012/1373—श्री महावीर राम (आई0 डी0 -4592), तत्कालीन सहायक श्री महावीर राम (आई0 डी0 -4592), तत्कालीन सहायक सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-17/2012/1373 अभियन्ता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल-2, सिवान के पदस्थापन अवधि वर्ष 2007-08 में माननीय सदस्य बिहार अभियन्ता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल-2, सिवान के पदस्थापन अवधि वर्ष 2007-08 में माननीय सदस्य बिहार अभियन्ता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल-2, सिवान के पदस्थापन अवधि वर्ष 2007-08 में माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद श्री केदार नाथ पाण्डेय की अनुश्ांसा के आलो क में उनके ऐच्छिक कोष से सिवान जिलान्तर्गत कुल दस विधान परिषद श्री केदार नाथ पाण्डेय की अनुश्ांसा के आलोक में उनके ऐच्छिक कोष से सिवान जिलान्तर्गत कुल दस शिक्षण संस्थाओं के निर्माण/जीर्णोद्वार कार्य मेंं बरती गई अनियमितता की जॅाच ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा करायी गयी। शिक्षण संस्थाओं के निर्माण/जीर्णोद्वार कार्य मेंं बरती गई अनियमितता की जॅाच ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा करायी गयी। शिक्षण संस्थाओं के निर्माण/जीर्णोद्वार कार्य मेंं बरती गई अनियमितता की जॅाच ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा करायी गयी। ग्रामीण कार्य विभाग के जॅाच प्रतिवेदन के आलोक में मामले की समीक्षा जल संसाधन विभाग, बिहार द्वारा की गयी। ग्रामीण कार्य विभाग के जॅाच प्रतिवेदन के आलोक में मामले की समीक्षा जल संसाधन विभाग, बिहार ग्रामीण कार्य विभाग के जॅाच प्रतिवेदन के आलोक में मामले की समीक्षा जल संसाधन विभाग, बिहार समीक्षोपरान्त श्री राम द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग के पत्र समीक्षोपरान्त श्री राम द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग के पत्र समीक्षोपरान्त श्री राम द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग के पत्र 92 में उल्लिखित अनुदेशों का उल्लंधन करते हुए उक्त सं0-निग/सारा-4-24/92-4053 एस0 अनु0, दिनांक 30.7.92 में उल्लिखित अनुदेशों का उल्लंधन करते हुए उक्त सं0-निग/सारा-4-24/92-4053 एस0 अनु0, दिनांक 30 भियन्ता मो0 ईरशाद अहमद को अग्रिम देने का प्रथम द्रष्टया 11,59,760/- कनीय अभियन्ता मो0 ईरशाद अहमद को अग्रिम देने का प्रथम द्रष्टया कार्यो के विरूद्व विमुक्त राशि रू0 11,59,760/- कनीय अ 13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प सं0-1111 दिनांक 13.9.13 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प सं0-1111 दिनांक 13 एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। संचालन पदाधिकारी एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। संचालन पदाधिकारी जॅाच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच जॅाच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच जॅाच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से निम्नांकित बिन्दुओं प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से निम्नांकित बिन्दुओं प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से निम्नांकित बिन्दुओं पर असहमति पायी गयीः- 1. उप विकास आयुक्त के ज्ञापांक 101 दिनांक 22 08 से कुल पॅाच योजनाओं हेतु कुल प्रशासनिक ुक्त के ज्ञापांक 101 दिनांक 22.01.08 से कुल पॅाच योजनाओं हेतु कुल प्रशासनिक स्वीकृति की राशि 9,31,600/- रूपये मात्र के विरूद्व प्रथम किस्त के रूप में विमुक्त की राशि 6,52,120/- रूपये स्वीकृति की राशि 9,31,600/- रूपये मात्र के विरूद्व प्रथम किस्त के रूप में विमुक्त की राशि 6,52,120/- रूपये स्वीकृति की राशि 9,31,600/- रूपये मात्र के विरूद्व प्रथम किस्त के रूप में विमुक्त की राशि 6,52,120/- रूपये ार्यपालक अभियन्ता से आरोपी पदाधिकारी श्री महावीर राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता द्वारा दिनांक 30.1.08 को कार्यपालक अभियन्ता से आरोपी पदाधिकारी श्री महावीर राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता द्वारा दिनांक 30 प्राप्त कर दिनांक 4.2.08 को श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता को एक मुस्त अस्थाई अग्रिम दे दी गयी 08 को श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता को एक मुस्त अस्थाई अग्रिम दे दी गयी 08 को श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता को एक मुस्त अस्थाई अग्रिम दे दी गयी जबकि आरोपी पदाधिकारी को अस्थाई अग्रिम कार्य की प्रगति के अनुरूप खंड-खंड में अस्थायी अग्रिम देना चाहिए जबकि आरोपी पदाधिकारी को अस्थाई अग्रिम कार्य की प्रगति के अनुरूप खंड-खंड में अस्थायी अग्रिम देना चाहिए जबकि आरोपी पदाधिकारी को अस्थाई अग्रिम कार्य की प्रगति के अनुरूप खंड-खंड में अस्थायी अग्रिम देना चाहिए था। अतः आरोपी के उक्त कृत कार्रवाई को नियमानुकूल नहीं माना जायेगा। पुनः अन्य पॅाच योजनाओं हेतु प्रथम किस्त के रूप में विमुक्त की गयी राशि 5,07,640/- रू0 को आरोपी 2. पुनः अन्य पॅाच योजनाओं हेतु प्रथम किस्त के रूप में विमुक्त की गयी राशि 5,07,640/- रू0 को आरोपी पुनः अन्य पॅाच योजनाओं हेतु प्रथम किस्त के रूप में विमुक्त की गयी राशि 5,07,640/- रू0 को आरोपी पदाधिकारी श्री राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता द्वारा कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त कर दो माह बाद योजनाओं के पदाधिकारी श्री राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता द्वारा कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त कर दो माह बाद योजनाओं के पदाधिकारी श्री राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता द्वारा कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त कर दो माह बाद योजनाओं के कार्य की प्रगति के समीक्षा किये बिना ही उसी कनीय अभियन्ता को एक मुस्त कुल 5,07,640/-रू0 का अग्रिम प्रदान के समीक्षा किये बिना ही उसी कनीय अभियन्ता को एक मुस्त कुल 5,07,640/-रू0 का अग्रिम प्रदान के समीक्षा किये बिना ही उसी कनीय अभियन्ता को एक मुस्त कुल 5,07,640/-रू0 का अग्रिम प्रदान किया गया। दुबारा अग्रिम देने के बाद भी कार्य में प्रगति लाने हेतु इनके स्तर से काफी समय व्यतीत होने के बाद किया गया। दुबारा अग्रिम देने के बाद भी कार्य में प्रगति लाने हेतु इनके स्तर से काफी समय व्यतीत होने के बाद किया गया। दुबारा अग्रिम देने के बाद भी कार्य में प्रगति लाने हेतु इनके स्तर से काफी समय व्यतीत होने के बाद 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 पत्राचार प्रारम्भ किया गया, जो आरोपी द्वारा भी कार्य को पूर्ण कराने एवं अग्रिम राशि के समायोजन में लापरवाही बरतना परिलक्षित करता है। 3. श्री महावीर राम, सहायक अभियन्ता का रोकड़बही के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि कुल अस्थायी अग्रिम की राशि 1159760/- रू0 में से 519868/- रू0 का लेखा दिनांक 26.7.13 से 31.7.13 के बीच में आरोपी पदाधिकारी श्री राम द्वारा तैयार किया गया है एवं समयोजना हेतु उक्त लेखा प्रमण्डलीय कार्यालय में समर्पित किया गया है। इस प्रकार अभी भी (1159760-519868)=639892/-रू0 राशि का समायोजन नहीं हो सका है एवं यह राशि श्री ईरशाद अहमद, कनीय अभियन्ता के पास लंबित है। अगर आरोपी पदाधिकारी श्री राम द्वारा बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 का अनुपालन करते हुए एवं कार्य के प्रगति के समीक्षोपरान्त किस्त में अस्थाई अग्रिम प्रदान की जाती तो इतनी बड़ी सरकारी राशि का गबन होने का मामला नहीं बनता। अतएव उक्त अनियमितता के लिए आरोपी पदाधिकारी श्री राम को जिम्मेवार माना जा सकता है। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 713 दिनांक 11.6.14 द्वारा श्री महावीर राम, सहायक अभियन्ता से उपर्युक्त वर्णित असहमति के बिन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री राम, सहायक अभियन्ता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। पाया गया कि श्री राम द्वारा असहमति के बिन्दु के संदर्भ में निम्न तथ्य दिया गया हैः- vlgefr ds fcUnq%&¼1½ 1. उप विकास आयुक्त के ज्ञापांक 101 दिनांक 22.1.08 से कुल पॅाच योजनाओं हेतु कुल प्रशासनिक स्वीकृति की राशि 931600/- रू0 मात्र के विरूद्व न्यूनतम राशि 70 प्रतिशत निर्धारण कर कुल 652120/- रू0 प्रथम किस्त विमुक्त की गयी थी। 2. सभी योजनाए छोटे-छोटे एवं सुदूर ग्रामीण इलाको से शहर के विभिन्न इलाको में अवस्थित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में एक कमरा, एक बरामदा, जीर्णोद्वार, फर्नीचर आपूर्ति एवं लकड़ी के कार्य से संबंधित है। कार्य संपन्न कराने हेतु निर्माण सामग्री की आपूर्ति तथा मजदूरी भुगतान से संबंधित महता एवं अनिवार्यता थी। खंड-खंड में अस्थायी अग्रिम देने पर न तो निर्माण सामग्री की खरीद एवं न ही मजदूरो के भुगतान करना संभव था। 3. उप विकास आयुक्त के ज्ञापांक 101 दिनांक 22.1.08 तथा 58 दिनांक 30.1.08 के आदेश के आलोक में सरकार के एक जिम्मेवार पद पर पदस्थापित कनीय अभियन्ता के अनुरोध पत्र पर कार्यहित में समुचित हस्तगत रसीद एवं चेक के माध्यम से न्यूनतम निर्धारित राशि अस्थायी अग्रिम के रूप में दी गयी थी। vlgefr ds fcUnq%&¼2½

1. उप विकास आयुक्त के ज्ञापांक 508 दिनांक 27.3.08 द्वारा अन्य पॅाच योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति की राशि का 70 प्रतिशत न्यूनतम राशि निर्धारित करते हुए प्रथम किस्त की राशि विमुक्त की गयी थी।

2. सभी योजनाए छोटे-छोटे एवं सुदूर ग्रामीण इलाकों से शहर के विभिन्न इलाकों में अवस्थित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के निर्माण एवं जीर्णोद्वारा का कार्य सम्पन्न कराने हेतु निर्माण सामग्री की आपूर्ति तथा मजदूरी भुगतान की महता तथा अनिवार्यता थी।

3. सरकार के एक जिम्मेवार पद पर पदस्थापित कनीय अभियन्ता श्री ईरसाद अहमद को उनके अनुरोध पत्र दिनांक 2.4.08 के आधार पर कार्यहित में समुचित हस्तगत रसीद एवं चेक के माध्यम से न्यूनतम निर्धारित राशि अस्थायी अग्रिम के रूप में कार्य की महता एवं अनिवार्यता को देखते हुए अस्थायी अग्रिम दी गयी थी।

4. श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता को अस्थायी अग्रिम के विरूद्व अनेको स्मार पत्रों दिये जाने के बावजूद सुसंगत प्रमाणक/लेखा नहीं देने के कारण उन्हें किसी भी योजना का द्वितीय किस्त नहीं दिया गया। vlgefr ds fcUnq%&¼3½

1. निर्माण के दौरान संबंधित श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता का अन्यंत्र स्थानान्तरण हो जाने के कारण नये पदस्थापन स्थान पर योगदान हेतु सिवान से विरमित भी कर दिया गया। काफी पत्राचार के बाद श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता माह जुलाई 2013 में अांशिक प्रमाणक/ लेखा दिया गया। तत्पश्चात कुल 519868/- रू0 का प्रमाणक पारित किया गया। अवशेष 639892/- रू0 कनीय अभियन्ता के पास लंबित है। 2. वर्णित योजनाए विघान पार्षद के ऐच्छिक कोष से संबंधित है जिसके किस्त की न्यूनतम राशि का निर्धारण उप विकास आयुक्त के स्तर पर होती रही है। जिसकी संपुष्टि उनके पत्रांक 101 दिनांक 22.1.08 तथा 508 दिनांक 27.3.08 के अवलोकन से होती है।

3. श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता द्वारा प्रमाणक एवं लेखा समर्पित नहीं किये जाने के संबंध में मेरे द्वारा की गई शिकायत के बाद पूरी छानबीन एवं जॅाच के बाद ग्रामीण कार्य विभाग, पटना ने मात्र श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता को दोषी मानते हुए उनके विरूद्व थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश पत्रांक 1136 दिनांक 28.1.10 तथा उप विकास आयुक्त के पत्रांक 414 दिनांक 17.2.10 से मुझे प्राप्त हुआ जिसके अनुपालन में श्री ईरसाद अहमद, तत्कालीन कनीय अभियन्ता के विरूद्व नगर थाना सिवान में प्राथमिकी दर्ज कराया गया। जिसका कांड सं0-30/2010 दिनांक 21.2.10 है।

foHkkxh; leh{kk esa fuEu rF; ik;k x;k%& 1. कार्यपालक अभियन्ता से प्रथम एवं द्वितीय चरण के कुल दस योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कुल विमुक्त राशि क्रमशः 652120/-रू0 एवं 507640/-रू0 बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के पत्र सं0-निग/सार-4-24/92-4053, अनु0 दिनांक 30.7.92 में निहित निदेश के कंडिका 3 का उल्लंधन 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014

करते हुए अधीक्षण अभियन्ता से बिना न्यूनतम अग्रिम की राशि का निर्धारण के ही एक मुस्त दोनों चरणों में विमुक्त राशि एक ही कनीय अभियन्ता श्री इरसाद अहमद को एक मुस्त अग्रिम प्रदान किया गया। 2. पॅाच योजनाओं के लिए प्रथम किस्त के राशि विमुक्ति के पश्चात बिना कार्य की प्रगति के समीक्षा किये ही पुनः उसी कनीय अभियन्ता को अन्य पॅाच योजना हेतु विमुक्त राशि को कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त कर एक मुस्त अग्रिम प्रदान कर दिया गया। फलस्वरूप अभी तक कुल 639892/- रू0 का समायोजन नहीं हो सका है। आरोपी पदाधिकारी श्री महावीर राम, सहायक अभियन्ता ने अपने द्वितीय कारण पृच्छा के स्पष्टीकरण में ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है जिससे प्रमाणित हो सके कि बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग बिहार के पत्र सं0-निग/सार-4-24/92-4053 अनु0, दिनांक 30.7.92 में निहित निदेश के कंडिका 3 के अनुपालन में अधीक्षण अभियन्ता से स्वीकृत न्यूनतम अस्थाई अग्रिम राशि के पश्चात अस्थाई अग्रिम संबंधित कनीय अभियन्ता को प्रदान किया गया है। आरोपी पदाधिकारी अपने बचाव बयान में उल्लेख किया है कि उप विकास आयुक्त, सिवान के पत्रांक 101 दिनांक 22.1.08 तथा 508 दिनांक 27.3.08 से योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के राशि का 70 प्रतिशत न्यूनतम राशि का निर्धारित कर प्रथम किस्त विमुक्त की गयी है। परन्तु उप विकास आयुक्त के उक्त दोनों पत्र के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उप विकास आयुक्त सिवान द्वारा योजना का 70 प्रतिशत राशि विमुक्त किया गया परन्तु उक्त पत्र में विमुक्त राशि को न्यूनतम अस्थाई अग्रिम राशि की स्वीकृति उल्लेख नहीं मिलता है। अतएव आरोपी का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है। उल्लेखनीय है कि आरोपी द्वारा श्री इरसाद अहमद, कनीय अभियन्ता को प्रथम चरण के पॅाच योजनाओं के लिए एक मुस्त 652120/- रूपये अस्थाई अग्रिम प्रदान करने के पश्चात उक्त योजनाओं में वांछित प्रगति नहीं होने के बावजूद आरोपी द्वारा उसी कनीय अभियन्ता को दो माह के पश्चात अन्य पॅाच योजनाओं के लिए कुल एक मुस्त 507640/-रू0 का अग्रिम प्रदान कर दिया गया जिसे विभागीय नियमों का उल्लंधन माना जायेगा। अभी तक कुल दस योजनाओं हेतु विमुक्त राशि 1159760/-रू0 में से वर्ष 2013 में कुल 519868/- रू0 का समायोजन हो सका है शेष 639892/-रू0 का समायोजन अभी तक नहीं हो सका है। अगर आरोपी पदाधिकारी श्री महावीर राम, सहायक अभियन्ता द्वारा सर्तकता बरतते हुए कार्य के प्रगति के समीक्षोपरान्त खंड-खंड में अस्थायी अग्रिम कनीय अभियन्ता को दिया जाता तो इतनी बड़ी राशि की क्षति/गबन होने की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आरोपी पदाधिकारी श्री महावीर राम, सहायक अभियन्ता के विरूद्व बिहार लोक कार्य लेखा संहिता के नियम 100 एवं पथ निर्माण विभाग बिहार के पत्र सं0-निग/सार-4-24/92-4053 अनु0, दिनांक 30.7.92 में निहित निदेश के कंडिका 3 में निहित निदेश का उल्लंधन करते हुए एवं प्रगति की समीक्षा किये बिना ही एक मुस्त अस्थायी अग्रिम श्री इरसाद अहमद, कनीय अभियन्ता को प्रदान करने के आरोप को प्रमाणित पाया गया। आरोपी श्री राम द्वारा अस्थायी अग्रिम प्रदान करने के पश्चात किये गये कार्यो के विरूद्व राशि का समायोजन के दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया हो, परिलक्षित नहीं होता है। फलस्वरूप एक बड़ी सरकारी राशि का गबन/क्षति हुआ।

उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए जिम्मेवार मानते हुए सरकार द्वारा श्री महावीर राम को निम्नांकित दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः- 1. निन्दन वर्ष 2008-09 2. दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। अतएव श्री महावीर राम, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के विरूद्व संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त करते हुए उन्हें निम्नांकित दण्ड दिया जाता हैै।

1. निन्दन वर्ष 2008-09 2. दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। सरकार का उक्त निर्णय श्री राम को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

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अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 808-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-10-07.808/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-10-07.808.